SC Work from Home : सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम लागू, जजों से की कार पूलिंग करने की अपील

SC Work from Home : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए अदालत की कार्यप्रणाली में कई बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब सुप्रीम कोर्ट के हर विभाग का स्टाफ सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेगा। इसके अलावा सभी जज कार पूलिंग करेंगे और रजिस्ट्री विभाग से जुड़े 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के सचिव जनरल भारत पराशर ने इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। कोर्ट प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य ईंधन की बचत करना और अनावश्यक यात्रा को कम करना है। Dewas Blast Update : देवास फैक्ट्री ब्लास्ट में 5 मौतें और 2 मजदूर लापता, पूरी फैक्ट्री बने बिना ही शुरू हुआ बारूद का काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने यह भी तय किया है कि सोमवार, शुक्रवार और मिसलेनियस डे पर सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इसके अलावा अन्य कार्य दिवसों में भी ऑनलाइन सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। कोर्ट ने रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिए हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक समय पर उपलब्ध कराए जाएं और तकनीकी सहायता हर समय मौजूद रहे ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट की नई गाइडलाइन 1. दो दिन वर्क फ्रॉम होम सुप्रीम कोर्ट के सभी विभागों में 50 फीसदी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी गई है। 2. फोन पर रहना होगा उपलब्ध वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों को हर समय फोन पर उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्यालय पहुंचना होगा। 3. काम प्रभावित नहीं होना चाहिए कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि काम में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। समय पर काम पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। 4. जरूरत पड़ने पर नियम बदलेंगे यदि किसी विभाग में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था ठीक से काम नहीं करती है, तो संबंधित रजिस्ट्रार उसमें बदलाव कर सकते हैं। Bhojshala Verdict : धार का भोजशाला मंदिर है… हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर लगाई मुहर PM मोदी की अपील का राज्यों पर असर कई राज्यों ने घटाए VIP काफिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब देशभर में दिखाई देने लगा है। कई राज्यों ने सरकारी खर्च और ईंधन बचाने के लिए बड़े फैसले लिए हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गोवा और ओडिशा समेत कई राज्यों ने मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। दिल्ली और यूपी में वर्क फ्रॉम होम लागू दिल्ली सरकार ने आदेश जारी कर कहा है कि सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे। साथ ही 50 फीसदी सरकारी बैठकें ऑनलाइन आयोजित होंगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी बड़े फैसले लेते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों के काफिले 50 फीसदी कम करने का फैसला किया है। इसके अलावा हफ्ते में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। Dollar Vs Rupees : रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 95.94 तक गिरा, जानिये क्या है कारण ? हरियाणा और पंजाब में भी बड़े फैसले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फैसला लिया है कि वे सप्ताह में एक दिन बिना गाड़ी के चलेंगे। वहीं पंजाब राजभवन ने आदेश जारी किया है कि हर बुधवार अधिकारी चार पहिया वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 14-16 से घटाकर केवल 5 कर दी है। महाराष्ट्र और बिहार में अलग तस्वीर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बाइक से विधान भवन पहुंचे। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इलेक्ट्रिक कार से सचिवालय पहुंचे। हालांकि उनके पीछे सुरक्षा वाहनों का काफिला भी नजर आया। महाराष्ट्र सरकार ने विभागीय खर्चों में कटौती और विदेश यात्राएं सीमित करने का फैसला भी लिया है। PM मोदी ने क्या अपील की थी? विदेश यात्रा और सोना खरीदने से बचने की सलाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि वे पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा उपयोग करें और कार पूलिंग अपनाएं। उन्होंने लोगों से एक साल तक अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने और सोना खरीदने से बचने की भी सलाह दी थी। पीएम मोदी ने कहा था कि देशहित में आर्थिक अनुशासन जरूरी है। NEET Exam CBT Mode : अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा, रद्द हुई परीक्षा 21 जून को पेन पेंसिल माध्यम से 13 राज्यों में लागू हुए बड़े फैसले इन राज्यों ने लिए अहम निर्णय दिल्ली: 2 दिन वर्क फ्रॉम होम यूपी: काफिले 50% कम मध्य प्रदेश: VIP रैलियों पर रोक हरियाणा: CM हफ्ते में एक दिन बिना गाड़ी राजस्थान: CM काफिले में सिर्फ 5 गाड़ियां महाराष्ट्र: मंत्री विदेश दौरे टालेंगे पंजाब: बुधवार को चार पहिया वाहन बंद त्रिपुरा: 50% कर्मचारी घर से काम गोवा: CM काफिला आधा किया ओडिशा: CM ने काफिले में गाड़ियां घटाईं
Dewas Blast Update : देवास फैक्ट्री ब्लास्ट में 5 मौतें और 2 मजदूर लापता, पूरी फैक्ट्री बने बिना ही शुरू हुआ बारूद का काम

Dewas Blast Update : मध्य प्रदेश। देवास के टोंक कलां क्षेत्र में हुई पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट की घटना के बाद अब दो मजदूरों के लापता होने की खबर सामने आई है। घायल मजदूरों ने बताया कि उनके साथी राजू और बाबुल विस्फोट के बाद से दिखाई नहीं दिए हैं। दोनों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। वहीं जांच रिपोर्ट्स में सामने आया कि, फैक्ट्री पूरी बने बिना ही उसमें बारूद बनाने का काम शुरू कर दिया गया था। बता दें कि, इस दर्दनाक हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है। मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं। खाना खाते समय हुई आखिरी बातचीत देवास जिला अस्पताल में भर्ती घायल मजदूर शशि कुमार ने बताया कि ब्लास्ट से कुछ देर पहले वह राजू और बाबुल के साथ खाना खा रहे थे। बातचीत के बाद दोनों फैक्ट्री की ओर चले गए, लेकिन धमाके के बाद वे कहीं नजर नहीं आए। शशि कुमार के मुताबिक, हादसे के बाद दोनों के मोबाइल भी बंद आ रहे हैं। उनके परिवारों से संपर्क किया गया और अलग-अलग अस्पतालों में भी जानकारी जुटाई गई, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। Dewas Factory Blast : देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 3 की मौत 12 गंभीर, झुलसे लोगों की स्किन से चिपके कपड़े बिहार के रहने वाले थे ज्यादातर मजदूर घायल मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकतर मजदूर बिहार के अरहरिया जिले के रहने वाले थे। कोई दो महीने पहले तो कोई चार महीने पहले रोजगार की तलाश में देवास आया था। लापता मजदूर राजू और बाबुल भी बिहार के अरहरिया जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर के बाद गांव में भी चिंता और डर का माहौल बना हुआ है। अब तक 5 मजदूरों की मौत इस भीषण हादसे में अब तक पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है। मृतकों में चार मजदूर बिहार के रहने वाले थे, जबकि एक मजदूर उत्तर प्रदेश के लखनऊ का निवासी था। मृतकों की पहचान सुमित, धीरज, अमर, गुड्डू और सनी के रूप में हुई है। वहीं हादसे में घायल कई मजदूरों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। देवास जिला अस्पताल में 11 मजदूर भर्ती हैं, जबकि गंभीर घायलों को अमलतास अस्पताल में रखा गया है। Bhopal Viral Video : मुसलमान चाहें तो हिंदू लड़कियों को… भोपाल होटल कांड के बाद वायरल विडियो से दी धमकी! जांच में बड़ा खुलासा श्रम विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक फैक्ट्री का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वहां पटाखों का निर्माण शुरू कर दिया गया था। जहां सुरक्षा मानकों की जांच और टेस्टिंग होनी चाहिए थी, वहां तेजी से बारूद का काम चल रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी की। Bhojshala Verdict : धार का भोजशाला मंदिर है… हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर लगाई मुहर मैग्नीशियम पाउडर से हुआ धमाका? श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बताया कि तकनीकी जांच में आशंका जताई गई है कि मैग्नीशियम पाउडर के पानी के संपर्क में आने से केमिकल रिएक्शन हुआ, जिससे जोरदार धमाका हुआ। एक दूसरी संभावना यह भी बताई गई कि बारूद की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज पैदा हुआ, जिससे “सेल्फ इग्निशन” यानी स्वतः आग लगने की स्थिति बनी। फिलहाल विशेषज्ञ टीम मौके से सबूत जुटाकर विस्तृत जांच कर रही है। सीएम ने की घायलों से मुलाकात हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव नई दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे। उन्होंने चोइथराम अस्पताल और एमवाय अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और साफ निर्देश दिए कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को प्रभावित परिवारों की मदद जल्द पहुंचाने के लिए भी कहा गया है। UAE LPG Supply Agreement : PM मोदी का UAE दौरा, LPG सप्लाई समेत किये ये 7 बड़े समझौते इसके अलावा राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही सभी घायलों का मुफ्त इलाज कराने की बात भी कही गई है। फैक्ट्री के पास विस्फोटक लाइसेंस था, लेकिन जरूरी अनुमति नहीं रिपोर्ट में सामने आया कि फैक्ट्री प्रबंधन के पास कलेक्टर द्वारा जारी विस्फोटक लाइसेंस तो था, लेकिन फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी रजिस्ट्रेशन और अन्य कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी। बिना सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए फैक्ट्री में खतरनाक तरीके से बारूद का काम किया जा रहा था।
Dollar Vs Rupees : रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 95.94 तक गिरा, जानिये क्या है कारण ?

