Mahakal Arti Fee Controversy : महाकाल मंदिर में संध्या और शयन के लिए 250 रुपये शुल्क, BJP MLA ने ही घेर ली सरकार

हाइलाइट्स आरती में शामिल होने के लिए 250 रुपये शुल्क और ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य। जीतू पटवारी ने अधर्म बताया, आस्था का अपमान कहा। BJP विधायक चिंतामणी मालवीय ने फैसला खेदजनक माना। Mahakal Arti Fee Controversy : मध्य प्रदेश। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में नई व्यवस्था लागू होने के बाद भक्ति और शुल्क को लेकर बहस तेज हो गई है। अब संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को 250 रुपये शुल्क देकर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। इस फैसले के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या आस्था भी अब “Pay & Enter” मॉडल पर चलेगी? Air Ambulance Crash : झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत, जानिए कौन है विमान कंपनी का मालिक? मंदिर में नई डिजिटल व्यवस्था लागू श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब दोनों प्रमुख आरतियों के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग जरूरी कर दी गई है। मंदिर समिति के अनुसार, संध्या आरती की बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से अधिकृत वेबसाइट पर शुरू होगी। प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जो शीघ्र दर्शन शुल्क के बराबर है। बुकिंग “फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व” के आधार पर होगी। संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय शाम 6 बजे और शयन आरती के लिए रात 10 बजे तय किया गया है। आरती के दौरान चलित दर्शन की व्यवस्था भी जारी रहेगी, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? मंदिर समिति का पक्ष मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह कदम पारदर्शिता और सुव्यवस्था लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनका कहना है कि डिजिटल बुकिंग से अव्यवस्था और दलाली पर रोक लगेगी तथा श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। समिति का दावा है कि नई व्यवस्था से अधिक से अधिक लोग सुगमता से आरती में शामिल हो सकेंगे। विपक्ष ने उठाए सवाल इस फैसले पर सियासी विवाद भी शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे अधर्म बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान के दरबार में भी शुल्क लेना आस्था का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ सनातन की बात और दूसरी ओर दर्शन के लिए शुल्क क्यों? Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा बीजेपी के भीतर से भी असहमति सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि बीजेपी के अंदर से भी विरोध की आवाज उठी है। आलोट से बीजेपी विधायक डॉ. चिंतामणी मालवीय ने भी संध्या और शयन आरती को सशुल्क करने पर असहमति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फैसला खेदजनक है और जनप्रतिनिधियों को इस पर खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। सरकार क्या कह रही है? मामले पर जब धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा कि सरकार इस पर संज्ञान लेगी। उनका कहना है कि यह निर्णय मंदिर समिति ने लिया है, इसलिए पहले पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी। Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल फिलहाल महाकाल की नगरी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर मंदिर प्रबंधन इसे सुव्यवस्था की दिशा में कदम बता रहा है, तो दूसरी ओर कई लोग इसे आस्था पर शुल्क लगाने जैसा मान रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और मंदिर समिति का अगला कदम इस बहस की दिशा तय करेगा।
Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें?

Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ (Boong) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर दिया है। इस फिल्म ने 79वें बाफ्टा अवॉर्ड्स में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। यह पहली भारतीय फिल्म है, जिसे BAFTA Awards से सम्मानित किया गया है। ‘बूंग’ की बड़ी उपलब्धि 79वें बाफ्टा समारोह में कई फिल्मों को पुरस्कार मिले। One Battle After Another ने कुल छह अवॉर्ड अपने नाम किए, लेकिन भारतीय फिल्म ‘बूंग’ की जीत सबसे खास रही। इस फिल्म की कामयाबी ने मणिपुरी सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई है। T20 World Cup 2026 : अब भी बची है टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद! समझिए पूरा समीकरण फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है। इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट (Excel Entertainment) के बैनर तले फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) और रितेश सिधवानी (Ritesh Sidhwani) ने प्रोड्यूस किया है। अवॉर्ड लेने के लिए प्रोड्यूसर एलन मैकएलेक्स (Alan McAlex) स्टेज पर पहुंचे थे। उनके साथ फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी भी मौजूद थे। फिल्म को कहां देख सकते हैं? ‘बूंग’ को पहले MUBI ऐप पर स्ट्रीम किया गया था, लेकिन फिलहाल यह किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। यह नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो या जियो हॉटस्टार पर भी नहीं है। ऐसे में भारतीय दर्शकों को इसे देखने के लिए अभी इंतजार करना होगा। Alia Bhatt : नमस्कार… आलिया भट्ट ने BAFTA अवॉर्ड्स के मंच पर हिंदी में दी स्पीच, इंटरनेट पर वायरल अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में मिली सराहना फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (Toronto International Film Festival) में हुआ था, जहां इसे काफी सराहना मिली। इसके बाद मुंबई एकेडमी ऑफ द मूविंग इमेज फिल्म फेस्टिवल (MAMI ) और वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म की तारीफ हुई। साथ ही इसे इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में भी दिखाया गया। सितंबर 2025 में यह फिल्म सीमित सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। क्या है ‘बूंग’ की कहानी? फिल्म की कहानी मणिपुर के एक छोटे से गांव में रहने वाले बच्चे बूंग के इर्द-गिर्द घूमती है। इस किरदार को नए कलाकार गुगुन किपगेन ने निभाया है। बूंग अपनी मां (बाला हिजाम) को एक खास सरप्राइज देना चाहता है। उसका सपना है कि वह अपने खोए हुए पिता को ढूंढकर घर वापस लाए, ताकि उसका परिवार फिर से एक हो सके। Air Ambulance Crash : झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत, जानिए कौन है विमान कंपनी का मालिक? इस सफर में उसका साथ उसका दोस्त राजू (Angom Sanamatum) देता है। लेकिन इस मासूम कोशिश के दौरान बूंग को जिंदगी की सच्चाइयों और मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है। फिल्म भावनात्मक है, लेकिन कई जगह हल्के-फुल्के पल भी दर्शकों को मुस्कुराने पर मजबूर करते हैं। फरहान अख्तर ने इस जीत को “सपने देखने वालों की जीत” बताया है। वहीं फिल्मी दुनिया से भी ‘बूंग’ की टीम को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। ‘बूंग’ की यह ऐतिहासिक जीत न सिर्फ मणिपुरी सिनेमा के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फिल्म जगत के लिए गर्व का पल है।
Air Ambulance Crash : झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत, जानिए कौन है विमान कंपनी का मालिक?

हाइलाइट्स मरीज, परिवार, डॉक्टर, पैरामेडिकल और दोनों पायलट क्रैश में नहीं बचे। उड़ान के 23 मिनट बाद सिमरिया जंगल में विमान गिरा। 8 लाख खर्च कर बुक की थी एयर एंबुलेंस। Air Ambulance Crash : रांची। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया इलाके के घने जंगल में सोमवार शाम एक बड़ा विमान हादसा हो गया। रांची से नई दिल्ली जा रहा मेडिकल एयर एंबुलेंस प्लेन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। यह विमान दिल्ली की कंपनी रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड (Redbird Airways Pvt Ltd) द्वारा संचालित था। जानकारी के अनुसार, बीचक्राफ्ट C90 (VT-AJV) विमान ने शाम 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (Birsa Munda Airport) से उड़ान भरी थी। करीब 20–25 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से उसका संपर्क टूट गया। बाद में चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगल में उसका मलबा मिला। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा कौन-कौन थे विमान में सवार? विमान में कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें: 65 प्रतिशत तक झुलसे मरीज संजय कुमार (41) उनकी पत्नी बसंती देवी एक रिश्तेदार ध्रुव कुमार डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत को-पायलट स्वराजदीप सिंह संजय कुमार लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले थे। होटल में आग लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बेहतर इलाज के लिए परिवार ने करीब 8 लाख रुपये खर्च कर एयर एंबुलेंस बुक की थी। T20 World Cup 2026 : अब भी बची है टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद! समझिए पूरा समीकरण खराब मौसम बना हादसे की वजह स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं और कम विजिबिलिटी के कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह जंगल में गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचाया नहीं जा सका। दुर्घटना की सूचना रात करीब 10 बजे मिली। जंगल का इलाका दुर्गम होने के कारण राहत और बचाव दल को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब जांच के लिए ब्लैक बॉक्स की तलाश की जा रही है। Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल कौन है कंपनी का मालिक रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2018 में अक्षय कुमार ने की थी। कंपनी चार्टर फ्लाइट, एयर एंबुलेंस और जनरल एविएशन सेवाएं देती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्षय कुमार पेशे से एयरक्राफ्ट इंजीनियर हैं और एविएशन इंडस्ट्री में 14 साल का अनुभव रखते हैं। कंपनी के पास बीचक्राफ्ट किंग एयर C90, सुपर किंग एयर B200 और B250, हॉकर 850XP, फाल्कन 2000 और ऑगस्टा 109 हेलीकॉप्टर जैसे विमान मौजूद हैं। विमानन सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘भारत में विमानन क्षेत्र वास्तव में एक खतरनाक स्थिति में है, क्योंकि मंत्रालय सुरक्षा जांच और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के अलावा सब कुछ करता है, चाहे उड़ान भरने से पहले हो या लैंडिंग के बाद।’
Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा

Bhopal Conversion Case Update : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में धर्म परिवर्तन और युवतियों के यौन शोषण से जुड़े एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क की सरगना दो सगी बहनें हैं, जो गरीब परिवार की लड़कियों को झांसा देकर अपने जाल में फंसाती थीं। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ आरोपी फरार हैं। AI Summit Protest : यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, रातभर हुई पूछताछ ऐसे फंसाया जाता था युवतियों को पीड़िताओं के अनुसार, उन्हें दोस्ती और अच्छे लाइफस्टाइल का लालच देकर अपने साथ रखा जाता था। इसके बाद नशीला पदार्थ देकर उनके साथ दुष्कर्म किया जाता और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। पीड़िता, जो पेशे से ब्यूटीशियन है, ने बताया कि उसकी रूम पार्टनर अमरीन ने साजिश रचकर उसे अपने परिचितों के पास भेजा, जहां पहली बार नशा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसे गांधी नगर स्थित अब्बास नगर ले जाया गया, जहां अमरीन के भाई ने भी उसके साथ रेप किया। Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल अहमदाबाद तक फैला नेटवर्क पीड़िता का आरोप है कि निजी काम के बहाने उसे अहमदाबाद ले जाया गया, जहां अमरीन के रिश्तेदार यासिर ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं, चंदन यादव पर भी रेप का आरोप है। पुलिस के अनुसार, चंदन खुद धर्म परिवर्तन कर चुका है। पब और लाउंज में ले जाकर बनाते थे दबाव शिकायत में यह भी सामने आया है कि पीड़िता को जबरन छोटे कपड़े पहनाकर शहर के पॉश पब और लाउंज में ले जाया जाता था। वहां अजनबी लोगों से मेलजोल बढ़ाने और संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था। Ayudh Ground Report : झाबुआ में खत्म हो जाएँगे हिंदू? अवैध धर्मांतरण के खेल पर आयुध की पड़ताल लग्जरी लाइफस्टाइल का लालच जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह से जुड़ी झुग्गी बस्ती की कुछ लड़कियां अचानक लग्जरी लाइफस्टाइल जीने लगी थीं। पुलिस को शक है कि इन्हें भी इसी नेटवर्क के जरिए इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस की कार्रवाई बागसेवनिया थाना पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, नशीला पदार्थ देने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और साजिश रचने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अमरीन और आफरीन गिरफ्तार चंदन यादव और जमाल को भी पकड़ा गया जन्नत फरार यासिर की तलाश जारी जमाल पर पीड़िताओं से रेप का आरोप है और उसे कोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार दूसरी पीड़िता भी आई सामने मामले में नया मोड़ तब आया जब एक और युवती ने इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई। उसने भी नशा देकर गैंगरेप का आरोप लगाया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो अलग-अलग राज्यों की लड़कियों को निशाना बना रहा था। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
T20 World Cup 2026 : अब भी बची है टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद! समझिए पूरा समीकरण

T20 World Cup 2026 : नई दिल्ली। टीम इंडिया को रविवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर- 8 मुकाबले में बड़ा झटका लगा, जब उसे साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। वहीं सोमवार को वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम को 100 से ज्यादा रनों से हराकर ग्रुप का पूरा समीकरण बदल दिया। इस बड़ी जीत से वेस्टइंडीज का नेट रन रेट सबसे बेहतर हो गया है और भारत की चिंता बढ़ गई है। ICC T20 Rankings 2026 : ईशान किशन की शानदार वापसी, टॉप बैट्समैन में हुए शुमार सुपर-8 में बदला पूरा समीकरण मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम दबाव में बिखर गई। इस जीत के बाद ग्रुप-1 में वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के दो-दो अंक हैं, लेकिन बेहतर रन रेट के कारण वेस्टइंडीज शीर्ष पर है। भारत एक मैच हारकर तीसरे स्थान पर है और उसका नेट रन रेट फिलहाल नकारात्मक है। T20 WORLD CUP : कैप्टन कूल ने कहा भारत दुनियाभर की टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा भारत के लिए पहला रास्ता पहले समीकरण के अनुसार, अगर साउथ अफ्रीका अपने दोनों बचे हुए मैच जीत लेती है तो उसके 6 अंक हो जाएंगे। ऐसे में अगर भारत जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हरा देता है तो उसके 4 अंक हो जाएंगे। इस स्थिति में नेट रन रेट मायने नहीं रखेगा और साउथ अफ्रीका व भारत सेमीफाइनल में पहुंच सकते हैं। वेस्टइंडीज 2 अंकों पर ही रह जाएगी। दूसरा रास्ता : नेट रन रेट का खेल दूसरा समीकरण भारत के लिए थोड़ा मुश्किल है। अगर वेस्टइंडीज, साउथ अफ्रीका को हरा देती है और भारत अपने दोनों मैच जीत जाता है, तो तीनों टीमों के 4-4 अंक हो सकते हैं। ऐसे में फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत का रन रेट फिलहाल कमजोर है, इसलिए उसे अपने मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। अच्छी बात यह है कि भारत अपना आखिरी मैच सबसे बाद में खेलेगा, जिससे उसे पता होगा कि कितने अंतर से जीत जरूरी है। Ayudh Ground Report : झाबुआ में खत्म हो जाएँगे हिंदू? अवैध धर्मांतरण के खेल पर आयुध की पड़ताल तीसरा रास्ता : उलटफेर की उम्मीद तीसरे समीकरण में अगर साउथ अफ्रीका अपने दोनों मैच हार जाती है और भारत अपने दोनों मुकाबले जीत लेता है, तो भारत और वेस्टइंडीज 4-4 अंकों के साथ सेमीफाइनल में पहुंच सकते हैं। साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे 2-2 अंकों पर रह जाएंगी। अगले मैचों पर टिकी नजर अब सबकी नजर भारत बनाम जिम्बाब्वे मुकाबले पर है। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मैच भी बेहद अहम है। हर नतीजे के साथ सेमीफाइनल का गणित बदल रहा है। भारत के लिए साफ है, अगर एक भी मैच हारा, तो सफर लगभग खत्म हो जाएगा इसलिए अब टीम इंडिया को हर हाल में दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे।
AI Summit Protest : यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, रातभर हुई पूछताछ

