Noida Phase- 2 Protest : उत्तर प्रदेश। नोएडा के फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा विरोध उस वक्त उग्र हो गया, जब कर्मचारियों ने अपनी मांगों पर सुनवाई न होने का आरोप लगाया। गुस्साए कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कई गाड़ियों और बसों में आग लगा दी गई।
कर्मचारियों ने पुलिस पर किया पथराव
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। कर्मचारियों ने पुलिस पर भी पथराव किया और एक पुलिस वाहन को पलट दिया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जिले के कई थानों की फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है।
कई कंपनियों के कर्मचारी कर रहे प्रोटेस्ट
पुलिस के अनुसार, फेज-2 इलाके में मदरसन, ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव जैसी कंपनियों के करीब 1000 कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें से लगभग 500 कर्मचारी मदरसन कंपनी के बाहर जुटे थे, जहां हिंसा की मुख्य घटना हुई। इसके अलावा सेक्टर 1, 15 और 62 में भी सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे लंबा जाम लग गया है।
कर्मचारियों को बहुत कम मिल रहा वेतन
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बेहद कम वेतन मिल रहा है। कर्मचारी राजू के अनुसार, कहीं 11,000 तो कहीं 12,000 रुपये सैलरी दी जा रही है, जो महंगाई के हिसाब से काफी कम है।
उन्होंने मांग की कि एक दिन की मजदूरी 800 से 900 रुपये होनी चाहिए, जबकि अभी उन्हें 300 से 400 रुपये ही मिलते हैं। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये करने और नए श्रम कानूनों को खत्म करने की मांग भी रखी है।
क्या बोलीं नोएडा DM मेधा रूपम
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कर्मचारियों को समझाने और शांति बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि कंपनियों के साथ बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान, वेतन पर्ची देना, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति बनाना और शिकायत पेटी लगाने जैसे निर्णय शामिल हैं।
MP Leopard Deaths : एमपी में तेंदुओं की मौत पर चौंकाने वाले आंकड़े, 14 महीनों में 149 की मौत
प्रशासन ने फैक्ट्री कर्मचारियों को दिए 11 आश्वासन
प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए 11 अहम आश्वासन भी दिए हैं।
1. श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा।
2. प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा।
3. रविवार को काम कराने पर दोगुना पेमेंट करना होगा।
4. श्रमिकों के नियमानुसार बोनस का भुगतान 30 नंवबर तक बैंक खातों में जाएगा।
5. फैक्ट्रियों के बाहर CCTV कैमरे चालू हालत में रहें।
6. फैक्ट्रियों के बाहर शासन की गाइडलाइंस नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाई जाएं।
7. श्रमिकों और औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया। 0120-2978231, 0120-2978232, 0120-2978862 और 0120-2978702 नंबर जारी किए गए हैं।
8. प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित।
9. प्रत्येक श्रमिक का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख के भीतर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
10. सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएगी।
11. शिकायत पेटी लगाई जाएगी।
बहकावे में आकर कानून व्यवस्था को प्रभावित न करें
प्रदेश के राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप (Narendra Kashyap) ने आंदोलन कर रहे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी के बहकावे में आकर कानून व्यवस्था को प्रभावित न करें और अपनी समस्याओं को सरकार के साथ बातचीत के जरिए सुलझाएं।
Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल
श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं
वहीं, प्रमुख सचिव (श्रम) एमकेएस सुंदरम ने स्पष्ट कहा है कि श्रमिकों का शोषण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई श्रम संहिताओं के तहत न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान, समान कार्य के लिए समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और श्रमिकों को शांत करने की कोशिश जारी है।
यहां देखिये वीडियो