Bhopal Minor Rape Murder Case : 5 साल की बच्ची से रेप-हत्या के आरोपी की सजा पर रोक, तीन बार फांसी की दी थी सजा

Bhopal Minor Rape Murder Case : मध्य प्रदेश। भोपाल में पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले में दोषी अतुल निहाले की फांसी की सजा फिलहाल टल गई है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। अब अदालत इस मामले में दोषसिद्धि और सजा से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई करेगी। तीन बार दी मौत की सजा इस मामले में भोपाल के विशेष पॉक्सो न्यायालय ने 18 मार्च 2025 को आरोपी अतुल निहाले को तीन अलग-अलग धाराओं में तीन बार मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद यह प्रदेश का पहला मामला था, जिसमें किसी आरोपी को अलग-अलग धाराओं में तीन बार मौत की सजा दी गई थी। इसके अलावा अदालत ने आरोपी को अन्य धाराओं में आजीवन कारावास और सात-सात साल की सजा भी सुनाई थी। LPG Cylinder Crisis : भोपाल समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, बुकिंग के बावजूद नहीं मिल रहा सिलेंडर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक इस फैसले को बाद में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ ने भी बरकरार रखा था। इसके बाद दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया ने फिलहाल सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। राजधानी को झकझोर देने वाला अपराध यह जघन्य वारदात 24 सितंबर 2024 को भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके के ईदगाह हिल्स क्षेत्र में हुई थी। आरोपी ने पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने बच्ची के शव को अपने फ्लैट की पानी की टंकी में छिपा दिया था। जब बच्ची लापता हुई तो पुलिस ने पूरे इलाके में तलाश अभियान चलाया। तीसरे दिन पड़ोसियों ने फ्लैट से बदबू आने की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची और शव बरामद हुआ। Share Market Today : शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,100 के आसपास मां और बहन भी हुईं दोषी जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अतुल निहाले के साथ उसकी मां बसंती और बहन चंचल को भी हिरासत में लिया था। पूछताछ में सामने आया कि शव को छिपाने में दोनों ने आरोपी की मदद की थी। अदालत ने उन्हें भी अपराध में सहयोग करने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई के दौरान दोषसिद्धि और सजा से जुड़े सभी पहलुओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
LPG Cylinder Crisis : भोपाल समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, बुकिंग के बावजूद नहीं मिल रहा सिलेंडर

LPG Cylinder Crisis : भोपाल। मध्य प्रदेश में ईरान-इजराइल युद्ध, कमर्शियल गैस सिलेंडर संकट और एलपीजी सप्लाई ठप होने का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टॉरेंट और कैटरिंग कारोबार पर पड़ रहा है। राजधानी भोपाल में हालात और भी चिंताजनक बताए जा रहे हैं, क्योंकि अगले 20 दिनों में यहां एक हजार से ज्यादा शादियां तय हैं। गैस सिलेंडर की कमी के कारण कैटरर्स और परिवारों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। भोपाल के कैटरर रामबाबू शर्मा का कहना है कि यह स्थिति किसी इमरजेंसी से कम नहीं है। एक शादी में लगभग 500 लोगों के खाने के लिए करीब 10 कमर्शियल सिलेंडर लगते हैं। फिलहाल उनके पास सिर्फ एक शादी के लिए ही गैस का स्टॉक बचा है, जबकि आगे की बुकिंग को लेकर चिंता बढ़ गई है। Share Market Today : शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,100 के आसपास होटल और सराफा कारोबार पर भी असर गैस संकट का असर सिर्फ होटल और शादियों तक सीमित नहीं है। सोना-चांदी के आभूषण बनाने वाले कारीगर भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। भोपाल सराफा एसोसिएशन के अनुसार शहर में करीब 3 हजार कारीगर काम करते हैं और हर कारीगर को महीने में औसतन तीन सिलेंडर की जरूरत होती है। इस हिसाब से सराफा कारोबार में हर महीने करीब 9 हजार सिलेंडर की खपत होती है। शादियों में पकवान कम करने का फैसला इंदौर में खाद्य विभाग ने कैटरिंग संगठनों के साथ बैठक की। इसमें सुझाव दिया गया कि गैस सिलेंडर की कमी को देखते हुए लकड़ी, कंडे और पारंपरिक भट्ठी जैसे ईंधन का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि इनसे प्रदूषण भी होता है और नियमों के तहत इस पर जुर्माने का प्रावधान भी है। बैठक के बाद कैटरिंग संगठन ने एक अहम फैसला लिया। अब शादियों में पहले की तरह 100 