Aayudh

Categories

Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested…

Trump Claim: Iran Wants to Make Me Supreme Leader

Iran Israel US War : तेहरान। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। रिपब्लिकन फंडरेजर कार्यक्रम में ट्रम्प ने कहा कि “इतिहास में शायद ही कोई ऐसा नेता होगा जिसे इस पद में इतनी कम दिलचस्पी रही हो।” हालांकि, उनके इस बयान पर ईरान (Iran) की तरफ से कोई पुष्टि नहीं की गई है और इसे पूरी तरह खारिज कर दिया गया है।

ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि पर्दे के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है और ईरानी सरकार युद्धविराम चाहती है, लेकिन घरेलू दबाव के चलते खुलकर सामने नहीं आ रही।

Iran Israel US War : होर्मुज स्ट्रेट में भारत को राहत! अमेरिका ने दी बड़े हमले की चेतावनी, ईरान बोला- शांति की कोई उम्मीद नहीं

वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने साफ कहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं हो रही है और उनका रुख अभी भी सख्त है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर बिना गारंटी के सीजफायर होता है, तो युद्ध दोबारा शुरू हो सकता है।

ईरान ने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल से दूरी बनाए रखें। अराघची का कहना है कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने सुरक्षा देने के बजाय खतरा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने अपने विरोधियों की कई योजनाएं नाकाम कर दी हैं और अब बातचीत की बात होना उनकी हार का संकेत है।

Strait of Hormuz : ईरान ने पाकिस्तानी जहाज को पार नहीं करने दिया होमुर्ज, कहा- उनके पास परमिशन नहीं

इसी बीच समुद्री रास्तों को लेकर भी तनाव बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने कहा है कि यह दुश्मनों के लिए बंद है, लेकिन भारत, चीन, रूस जैसे ‘मित्र देशों’ के लिए खुला रहेगा। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि अगर हमले बढ़े तो बाब अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab al-Mandeb Strait) को भी बंद किया जा सकता है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।

इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और युद्ध शुरू होने के बाद से इसमें 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, खासकर भारत जैसे देशों पर जो तेल आयात पर काफी निर्भर हैं।

वहीं, जंग के बीच सैन्य दावे भी तेज हो गए हैं। इजराइल ने ईरान के एक बड़े नौसैनिक कमांडर को मार गिराने का दावा किया है, जबकि ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट गिराने की बात कही है। हालांकि, दोनों तरफ से कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

Kuwait Airport Attack : कुवैत के एयरपोर्ट पर ईरान का ड्रोन अटैक, अमेरिका के 23 ठिकानों को भी बनाया निशाना

कुल मिलाकर, हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक तरफ बड़े-बड़े दावे और बयानबाजी हो रही है, तो दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर संघर्ष जारी है। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि यह टकराव कब और कैसे खत्म होगा, लेकिन इतना तय है कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *