Bhopal Education Scam: भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जांच में एक ऐसा कॉलेज मिला, जो पिछले 10 वर्षों से विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में संचालित दिख रहा था, लेकिन मौके पर उसका कोई अस्तित्व नहीं मिला। मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
127 कॉलेजों की जांच में सामने आईं गड़बड़ियां
नए शैक्षणिक सत्र के लिए बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से संबद्ध 127 निजी बीएड कॉलेजों ने मान्यता और संबद्धता के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान 30 कॉलेजों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई संस्थानों के दस्तावेज और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर पाया गया, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
10 साल तक रिकॉर्ड में चलता रहा कॉलेज
औचक निरीक्षण के दौरान विदिशा रोड स्थित श्रीराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन का कोई भवन या संचालन नहीं मिला। हैरानी की बात यह है कि विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में यह कॉलेज पिछले करीब 10 वर्षों से संबद्ध दर्ज है। इस खुलासे ने विश्वविद्यालय की मान्यता प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक ही पते पर मिले दो कॉलेज
जांच के दौरान इटारसी के एचएल अग्रवाल बीएड कॉलेज और एचएल अग्रवाल कॉलेज ऑफ एजुकेशन भी एक ही पते पर संचालित दिखाए गए। निरीक्षण टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां संबंधित भवन तक नहीं मिला। इससे कई अन्य कॉलेजों की मान्यता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शिकायत के बाद खुला मामला
यह पूरा मामला सामाजिक कार्यकर्ता भगवान सिंह राजपूत की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने मार्च में उच्च शिक्षा विभाग और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को शिकायत भेजकर श्रीराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन की वैधता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद किए गए निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे जांच
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने पूरे मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने का फैसला किया है। जांच में उन मामलों को भी शामिल किया जाएगा, जिनमें कार्यपरिषद की मंजूरी से पहले ही कॉलेजों की प्रोफाइल ई-पोर्टल पर स्वीकृत दिखाकर अपलोड कर दी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।