Bhopal Viral Video : मुसलमान चाहें तो हिंदू लड़कियों को… भोपाल होटल कांड के बाद विवादित विडियो वायरल

Bhopal Viral Video : मध्य प्रदेश। भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित गौतम नगर के एक निजी होटल में मुस्लिम युवक और हिंदू युवती के मिलने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस घटना के बाद शहर में सामाजिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हिंदूवादी संगठनों ने इसे “लव जिहाद” से जोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं अब मुस्लिम समाज भी खुलकर सामने आ गया है और इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है। मामले को लेकर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पहले होटल पहुंचे और घेराव किया। इसके बाद वे थाने पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारियों और एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में युवक के साथ कथित मारपीट करने और उसके चेहरे पर गोबर पोतने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। NEET Exam CBT Mode : अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा, रद्द हुई परीक्षा 21 जून को पेन पेंसिल माध्यम से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवादित वीडियो इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। वायरल वीडियो में एक युवक कथित तौर पर विवादित बयान देता सुनाई दे रहा है। वीडियो में वह कहता है कि अगर मुसलमान चाहें तो वे हिंदू लड़कियों को पकड़ सकते हैं, लेकिन वे संविधान का सम्मान करते हैं। न कि सड़क से उनका अपहरण कर रहे हैं या उनकी पिटाई कर रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग वीडियो में बयान देने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अब तक उस व्यक्ति की पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी वीडियो को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। Bhojshala Verdict : भोजशाला विवाद पर आज बड़ा फैसला! हाईकोर्ट के निर्णय से तय होगी आगे की दिशा, धार-इंदौर में बढ़ाई सुरक्षा पुलिस और प्रशासन की बढ़ी चिंता भोपाल में इस मामले को लेकर माहौल संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई जानकारी साझा न करें और किसी भी तरह की भड़काऊ टिप्पणी से बचें। Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें होटल में क्या हुआ था कुछ दिन पहले गोविंदपुरा इलाके के एक होटल में मुस्लिम युवक आरिफ खान और हिंदू युवती के मिलने की सूचना पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता वहां पहुंचे थे। इसके बाद होटल के कमरे में जाकर युवक से कथित मारपीट की गई। इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मुस्लिम समाज का आरोप है कि युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसके चेहरे पर गोबर पोता गया। इसी घटना को लेकर अब समुदाय के लोग आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Strait of Hormuz : होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का मालवाहक जहाज डूबा, ईरान युद्ध के बीच बढ़ा समुद्री तनाव शहर में शांति बनाए रखने की अपील मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। यहां देखिये सोशल मीडिया पर वायरल विडियो
NEET Exam CBT Mode : अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा, रद्द हुई परीक्षा 21 जून को पेन पेंसिल माध्यम से

NEET Exam CBT Mode : भोपाल। अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसी वजह से सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी गलत उम्मीदवार का चयन नहीं चाहती थी, इसलिए जिम्मेदारी के साथ यह निर्णय लिया गया। अब NEET-UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा इस वर्ष 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके लिए 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। 7 मई को पेपर लीक की जानकारी सामने आई, जिसके बाद NTA ने सरकार को रिपोर्ट दी। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। NEET Paper Leak 2026 : NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 गिरफ्तार, राजस्थान में 1000 कैंडिडेट्स तक पहुंचा पेपर! री-एग्जाम में छात्रों को मिलेगी राहत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि री-एग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। साथ ही छात्र अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे। सरकार का कहना है कि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। नए एडमिट कार्ड 14 जून से जारी किए जाएंगे। NTA ने लिए 6 बड़े फैसले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा रद्द होने के बाद कई अहम फैसले लिए हैं। NEET-UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना पड़ेगा और कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। पहले से जमा परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। इसके अलावा नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। हालांकि, परीक्षा केंद्र पहले जैसे ही रहेंगे। CBI जांच में अब तक 7 गिरफ्तारियां पेपर लीक मामले की जांच अब CBI कर रही है। एजेंसी ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के मांगीलाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल, विकास