Dollar Vs Rupees : नई दिल्ली। भारतीय रुपया शुक्रवार 15 मई को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 30 पैसे टूटकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो स्तर पर बंद हुआ था। लगातार गिरते रुपए ने देश की आर्थिक स्थिति और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में बना हुआ है और विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे तो डॉलर जल्द ही 100 रुपए के स्तर तक पहुंच सकता है। मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ा आर्थिक दबाव अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। युद्ध जैसे हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय रुपए समेत कई एशियाई मुद्राओं पर पड़ा है। बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। UAE LPG Supply Agreement : PM मोदी का UAE दौरा, LPG सप्लाई समेत किये ये 7 बड़े समझौते कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बनी बड़ी वजह भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। तेल खरीदने के लिए भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी वस्तुएं और महंगी हो सकती हैं। डॉलर इंडेक्स मजबूत होने से एशियाई मुद्राओं पर असर दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर इंडेक्स मजबूत होने का मतलब है कि वैश्विक बाजार में डॉलर की मांग बढ़ रही है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब भारतीय रुपया समेत अन्य एशियाई मुद्राएं कमजोर हो जाती हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट देखी जा रही है। Bhojshala Verdict : धार का भोजशाला मंदिर है… हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर लगाई मुहर विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार दबाव में विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। केवल बुधवार को विदेशी निवेशकों ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेच दिए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण डॉलर बाहर जा रहा है और भारतीय मुद्रा कमजोर हो रही है। इससे शेयर बाजार और निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हो रहा है। महंगाई बढ़ने का खतरा गहराया कमजोर रुपया आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डाल सकता है। डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल, LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा मोबाइल, लैपटॉप और आयातित इलेक्ट्रॉनिक सामान भी महंगे हो सकते हैं। विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति “इंपोर्टेड इन्फ्लेशन” को बढ़ा सकती है, यानी विदेशों से आने वाले सामान की कीमतें बढ़ने से देश में महंगाई और तेज हो सकती है। भारत की थोक महंगाई दर पहले ही साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। Bhopal Viral Video : मुसलमान चाहें तो हिंदू लड़कियों को… भोपाल होटल कांड के बाद वायरल विडियो से दी धमकी! तेल उत्पादन में गिरावट से बढ़ी चिंता रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल महीने में OPEC देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर रहा। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट में बाधा आने से वैश्विक तेल बाजार को सामान्य होने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, अगर आने वाले महीनों में होर्मुज रूट फिर से सामान्य भी हो जाता है, तब भी तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रह सकती हैं। इसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर लंबे समय तक पड़ सकता है। सरकार ने शुरू किए बचाव के कदम रुपए में लगातार गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से आर्थिक अनुशासन बनाए रखने और फिजूलखर्ची कम करने की अपील की थी। सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ भी बढ़ा दिया है। सरकार की कोशिश है कि डॉलर की मांग को नियंत्रित किया जाए और रुपए पर दबाव कम हो। Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें कैसे तय होती है करेंसी की कीमत किसी भी देश की मुद्रा की कीमत उसकी मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है। जब किसी देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार होता है, तब उसकी मुद्रा मजबूत रहती है। अगर डॉलर की मांग ज्यादा और उपलब्धता कम हो जाए तो रुपया कमजोर हो जाता है। भारत के फॉरेन रिजर्व और वैश्विक बाजार की स्थिति का असर सीधे रुपए की कीमत पर पड़ता है।
UAE LPG Supply Agreement : PM मोदी का UAE दौरा, LPG सप्लाई समेत किये ये 7 बड़े समझौते

UAE LPG Supply Agreement : अबूधाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को छह दिन के विदेश दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE पहुंचे। अबूधाबी एयरपोर्ट पर UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जबकि रिपोर्ट्स के मुताबिक UAE एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने UAE को अपना “दूसरा घर” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते भरोसे और साझेदारी की मजबूत नींव पर टिके हैं। PM Fuel Saving Appeal : पीएम की अपील के बाद ई-रिक्शा पर पहुंचे लघु उद्योग निगम अध्यक्ष, समर्थकों का निकाला काफिला भारत और UAE के बीच हुए 7 बड़े समझौते 1. LPG सप्लाई समझौता भारत और UAE के बीच LPG सप्लाई को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। इससे भारत को लंबे समय तक गैस सप्लाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। क्या होगा फायदा? भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी घरेलू गैस सप्लाई स्थिर रहेगी आर्थिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी 2. स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व समझौता दोनों देशों ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण को लेकर भी समझौता किया। यह समझौता भारत की तेल सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। क्या होगा फायदा? तेल संकट के समय भारत को राहत मिलेगी कच्चे तेल का भंडारण मजबूत होगा