AI Summit Protest : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट के मामले में उदय भानु चिब को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेस के एक सांसद के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और फिलहाल उन्हें तिलक मार्ग थाने में रखा गया है। पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और वहां CRPF तथा दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल 20 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उदय भानु चिब को करीब 20 घंटे तक हिरासत में रखकर पूछताछ की। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। तिरुवल्लुर से सांसद शशिकांत सेंथिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि लंबे समय तक पूछताछ के बाद सुबह चार बजे की गई यह गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गर्व जताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज के लिए लड़ाई जारी रहेगी। कांग्रेस ने कार्रवाई की निंदा की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का मूल अधिकार है, कोई अपराध नहीं। Ayudh Ground Report : झाबुआ में खत्म हो जाएँगे हिंदू? अवैध धर्मांतरण के खेल पर आयुध की पड़ताल उनका कहना है कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया था और सरकार को सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करना चाहिए तथा उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने चाहिए। अब तक 7 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार इस मामले में अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सोमवार को पुलिस ने एक और आरोपी जितेंद्र सिंह यादव को ग्वालियर से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक तीन से चार अन्य आरोपी भी रडार पर हैं। Jabalpur ROB Collapse : जबलपुर में 400 करोड़ का रेलवे ओवर ब्रिज ढहा ! ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, PWD मंत्री बोले- सख्त कार्रवाई होगी भारत मंडपम में हुआ था शर्टलेस प्रोटेस्ट पुलिस के अनुसार 20 फरवरी को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्टलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया था। सभी प्रदर्शनकारी जैकेट और स्वेटर के नीचे प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे थे। हॉल नंबर-5 में प्रवेश करने के बाद उन्होंने कमीज उतारकर नारेबाजी शुरू कर दी। Delhi Bomb Threat : दिल्ली दहलाने की तैयारी में खालिस्तानी ग्रुप! लाल किला- दिल्ली असेंबली को बम की धमकी मौके से चार कार्यकर्ता पकड़े गए थे घटना के समय पुलिस ने चार लोगों- कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिंह यादव – को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। 21 फरवरी को अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए टी-शर्ट और पोस्टर एक आरोपी की कार से बरामद किए गए हैं।
Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल

Bhojshala Dispute Hearing : मध्य प्रदेश। धार स्थित भोजशाला को लेकर चल रहे बहुचर्चित मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि एएसआई की रिपोर्ट को आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड का हिस्सा माना जाएगा और आगे की सुनवाई इसी के आधार पर आगे बढ़ेगी। Ayudh Ground Report : झाबुआ में खत्म हो जाएँगे हिंदू? अवैध धर्मांतरण के खेल पर आयुध की पड़ताल रिपोर्ट पहले ही मिल चुकी थी पक्षकारों को सुनवाई के दौरान कोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि एएसआई की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट पहले ही सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी थी, लेकिन अब तक किसी भी पक्ष की ओर से इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई। यह रिपोर्ट एएसआई द्वारा 15 जुलाई 2024 को अदालत में पेश की गई थी। आज की सुनवाई में इसे औपचारिक रूप से कोर्ट के रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया। दो सप्ताह में दावे और आपत्तियां दाखिल करने का निर्देश अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे दो सप्ताह के भीतर अपने-अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत करें। कोर्ट ने साफ कहा कि तय समय सीमा में जवाब दाखिल किए जाएं, ताकि अगली सुनवाई में बिंदुवार चर्चा की जा सके और मामले को आगे बढ़ाया जा सके। Jabalpur ROB Collapse : जबलपुर में 400 करोड़ का रेलवे ओवर ब्रिज ढहा ! ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, PWD मंत्री बोले- सख्त कार्रवाई होगी हिंदू पक्ष का बड़ा दावा सुनवाई के दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से बड़ा दावा किया गया। संगठन का कहना है कि 2089 पन्नों की एएसआई सर्वे रिपोर्ट में ऐसे साक्ष्य दर्ज हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि करीब एक हजार साल पहले तक भोजशाला परिसर में मां सरस्वती का मंदिर मौजूद था। इस दावे के सामने आने के बाद मामले की संवेदनशीलता और भी बढ़ गई है। रिपोर्ट पहले ही ओपन हो चुकी थी कोर्ट में यह भी बताया गया कि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पहले ही ओपन की जा चुकी है और सभी पक्षों को उसकी कॉपी मिल चुकी है। अब अदालत ने इसे रिकॉर्ड पर लेकर आगे की प्रक्रिया तय कर दी है, जिससे माना जा रहा है कि मामला अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ सकता है। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार अगली सुनवाई की तारीख तय मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक सभी पक्ष अपने लिखित जवाब दाखिल कर देंगे और उसके बाद अदालत में विस्तृत बहस होगी। यह सुनवाई भोजशाला विवाद में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है।
Ayudh Ground Report : झाबुआ में खत्म हो जाएँगे हिंदू? अवैध धर्मांतरण के खेल पर आयुध की पड़ताल

Ayudh Ground Report : मध्य प्रदेश। पुलिस केरल निवासी ईसाई पादरी, Father Godwin (गॉडविन) को गिरफ्तार करती है। उस पर आरोप था कि वो लोगों का अवैध तरीके से धर्मांतरण कर रहे थे। उसके निशाने पर खास करके आदिवासी बहुल झाबुआ जैसे इलाके होते हैं। इस धर्मान्तरण के मामले में अदालत ने पादरी को दोषी पाया और उसे सजा हुई, ये मामला देश भर की मीडिया में छाया। यहां तक कि खुद केरल के चीफ मिनिस्टर पिनरई विजयन ने मध्य प्रदेश सरकार को लेटर लिखकर गॉडविन के साथ अच्छा व्यवहार करने की अपील की। बाद में जब गॉडविन जमानत पर बाहर आया तो उसने फिर अवैध धर्मांतरण का धन्धा शुरू कर दिया। इसी तरह झाबुआ जिले के पडलवा ग्राम में रमेश वसुनिया नाम का व्यक्ति चर्च के अन्दर आदिवासी समाज का धर्मान्तरण कराते पकडाया था। मामला दर्ज हुआ कोर्ट ने 5 साल की सजा और डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया, आरोपी जेल भी गया लेकिन पेरोल मिलने के बाद फिर से चर्च में एक्टिव हो गया। फादर गॉडविन और रमेश वसुनिया की गिरफ्तारी महज़ एक पुलिस एक्शन नहीं था; यह उन आवाज़ों का उभरना था जो वर्षों से झाबुआ की घाटियों, बांस के जंगलों और टूटी-फूटी कच्ची बस्तियों में दबकर रह गई थीं। यह वही इलाका है जहां आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति को देवता मानकर जीता आया है, जहां लोक देवता केवल धार्मिक प्रतीक नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की धड़कन हैं और जहां त्योहार केवल उत्सव नहीं बल्कि पीढ़ियों की स्मृति हैं। यह गिरफ्तारी एक ऐसे तंत्र की परतें खोलने लगी जिसने एक पूरे क्षेत्र के सांस्कृतिक ताने-बाने को बदलना शुरू कर दिया था। मीडिया के कैमरे रतलाम की ओर मुड़े, राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हुई, केरल के मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर चिंता जताई, पर झाबुआ के पहाड़ों में रहने वाले आदिवासियों के मन में केवल एक सवाल गूंजता रहा- हमारी संस्कृति, हमारे देवता और हमारी परंपरा के प्रति कौन चिंता जताएगा? RTI के दस्तावेज में शून्य ईसाई लेकिन… RTI के दस्तावेज बताते हैं कि 2020 तक झाबुआ जिले में किसी भी व्यक्ति का आधिकारिक धर्मांतरण दर्ज नहीं है। कागज़ों पर-शून्य ईसाई आबादी लेकिन गांवों के भीतर की सच्चाई बिल्कुल अलग है। यहां के लोग बताते हैं कि पांच-सात साल पहले तक कोई प्रार्थना-घर नहीं था, कोई रविवार की सभा नहीं होती थी, कोई बाहरी प्रचारक गांव की सीमाओं पर नहीं दिखता था। दिवाली से ज्यादा रौशनी क्रिसमस में आज स्थिति यह है कि कई गांवों में मिट्टी, टीन या ईंट से बने छोटे-बड़े प्रार्थना भवनों की श्रृंखला फैल गई है; रविवार को भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि बाहर टेंट तक लगाना पड़ता है। इतना ही नहीं सबसे