Aayudh

Anant Singh Bail Granted : दुलारचंद मर्डर केस में बाहुबली अनंत सिंह को बड़ी राहत, 4 महीने बाद जमानत मंजूर

Anant Singh Bail Granted

Anant Singh Bail Granted : पटना। JDU के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। दुलारचंद यादव हत्या मामले में हाई कोर्ट ने गुरुवार 19 मार्च को अनंत सिंह को जमानत दे दी है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए रिहाई का आदेश जारी किया। अनंत सिंह पिछले साल हुए इस हत्याकांड के आरोप में पटना की बेऊर जेल में बंद थे और अब उन्हें बड़ी राहत मिली है। यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपित मानते हुए गिरफ्तार किया था। इससे पहले निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, लेकिन अब हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद वे जल्द ही जेल से बाहर आ हकदार। Anant Singh Oath : जेल से विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह ने ली शपथ, CM नीतीश के पैर छूने वाला वीडियो वायरल क्या है पूरा मामला? 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। दुलारचंद यादव पहले आरजेडी से जुड़े रहे थे और मोकामा से जन सुराज के सीनेट के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगाया गया था। चुनावी प्रक्रिया के बीच ही 1 नवंबर की रात पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 2 नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और फिर बेऊर जेल भेज दिया गया। करीब साढ़े चार महीने बाद अब उन्हें जमानत मिल गई है। Bihar Politics : नीतीश कुमार CM नहीं तो मैं भी नहीं! क्या अनंत सिंह ने लिया राजनीति से संन्यास का फैसला? जेल में रहकर जीता चुनाव अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। ​​हाल ही में 16 मार्च को वे राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के लिए विधानसभा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अनंत सिंह ने भी ऐलान किया है कि वे अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा है कि मोकामा सीट से भविष्य में उनके बड़े बेटे चुनाव लड़ेंगे।

BJP Candidate List : असम चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, जानिए किसे मिली टिकट

BJP Candidate List

BJP Candidate List : दिसपुर। असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 88 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि पार्टी ने चार महिलाओं को टिकट दिया है, जिनमें से दो उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति सीटों से चुनाव लड़ेंगी। बीजेपी की इस पहली सूची में सबसे बड़ा नाम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) का है, जो अपनी पारंपरिक जालुकबारी सीट से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। BJP Candidates List : CM ममता की सीट से चुनाव लड़ेंगे अधिकारी, बंगाल चुनाव के लिए BJP की 144 कैंडिडेट लिस्ट जारी वहीं, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत को दिसपुर सीट से टिकट दिया गया है। पार्टी ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अपने मजबूत चेहरों पर भरोसा जताया है और खासतौर पर गुवाहाटी और आसपास की सीटों पर विशेष ध्यान दिया गया है। गोलकगंज से अश्विनी राय सरकार, धुबरी से उत्तम प्रसाद, मंदिया से बदल चंद्र आर्य, गोआलपाड़ा वेस्ट से पबित्र राभा दुधनाई से टंकेश्वर राभा बिरसिंह-जरुआ से माधवी दास अभयापुरी से भूपेन राय भोवानिपुर-सोरभोग सीट से रंजीत कुमार दास को चुनावी मैदान में उतारा है। गुवाहाटी और आसपास की प्रमुख सीटों पर भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। नलबाड़ी से जयंत मल्ला बरुआ, तिहू से चंद्रमोहन पटवारी, रंगिया से भवेश कलिता, कमलपुर से दिगंत कलिता, गुवाहाटी सेंट्रल से विजय कुमार गुप्ता न्यू गुवाहाटी से दिप्लू रंजन शर्मा पलासबाड़ी से हिमांशु शेखर बैश्य, बरखेरी से नारायण डेका चमरिया से ज्योत्सना कलिता को उम्मीदवार बनाया गया है। 89 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी BJP असम में बीजेपी ने अपने सहयोगी दलों असम गण परिषद (Asom Gana Parishad) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (Bodoland People’s Front) के साथ गठबंधन किया है। राज्य की कुल 126 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि 26 सीटों पर एजीपी और 11 सीटों पर बीपीएफ अपने उम्मीदवार उतारेंगे। TMC Candidate List : 74 के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका, मैदान में उतारे 47 मुस्लिम कैंडिडेट चुनाव प्रचार करेंगे PM मोदी और शाह चुनाव प्रचार को लेकर भी बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल के पहले हफ्ते में असम दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे 1 अप्रैल, 3 अप्रैल और 6 अप्रैल को तीन बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी राज्य के कई इलाकों में चुनावी रैलियां कर प्रचार अभियान को गति देंगे। यहां देखिये कैंडिडेट्स की पूरी लिस्ट press-release-1st-list-of-bjp-candidate-for-assam-on-19.03.2026

Mukesh Malhotra : सुप्रीम कोर्ट से मुकेश मल्होत्रा को राहत, चुनाव शून्य घोषित वाले हाईकोर्ट फैसले पर स्टे

Mukesh Malhotra

Mukesh Malhotra : भोपाल। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके मामले में अगली सुनवाई तक स्टे दे दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी और तब तक उन्हें अंतरिम राहत मिल गई है। मुकेश मल्होत्रा की ओर से वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा (Vivek Tankha) ने पैरवी की। Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ आज से, जानिए घट स्थापना के मुहूर्त और पूजा-व्रत का महत्व हाई कोर्ट ने चुनाव शून्य किया था घोषित इससे पहले ग्वालियर हाई कोर्ट (Gwalior High Court) ने मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। हाईकोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 15 दिनों का समय भी दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां आज इस मामले पर सुनवाई हुई और उन्हें राहत मिल गई। Vijaypur MLA Ram Niwas Rawat : मुकेश मल्होत्रा की सीट की रद्द, रामनिवास रावत बने विजयपुर के नए MLA; जानिये क्या है मामला ये है पूरा मामला दरअसल, 9 मार्च को ग्वालियर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने के आरोप के चलते उनका चुनाव निरस्त कर दिया था। इस मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच में हुई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद मुकेश मल्होत्रा पर कुछ प्रतिबंध जारी रहेंगे। वे राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे और उन्हें मानदेय भी नहीं मिलेगा। हालांकि, वे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे।

Iran-Israel War : कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमला, ट्रम्प बोले- कतर फिर हमला बर्दाश्त नहीं, दी बड़े हमले की चेतावनी