तरह के पकवान नहीं बनाए जाएंगे। इसके बजाय केवल 15 प्रकार के व्यंजन ही तैयार किए जाएंगे, ताकि गैस की खपत कम हो सके। Right To Die : हरीश राणा की ‘इच्छामृत्यु’ को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी, देश का पहला मामला कई जिलों में उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी गैस संकट के साथ तकनीकी समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। रतलाम में ऑनलाइन और मैनुअल दोनों तरह की बुकिंग बंद होने की शिकायतें सामने आई हैं। एजेंसियां सर्वर डाउन होने का हवाला दे रही हैं, जिसके कारण पहले से बुकिंग कराने वाले लोग भी खाली हाथ लौट रहे हैं। वहीं भिंड में हालात और गंभीर हैं। यहां घरेलू सिलेंडर के लिए 2 से 3 दिन की वेटिंग दी जा रही है और अगली रिफिल के लिए 25 दिन का समय बताया जा रहा है। प्रशासन ने फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की बिक्री पर रोक लगा दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा सके। MP Toppers in UPSC : MP के युवाओं ने मचाया धमाल, नरसिंहपुर समेत ग्वालियर- मऊगंज की लड़कियों ने मारी बाजी कई शहरों में एजेंसियों पर लंबी लाइनें रायसेन और ग्वालियर सहित कई शहरों में गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। लोग बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। इधर सीहोर में गैस की कीमतों का असर छोटे कारोबार पर भी दिखने लगा है। कई चाय दुकानों पर 5 रुपए की कट चाय अब 7 रुपए में मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि गैस महंगी होने से उन्हें कीमत बढ़ानी पड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में होटल, शादी समारोह और छोटे कारोबारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
Right To Die : हरीश राणा की ‘इच्छामृत्यु’ को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी, देश का पहला मामला

Right To Die : नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया (Supreme Court) ने 31 वर्षीय हरीश राणा को पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दी है। हरीश पिछले करीब 13 साल से कोमा में हैं और लाइफ सपोर्ट सिस्टम के सहारे ही जीवित हैं। अदालत के इस फैसले के बाद अब उनके इलाज से जुड़े लाइफ सपोर्ट को एक तय प्रक्रिया के तहत धीरे-धीरे हटाया जा सकेगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने सुनाया, जिसमें जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन शामिल थे। अदालत ने निर्देश दिया कि हरीश राणा को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के पैलियेटिव केयर विभाग में भर्ती कराया जाए, ताकि डॉक्टरों की निगरानी में मेडिकल ट्रीटमेंट को वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जा सके। Share Market Today : शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,100 के आसपास क्या होता है पैसिव यूथेनेशिया पैसिव यूथेनेशिया का मतलब है कि किसी गंभीर और असाध्य बीमारी से जूझ रहे मरीज को जिंदा रखने के लिए जो कृत्रिम लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए। इसके बाद मरीज प्राकृतिक रूप से मृत्यु को प्राप्त होता है। इस पूरी प्रक्रिया में मरीज की गरिमा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाता है। 2013 की दुर्घटना के बाद से कोमा में हरीश राणा मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। साल 2013 में वे चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। हादसे के बाद से ही वे कोमा में हैं और तब से बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े हुए हैं। लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के कारण उनके शरीर पर कई घाव भी बन गए हैं। Iran Israel War : युद्ध में अमेरिका के 7 सैनिकों की मौत 140 घायल, ईरान में अब तक 8000 घरों पर हमला डॉक्टरों ने जताई ठीक होने की बेहद कम उम्मीद एम्स की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार हरीश के ठीक होने की संभावना लगभग न के बराबर है। इसी वजह से उनके माता-पिता ने अदालत से पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति देने की अपील की थी। परिवार का कहना था कि उनका बेटा 100 प्रतिशत दिव्यांग हो चुका है और इतने लंबे समय से अचेत अवस्था में है। सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातें कही- हरीश राणा की मेडिकल रिपोर्ट बेहद दुखद है। लाइफ सपोर्ट को धीरे-धीरे और तय योजना के तहत हटाया जाए। पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज की गरिमा और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाए। Maulana on CM Yogi Mother : कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, 83 थानों में FIR, CM योगी की मां पर की थी टिप्पणी सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि यह अदालत के लिए बेहद कठिन फैसला है, लेकिन किसी व्यक्ति को अनंत पीड़ा में रखना भी उचित नहीं है। इसलिए अब समय आ गया है कि अंतिम निर्णय लिया जाए। इस फैसले के साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया मेडिकल विशेषज्ञों की निगरानी में और पूरी संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाएगी, ताकि मरीज की गरिमा बनी रहे।
Share Market Today : शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,100 के आसपास

Share Market Today : मुंबई। शेयर बाजार में आज 11 मार्च को गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 500 अंक टूटकर 77,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 150 अंक गिरकर 24,100 के आसपास पहुंच गया है। बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों में सावधानी का माहौल नजर आ रहा है। आज के कारोबार में बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में ज्यादा दबाव देखा जा रहा है। इन सेक्टरों की कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर भी असर पड़ा है। Iran Israel War : युद्ध में अमेरिका के 7 सैनिकों की मौत 140 घायल, ईरान में अब तक 8000 घरों पर हमला कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड करीब 0.25% गिरकर 88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) भी घटकर करीब 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों का संकेत मानी जा रही है। एशियाई बाजारों में तेजी एक ओर भारतीय बाजार में गिरावट है, वहीं एशियाई बाजारों में आज तेजी देखने को मिल रही है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3.50% की बढ़त के साथ 5,724 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई इंडेक्स 1,351 अंक यानी 2.50% की तेजी के साथ 55,599 के स्तर पर पहुंच गया है। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ 25,963 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी मामूली बढ़त के साथ 4,125 के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी बाजार में भी हल्की गिरावट 10 मार्च को अमेरिकी शेयर बाजार में भी हल्की गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोन्स 34 अंक यानी 0.07% गिरकर 47,706 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं टेक्नोलॉजी आधारित इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट लगभग स्थिर रहकर 22,697 पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 14 अंक यानी 0.21% गिरकर 6,781 के स्तर पर बंद हुआ। Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी विदेशी निवेशकों (FII) की ओर से भी बाजार में लगातार बिकवाली देखी जा रही है। 10 मार्च को विदेशी निवेशकों ने कैश सेगमेंट में 4,672 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,333 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की। मार्च महीने की बात करें तो अब तक विदेशी निवेशकों ने कुल 32,849 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत घरेलू निवेशकों ने इस दौरान 48,134 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की है। फरवरी महीने में भी विदेशी निवेशकों ने 6,640 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू निवेशकों ने 38,423 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी। एक दिन पहले बाजार में आई थी तेजी गौरतलब है कि इससे पहले 10 मार्च को शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखी गई थी। उस दिन सेंसेक्स 640 अंक यानी 0.82% की बढ़त के साथ 78,205 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 233 अंक यानी 0.97% की तेजी के साथ 24,262 के स्तर पर बंद हुआ था।
Iran Israel War : युद्ध में अमेरिका के 7 सैनिकों की मौत 140 घायल, ईरान में अब तक 8000 घरों पर हमला

