Aayudh

Skin Care Tips : सर्दियों के बाद स्किन हो गई Dull? त्वचा के साथ न करें ये गलती

Skin Care Tips

Skin Care Tips : हम रोजमर्रा की जिंदगी में कई छोटी-छोटी आदतें अपनाते हैं, लेकिन अनजाने में वही आदतें हमारी त्वचा की रंगत को प्रभावित कर देती हैं। धीरे-धीरे स्किन पर पिग्मेंटेशन, दाग-धब्बे, डलनेस और रूखापन बढ़ने लगता है। इस आर्टिकल में पढ़िए आप कहां गलती कर रहे हैं और उसे सुधार कैसे सकते हैं…। तेल लगाकर धूप में निकलना कई लोग चेहरे या हाथों पर तेल लगाकर सीधे बाहर निकल जाते हैं। धूप और प्रदूषण के संपर्क में आने पर धूल के कण त्वचा से चिपक जाते हैं। इससे रोमछिद्र बंद हो सकते हैं और समय के साथ पिग्मेंटेशन बढ़ सकता है। अगर तेल लगाना जरूरी हो, तो बाहर जाने से पहले त्वचा को हल्का साफ कर लें और सनस्क्रीन जरूर लगाएं। OTT Apps Ban : सरकार ने OTT पर कसा शिकंजा, MoodXVIP, Koyal Playpro समेत ये पांच ऐप्स बंद त्वचा को जोर से रगड़ना चेहरा या शरीर को बार-बार और जोर-जोर से रगड़ना त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे त्वचा की ऊपरी परत कमजोर होती है और जलन या सूजन की समस्या हो सकती है। रसायनयुक्त साबुन का अधिक इस्तेमाल भी त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेता है, जिससे हाइपरपिग्मेंटेशन बढ़ सकता है। बेहतर है कि हल्के और सल्फेट-फ्री क्लींजर का उपयोग करें। घरेलू नुस्खों में बरतें सावधानी नींबू, बेकिंग सोडा या अन्य तेज़ घरेलू चीजें सीधे त्वचा पर लगाने से बचें। ये त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकती हैं और एलर्जी या जलन का कारण बन सकती हैं। किसी भी नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना समझदारी है। Surya Gochar Effects : सूर्य का मीन राशि में गोचर, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव ऐसे बनाए रखें त्वचा की प्राकृतिक चमक धूप में निकलने से 20 मिनट पहले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाना न भूलें। दिन में दो बार हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करें। क्लींजिंग के तुरंत बाद मॉइश्चराइज़र लगाएं ताकि त्वचा की नमी बनी रहे। पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। कब लें विशेषज्ञ की सलाह? अगर पिग्मेंटेशन तेजी से बढ़ रहा हो, दाग लंबे समय तक ठीक न हो रहे हों या त्वचा में लगातार जलन बनी रहे, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें। समय पर सही सलाह लेने से समस्या गंभीर होने से पहले ही नियंत्रित की जा सकती है। सही देखभाल और छोटी-छोटी सावधानियों से आप अपनी त्वचा की रंगत और सेहत दोनों को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

Vigilance Raid : ‘घूसखोर’ अफसर देबब्रत के घर नोटों का अंबार, ट्रॉली बैग और अलमारी से मिला 4 करोड़ से ज्यादा पैसा

