US-Israel-Iran War : तेहरान। इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष चौथे दिन में पहुंच गया है। इसी बीच ईरान में कथित तौर पर एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर देशभर में गहरा शोक देखा जा रहा है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी द्वारा जारी एक वीडियो में हजारों लोग अंतिम यात्रा के जुलूस में शामिल होते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में पुरुषों और महिलाओं को रोते-बिलखते देखा जा सकता है। कई लोग अपने प्रियजनों की तस्वीरें लिए हुए हैं। कुछ लोग ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर पकड़े हुए दिखे, जबकि कई अन्य ईरान का राष्ट्रीय ध्वज लेकर जुलूस में शामिल हुए।
The funeral procession for 168 students of the Shajareh Tayyibeh School in Minab who were martyred in the US-Israeli attack has started. pic.twitter.com/Iu1kX4oEUZ
— IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) March 3, 2026
मिनाब के स्कूल पर हमले का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला शनिवार 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित लड़कियों के एक प्राथमिक विद्यालय ‘शाजारेह तैय्यिबेह स्कूल’ पर हुआ। ईरानी मीडिया का दावा है कि इस हमले में 160 से अधिक बच्चियों की मौत हुई।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल या अन्य नागरिक ढांचे को निशाना बनाना युद्ध अपराध माना जाता है। हालांकि, इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक एरियल तस्वीर साझा की। तस्वीर में बड़ी संख्या में कब्रें खोदी जाती हुई दिखाई गईं। अराघची ने दावा किया कि ये कब्रें उन “मासूम” लड़कियों के लिए तैयार की जा रही हैं, जो बमबारी में मारी गईं।
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधते हुए इस घटना को “निर्दयी हत्या” करार दिया। उन्होंने लिखा कि गाजा से लेकर मिनाब तक मासूमों की जान ली गई है और इन अपराधों का जवाब दिया जाएगा।
These are graves being dug for more than 160 innocent young girls who were killed in the US-Israeli bombing of a primary school. Their bodies were torn to shreds.
This is how “rescue” promised by Mr. Trump looks in reality.
From Gaza to Minab, innocents murdered in cold blood. pic.twitter.com/cRdJ3BELOn
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 2, 2026
अमेरिका की प्रतिक्रिया
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यह हमला अमेरिकी कार्रवाई का हिस्सा था, तो इसकी जांच की जाएगी।
रुबियो ने पत्रकारों से कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को टारगेट नहीं करेगा। अगर हमारी स्ट्राइक से ऐसा हुआ है, तो संबंधित विभाग इसकी जांच करेगा।”
हालात तनावपूर्ण
ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच इस कथित हमले ने हालात और ज्यादा संवेदनशील बना दिए हैं। एक तरफ ईरान में शोक और गुस्से का माहौल है, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल इस घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का इंतजार है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।