LNG और LPG स्टोरेज में सहयोग बढ़ेगा Bhojshala Verdict : धार का भोजशाला मंदिर है… हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर लगाई मुहर 3. स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप समझौता भारत और UAE ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इस समझौते के तहत दोनों देश रक्षा तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेंगे। क्या होगा फायदा? रक्षा तकनीक साझा होगी सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी 4. गुजरात के वडिनार पोर्ट में शिप रिपेयर क्लस्टर दोनों देशों के बीच गुजरात के वडिनार पोर्ट में शिप रिपेयर क्लस्टर बनाने पर समझौता हुआ। इसे “मेक इन इंडिया” अभियान के लिए अहम माना जा रहा है। क्या होगा फायदा? भारत का समुद्री ढांचा मजबूत होगा शिपिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा रोजगार के नए अवसर बनेंगे 5. शिप रिपेयर सेक्टर में स्किल डेवलपमेंट समझौता भारत और UAE ने समुद्री क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी समझौता किया। क्या होगा फायदा? युवाओं को नई ट्रेनिंग मिलेगी भारत शिप रिपेयरिंग हब बन सकता है समुद्री कार्यबल की क्षमता बढ़ेगी Bhopal Viral Video : मुसलमान चाहें तो हिंदू लड़कियों को… भोपाल होटल कांड के बाद वायरल विडियो से दी धमकी! 6. सुपरकंप्यूटिंग और AI साझेदारी दोनों देशों ने सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सेक्टर में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। क्या होगा फायदा? भारत के AI मिशन को बढ़ावा मिलेगा टेक्नोलॉजी सेक्टर मजबूत होगा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को गति मिलेगी 7. UAE का भारत में 5 अरब डॉलर निवेश UAE ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया। क्या होगा फायदा? रोजगार के अवसर बढ़ेंगे भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे ऊर्जा और व्यापार पर विशेष जोर बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और वेस्ट एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा भारत और UAE की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और UAE का सहयोग पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। Saubhagya Singh : 700 गाड़ियों की रैली पड़ी भारी! मोहन सरकार का बड़ा एक्शन, सौभाग्य सिंह के छीने अधिकार होर्मुज स्ट्रेट पर PM मोदी का बड़ा बयान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का खुला और सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत हमेशा संवाद तथा कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है। उन्होंने UAE पर हुए हमलों की भी निंदा की और कहा कि भारत हर परिस्थिति में UAE के साथ खड़ा रहेगा। भारत-UAE व्यापार लगातार बढ़ रहा UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार होता है। भारत UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, जेम्स एंड ज्वेलरी, टेक्सटाइल, मशीनरी, फूड प्रोडक्ट और केमिकल्स का निर्यात करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए समझौतों से भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूती मिलेगी। यहां देखिये पीएम मोदी की UAE दौरे की तस्वीरें
Bhojshala Verdict : धार का भोजशाला मंदिर है… हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर लगाई मुहर

Bhojshala Verdict : इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला विवाद पर शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि भोजशाला परिसर का मूल स्वरूप हिंदू मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र का था। हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की ओर से दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग यानी ASI की वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट पर भरोसा जताया। अदालत ने कहा कि पुरातत्व विज्ञान पर आधारित निष्कर्षों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस फैसले को भोजशाला विवाद में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्ष इस परिसर पर अपने-अपने दावे कर रहे थे। कोर्ट के फैसले के बाद पूरे प्रदेश में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कोर्ट ने संरक्षण को सरकार की जिम्मेदारी बताया फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाली संरचनाओं का संरक्षण करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। अदालत ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और परिसर का संरक्षण सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और ASI को भोजशाला परिसर के प्रबंधन और संस्कृत शिक्षा से जुड़े विषयों पर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि ASI परिसर का समग्र प्रशासन और प्रबंधन जारी रखेगा। Bhojshala Verdict : भोजशाला विवाद पर आज बड़ा फैसला! हाईकोर्ट के निर्णय से तय होगी आगे की दिशा, धार-इंदौर में बढ़ाई सुरक्षा मुस्लिम पक्ष को अलग जमीन लेने की छूट हाईकोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए धार जिले में अलग जमीन लेने के लिए सरकार से संपर्क करने की अनुमति दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वर्तमान विवाद को देखते हुए धार्मिक गतिविधियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है। फैसले के बाद प्रशासन और पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशीलता को देखते हुए धार और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ASI सर्वे रिपोर्ट बनी फैसले का आधार भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में जुलाई 2024 में ASI ने अपनी वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट हाईकोर्ट में जमा की थी। अदालत ने इस रिपोर्ट को महत्वपूर्ण आधार माना। कोर्ट ने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययन और पुरातात्विक साक्ष्य इस बात की ओर संकेत करते हैं कि परिसर का मूल स्वरूप हिंदू धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र का था। ASI ने पहले भी इस परिसर