Vigilance Raid

Vigilance Raid : ओडिशा। ओडिशा में सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ओडिशा विजिलेंस विभाग ने दावा किया है कि छापेमारी के दौरान बरामद की गई नकदी राज्य के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी कैश ज़ब्ती है। 30 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए जानकारी के मुताबिक कटक सर्कल में माइंस के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात देबब्रत मोहंती पर एक लाइसेंसधारी कोयला कारोबारी से पैसे मांगने का आरोप था। व्यापारी से कोयला डिपो को सुचारु रूप से चलाने और कोयले के परिवहन की अनुमति देने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। OTT Apps Ban : सरकार ने OTT पर कसा शिकंजा, MoodXVIP, Koyal Playpro समेत ये पांच ऐप्स बंद मंगलवार को विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर उन्हें 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। उनके पास से रिश्वत की पूरी रकम मौके पर ही जब्त कर ली गई। एक साथ तीन जगह छापेमारी गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस अधिकारियों ने तीन स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया – भुवनेश्वर स्थित फ्लैट भद्रक जिले के मथासाही में पैतृक घर कटक में कार्यालय कक्ष भुवनेश्वर के पाटिया स्थित श्रीविहार इलाके में नेचर क्रेस्ट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 302 की तलाशी के दौरान अधिकारियों को 4 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद मिला। Keralam : क्यों बदला केरल का नाम? 2000 साल पुरानी पहचान की वापसी! पढ़ें पूरी कहानी ट्रॉली बैग और अलमारी में छिपा था पैसा बरामद कैश ट्रॉली बैग और अलमारियों में छिपाकर रखा गया था। नकदी की सटीक गिनती अभी जारी है। विजिलेंस विभाग के अनुसार यह उनके इतिहास की सबसे बड़ी नकदी बरामदगी है। सोना और आलीशान मकान का भी पता चला प्रारंभिक जांच में मोहंती की अन्य संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है। इनमें भुवनेश्वर के पहला इलाके में करीब 2400 वर्गफुट में बना दो मंजिला शानदार मकान और लगभग 130 ग्राम सोना शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी संपत्तियों का पता चल सकता है। Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़ तलाशी अभियान जारी विजिलेंस विभाग का सर्च ऑपरेशन अभी जारी है और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि मामले में आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।

OTT Apps Ban : सरकार ने OTT पर कसा शिकंजा, MoodXVIP, Koyal Playpro समेत ये पांच ऐप्स बंद

OTT Apps Ban

OTT Apps Ban : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री दिखाने के आरोप में पांच OTT प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने साफ कहा है कि अगर नियमों का उल्लंघन जारी रहा तो भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना कहानी दिख रही थी अश्लीलता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पांच अश्लील OTT प्लेटफॉर्म्स MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel, Jugnu पर बैन लगाया है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी वेब सीरीज और फिल्में स्ट्रीम हो रही थीं जिनमें अत्यधिक नग्नता, यौन संबंध और अश्लील दृश्य दिखाए जा रहे थे। इन कंटेंट में न तो कोई ठोस कहानी थी और न ही सामाजिक संदेश। Keralam : क्यों बदला केरल का नाम? 2000 साल पुरानी पहचान की वापसी! पढ़ें पूरी कहानी किस कानून के तहत हुई कार्रवाई सरकार ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत की है। इस प्रावधान के अनुसार सरकार इंटरनेट पर ऐसी सामग्री को ब्लॉक कर सकती है जो सार्वजनिक नैतिकता और शालीनता को प्रभावित करती हो। इसके साथ ही डिजिटल मीडिया नैतिकता संहिता नियम 2021 का भी हवाला दिया गया है। सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स- जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया- को निर्देश दिया गया है कि इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच पूरी तरह बंद की जाए, ताकि ये किसी भी डिवाइस पर न खुल सकें। MP Electricity Expensive : गर्मी से पहले महंगी हो सकती है बिजली, आयोग को भेजा 10% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव पहले भी दी गई थी चेतावनी मंत्रालय ने इन प्लेटफॉर्म्स को सितंबर 2024 में नोटिस जारी किया था। कुछ ने जवाब नहीं दिया, जबकि कुछ ने नाम बदलकर वही कंटेंट दिखाना जारी रखा। मार्च 2024 और फरवरी 2025 में भी इन्हें नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था, लेकिन सुधार नहीं हुआ। कई मंत्रालयों से ली गई सलाह इस बार की कार्रवाई से पहले सरकार ने गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कानून मंत्रालय के साथ-साथ इंडस्ट्री संस्थाओं FICCI और CII से भी राय ली थी। सभी ने ऐसी सामग्री पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत बताई। Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़ पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई यह पहली बार नहीं है जब OTT प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती हुई हो। जुलाई 2025 में सरकार ने ALTBalaji, ULLU सहित 25 प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया था। उस समय भी बेवजह यौन दृश्य और अश्लील कंटेंट दिखाने की शिकायतें सामने आई थीं। सरकार का क्या है उद्देश्य सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नैतिकता और शालीनता के मानकों को बनाए रखना जरूरी है। खासतौर पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही थी, इसलिए सख्त फैसला लेना पड़ा।

