MEA: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हो रहे प्रदर्शन और पाकिस्तानी सेना की बर्बरता पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने पीओके में पाक सेना द्वारा निर्दोष लोगों पर अत्याचार की खबरें देखी हैं। यह पाकिस्तान के दमनकारी रवैये और वहां के संसाधनों की लूट का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उसके भयावह मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। साथ ही यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं।
बता दें कि पीओके में बीते दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिसमें अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना ने फायरिंग की। ये प्रदर्शन अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के नेतृत्व में हो रहे हैं, जिनमें लोगों ने शहबाज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है।
रावलकोट, मीरपुर, कोटली और नीलम घाटी जैसे इलाकों में बंद और चक्का जाम चल रहा है। हालात काबू में करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों से अपील की है कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाए।
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