महत्वपूर्ण-बहुत से परिवार अपनी परंपरागत पूजा-पद्धति छोड़ चुके हैं, कई घरों में लोकदेवताओं की प्रतिमाएं हटाकर बाइबिल रख दी गई है और कई बच्चों ने अपने त्योहारों के अर्थ तक भूलने शुरू कर दिए हैं। अब दिवाली से ज्यादा रौशनी क्रिसमस में होती है। हजारों लोग तो सिर्फ आरक्षण का लाभ लेने के लिए ईसाई धर्म अपनाने के बाद भी अपनी पहचान छुपा रहे हैं, क्योंकि कानूनन अगर किसी आदिवासी माता-पिता ने ईसाई धर्म अपना लिया है तो उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। धर्मांतरण की प्रक्रिया के केंद्र में सबसे महत्त्वपूर्ण-विश्वास और भरोसा गांव-गांव में जो लोग आए, वे शुरू में किसी धर्म की बात नहीं करते थे; वे अपने हाथों में दवा लेकर आते थे, बच्चों की फीस भरते थे, बुज़ुर्गों को अनाज की बोरी देते थे, कंधे पर हाथ रखकर कहते थे- हम तुम्हारे दर्द में तुम्हारे साथ खड़े हैं और यह वह बात है जो एक गरीब, बीमार, संघर्षरत आदिवासी परिवार के दिल को सीधे छू जाती है। आयुध की पड़ताल स्थानीय ने आयुध की ग्राउंड रिपोर्ट टीम को बताया कि- लड़का बीमार था, दवा मिली, आराम मिला-और कहा गया कि यह प्रभु का चमत्कार है। कहीं पैसा नहीं लगा, उल्टा आर्थिक मदद मिली, यही विश्वास का बीज था। पड़ोसी ने धर्म छोड़ा, उसने कहा झूठ नहीं बोलूंगा-शांति मिलती है-और फिर हम भी चले गए। यहां तक कि कई गांवों में चर्च के बाहर फादर का मेला लगता है जहां दवा, भोजन और कपड़ों का वितरण एक बड़े धार्मिक आयोजन जैसा होता है. मेले में एक तरफ झूले और दुकानें होती हैं और एक तरफ होते हैं मेज – जिसमें बैठे अलग अलग “फादर” आदिवासियों को प्रभु का सन्देश बताते हैं और धीरे-धीरे यह ‘मदद’ एक नए विश्वास में परिवर्तित होती जाती है। झाबुआ के कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण बताते हैं कि अवैध रूप से धर्मांतरित समूहों में पिछले कुछ वर्षों में एक प्रकार की उग्रता और हिंसा का रुझान देखने को मिला है। यह आरोप किसी सामान्य बहस का हिस्सा नहीं बल्कि कई घटनाओं से जोड़कर बताया जाता है- 1. पाडलवा ग्राम में रिपोर्टिंग टीम को घेरने की कोशिश चर्च परिसर में आयुध की ग्राउंड टीम को स्थानीय लोगों ने लगभग घेर लिया था कुछ लोगों ने आक्रामक व्यवहार किया और तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है-चर्च से जुड़े समूह अक्सर बाहरी लोगों को लेकर उग्र हो जाते हैं। 2. मेघनगर में वनभूमि पर हिंसक कृत्यों का मामला हाल ही में मेघनगर तहसील में वनभूमि पर अवैध गतिविधियों का मामला सामने आया जहां आरोप है कि बड़ी संख्या में गौ-वध किया गया और इस पूरे प्रकरण में चर्च से जुड़े लोगों की भूमिका की चर्चा हुई। 3. कन्वर्ट समूहों का ‘संगठित दबाव’ कई गांवों में सरपंच, सचिव और पंचायत के पदों तक धर्मान्तरण कर इसाई बन चुके चर्च-समर्थक लोगों की पहुंच हो गई है, और आरोप है कि वे पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों-जैसे पिठौरा, भादो, ग्रामदेव पूजा-को हतोत्साहित करते हैं, यहां तक कि गांव के त्योहारों में भीड़ कम होने लगी है। 4. लोकदेवताओं का तिरस्कार बहुत से परिवार बताते हैं कि धर्मांतरण के बाद उन्हें अपने ही लोकदेवताओं को गलत, पापपूर्ण और अंधविश्वास बताकर हटाने को कहा गया। कुछ लोगों ने मान लिया, कुछ ने विरोध किया-और यहीं टकराव बढ़ने लगा। मंदिर खंडहर, चर्च नए-यह दृश्य आदिवासी मन को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाता है सदियों पुराने माताजी के मंदिर, पिठौरा के स्थल, गांव के देवताओं के छोटे-छोटे घर-सब टूटे-फूटे, जर्जर और
Jabalpur ROB Collapse : जबलपुर में 400 करोड़ का रेलवे ओवर ब्रिज ढहा ! ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, PWD मंत्री बोले- सख्त कार्रवाई होगी