Iran Israel War : ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव के 10 दिनों में करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता सीन पर्नेल ने ईमेल के जरिए जारी बयान में बताया कि घायल सैनिकों में से ज्यादातर को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि 108 सैनिक इलाज के बाद दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं, जबकि 8 सैनिक अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। ईरान की ओर से किए गए रॉकेट और ड्रोन हमलों के दौरान कुवैत और सऊदी अरब में तैनात सात अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई है। वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस संघर्ष में घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या करीब 150 तक पहुंच सकती है, जो पहले जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों से अधिक है। Maulana on CM Yogi Mother : कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, 83 थानों में FIR, CM योगी की मां पर की थी टिप्पणी व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग में प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट ने भी संकेत दिया कि घायल सैनिकों की संख्या लगभग 150 के आसपास हो सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका ने इजरायल की सेना के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए। अब तक ज्ञात जानकारी के अनुसार छह अमेरिकी सैनिकों की मौत एक ईरानी हमले में हुई है। The six fallen warriors represent the very best of America, giving everything in service to our country. Their service and sacrifice will never be forgotten. Freedom is never free. May God bless them, their families, and the United States of America. 🇺🇸 pic.twitter.com/TjEoZWhG0N — The White House (@WhiteHouse) March 7, 2026 चोटों की प्रकृति अभी साफ नहीं रिपोर्ट के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घायल सैनिकों को किस तरह की चोटें आई हैं। यह भी जानकारी सामने नहीं आई है कि किसी सैनिक को विस्फोट से होने वाली गंभीर चोट, जैसे ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (TBI), लगी है या नहीं। ईरान ने अपने जवाबी हमलों में अरब खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों के साथ-साथ कूटनीतिक मिशनों, होटलों और हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया है। कुछ हमलों से तेल से जुड़े ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना ईरानी हमलों की तीव्रता में कमी हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ईरानी हमलों की तीव्रता कम होती दिखाई दे रही है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान के हथियार भंडार और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रही है। डैन केन ने पेंटागन की ब्रीफिंग में कहा कि यह संघर्ष अमेरिकी सेना के लिए उम्मीद से ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं रहा है। अमेरिका के लिए महंगा साबित हो रहा युद्ध यह युद्ध अमेरिका के लिए आर्थिक रूप से भी भारी पड़ रहा है। शुरुआती 48 घंटों में ही अमेरिका ने करीब 560 करोड़ डॉलर के हथियार और गोला-बारूद का इस्तेमाल किया था। अमेरिका लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि यह युद्ध तीन से चार हफ्तों तक चल सकता है, लेकिन हाल ही में उन्होंने संकेत दिया कि संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है। उनके विशेष दूत स्टीव विटकाफ जल्द ही इजरायल की यात्रा पर जाने वाले हैं, जहां इस मुद्दे पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत ईरान का पलटवार और वैश्विक असर हालांकि ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युद्ध का अंत वही तय करेगा। ईरान ने संघर्ष शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। इजरायल ने भी साफ कर दिया है कि वह इस युद्ध को निर्णायक मोड़ तक ले जाना चाहता है। ऐसे में फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि यह संघर्ष कब खत्म होगा, हालांकि दुनिया भर में जल्द शांति की उम्मीद जरूर जताई जा रही है।
Arshdeep Singh Controversy : वर्ल्ड कप फाइनल में अर्शदीप सिंह ने मारी थी डेरिल मिचेल को गेंद, अब ICC ने लिया बड़ा एक्शन

