Jaishankar Iran Talks : नई दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के 13वें दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच पिछले कुछ दिनों में तीन बार बातचीत हो चुकी है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
भारत-ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच लगातार संपर्क
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर (S Jaishankar) अपने ईरानी समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं। हाल की बातचीत में समुद्री शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने भारत जाने वाले जहाजों को अनुमति दे दी है, तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
Hezbollah Strike on Israel : हिजबुल्लाह ने दागीं 150 मिसाइलें, भारत ने की शांति की अपील
UN में 135 देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की
संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे पर अहम कदम उठाया गया है। यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के प्रस्ताव का भारत सहित 135 देशों ने समर्थन किया है। इस प्रस्ताव में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों और तनाव पर चिंता जताई गई है।
प्रस्ताव में कहा गया कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इससे वैश्विक शांति को खतरा पैदा हो सकता है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से 13 देशों ने इसके पक्ष में वोट दिया, जबकि Russia और China ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
संसद में LPG संकट पर हंगामा
इधर भारत में युद्ध के असर को लेकर संसद में भी बहस तेज हो गई। लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एलपीजी संकट का मुद्दा उठाया और कहा कि ऊर्जा सुरक्षा किसी भी देश की बुनियाद होती है।
Monalisa Marriage : वायरल गर्ल मोनालिसा ने फरमान खान से की शादी, डायरेक्टर को सिर तन से जुदा की धमकी
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर समझौता किया गया है, जिससे भविष्य में बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। राहुल गांधी के बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा।
सरकार बोली- ईंधन की कोई कमी नहीं
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने बताया कि भारत की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कई मामलों में 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन में 28% की बढ़ोतरी भी की है।
तेल आपूर्ति के नए विकल्प तलाशे
पुरी ने कहा कि युद्ध से पहले भारत का लगभग 45% कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते से आता था। अब भारत ने इस क्षेत्र के बाहर से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर लगभग 70% कर दी है। उन्होंने बताया कि भारत अब 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे आपूर्ति के कई विकल्प उपलब्ध हैं।
सरकार का कहना है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, एटीएफ और फ्यूल ऑयल की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। हालांकि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर नजरें बनी हुई हैं।