Jabalpur ROB Collapse : भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार शाम नेशनल हाईवे-45 पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का एक हिस्सा अचानक ढह गया। यह ब्रिज शहपुरा के पास स्थित है। घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मार्ग को बंद कर दिया और बैरिकेडिंग कर दी, ताकि कोई वाहन क्षतिग्रस्त हिस्से तक न पहुंच सके। नीचे से ट्रेनें गुजरती हैं और ऊपर से भारी ट्रैफिक रहता है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। क्या बोले मंत्री राकेश सिंह PWD मंत्री राकेश सिंह (Rakesh Singh) ने मामले पर बयान देते हुए कहा कि यह ब्रिज मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की देखरेख में बना था। निर्माण एजेंसी एक हिस्से पर सुधार कार्य कर रही थी, तभी ब्रिज का एक और हिस्सा ढह गया। Delhi Bomb Threat : दिल्ली दहलाने की तैयारी में खालिस्तानी ग्रुप! लाल किला- दिल्ली असेंबली को बम की धमकी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उसके खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। जो भी अधिकारी या एजेंसी इसके लिए जिम्मेदार होगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिस अधिकारी की निगरानी में निर्माण हुआ, उस पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।” हालांकि फिलहाल अलग से जांच समिति बनाने की आवश्यकता नहीं बताई गई है। 2015 में शुरू हुआ था ब्रिज का निर्माण कार्य जानकारी के अनुसार, ब्रिज का निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था और 2020 में पूरा हुआ। बताया जा रहा है कि यह अभी गारंटी पीरियड में है। इसके निर्माण पर करीब 628.45 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। दिसंबर में भी ब्रिज का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसके बाद एक लेन से ही यातायात चल रहा था। अब मरम्मत के दौरान दूसरा हिस्सा भी टूटने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार शहपुरा बस्ती मार्ग की ओर ट्रैफिक डायवर्ट घटना के बाद जबलपुर-भोपाल मार्ग का ट्रैफिक शहपुरा बस्ती मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। वैकल्पिक रूट पर केवल हल्के वाहनों को अनुमति दी गई है, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत पूरी होने तक यातायात प्रभावित रहेगा। वहीं, कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि “दिशाहीन नेतृत्व होने पर ऐसी स्थिति बनती है। मध्य प्रदेश को लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है, यहां तक कि कांग्रेस सरकार के समय भी मिला था। ऐसे प्रदेश में किसानों को लेकर प्रदर्शन की जरूरत नहीं है।”
Mukul Roy Passes Away : TMC के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

Mukul Roy Passes Away : कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय (Mukul Roy) का सोमवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल (Apollo Hospital) में अंतिम सांस ली। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय के अनुसार रात करीब 1:30 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। Nepal Bus Accident : नेपाल में बस नदी में गिरने से 18 लोगों की मौत, 25 से ज्यादा घायल पीएम मोदी का पोस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुकुल रॉय का राजनीतिक अनुभव बहुत बड़ा था और समाज सेवा के लिए उनके समर्पित प्रयास हमेशा याद किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। Pained by the passing of former Union Minister Shri Mukul Roy Ji. He will be remembered for his political experience and efforts to serve society. Condolences to his family and supporters. Om Shanti. pic.twitter.com/qlrvKM5E2w — Narendra Modi (@narendramodi) February 23, 2026 बीजेपी नेता दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मुकुल रॉय एक अनुभवी नेता थे और पार्टी में उन्हें काफी सम्मान मिला। वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने भी उनके निधन पर शोक जताया और परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। Gold- Silver Price Today : ट्रंप के टैरिफ का असर! सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के रेट मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा। वह तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और पार्टी को खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका रही। बाद में वर्ष 2017 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। हालांकि 2021 में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद वह फिर टीएमसी में लौट आए। अपने राजनीतिक जीवन में मुकुल रॉय राज्यसभा सांसद और केंद्रीय रेल मंत्री भी रहे। संगठनात्मक क्षमता और रणनीतिक कौशल के कारण उन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता था। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।