की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी संभाल रखी थी। कई वर्षों से लागू व्यवस्था के तहत हिंदुओं को मंगलवार को पूजा करने और मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। Bhopal Viral Video : मुसलमान चाहें तो हिंदू लड़कियों को… भोपाल होटल कांड के बाद वायरल विडियो से दी धमकी! क्या है भोजशाला का इतिहास इतिहासकारों के अनुसार, करीब एक हजार साल पहले धार में परमार वंश का शासन था। राजा भोज, जो मां सरस्वती के अनन्य भक्त माने जाते हैं, उन्होंने 1034 ईस्वी में यहां एक महाविद्यालय की स्थापना करवाई थी। यही स्थान बाद में “भोजशाला” के नाम से प्रसिद्ध हुआ। हिंदू समुदाय इसे मां सरस्वती का मंदिर और विद्या केंद्र मानता है। इतिहास में यह भी उल्लेख मिलता है कि 1305 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में भोजशाला को नुकसान पहुंचाया गया था। बाद में 1401 ईस्वी में दिलावर खान गौरी और 1514 ईस्वी में महमूद शाह खिलजी द्वारा परिसर के हिस्सों में मस्जिद निर्माण करवाया गया। खुदाई में मिली थी सरस्वती प्रतिमा साल 1875 में भोजशाला परिसर में खुदाई की गई थी। इस दौरान यहां से देवी सरस्वती की प्रतिमा मिलने का दावा किया गया था। यह प्रतिमा बाद में ब्रिटिश काल में बाहर ले जाई गई। हिंदू पक्ष लंबे समय से इस प्रतिमा को वापस लाने की मांग करता रहा है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में कई ऐतिहासिक दस्तावेज, शिलालेख, स्तंभ और स्थापत्य साक्ष्य पेश किए थे। हिंदू पक्ष का कहना था कि परिसर के कई अवशेष मंदिर स्थापत्य शैली से मेल खाते हैं। Chandrashekhar Tiwari FIR : हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी पर FIR, दो समुदायों में तनाव पैदा करने का आरोप फैसले के बाद बढ़ी हलचल हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार और अन्य संवेदनशील इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैलने से रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में धार्मिक और ऐतिहासिक विवादों से जुड़े मामलों पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आगे इस फैसले पर क्या कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाते हैं।
Chandrashekhar Tiwari FIR : हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी पर FIR, दो समुदायों में तनाव पैदा करने का आरोप

Chandrashekhar Tiwari FIR : मध्य प्रदेश। भोपाल की टीटी नगर थाना पुलिस ने संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उन पर सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रचार फैलाने और दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया है। यह कार्रवाई उस वीडियो के बाद की गई है, जिसे चंद्रशेखर तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक पर साझा किया था। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिए गए बयान से शहर के संवेदनशील इलाकों में तनाव बढ़ने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। प्रशासन ने इसे कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना और FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। गोविंदपुरा की घटना के बाद वायरल हुआ वीडियो हाल ही में भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ताओं और एक मुस्लिम युवक के बीच मारपीट का मामला सामने आया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इसके बाद चंद्रशेखर तिवारी ने एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने इस घटना को “लव जिहाद” से जोड़कर बयान दिए। आरोप है कि वीडियो में उन्होंने मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु शहर काजी मुश्ताक अली नदवी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। पुलिस का कहना है कि वीडियो की भाषा और बयानबाजी से दो समुदायों के बीच विरोधाभास और तनाव की स्थिति बनी। Bhopal Viral Video : मुसलमान चाहें तो हिंदू लड़कियों को… भोपाल होटल कांड के बाद वायरल विडियो से दी धमकी! पुलिस कमिश्नर के आदेश का उल्लंघन भोपाल पुलिस आयुक्त ने 12 मई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163(2) के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। इस आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी व्यक्ति ऐसा कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा और न ही ऐसा भाषण देगा, जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों या तनाव की स्थिति बने। पुलिस का कहना है कि चंद्रशेखर तिवारी द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो इस आदेश का सीधा उल्लंघन है। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद शहर में शांति भंग होने की आशंका बढ़ गई थी। SIR Announced : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन संवेदनशील इलाकों में बढ़ी सतर्कता वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने भोपाल के कई संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अफवाह या भड़काऊ सामग्री को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें और शांति बनाए रखें। Bhojshala Verdict : भोजशाला विवाद पर आज बड़ा फैसला! हाईकोर्ट के निर्णय से तय होगी आगे की दिशा, धार-इंदौर में बढ़ाई सुरक्षा वीडियो को लेकर बढ़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद चंद्रशेखर तिवारी द्वारा जारी वीडियो के बाद शहर में राजनीतिक और सामाजिक बहस भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, जबकि कई संगठनों ने वीडियो को भड़काऊ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने क्या कहा पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो में इस्तेमाल किए गए शब्दों और आरोपों के कारण स्थानीय लोगों में आक्रोश की स्थिति बन गई थी। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो हालात और बिगड़ सकते थे। जांच एजेंसियां अब वीडियो के प्रसार और उससे जुड़े अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही हैं।
Bhopal Viral Video : मुसलमान चाहें तो हिंदू लड़कियों को… भोपाल होटल कांड के बाद वायरल विडियो से दी धमकी!