Keralam : क्यों बदला केरल का नाम? 2000 साल पुरानी पहचान की वापसी! पढ़ें पूरी कहानी

Why did Kerala's name change

Keralam : नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ (Keralam) करने को मंजूरी दे दी। पिछले दो-तीन वर्षों से इस बदलाव पर चर्चा चल रही थी, लेकिन अब इसे औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। समुद्र किनारे लंबी पट्टी की तरह दिखने वाला यह दक्षिणी राज्य अब आधिकारिक तौर पर अपने मूल उच्चारण के करीब पहुंच गया है। सवाल उठ रहा है आखिर नाम बदलने की जरूरत क्यों पड़ी और ‘केरलम’ शब्द की ऐतिहासिक जड़ें क्या हैं? विधानसभा से शुरू हुई पहल 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राज्य का नाम ‘केरलम’ करने की मांग की थी। प्रस्ताव में कहा गया कि मलयालम भाषा में राज्य का वास्तविक नाम ‘केरलम’ है। राज्यों का गठन 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर हुआ था और ‘केरल पिरावी दिवस’ भी उसी दिन मनाया जाता है। बावजूद इसके, संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम अब भी केरल (Kerala) दर्ज है। इसी विसंगति को दूर करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। Surya Gochar Effects : सूर्य का मीन राशि में गोचर, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव भाषा और पहचान का सवाल केरल की मूल भाषा मलयालम है और स्थानीय लोग अपने राज्य को ‘केरलम’ ही कहते हैं। अंग्रेज़ी में इसे ‘Kerala’ कहा गया, जो समय के साथ आधिकारिक नाम बन गया। अब राज्य सरकार और आम लोगों की इच्छा है कि आधिकारिक नाम भी स्थानीय भाषा के अनुरूप हो। इसे भाषाई अस्मिता और सांस्कृतिक सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। परशुराम कथा और ‘जल से निकली भूमि’ पौराणिक मान्यताओं में भगवान परशुराम का केरल से गहरा संबंध बताया जाता है। कथाओं के अनुसार उन्होंने समुद्र से भूमि निकालकर इस प्रदेश की रचना की थी। शब्दों के अर्थ के आधार पर ‘केर’ = जल ‘अलम’ = भूमि यानी ‘जल से निकली भूमि’ – केरलम। Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़ अशोक के शिलालेखों में ‘केरलपुत्र’ इतिहास की ओर देखें तो तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सम्राट अशोक के शिलालेखों में ‘केरलपुत्र’ शब्द मिलता है। इतिहासकारों के अनुसार इसका अर्थ ‘केरल का शासक’ या ‘केरल का पुत्र’ है। इससे यह साबित होता है कि यह नाम दो हजार साल से भी अधिक पुराना है। चेरा वंश से जुड़ाव दक्षिण भारत के प्राचीन चेरा वंश से भी ‘केरल’ शब्द को जोड़ा जाता है। कई इतिहासकारों का मानना है कि ‘चेरालम’ या ‘चेराल’ शब्द समय के साथ बदलकर ‘केरलम’ बना। द्रविड़ भाषाओं में ‘च’ और ‘क’ ध्वनियों का परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। नारियल की भूमि? एक लोकप्रिय लोक मान्यता यह भी है कि ‘केरा’ का अर्थ नारियल का पेड़ और ‘आलम’ का अर्थ स्थान है। इस तरह ‘केरल’ का अर्थ हुआ ‘नारियलों की भूमि’। हालांकि इसे ठोस ऐतिहासिक प्रमाण नहीं बल्कि सांस्कृतिक व्याख्या माना जाता है। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? भूगोल भी देता है संकेत पश्चिमी घाट की पर्वतमालाएं और अरब सागर के बीच बसा यह इलाका भौगोलिक रूप से विशिष्ट है। कुछ विद्वान ‘चराल’ (पर्वतीय ढलान) शब्द से भी ‘केरलम’ की उत्पत्ति का संबंध जोड़ते हैं। पर्वत और समुद्र के बीच की यह भूमि सदियों से अलग पहचान रखती आई है। कुल मिलाकर ‘केरल’ से ‘केरलम’ का बदलाव केवल एक अक्षर जोड़ने का मामला नहीं है। यह भाषा, इतिहास और सांस्कृतिक आत्मसम्मान से जुड़ा कदम है। प्रशासनिक स्तर पर लिया गया यह फैसला स्थानीय पहचान को औपचारिक मान्यता देने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

