Strait of Hormuz Blockade : वॉशिंगटन डीसी। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अमेरिका आज से नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा। इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और भी बढ़ गया है।
.@POTUS: "Iran is in very bad shape — and just so you understand, Iran will NOT have a nuclear weapon… There is no way. They still want it, and they made that clear the other night. Iran will NOT have a nuclear weapon." pic.twitter.com/Q15kbX5y2Z
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 13, 2026
ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि इस नाकेबंदी का मुख्य उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य देश भी इस अभियान में अमेरिका का साथ दे रहे हैं।
ट्रम्प के मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं।
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अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल
नाकेबंदी के ऐलान का असर तुरंत वैश्विक बाजारों पर दिखाई दिया है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले पर कर रहा विचार
इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले पर विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।
बीते 24 घंटे अपडेट
पिछले 24 घंटे में कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। ट्रम्प ने चीन को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान की सैन्य मदद की तो उस पर 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं इज़राइल के मंत्री बेन गविर के अल-अक्सा मस्जिद (Al-Aqsa Mosque) दौरे पर जॉर्डन (Jordan) ने कड़ा विरोध जताया है और इसे भड़काऊ कदम बताया है।
दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना होगा। इसके अलावा ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
नाकेबंदी की घोषणा के बाद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। समुद्री खुफिया फर्म लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है या वापस लौट गए हैं।
ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा यूएस
ट्रम्प ने एक बार फिर दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव में है और खराब स्थिति में है, लेकिन अगर वह बातचीत के लिए लौटता है तो अमेरिका तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान बातचीत में नहीं आता है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
NATO को लेकर नाराजगी
इसके अलावा ट्रम्प ने NATO को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि जरूरत के समय संगठन अमेरिका के साथ नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिका NATO पर भारी खर्च करता है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
अमेरिका की नाकेबंदी पूरी तरह होगी विफल
वहीं ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वरिष्ठ नेता मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका की यह नाकेबंदी पूरी तरह विफल होगी और ईरान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सेना अमेरिका को इस तरह की कार्रवाई की अनुमति नहीं देगी और उनके पास जवाब देने के कई विकल्प मौजूद हैं।
कुल मिलाकर, होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।