Arshdeep Singh Controversy : नई दिल्ली। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले के दौरान हुई एक घटना के कारण आईसीसी ने अर्शदीप को आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी माना है।
15 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना
आईसीसी ने अर्शदीप सिंह पर उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। उन्हें आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का दोषी पाया गया, जो मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर गेंद या क्रिकेट उपकरण को अनुचित या खतरनाक तरीके से फेंकने से जुड़ा है।
इसके साथ ही उनके अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में यह अर्शदीप का पहला ऐसा उल्लंघन माना गया है।
कब हुई यह घटना
यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई थी। उस समय अर्शदीप ने गेंद को फील्ड करते हुए बल्लेबाज डेरिल मिशेल की ओर तेज़ी से थ्रो कर दिया, जो जाकर उनके पैड से टकरा गई।
हालांकि इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि भारतीय गेंदबाज ने मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया। ओवर खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ियों को मैदान पर हाथ मिलाते हुए भी देखा गया, जिससे यह साफ हुआ कि मामला वहीं शांत हो गया।
लेवल-1 उल्लंघन में क्या होती है सजा
आईसीसी के नियमों के अनुसार लेवल-1 उल्लंघन के मामले में खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी से लेकर अधिकतम 50 प्रतिशत मैच फीस तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए जाते हैं।
अगर किसी खिलाड़ी के 24 महीनों के भीतर चार या उससे ज्यादा डिमेरिट पॉइंट हो जाते हैं, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर मैच खेलने से प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
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फिलहाल अर्शदीप के खिलाफ यह पहला डिमेरिट पॉइंट है, इसलिए उन पर किसी तरह का निलंबन लागू नहीं हुआ है। हालांकि आईसीसी की इस कार्रवाई के बाद क्रिकेट जगत में इस घटना की काफी चर्चा हो रही है।