MP Electricity Expensive : गर्मी से पहले महंगी हो सकती है बिजली, आयोग को भेजा 10% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव

MP Electricity Expensive

हाइलाइट्स MP में 1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली। हर महीने बिजली बिल में अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका। इस संबंध में विस्तृत चर्चा होना बाकी। MP Electricity Expensive : भोपाल। मध्य प्रदेश में आम उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली के बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश में 1 अप्रैल से बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। बिजली कंपनियों की ओर से प्रस्ताव विद्युत विनियामक आयोग को भेज दिया गया है, जिस पर अंतिम फैसला आयोग द्वारा लिया जाएगा। Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़ बढ़ते खर्चों का दिया हवाला बताया जा रहा है कि बिजली कंपनियों ने अपने बढ़ते खर्चों का हवाला देते हुए दरों में संशोधन की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि उत्पादन लागत, रखरखाव और अन्य संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जिसके कारण मौजूदा दरों पर काम करना मुश्किल हो रहा है। इसी आधार पर नई दरों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अभी नहीं हुआ अंतिम निर्णय हालांकि अभी इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। आयोग स्तर पर विस्तृत चर्चा होना बाकी है। सभी पक्षों की बात सुनने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही नई दरों को मंजूरी दी जाएगी। इस दौरान उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। हर महीने आने वाले बिजली बिल में अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। वहीं किसानों और उद्योगों को लेकर भी अलग-अलग श्रेणियों में दरों को लेकर प्रक्रिया जारी है। सरकार और बिजली कंपनियां इस बात पर मंथन कर रही हैं कि किसी वर्ग पर ज्यादा भार न पड़े। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि संतुलन बनाते हुए निर्णय लिया जाएगा, ताकि बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ भी न बढ़े।

Surya Gochar Effects : सूर्य का मीन राशि में गोचर, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव

Surya Gochar Effects on Rashi

Surya Gochar Effects on Rashi : नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ऊर्जा, आत्मविश्वास, साहस, नेतृत्व क्षमता, यश और पिता का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य हर महीने एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे संक्रांति कहा जाता है। इस बार 15 मार्च 2026 को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे मीन संक्रांति कहा जाएगा। सूर्य देव गुरु की राशि मीन में गोचर करेंगे। ज्योतिष मान्यता के अनुसार सूर्य और गुरु आपस में मित्र ग्रह हैं। जब इन दोनों ग्रहों का प्रभाव एक साथ पड़ता है तो गुरु-आदित्य योग जैसा शुभ संयोग बनता है। ये योग कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। मार्च के मध्य में होने वाला यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों पर असर डालेगा, लेकिन कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। MP Electricity Expensive : गर्मी से पहले महंगी हो सकती है बिजली, आयोग को भेजा 10% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव इन राशियों के लिए शुभ संकेत सूर्य का मीन राशि में गोचर वृषभ, मिथुन, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। इन राशियों के लोगों की आय में बढ़ोतरी हो सकती है। नए स्रोतों से धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को करियर में उन्नति और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार करने वालों के लिए फायदेमंद डील या नया प्रोजेक्ट मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव इन राशियों को रहना होगा सतर्क वहीं कर्क, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। इसलिए महीने की शुरुआत से ही बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। नौकरी में विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी काम में लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लें। Mahakal Arti Fee Controversy : महाकाल मंदिर में संध्या और शयन के लिए 250 रुपये शुल्क, BJP MLA ने ही घेर ली सरकार सूर्य के शुभ फल पाने के उपाय सूर्य के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने और दुष्प्रभाव से बचने के लिए रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ वस्त्र पहनकर तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है और करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने में सहायक हो सकता है। (नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।)

Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़

Lucknow Murder Case

Lucknow Murder Case : उत्तर प्रदेश। लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना में रिश्तों को झकझोर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक 21 साल के युवक ने अपने ही पिता की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए और धड़ को घर में रखे नीले ड्रम में छिपा दिया। कई दिनों बाद घर से बदबू आने पर मामला खुला तो पुलिस भी अंदर का मंजर देखकर सन्न रह गई। नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक घटना 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे की है। पैथोलॉजी और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह पर पढ़ाई और नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्से में पिता ने लाइसेंसी राइफल उठा ली, तभी बेटे ने राइफल छीनकर उनके सिर में गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। Stock Market Today : शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,068 अंक पर बंद, जानिए क्या रहे सोने-चांदी के भाव बहन को धमकाकर 4 दिन तक घर में रखा घटना के समय घर में मौजूद आरोपी की नाबालिग बहन ने सब कुछ देख लिया था। आरोपी ने उसे धमकाकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने दिया। इसी दौरान वह घर में शव को ठिकाने लगाने की साजिश रचता रहा। आरी से काटे शव के टुकड़े हत्या के बाद युवक ने बाजार से इलेक्ट्रॉनिक आरी और बड़ा नीला ड्रम खरीदा। उसने शव को कमरे में ले जाकर हाथ-पैर काट दिए। शरीर के अलग-अलग हिस्सों को कार से ले जाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में फेंक दिया, जबकि धड़ को ड्रम में डालकर केमिकल से गलाने की कोशिश की। खून से सने कपड़ों और बिस्तर को भी जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। Gurugram Inside Story : सेनिटाइजर डालकर जलाया युवती का प्राइवेट पार्ट, टॉर्चर रूम की इनसाइड स्टोरी जानकर दंग रह जाएंगे आप ऐसे खुला राज आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही थाने में पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई और बताया कि वे दिल्ली गए हैं। लेकिन मोबाइल लोकेशन और पूछताछ में बार-बार बदलते बयान से पुलिस को शक हुआ। दबाव बढ़ने पर उसने पिता के दोस्त के सामने सारा सच कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली तो नीले ड्रम से शव का धड़ बरामद हुआ। आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल, आरी और कार भी जब्त कर ली गई है। बाकी शव के हिस्सों की तलाश की जा रही है। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? हंसता-खेलता परिवार उजड़ा बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के रहने वाले थे। पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। अब इस वारदात के बाद बेटा जेल में है और नाबालिग बेटी गहरे सदमे में है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात में कोई और शामिल था या नहीं।

Stock Market Today : शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,068 अंक पर बंद, जानिए क्या रहे सोने-चांदी के भाव

