POK: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ते जनआंदोलन और हिंसा के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बीते दिनों शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं।
स्थिति बिगड़ते देख पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 8 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति को पीओके भेजा है। यह समिति जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JK-JAAC) से बातचीत कर रही है, जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है।
लोगों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पीओके में मिलने वाली वीआईपी सुविधाएं खत्म की जाएं, 12 रिफ्यूजी सीटों को हटाया जाए, हेल्थ कार्ड योजना लागू हो, और 2019 के हाईकोर्ट के फैसले को लागू किया जाए। साथ ही वे उन सुरक्षा अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं जिन्होंने निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई।
अंतरराष्ट्रीय अपील
JK-JAAC ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार ने 28 सितंबर से संचार सेवाएं बंद कर दी हैं, जिससे लोग बाहरी दुनिया से कट गए हैं। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है।
यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक बताया जा रहा है, लेकिन अब तक पाकिस्तान सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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