बिंवाल, हरियाणा के यश यादव और महाराष्ट्र के शुभम खैरनार शामिल हैं। इसके अलावा मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे को भी गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांच आरोपियों को 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। NEET UG 2026 Paper Leak : पेपर लीक के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द, सवाल पूछने पर शिक्षा मंत्री प्रधान ने साधी चुप्पी राजस्थान तक पहुंचा था लीक पेपर CBI जांच में सामने आया है कि लीक हुआ पेपर कथित तौर पर आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। जांच एजेंसी को पता चला है कि छात्रों से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपये तक वसूले गए थे। आरोप है कि प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर PDF बनाई गई और फिर उसे छात्रों तक पहुंचाया गया। सूत्रों के अनुसार, सीकर के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच यह पेपर वायरल हुआ था। 3 मई की रात पुलिस को एक कोचिंग टीचर और पीजी संचालक के पास कथित गेस पेपर मिला था, जिसमें असली परीक्षा के 180 सवालों में से लगभग 150 सवाल हूबहू थे। पिछले दो दिनों में जांच में तेजी 12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द की और CBI को जांच सौंपी गई। इसके बाद एजेंसी ने FIR दर्ज कर राजस्थान, बिहार और अन्य राज्यों में छापेमारी शुरू की। 13 मई को कई कोचिंग सेंटर संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की गई। मेडिकल एसोसिएशन FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में परीक्षा कराने की मांग की है। NEET UG 2026 Cancelled : नीट यूजी 2026 का पेपर रद्द, जल्द होगी नई एग्जाम डेट जारी; 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा NTA क्या है और क्यों अहम है NEET NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी है। इसकी स्थापना 2017 में हुई थी। यह NEET, JEE Main, CUET और UGC-NET जैसी बड़ी परीक्षाएं आयोजित करती है। NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए MBBS, BDS, आयुष और नर्सिंग कोर्सेज में दाखिला मिलता है। भारत में इस परीक्षा के माध्यम से 1 लाख से ज्यादा MBBS सीटों और 27 हजार से अधिक BDS सीटों पर एडमिशन होता है। 2024 में भी हुआ था बड़ा विवाद साल 2024 में भी NEET परीक्षा पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद के कारण चर्चा में रही थी। उस समय 67 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिले थे, जिस पर सवाल उठे थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, लेकिन पूरी परीक्षा रद्द नहीं की गई थी। कुछ परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी। SIR Announced : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन NEET परीक्षा से जुड़े पुराने विवाद NEET परीक्षा शुरू होने के बाद से कई बार विवादों में रही है। 2013 में इसे सिंगल मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा के रूप में लागू किया गया था। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे फिर से लागू किया। तमिलनाडु में छात्रा अनिता की आत्महत्या से लेकर कोविड काल में परीक्षा कराने तक कई मुद्दों पर विवाद हुए। 2022 में छात्राओं के ड्रेस कोड को लेकर भी सवाल उठे थे। अब 2026 में पेपर लीक का मामला फिर से राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
Bhojshala Verdict : भोजशाला विवाद पर आज बड़ा फैसला! हाईकोर्ट के निर्णय से तय होगी आगे की दिशा, धार-इंदौर में बढ़ाई सुरक्षा

Bhojshala Verdict : मध्य प्रदेश। धार स्थित विवादित भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद मामले में आज बड़ा फैसला आने की संभावना जताई जा रही है। इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब सभी की निगाहें कोर्ट के निर्णय पर टिकी हुई हैं। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सोशल मीडिया के जरिए फैसले की संभावना की जानकारी दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। सभी पक्षों ने शांति बनाए रखने की अपील की मामले में याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वीडियो जारी कर लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और एडवोकेट विनय जोशी ने कहा कि सभी को न्यायपालिका पर विश्वास रखना चाहिए और जो भी फैसला आए उसे स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करें। Saubhagya Singh : 700 गाड़ियों की रैली पड़ी भारी! मोहन सरकार का बड़ा एक्शन, सौभाग्य सिंह के छीने अधिकार धार और इंदौर में पुलिस अलर्ट पर फैसले को लेकर धार और इंदौर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इंदौर में राजवाड़ा सहित कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं धार जिला प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी बढ़ा दी गई है और भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार होने के कारण मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि मुस्लिम समाज द्वारा भोजशाला परिसर में जुम्मे की नमाज भी अदा की जाती है। साल 2022 में शुरू हुआ था कानूनी विवाद यह पूरा मामला साल 2022 में तब शुरू हुआ था, जब रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूजा-अर्चना के पूर्ण अधिकार देने की मांग की गई थी। इसके बाद मामला लगातार अदालत में चल रहा है। साल 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग यानी ASI ने भोजशाला परिसर का 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी किया था। Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें वसंत पंचमी पर पूजा की मिली थी अनुमति 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर में दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी थी। इसके बाद 6 अप्रैल 2026 से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। ASI ने भी अपनी सर्वे रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए। हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के दिए तर्क हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी और आशीष गोयल ने भोजशाला को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर बताया। कोर्ट में ऐतिहासिक दस्तावेज, शिलालेख, स्तंभ और देवी सरस्वती से जुड़े प्रतीकों का हवाला दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ब्रिटिशकालीन गजेटियर और इतिहासकारों के दस्तावेजों में भोजशाला को विद्या और मां सरस्वती के केंद्र के रूप में वर्णित किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिसर में मिले कई स्थापत्य अवशेष इस्लामी काल से पहले के हैं और मंदिर शैली से मेल खाते हैं। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने परमार राजा भोज के ग्रंथ ‘समरांगण सूत्रधार’ का हवाला देते हुए कहा कि भोजशाला की संरचना उसमें बताए गए मंदिर निर्माण मानकों से मेल खाती है। Dhar Bhojshala Hearing : भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, ASI सर्वे रिपोर्ट और धार्मिक स्वरूप को लेकर उठे बड़े सवाल मुस्लिम पक्ष ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने ASI सर्वे रिपोर्ट और प्रशासनिक तर्कों पर सवाल उठाए। मुस्लिम पक्ष का कहना था कि परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और वर्तमान व्यवस्था सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए बनी हुई है। सलमान खुर्शीद ने कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई वीडियोग्राफी और तस्वीरें स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले में रामलला की मूर्ति मौजूद थी, जबकि भोजशाला में ऐसी कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। मुस्लिम पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है, जबकि यह मामला हाईकोर्ट में रिट याचिका के रूप में लाया गया है। याचिका में रखी गईं कई प्रमुख मांगें हिंदू पक्ष की ओर से अदालत में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इनमें भोजशाला परिसर में नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार, मुस्लिम समाज की धार्मिक गतिविधियों पर रोक, केंद्र सरकार द्वारा ट्रस्ट गठन और मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने की मांग शामिल है। इसके अलावा 7 अप्रैल 2003 के ASI आदेश को निरस्त करने और परिसर में नमाज पर रोक लगाने की मांग भी याचिका में की गई है। Bhopal Fake Currency : नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा! BSF से बर्खास्त जवान के भाई पर नेटवर्क चलाने का आरोप फैसले को लेकर पूरे प्रदेश में बढ़ी उत्सुकता भोजशाला विवाद लंबे समय से मध्यप्रदेश का एक संवेदनशील और चर्चित मामला बना हुआ है। ऐसे में आज आने वाला फैसला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।
Saubhagya Singh : 700 गाड़ियों की रैली पड़ी भारी! मोहन सरकार का बड़ा एक्शन, सौभाग्य सिंह के छीने अधिकार

Saubhagya Singh : भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचाने और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही उनके सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार अगले आदेश तक निरस्त कर दिए गए हैं। सरकार की इस कार्रवाई को शक्ति प्रदर्शन और फिजूल ईंधन खर्च के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। 700 वाहनों का काफिला बना कार्रवाई की वजह जानकारी के अनुसार, सौभाग्य सिंह ने पदभार ग्रहण करने के दौरान उज्जैन से भोपाल तक करीब 700 वाहनों का विशाल काफिला निकाला था। इस दौरान कई स्थानों पर लंबा जाम भी देखने को मिला। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में इस वाहन रैली की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला सरकार तक पहुंचा। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस जारी कर दिया। Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें निगम कार्यालय में प्रवेश और बैठकों पर रोक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि अंतिम निर्णय होने तक सौभाग्य सिंह निगम कार्यालय या परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उन्हें निगम की बैठकों में भाग लेने, प्रशासनिक और वित्तीय फैसले लेने तथा कर्मचारियों को निर्देश देने से भी रोक दिया गया है। साथ ही निगम के वाहनों और अन्य सुविधाओं के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार ने इसे शासन की मितव्ययिता नीति और सामूहिक जिम्मेदारी के खिलाफ बताया है। पीएम मोदी की अपील के बाद बढ़ी सख्ती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में कई मंचों से ईंधन बचाने और अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने की अपील कर चुके हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई बड़े नेताओं ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम कर दी है। ऐसे समय में भाजपा नेताओं की भव्य वाहन रैलियों को सरकार और संगठन दोनों ने गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस तरह के मामलों में और भी सख्ती देखने को मिल सकती है। SIR Announced : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन BJP किसान मोर्चा अध्यक्ष की नियुक्ति भी रद्द मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति भी महज 18 दिन में निरस्त कर दी गई। पार्टी संगठन अब नेताओं और पदाधिकारियों के सार्वजनिक आयोजनों पर नजर बनाए हुए है। सरकार और संगठन दोनों यह संदेश देना चाहते हैं कि संसाधनों के अनावश्यक उपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरे नेताओं के काफिलों पर भी उठे सवाल सिर्फ सौभाग्य सिंह ही नहीं, बल्कि अन्य नेताओं के काफिलों को लेकर भी सवाल उठे हैं। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी लंबे काफिले के साथ खंडवा में नजर आए थे। वहीं भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी लगभग 200 गाड़ियों के काफिले के साथ बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे थे। इसके अलावा मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी चर्चा में रहे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि वे सीमित लोगों के साथ पहुंचे थे और समर्थकों के वाहनों की जानकारी उन्हें नहीं थी। Bengal Violence Case : चुनावी हिंसा मामले में हाईकोर्ट में ममता ने की पैरवी, बाहर निकलते ही लगे ‘बुआ-भतीजा चोर’ के नारे डिंडौरी में कारपूलिंग और ईंधन बचत पर जोर डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों को अलग-अलग वाहनों की बजाय कारपूलिंग करना अनिवार्य होगा। छोटी दूरी के कामों के लिए पैदल चलने, साइकिल और ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-ऑफिस सिस्टम पर जोर दिया गया है। हर महीने सरकारी वाहनों के ईंधन खर्च की समीक्षा होगी और अनावश्यक खर्च पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। Bhopal Fake Currency : नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा! BSF से बर्खास्त जवान के भाई पर नेटवर्क चलाने का आरोप ऊर्जा संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू प्रशासन अब सिर्फ सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहना चाहता। स्कूलों और पंचायतों में भी ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है और इससे आर्थिक बोझ भी कम होगा।
Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें

Petrol Diesel Price Hike : नई दिल्ली। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब भारत में साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। शुक्रवार 15 मई की सुबह लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लगा। पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। SIR Announced : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन भोपाल में पेट्रोल 110 रुपये के करीब पहुंचा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में बड़ा इजाफा हुआ है। पहले भोपाल में पेट्रोल की कीमत 106.68 रुपये प्रति लीटर थी, लेकिन अब यह बढ़कर करीब 109.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत पहले 91.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर लगभग 94.98 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इसके अलावा प्रीमियम या स्पीड पेट्रोल के दाम 116 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों से वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है। इंदौर में भी लोगों को लगा महंगाई का झटका इंदौर में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पहले पेट्रोल 106.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत 109.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। Bengal Violence Case : चुनावी हिंसा मामले में हाईकोर्ट में ममता ने की पैरवी, बाहर निकलते ही लगे ‘बुआ-भतीजा चोर’ के नारे वहीं डीजल की कीमत 91.97 रुपये से बढ़कर 94.97 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। शहर में रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग अब बढ़ते खर्च को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से अन्य सामान भी महंगे हो सकते हैं। रायपुर में भी बढ़े ईंधन के दाम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। यहां पेट्रोल की कीमत 100.45 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 103.56 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत भी बढ़कर 96.84 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों के बजट पर साफ दिखाई देगा। खासकर रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। Sajjan Singh Yadav : सैकड़ों वाहनों की रैली के बाद सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त, हेमंत खंडेलवाल का बड़ा एक्शन दिल्ली समेत कई शहरों में बदले रेट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। अब दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है। इसका असर खाद्य पदार्थों, परिवहन और रोजमर्रा की कई जरूरी चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।