Arshdeep Singh Controversy : नई दिल्ली। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले के दौरान हुई एक घटना के कारण आईसीसी ने अर्शदीप को आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी माना है। 15 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना आईसीसी ने अर्शदीप सिंह पर उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। उन्हें आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का दोषी पाया गया, जो मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर गेंद या क्रिकेट उपकरण को अनुचित या खतरनाक तरीके से फेंकने से जुड़ा है। Maulana on CM Yogi Mother : कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, 83 थानों में FIR, CM योगी की मां पर की थी टिप्पणी इसके साथ ही उनके अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में यह अर्शदीप का पहला ऐसा उल्लंघन माना गया है। कब हुई यह घटना यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई थी। उस समय अर्शदीप ने गेंद को फील्ड करते हुए बल्लेबाज डेरिल मिशेल की ओर तेज़ी से थ्रो कर दिया, जो जाकर उनके पैड से टकरा गई। हालांकि इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि भारतीय गेंदबाज ने मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया। ओवर खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ियों को मैदान पर हाथ मिलाते हुए भी देखा गया, जिससे यह साफ हुआ कि मामला वहीं शांत हो गया। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना लेवल-1 उल्लंघन में क्या होती है सजा आईसीसी के नियमों के अनुसार लेवल-1 उल्लंघन के मामले में खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी से लेकर अधिकतम 50 प्रतिशत मैच फीस तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए जाते हैं। अगर किसी खिलाड़ी के 24 महीनों के भीतर चार या उससे ज्यादा डिमेरिट पॉइंट हो जाते हैं, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर मैच खेलने से प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत फिलहाल अर्शदीप के खिलाफ यह पहला डिमेरिट पॉइंट है, इसलिए उन पर किसी तरह का निलंबन लागू नहीं हुआ है। हालांकि आईसीसी की इस कार्रवाई के बाद क्रिकेट जगत में इस घटना की काफी चर्चा हो रही है।
Maulana on CM Yogi Mother : कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, 83 थानों में FIR, CM योगी की मां पर की थी टिप्पणी

Maulana on CM Yogi Mother : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी करने के मामले में मौलाना अब्दुल्ला सलीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बयान के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कई शहरों में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक राज्य के 80 से ज्यादा थानों में मौलाना के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। कई जगहों पर उनके पुतले भी फूंके गए हैं। लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए माना जा रहा है कि पुलिस किसी भी समय मौलाना को हिरासत में ले सकती है। no-confidence Motion : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, BJP ने 11 मार्च के लिए सांसदों को जारी किया व्हिप क्या है पूरा मामला बताया जा रहा है कि बिहार के अररिया जिले से जुड़े मौलाना अब्दुल्ला सलीम हाल ही में उत्तर प्रदेश में गोहत्या को लेकर बने कानून की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान उनके एक भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद कई संगठनों ने इसे अपमानजनक बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि लखनऊ समेत राज्य के कई जिलों में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए और कार्रवाई की मांग की गई। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा उछला, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट मौलाना ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने एक नया वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो पुराना है और उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है। मौलाना का कहना है कि यह वीडियो 4 मई 2024 का है और इसे अधूरा दिखाकर विवाद पैदा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी नहीं की और सभी धर्मों के प्रति सम्मान रखते हैं। War Effects on Pakistan : पाकिस्तान में स्कूल-दफ्तर बंद, सैलरी पर 25% कटौती; इफ्तार पार्टी भी बैन! कौन हैं मौलाना अब्दुल्ला सलीम मौलाना अब्दुल्ला सलीम, जिनका पूरा नाम अब्दुल्ला सलीम कमर चतुर्वेदी कासमी बताया जाता है, एक इस्लामी वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने दारुल उलूम देवबंद से इस्लामी शिक्षा प्राप्त की है और संस्कृत व्याकरण का भी अध्ययन किया है। अपने भाषणों में वे अक्सर कुरान के साथ-साथ गीता और रामायण का भी उल्लेख करते हैं। राजनीति से भी जुड़ाव राजनीतिक तौर पर मौलाना पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े रहे हैं, जिसकी अगुवाई असदुद्दीन ओवैसी करते हैं। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और जन सुराज पार्टी से जुड़ गए, जिसे प्रशांत किशोर ने शुरू किया है। हालांकि उनका चुनावी नामांकन बाद में खारिज कर दिया गया था। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना आगे क्या हो सकता है लगातार दर्ज हो रही शिकायतों और बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Cooling Drinks for Summer : गर्मियों में शरीर को Cool रखने के 5 देसी तरीके