Bhopal Viral Video : मध्य प्रदेश। भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित गौतम नगर के एक निजी होटल में मुस्लिम युवक और हिंदू युवती के मिलने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस घटना के बाद शहर में सामाजिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हिंदूवादी संगठनों ने इसे “लव जिहाद” से जोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं अब मुस्लिम समाज भी खुलकर सामने आ गया है और इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है। मामले को लेकर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पहले होटल पहुंचे और घेराव किया। इसके बाद वे थाने पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारियों और एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में युवक के साथ कथित मारपीट करने और उसके चेहरे पर गोबर पोतने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। NEET Exam CBT Mode : अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा, रद्द हुई परीक्षा 21 जून को पेन पेंसिल माध्यम से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवादित वीडियो इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। वायरल वीडियो में एक युवक कथित तौर पर विवादित बयान देता सुनाई दे रहा है। वीडियो में वह कहता है कि अगर मुसलमान चाहें तो वे हिंदू लड़कियों को पकड़ सकते हैं, लेकिन वे संविधान का सम्मान करते हैं। न कि सड़क से उनका अपहरण कर रहे हैं या उनकी पिटाई कर रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग वीडियो में बयान देने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अब तक उस व्यक्ति की पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी वीडियो को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। Bhojshala Verdict : भोजशाला विवाद पर आज बड़ा फैसला! हाईकोर्ट के निर्णय से तय होगी आगे की दिशा, धार-इंदौर में बढ़ाई सुरक्षा पुलिस और प्रशासन की बढ़ी चिंता भोपाल में इस मामले को लेकर माहौल संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई जानकारी साझा न करें और किसी भी तरह की भड़काऊ टिप्पणी से बचें। Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें होटल में क्या हुआ था कुछ दिन पहले गोविंदपुरा इलाके के एक होटल में मुस्लिम युवक आरिफ खान और हिंदू युवती के मिलने की सूचना पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता वहां पहुंचे थे। इसके बाद होटल के कमरे में जाकर युवक से कथित मारपीट की गई। इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मुस्लिम समाज का आरोप है कि युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसके चेहरे पर गोबर पोता गया। इसी घटना को लेकर अब समुदाय के लोग आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Strait of Hormuz : होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का मालवाहक जहाज डूबा, ईरान युद्ध के बीच बढ़ा समुद्री तनाव शहर में शांति बनाए रखने की अपील मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। यहां देखिये सोशल मीडिया पर वायरल विडियो
NEET Exam CBT Mode : अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा, रद्द हुई परीक्षा 21 जून को पेन पेंसिल माध्यम से

NEET Exam CBT Mode : भोपाल। अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसी वजह से सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी गलत उम्मीदवार का चयन नहीं चाहती थी, इसलिए जिम्मेदारी के साथ यह निर्णय लिया गया। अब NEET-UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा इस वर्ष 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके लिए 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। 7 मई को पेपर लीक की जानकारी सामने आई, जिसके बाद NTA ने सरकार को रिपोर्ट दी। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। NEET Paper Leak 2026 : NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 गिरफ्तार, राजस्थान में 1000 कैंडिडेट्स तक पहुंचा पेपर! री-एग्जाम में छात्रों को मिलेगी राहत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि री-एग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। साथ ही छात्र अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे। सरकार का कहना है कि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। नए एडमिट कार्ड 14 जून से जारी किए जाएंगे। NTA ने लिए 6 बड़े फैसले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा रद्द होने के बाद कई अहम फैसले लिए हैं। NEET-UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना पड़ेगा और कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। पहले से जमा परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। इसके अलावा नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। हालांकि, परीक्षा केंद्र पहले जैसे ही रहेंगे। CBI जांच में अब तक 7 गिरफ्तारियां पेपर लीक मामले की जांच अब CBI कर रही है। एजेंसी ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के मांगीलाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल, विकास बिंवाल, हरियाणा के यश यादव और महाराष्ट्र के शुभम खैरनार शामिल हैं। इसके अलावा मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे को भी गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांच आरोपियों को 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। NEET UG 2026 Paper Leak : पेपर लीक के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द, सवाल पूछने पर शिक्षा मंत्री प्रधान ने साधी चुप्पी राजस्थान तक पहुंचा था लीक पेपर CBI जांच में सामने आया है कि लीक हुआ पेपर कथित तौर पर आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। जांच एजेंसी को पता चला है कि छात्रों से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपये तक वसूले गए थे। आरोप है कि प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर PDF बनाई गई और फिर उसे छात्रों तक पहुंचाया गया। सूत्रों के अनुसार, सीकर के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच यह पेपर वायरल हुआ था। 