Pakistan-Afghanistan War : इस्लामाबाद। पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव (Pakistan and Afghanistan Tensions) अब तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है और हालात पूर्ण सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों के बाद अफगान तालिबान और अफगान डिफेंस फोर्सेज ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक अफगान सेना ने पाकिस्तान के कई शहरों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले (drone attacks) किए हैं। इन हमलों के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है और दोनों देशों की सेनाओं की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव
रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान ने गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के अफगानिस्तान के कई प्रांतों में एयरस्ट्राइक की थी। इन हमलों में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
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पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ की गई थी। हालांकि अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अफगान तालिबान का जवाबी हमला
अफगान तालिबान के सीमा सुरक्षा बल के प्रवक्ता अबिदुल्लाह उकाब ने कहा कि पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद उन्होंने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। उकाब के मुताबिक अफगान बलों ने पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में ड्रोन हमले किए हैं और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि हमलों में कोहाट का सेंट्रल कमांड, कोहाट ब्रिगेड और सैन्य कैंप शामिल थे।
पाकिस्तान के कई शहरों में धमाकों की खबर
इन हमलों के बाद पाकिस्तान के कई शहरों से धमाकों की खबरें सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने कई क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों के नुकसान को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ऑपरेशन जारी रहने का दावा
अफगान तालिबान डिफेंस फोर्सेज ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई फिलहाल रुकेगी नहीं। तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमारी जमीन पर होने वाले हर हमले का जवाब अब उनकी अपनी जमीन पर दिया जाएगा।” इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर भारी गोलाबारी और सैन्य हलचल बढ़ गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यदि जल्द ही युद्धविराम या कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह सीमित झड़प बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकती है।
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फिलहाल दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस स्थिति पर टिकी हुई हैं।