Cooling Drinks for Summer : नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। शहरों में लोग अक्सर फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और एयर कंडीशनर का सहारा लेते हैं। ये चीजें थोड़ी देर के लिए राहत तो देती हैं, लेकिन कई बार ज्यादा ठंडा पानी या मीठे पेय पदार्थ सेहत के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं। अगर हम गांवों की पारंपरिक जीवनशैली पर नजर डालें तो वहां लोग सदियों से प्राकृतिक और देसी तरीकों से गर्मी से राहत पाते आए हैं। खास बात यह है कि इन उपायों में न बिजली की जरूरत होती है और न ही महंगे उपकरणों की। इसके बावजूद ये शरीर को अंदर से ठंडा रखने में काफी मददगार माने जाते हैं। आइए जानते हैं शरीर को ठंडा रखने वाले पांच देसी तरीके… 1. मटके का पानी गांवों में आज भी ज्यादातर घरों में पानी मिट्टी के मटके में रखा जाता है। मटके का पानी फ्रिज के पानी जितना ठंडा नहीं होता, लेकिन यह शरीर को धीरे-धीरे प्राकृतिक ठंडक देता है। मिट्टी के बर्तन में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र पानी को प्राकृतिक तरीके से ठंडा करते हैं। यही कारण है कि मटके का पानी पाचन के लिए भी बेहतर माना जाता है। Weight Loss Tips : वजन नहीं घट रहा? स्लो मेटाबॉलिज्म है असली विलेन! ऐसे करें अपनी बॉडी का ‘फैट बर्न’ 2. सत्तू का शरबत भुने हुए चने से तैयार होने वाला सत्तू गर्मियों में बहुत लोकप्रिय पेय है, खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में। इसे देसी एनर्जी ड्रिंक भी कहा जाता है। सत्तू का शरबत शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, लंबे समय तक पेट भरा रखता है और लू से बचाव में भी मदद करता है। 3. बेल का शरबत बेल का फल गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है। इसका शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। आयुर्वेद में भी बेल को गर्मी से राहत और पेट संबंधी समस्याओं के लिए उपयोगी बताया गया है। Homemade Paneer Recipe : घर पर आसानी से बनाएं ताजा पनीर, जानिए सबसे easy तरीका 4. छाछ (मट्ठा) छाछ गर्मियों में सबसे हल्का और फायदेमंद पेय माना जाता है। दही से बनने वाली छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक तत्व पाचन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। इसे पीने से शरीर हल्का और तरोताजा महसूस करता है। 5. खस का शरबत खस शरबत भी गर्मियों में ठंडक देने वाला पारंपरिक पेय है। खस की जड़ की तासीर ठंडी मानी जाती है, जो शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करती है। इसका सेवन करने से थकान कम होती है और लंबे समय तक ठंडक का एहसास बना रहता है। Skin Care Tips : सर्दियों के बाद स्किन हो गई Dull? त्वचा के साथ न करें ये गलती प्राकृतिक उपाय ही हैं सबसे सुरक्षित आज के दौर में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अक्सर फ्रिज के ठंडे पानी और कोल्ड ड्रिंक्स पर निर्भर हो जाते हैं। लेकिन हमारे पारंपरिक देसी तरीके आज भी उतने ही असरदार हैं जितने पहले हुआ करते थे।
no-confidence Motion : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, BJP ने 11 मार्च के लिए सांसदों को जारी किया व्हिप

no-confidence Motion : नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान सियासी माहौल गर्म हो गया है। बीजेपी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपने सभी सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इस व्हिप में पार्टी के लोकसभा सांसदों को 11 मार्च को पूरे दिन सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने और सरकार के पक्ष में मजबूती से समर्थन करने का निर्देश दिया गया है। बीजेपी संसदीय दल के मुख्य व्हिप संजय जायसवाल (Sanjay Jaiswal) द्वारा जारी इस निर्देश में कहा गया है कि बुधवार को लोकसभा में कई अत्यंत महत्वपूर्ण विधायी कार्य होने वाले हैं। ऐसे में सभी सांसदों की उपस्थिति जरूरी है ताकि सदन में पार्टी का पक्ष मजबूत तरीके से रखा जा सके। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना सुबह से ही सदन में मौजूद रहने का निर्देश तीन लाइन व्हिप में साफ तौर पर कहा गया है कि सांसदों की उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें पूरे समय सदन में रहकर सरकार के रुख का सक्रिय समर्थन करना होगा। संसदीय नियमों के अनुसार व्हिप का उल्लंघन करने वाले सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। पार्टी नेतृत्व ने अपने सभी सांसदों को सुबह से ही सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि विपक्ष की किसी भी रणनीति का जवाब दिया जा सके। विपक्ष ने लगाए पक्षपात के आरोप लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्षी दलों- जैसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और राष्ट्रीय जनता दल समेत इंडिया गठबंधन के कई दलों – ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और विपक्षी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर करीब 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं और इस पर लगभग 10 घंटे तक चर्चा निर्धारित की गई है। बुधवार को हो सकती है वोटिंग संसद में फिलहाल जारी चर्चा को देखते हुए मंगलवार को सीमित समय में करीब साढ़े चार घंटे ही बहस हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि सरकार बुधवार को चर्चा का जवाब दे और उसी दिन इस प्रस्ताव पर मतदान कराया जाए। इसी संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने सांसदों को पहले से सतर्क रहने और पूरे दिन सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना

Bhopal Conversion Update : मध्य प्रदेश। भोपाल के बागसेवनिया पुलिस स्टेशन में दर्ज धर्मांतरण और शोषण से जुड़े मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। मामले की मुख्य आरोपी बहनें अमरीन और आफरीन फिलहाल जेल में हैं, जबकि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि दोनों बहनें करीब 20 साल पहले अपने परिवार के साथ लखनऊ से भोपाल आई थीं। पुलिस के अनुसार उनका परिवार एक ईरानी कबीले से जुड़ा बताया जा रहा है। भोपाल आने के बाद उनके पिता ने टेलर की दुकान में काम करके परिवार का गुजारा किया। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी दोनों बहनों पर आ गई। इसके बाद उन्होंने काम की तलाश शुरू की। Bhopal Conversion Update : भोपाल धर्मांतरण मामले में 5-6 युवतियों के शोषण का बड़ा खुलासा, अब टीम अहमदाबाद रवाना स्पा सेंटर से शुरू हुआ संपर्क पुलिस जांच में सामने आया है कि बड़ी बहन अमरीन ने पहले नर्मदापुरम के एक स्पा सेंटर में काम किया। बाद में उसने अपनी छोटी बहन आफरीन को भी इसी क्षेत्र में काम दिलाया। इसी दौरान दोनों कई हाई-प्रोफाइल लोगों के संपर्क में आईं। आरोप है कि बाद में वे खुद अवैध गतिविधियों में शामिल हो गईं और अन्य लड़कियों को भी इसमें धकेलने लगीं। एफआईआर दर्ज कराने वाली दो पीड़िताओं ने पुलिस को बताया है कि आरोपी बहनें पहले लड़कियों को बच्चा संभालने या घरेलू काम के नाम पर नौकरी देती थीं। इसके बाद उन्हें घुमाने-फिराने और पार्टियों में ले जाने के बहाने अपने संपर्कों से मिलवाया जाता था। आरोप है कि मौके का फायदा उठाकर कुछ लोग उनके साथ दुष्कर्म करते थे और शिकायत करने पर बदनामी का डर दिखाया जाता था। GOVT Holiday List : मार्च में सरकारी कर्मचारियों की मौज, 31 में से 15 दिन बंद रहेंगे दफ्तर अहमदाबाद भेजने का आरोप पीड़िताओं के मुताबिक बाद में उन्हें काम के बहाने अहमदाबाद भेजा जाता था, जहां यासिर नाम के व्यक्ति के पास ले जाकर स्पा में नौकरी दिलाने के नाम पर गलत काम करने का दबाव बनाया जाता था। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि मामले के तीन अन्य आरोपी- यासिर, बिलाल और चानू उर्फ हाशिम रजा- अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि बिलाल संभवतः मुंबई में छिपा हुआ है। मोबाइल फोन से मिल सकते हैं अहम सुराग जांच के दौरान अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस को अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और कुछ युवतियों के फोटो भी मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना इंस्टाग्राम से हुई पहचान, फिर खुला राज इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 22 फरवरी की रात भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां बागसेवनिया थाने पहुंचीं और अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। दोनों की पहचान पहले इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 23 फरवरी को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।