Iran-US War : मिडिल ईस्ट में जारी ईरान–अमेरिका संघर्ष के चौथे दिन भी एयरस्पेस में भारी अव्यवस्था बनी रही, हालांकि मंगलवार से भारत और खाड़ी देशों के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं। इससे दुबई, जेद्दा और अन्य शहरों में फंसे यात्रियों को आंशिक राहत मिली है। लेकिन हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
जानकारी के मुताबिक, Emirates की दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु से दुबई जाने वाली तीन फ्लाइट्स को टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्षेत्रीय एयरस्पेस पाबंदियों के कारण अपने-अपने मूल हवाईअड्डों पर लौटना पड़ा। मुंबई से उड़ान भरने वाली एक फ्लाइट हवा में वापस लौटी, लेकिन बाद में अपनी यात्रा पूरी कर दुबई पहुंचने में सफल रही।
इसी बीच, कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रियाद के लिए सुरक्षा अलर्ट और ड्रोन खतरे की खबरों के चलते वापस लौटना पड़ा। बदलते हालात के कारण एयरलाइंस लगातार अपने शेड्यूल में बदलाव कर रही हैं।
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इंडिगो और अकासा की विशेष पहल
IndiGo ने फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए 3 मार्च 2026 को जेद्दा से भारत के लिए 10 विशेष उड़ानों की घोषणा की है। इनमें से चार उड़ानों को मंजूरी मिल चुकी है, जो मुंबई, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए संचालित होंगी। एयरलाइन जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय कर रही है।
वहीं Akasa Air ने 3 और 4 मार्च को मुंबई-जेद्दा-मुंबई और अहमदाबाद-जेद्दा रूट पर विशेष सेवाएं चलाने का ऐलान किया है। हालांकि अबू धाबी, दोहा, कुवैत और रियाद के लिए इसकी उड़ानें 4 मार्च तक निलंबित रहेंगी।
SpiceJet ने भी UAE में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए फुजैराह से दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए विशेष उड़ानों की घोषणा की है। एयरलाइन के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि संकट के समय भारतीय नागरिकों की मदद करना उनकी प्राथमिकता है।

पीवी सिंधु सुरक्षित लौटीं
संघर्ष के कारण दुबई एयरपोर्ट पर फंसी ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु सीमित उड़ान सेवाएं बहाल होने के बाद सुरक्षित भारत लौट आई हैं। उन्होंने अनिश्चित समय में सहयोग देने वाले अधिकारियों और एयरपोर्ट स्टाफ का धन्यवाद किया।
केंद्र और राज्यों की सक्रियता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा की समीक्षा की गई। केंद्र ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य के 109 फंसे लोगों की वापसी के लिए केंद्र से विशेष इंतजाम करने की मांग की है। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माइग्रेंट सेल बनाने का आग्रह किया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों से संपर्क बनाए रखने और हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है। तेलंगाना और पंजाब सरकारों ने कंट्रोल रूम और 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की है।
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अनिश्चितता अभी बरकरार
अधिकारियों का कहना है कि बड़े पैमाने पर निकासी अभियान क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और एयरस्पेस के पूरी तरह खुलने पर निर्भर करेगा। फिलहाल सीमित उड़ानों की बहाली से शुरुआती राहत जरूर मिली है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें और एयरलाइंस के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क में रहें।