MP Rajya Sabha Election Seats : भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों नजरें दक्षिण भारत के चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं। इसकी वजह यह है कि राज्य से राज्यसभा सांसद जॉर्ज कुरियन (George Kurian) और एल मुरुगन (L. Murugan) क्रमशः केरल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यदि ये दोनों नेता चुनाव जीत जाते हैं, तो मध्य प्रदेश में राज्यसभा सीटों का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है और खाली सीटों की संख्या तीन से बढ़कर चार हो सकती है।
ये है पूरा गणित
वर्तमान में राज्य की तीन राज्यसभा सीटें खाली होना तय मानी जा रही हैं। इनमें दिग्विजय सिंह, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल शामिल है, जो 9 अप्रैल को समाप्त हो चुका है लेकिन चौथी सीट को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
एल. मुरुगन का राज्यसभा कार्यकाल अभी 2030 तक बाकी है, लेकिन यदि वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा। ऐसी स्थिति में एक और सीट खाली हो जाएगी और उपचुनाव की नौबत आ सकती है।
MP Rajya Sabha Elections : मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में होगी हॉर्स ट्रेडिंग
यह चुनाव दोनों नेताओं के लिए साख की लड़ाई
दोनों नेताओं के लिए यह चुनाव साख की लड़ाई माना जा रहा है। जॉर्ज कुरियन केरल की कांजीरापल्ली सीट से मैदान में हैं। वे पहले भी 2016 में चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वहीं एल. मुरुगन तमिलनाडु की अविनाशी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और इससे पहले कई चुनावों में उन्हें सफलता नहीं मिली है।
4 मई को एमपी बीजेपी भाजपा के लिए भी नए मौके
4 मई को आने वाले चुनावी नतीजे न सिर्फ इन दोनों नेताओं का भविष्य तय करेंगे, बल्कि मध्य प्रदेश भाजपा के लिए भी नए मौके खोल सकते हैं। चर्चा है कि यदि ये दोनों नेता विधानसभा में चले जाते हैं, तो केंद्र सरकार में उनकी जगह मध्य प्रदेश से किसी नए चेहरे को मौका मिल सकता है।
MP Politics : मध्य प्रदेश में ‘खेला’ ! राज्यसभा की जंग, कांग्रेस की बढ़ी टेंशन
राज्यसभा चुनाव को लेकर अंदरखाने मंथन तेज
राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में अंदरखाने मंथन भी तेज हो गया है। सुमेर सिंह सोलंकी की जगह आदिवासी नेता को मौका देने पर विचार किया जा रहा है। पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष हर्ष चौहान का नाम सामने आया था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से मना कर दिया था। अब फिर से नए नामों पर चर्चा चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यदि जॉर्ज कुरियन चुनाव जीतते हैं, तो उनकी जगह एमपी से अरविंद मेनन को राज्यसभा भेजा जा सकता है, जो मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं।
कांग्रेस की सीट खतरे में
कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह वाली सीट पर नया उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। हालांकि विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों को देखें तो बीजेपी के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 62 विधायक ही बचे हैं। ऐसे में अगर कुछ विधायक इधर-उधर होते हैं, तो कांग्रेस की यह सीट भी खतरे में पड़ सकती है।
कुल मिलाकर, दक्षिण भारत के चुनावी नतीजे मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। 4 मई के बाद राज्यसभा सीटों का पूरा गणित बदलने की संभावना है, जिस पर सभी दलों की नजरें टिकी हुई हैं।