Stock Market Today

Stock Market Today : नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,068.74 अंक यानी 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 288.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत टूटकर 25,424.65 के स्तर पर आ गया। दिनभर बाजार दबाव में रहा और निवेशकों ने कई सेक्टरों में मुनाफावसूली की। आईटी शेयरों में बिकवाली से बढ़ा दबाव बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में आई भारी कमजोरी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.74 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान वाले सेक्टर में रहा। बताया जा रहा है कि एआई कंपनी एंथ्रॉपिक के नए टूल की घोषणा के बाद यह आशंका बढ़ी है कि सॉफ्टवेयर सर्विसेज की मांग कम हो सकती है, जिससे आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव इन सेक्टरों में भी दिखी कमजोरी आईटी के अलावा निफ्टी रियल्टी 2.54 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.46 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.31 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्प्शन 0.86 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.72 प्रतिशत गिरकर लाल निशान में बंद हुए। हालांकि निफ्टी मेटल, एनर्जी, कमोडिटीज, पीएसई और पीएसयू बैंक इंडेक्स में हल्की बढ़त देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप में कम असर लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट कम रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत गिरकर 59,066.35 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.55 प्रतिशत टूटकर 16,958.65 पर बंद हुआ। ये रहे टॉप गेनर्स और लूजर्स सेंसेक्स में एनटीपीसी, एचयूएल, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, एक्सिस बैंक और सन फार्मा के शेयर बढ़त में रहे। वहीं टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, एलएंडटी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और बीईएल में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। Gurugram Inside Story : सेनिटाइजर डालकर जलाया युवती का प्राइवेट पार्ट, टॉर्चर रूम की इनसाइड स्टोरी जानकर दंग रह जाएंगे आप आगे के लिए अहम स्तर विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,370 से 25,350 का स्तर मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 25,150 से 24,950 तक जा सकता है। वहीं तेजी की स्थिति में 25,600 से 25,650 के बीच रुकावट देखने को मिल सकती है। सोने में गिरावट, चांदी में बाद में आई तेजी डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में शुरुआत में गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 0.65 प्रतिशत गिरकर 1,60,541 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी में शुरुआती कमजोरी के बाद तेजी आई और यह 2,66,542 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव गिरकर 5,170.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि स्पॉट गोल्ड 5,150.38 डॉलर प्रति औंस पर रहा। डॉलर इंडेक्स में तेजी के कारण अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना-चांदी महंगे हो गए, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा। भू-राजनीतिक तनाव से मिला सहारा विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता और ईरान के साथ चल रही बातचीत के कारण सोने की मांग को सपोर्ट मिल सकता है। इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए उतार-चढ़ाव के बावजूद मध्यम और लंबी अवधि में सोने और चांदी का रुख सकारात्मक बना हुआ है। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा सोना-चांदी के अहम स्तर एक्सपर्ट के अनुसार सोने को 1,60,600 और 1,58,800 रुपए पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,63,300 और 1,65,000 रुपए पर रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए 2,61,000 और 2,56,600 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,70,000 और 2,78,000 रुपए पर रुकावट देखने को मिल सकती है।

Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव

Chandra Grahan 2026

Chandra Grahan 2026 : नई दिल्ली। साल 2026 में दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को और दूसरा 28 अगस्त 2026 को होगा। 3 मार्च को लगने वाला ग्रहण खण्डग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा। खास बात यह है कि इसी दिन होलाष्टक का अंतिम दिन और होलिका दहन भी है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ गई है। क्या है ग्रहण का समय? नई दिल्ली के समय के अनुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2:16 बजे उपच्छाया से होगी। प्रच्छाया का पहला स्पर्श 3:21 बजे होगा। खग्रास ग्रहण 4:35 बजे शुरू होगा और 5:04 बजे परमग्रास की स्थिति रहेगी। 5:33 बजे खग्रास समाप्त हो जाएगा। प्रच्छाया का अंतिम स्पर्श 6:46 बजे और उपच्छाया का अंत रात 7:52 बजे होगा। भारत में चंद्रमा का उदय करीब 6:26 बजे होगा इसलिए भारत में यह ग्रहण लगभग 20 मिनट 28 सेकंड तक ही दिखाई देगा, यानी 6:26 से 6:46 बजे तक। Mahakal Arti Fee Controversy : महाकाल मंदिर में संध्या और शयन के लिए 250 रुपये शुल्क, BJP MLA ने ही घेर ली सरकार सूतक काल कब से लगेगा? चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। उपच्छाया के अनुसार सूतक सुबह 6:21 बजे से शुरू माना जाएगा। प्रच्छाया के अनुसार सूतक सुबह 9:39 बजे से शुरू होगा। सूतक और ग्रहण के दौरान क्या न करें? सूतक लगने के बाद भारी भोजन करने से बचें। मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाता। गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी रखनी चाहिए और नुकीली वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस समय विवाद, क्रोध और नकारात्मक सोच से भी दूर रहना चाहिए। कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण? यह चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में साफ दिखाई देगा। भारत में नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पटना, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, इम्फाल और शिलांग समेत कई शहरों में इसे अलग-अलग अवस्थाओं में देखा जा सकेगा। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में पूर्ण अवस्था दिख सकती है, जबकि पश्चिमी भारत में प्रच्छाया ग्रहण दिखाई देगा। Surya Grahan 2026 : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को, जानें क्या करें क्या न करें राशियों पर प्रभाव ज्योतिष के अनुसार मिथुन, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण शुभ संकेत दे सकता है। मेष, वृषभ, धनु और मकर राशि वालों को मध्यम प्रभाव रहेगा। वहीं कर्क, सिंह, कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय ग्रहण के बाद दूध, दही, चीनी या चावल का दान करना शुभ माना गया है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप और भगवान शिव की पूजा लाभकारी बताई गई है। काले तिल, सरसों का तेल, लोहे की वस्तु या काले कपड़े का दान भी नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा 3 मार्च को होलाष्टक और चंद्र ग्रहण का विशेष संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन मांगलिक कार्य, जमीन या वाहन खरीदना और मांस-मदिरा का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिन संयम और सावधानी रखना ही सबसे बेहतर उपाय है।