3 मई की रात पुलिस को एक कोचिंग टीचर और पीजी संचालक के पास कथित गेस पेपर मिला था, जिसमें असली परीक्षा के 180 सवालों में से लगभग 150 सवाल हूबहू थे। पिछले दो दिनों में जांच में तेजी 12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द की और CBI को जांच सौंपी गई। इसके बाद एजेंसी ने FIR दर्ज कर राजस्थान, बिहार और अन्य राज्यों में छापेमारी शुरू की। 13 मई को कई कोचिंग सेंटर संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की गई। मेडिकल एसोसिएशन FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में परीक्षा कराने की मांग की है। NEET UG 2026 Cancelled : नीट यूजी 2026 का पेपर रद्द, जल्द होगी नई एग्जाम डेट जारी; 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा NTA क्या है और क्यों अहम है NEET NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी है। इसकी स्थापना 2017 में हुई थी। यह NEET, JEE Main, CUET और UGC-NET जैसी बड़ी परीक्षाएं आयोजित करती है। NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए MBBS, BDS, आयुष और नर्सिंग कोर्सेज में दाखिला मिलता है। भारत में इस परीक्षा के माध्यम से 1 लाख से ज्यादा MBBS सीटों और 27 हजार से अधिक BDS सीटों पर एडमिशन होता है। 2024 में भी हुआ था बड़ा विवाद साल 2024 में भी NEET परीक्षा पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद के कारण चर्चा में रही थी। उस समय 67 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिले थे, जिस पर सवाल उठे थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, लेकिन पूरी परीक्षा रद्द नहीं की गई थी। कुछ परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी। SIR Announced : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन NEET परीक्षा से जुड़े पुराने विवाद NEET परीक्षा शुरू होने के बाद से कई बार विवादों में रही है। 2013 में इसे सिंगल मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा के रूप में लागू किया गया था। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे फिर से लागू किया। तमिलनाडु में छात्रा अनिता की आत्महत्या से लेकर कोविड काल में परीक्षा कराने तक कई मुद्दों पर विवाद हुए। 2022 में छात्राओं के ड्रेस कोड को लेकर भी सवाल उठे थे। अब 2026 में पेपर लीक का मामला फिर से राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
Bhojshala Verdict : भोजशाला विवाद पर आज बड़ा फैसला! हाईकोर्ट के निर्णय से तय होगी आगे की दिशा, धार-इंदौर में बढ़ाई सुरक्षा

Bhojshala Verdict : मध्य प्रदेश। धार स्थित विवादित भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद मामले में आज बड़ा फैसला आने की संभावना जताई जा रही है। इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब सभी की निगाहें कोर्ट के निर्णय पर टिकी हुई हैं। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सोशल मीडिया के जरिए फैसले की संभावना की जानकारी दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। सभी पक्षों ने शांति बनाए रखने की अपील की मामले में याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वीडियो जारी कर लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और एडवोकेट विनय जोशी ने कहा कि सभी को न्यायपालिका पर विश्वास रखना चाहिए और जो भी फैसला आए उसे स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करें। Saubhagya Singh : 700 गाड़ियों की रैली पड़ी भारी! मोहन सरकार का बड़ा एक्शन, सौभाग्य सिंह के छीने अधिकार धार और इंदौर में पुलिस अलर्ट पर फैसले को लेकर धार और इंदौर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इंदौर में राजवाड़ा सहित कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं धार जिला प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी बढ़ा दी गई है और भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार होने के कारण मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि मुस्लिम समाज द्वारा भोजशाला परिसर में जुम्मे की नमाज भी अदा की जाती है। साल 2022 में शुरू हुआ था कानूनी विवाद यह पूरा मामला साल 2022 में तब शुरू हुआ था, जब रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूजा-अर्चना के पूर्ण अधिकार देने की मांग की गई थी। इसके बाद मामला लगातार अदालत में चल रहा है। साल 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग यानी ASI ने भोजशाला परिसर का 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी किया था। Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें वसंत पंचमी पर पूजा की मिली थी अनुमति 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर में दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी थी। इसके बाद 6 अप्रैल 2026 से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। ASI ने भी अपनी सर्वे रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए। हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के दिए तर्क हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी और आशीष गोयल ने भोजशाला को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर बताया। कोर्ट में ऐतिहासिक दस्तावेज, शिलालेख, स्तंभ और देवी सरस्वती से जुड़े प्रतीकों का हवाला दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ब्रिटिशकालीन गजेटियर और इतिहासकारों के दस्तावेजों में भोजशाला को विद्या और मां सरस्वती के केंद्र के रूप में वर्णित किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिसर में मिले कई स्थापत्य अवशेष इस्लामी काल से पहले के हैं और मंदिर शैली से मेल खाते हैं। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने परमार राजा भोज के ग्रंथ ‘समरांगण सूत्रधार’ का हवाला देते हुए कहा कि भोजशाला की संरचना उसमें बताए गए मंदिर निर्माण मानकों से मेल खाती है। Dhar Bhojshala Hearing : भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, ASI सर्वे रिपोर्ट और धार्मिक स्वरूप को लेकर उठे बड़े सवाल मुस्लिम पक्ष ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने ASI सर्वे रिपोर्ट और प्रशासनिक तर्कों पर सवाल उठाए। मुस्लिम पक्ष का कहना था कि परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और वर्तमान व्यवस्था सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए बनी हुई है। सलमान खुर्शीद ने कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई वीडियोग्राफी और तस्वीरें स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले में रामलला की मूर्ति मौजूद थी, जबकि भोजशाला में ऐसी कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। मुस्लिम पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है, जबकि यह मामला हाईकोर्ट में रिट याचिका के रूप में लाया गया है। याचिका में रखी गईं कई प्रमुख मांगें हिंदू पक्ष की ओर से अदालत में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इनमें भोजशाला परिसर में नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार, मुस्लिम समाज की धार्मिक गतिविधियों पर रोक, केंद्र सरकार द्वारा ट्रस्ट गठन और मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने की मांग शामिल है। इसके अलावा 7 अप्रैल 2003 के ASI आदेश को निरस्त करने और परिसर में नमाज पर रोक लगाने की मांग भी याचिका में की गई है। Bhopal Fake Currency : नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा! BSF से बर्खास्त जवान के भाई पर नेटवर्क चलाने का आरोप फैसले को लेकर पूरे प्रदेश में बढ़ी उत्सुकता भोजशाला विवाद लंबे समय से मध्यप्रदेश का एक संवेदनशील और चर्चित मामला बना हुआ है। ऐसे में आज आने वाला फैसला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।
Saubhagya Singh : 700 गाड़ियों की रैली पड़ी भारी! मोहन सरकार का बड़ा एक्शन, सौभाग्य सिंह के छीने अधिकार

Saubhagya Singh : भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचाने और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही उनके सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार अगले आदेश तक निरस्त कर दिए गए हैं। सरकार की इस कार्रवाई को शक्ति प्रदर्शन और फिजूल ईंधन खर्च के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। 700 वाहनों का काफिला बना कार्रवाई की वजह जानकारी के अनुसार, सौभाग्य सिंह ने पदभार ग्रहण करने के दौरान उज्जैन से भोपाल तक करीब 700 वाहनों का विशाल काफिला निकाला था। इस दौरान कई स्थानों पर लंबा जाम भी देखने को मिला। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में इस वाहन रैली की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला सरकार तक पहुंचा। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस जारी कर दिया। Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल- डीजल 3 रुपये महंगा, भोपाल- इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ीं कीमतें निगम कार्यालय में प्रवेश और बैठकों पर रोक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि अंतिम निर्णय होने तक सौभाग्य सिंह निगम कार्यालय या परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उन्हें निगम की बैठकों में भाग लेने, प्रशासनिक और वित्तीय फैसले लेने तथा कर्मचारियों को निर्देश देने से भी रोक दिया गया है। साथ ही निगम के वाहनों और अन्य सुविधाओं के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार ने इसे शासन की मितव्ययिता नीति और सामूहिक जिम्मेदारी के खिलाफ बताया है। पीएम मोदी की अपील के बाद बढ़ी सख्ती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में कई मंचों से ईंधन बचाने और अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने की अपील कर चुके हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई बड़े नेताओं ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम कर दी है। ऐसे समय में भाजपा नेताओं की भव्य वाहन रैलियों को सरकार और संगठन दोनों ने गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस तरह के मामलों में और भी सख्ती देखने को मिल सकती है। SIR Announced : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन BJP किसान मोर्चा अध्यक्ष की नियुक्ति भी रद्द मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति भी महज 18 दिन में निरस्त कर दी गई। पार्टी संगठन अब नेताओं और पदाधिकारियों के सार्वजनिक आयोजनों पर नजर बनाए हुए है। सरकार और संगठन दोनों यह संदेश देना चाहते हैं कि संसाधनों के अनावश्यक उपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरे नेताओं के काफिलों पर भी उठे सवाल सिर्फ सौभाग्य सिंह ही नहीं, बल्कि अन्य नेताओं के काफिलों को लेकर भी सवाल उठे हैं। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी लंबे काफिले के साथ खंडवा में नजर आए थे। वहीं भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी लगभग 200 गाड़ियों के काफिले के साथ बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे थे। इसके अलावा मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी चर्चा में रहे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि वे सीमित लोगों के साथ पहुंचे थे और समर्थकों के वाहनों की जानकारी उन्हें नहीं थी। Bengal Violence Case : चुनावी हिंसा मामले में हाईकोर्ट में ममता ने की पैरवी, बाहर निकलते ही लगे ‘बुआ-भतीजा चोर’ के नारे डिंडौरी में कारपूलिंग और ईंधन बचत पर जोर डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों को अलग-अलग वाहनों की बजाय कारपूलिंग करना अनिवार्य होगा। छोटी दूरी के कामों के लिए पैदल चलने, साइकिल और ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-ऑफिस सिस्टम पर जोर दिया गया है। हर महीने सरकारी वाहनों के ईंधन खर्च की समीक्षा होगी और अनावश्यक खर्च पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। Bhopal Fake Currency : नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा! BSF से बर्खास्त जवान के भाई पर नेटवर्क चलाने का आरोप ऊर्जा संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू प्रशासन अब सिर्फ सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहना चाहता। स्कूलों और पंचायतों में भी ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है और इससे आर्थिक बोझ भी कम होगा।