Gurugram Inside Story : सेनिटाइजर डालकर जलाया युवती का प्राइवेट पार्ट, टॉर्चर रूम की इनसाइड स्टोरी जानकर दंग रह जाएंगे आप

Tripura Girl Tortured In Gurugram Inside Story

Gurugram Inside Story : गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी से सटे हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां त्रिपुरा की 19 वर्षीय छात्रा के साथ उसके ही बॉयफ्रेंड ने कथित रूप से क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। दोनों की पहचान एक ऑनलाइन डेटिंग एप के जरिए हुई थी और वे लिव-इन रिलेशन में रह रहे थे। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि युवती गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। डेटिंग एप से शुरू हुई पहचान जानकारी के मुताबिक, त्रिपुरा की रहने वाली 19 साल की युवती बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई के लिए गुरुग्राम आई थी। सितंबर 2025 में उसकी मुलाकात एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप पर 19 वर्षीय युवक शिवम से हुई। बातचीत बढ़ी, फोन नंबर एक्सचेंज हुए और जल्द ही दोनों रिश्ते में आ गए। शिवम दिल्ली के नरेला का रहने वाला बताया जा रहा है। कुछ समय बाद दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया। परिवार को उनके रिश्ते की जानकारी थी, लेकिन युवती की मां को लिव-इन की बात नहीं पता थी। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? तीन दिन तक परिवार से टूटा संपर्क 16 फरवरी को अचानक युवती का परिवार से संपर्क टूट गया। तीन दिन तक कोई खबर नहीं मिलने पर परिवार चिंतित हो गया। 19 फरवरी को युवती ने अपनी मां को फोन कर मदद की गुहार लगाई। उसने बताया कि उसकी जान को खतरा है। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बचाया सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस हरकत में आई। कॉल लोकेशन के आधार पर जब पुलिस फ्लैट पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा, तो युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी। वहीं बैठा उसका बॉयफ्रेंड आराम से लड़की को तड़पता हुआ देखकर खुश हो रहा था। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की। मगर पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा प्राइवेट पार्ट को जलाया पूछताछ में ऐसी कहानी सामने आई, जिसने पुलिस वालों के भी होश उड़ा दिए। शिवम ने तीन दिन से लड़की को बंधक बनाकर रखा था। उस पर न केवल जानलेवा हमला किया, बल्कि उसे यूरिन पिलाया, उसके प्राइवेट पार्ट को भी जलाया। उसका वीडियो भी बनाया। आरोपी ने छात्रा के सिर में स्टील की बोतल से हमला किया और रूम में बंधक बनाकर रखा। कभी बेड पर तो कभी अलमारी में उसका सिर मारा। मिट्टी का मटका भी उसके सिर पर मार दिया। प्राइवेट पार्ट पर सैनिटाइजर डालकर आग लगा दी। वहां युवती तड़प रही थी तो आरोपी मजे से उसका वीडियो बना रहा था। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार इसके साथ ही आरोपी ने छात्रा के पैरों में चाकू से घाव किया। तीन तक दिन यह यातनाएं सहती रही। वहां युवती तड़प रही थी तो आरोपी मजे से उसका वीडियो बना रहा था। दरअसल, आरोपी उसके कैरेक्टर पर शक करने लगा था. बस इसी बात से चिढ़कर उसने लड़की के साथ ये सब किया। गंभीर आरोप और जांच पुलिस के अनुसार, आरोपी पर युवती को बंधक बनाकर मारपीट करने और गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने युवती के साथ हिंसक व्यवहार किया और उसके साथ दुर्व्यवहार का वीडियो भी बनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह इलाज के दौरान जिंदगी की जंग लड़ रही है।