Iran Israel War

Iran-Israel War : तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज 20वां दिन है। हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कतर पर दोबारा हमला हुआ तो अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने साफ कहा कि कतर पर हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तनाव की शुरुआत उस समय हुई जब इज़राइल ने ईरान के पार्स गैस प्लांट पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर मिसाइल हमला कर दिया। इस हमले के बाद वहां आग लग गई और काफी नुकसान हुआ। हालांकि बाद में आग को पूरी तरह काबू में कर लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इसके बाद कतर ने ईरान पर “रेड लाइन पार करने” का आरोप लगाया और ईरानी अधिकारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया। Iftar Party in Ganga : गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले युवक गिरफ्तार, गंगा में बिरयानी पार्टी कर मजहब का उड़ाया मजाक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (President Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका को इजराइल के इस हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। उनके अनुसार ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया। ट्रम्प ने यह भी कहा कि वे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका सख्त कदम उठाएगा। अमेरिकी इंटेलिजेंस का दावा: ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने कहा है कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया है। उनके मुताबिक पिछले साल जून के हमलों के बाद ईरान की यह क्षमता लगभग खत्म हो गई थी। उन्होंने बताया कि 2025 में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इसे दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की। यह बयान ट्रम्प के दावों से अलग माना जा रहा है। ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खतरा है और इसी वजह से हाल का युद्ध जरूरी था। Iran-Israel War : भारत ने जंग के बीच ईरान को भेजी मेडिकल मदद, इजराइल का दावा- ईरानी इंटेलिजेंस मिनिस्टर की मौत वहीं डेमोक्रेटिक नेता मार्क वार्नर ने कहा कि गबार्ड ने अपनी बात का वह हिस्सा सार्वजनिक रूप से नहीं बताया, जो ट्रम्प के दावों से अलग था। ईरान पहले से कहता आया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा और कुछ विशेषज्ञ भी मानते हैं कि फिलहाल उससे तुरंत बड़ा खतरा नहीं है। ईरान में तीन लोगों को फांसी ईरान में जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में तीन लोगों को फांसी दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों को दो पुलिस अधिकारियों की हत्या का दोषी पाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल की शुरुआत में हुए विरोध प्रदर्शनों में भारी हिंसा हुई थी और करीब 3,117 लोगों की मौत हुई थी। वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी का कहना है कि असली आंकड़ा इससे ज्यादा हो सकता है। एजेंसी के अनुसार अब तक 6,854 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और 11,280 से ज्यादा मामलों की जांच जारी है। Dhoni Jersey Number : धोनी ने छोड़ा नंबर 7! IPL 2026 से पहले थाला का मिस्ट्री पोस्ट, क्या ये आखिरी सीजन का इशारा? लेबनान में इजराइली हमले पिछले दो दिनों में लेबनान में इजराइल के हमलों में 45 लोगों की मौत हो गई है। वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक राजधानी बेरूत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यहां 11 लोगों की मौत हुई और 45 लोग घायल हुए, जिनमें 14 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा देश के अन्य इलाकों में भी हमले हुए, जिनमें कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए। कतर का कड़ा कदम कतर ने ईरानी दूतावास के मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” यानी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है। कतर ने उनसे 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने को कहा है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में ईरान के दूतावास को आधिकारिक नोट भी भेजा है। कतर का कहना है कि ईरान बार-बार उसके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और उसकी सुरक्षा तथा संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। युद्ध के लिए बड़े बजट की मांग अमेरिकी अखबार द वाशिंगटन पोस्ट (The Washington Post) की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए व्हाइट हाउस से 200 अरब डॉलर से ज्यादा का बजट मांगा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक इस युद्ध की लागत 11 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है और यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। Security Chief Ali Larijani : ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत! क्या बोले इजरायल के रक्षा मंत्री ईरान की चेतावनी ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने कहा है कि सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी (Ali Larijani) की हत्या का बदला लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हर खून की एक कीमत होती है। युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय हालात इस बीच होर्मुज स्ट्रेट से तेल आपूर्ति रुकने के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने सहयोगी NATO देशों से इस समुद्री रास्ते को खोलने में मदद मांगी है। हालांकि नाटो देशों ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में अपने युद्धपोत नहीं भेजेंगे। युद्ध में मारे गए प्रमुख अधिकारी इस युद्ध के दौरान ईरान के कई बड़े नेता और अधिकारी मारे गए हैं। इनमें अली खामेनेई, अली शामखानी, मोहम्मद पाकपुर, अज़ीज़ नसीरज़ादेह, अब्दोलरहीम मौसवी और घोलमरेज़ा सोलेमानी जैसे नाम शामिल हैं।

Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ आज से, जानिए घट स्थापना के मुहूर्त और पूजा-व्रत का महत्व

Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026 : नई दिल्ली। आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। यह पावन पर्व 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाया जाएगा। वसंत ऋतु में आने के कारण इसे वासंती नवरात्र भी कहा जाता है। हिंदू नववर्ष के साथ शुरू होने के कारण यह साल की पहली नवरात्रि मानी जाती है। इन नौ दिनों में देवी पूजा के साथ-साथ व्रत का विशेष महत्व होता है। आयुर्वेद के अनुसार वसंत ऋतु की शुरुआत के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस समय खानपान पर विशेष ध्यान देने की परंपरा है। माना जाता है कि नवरात्रि में संयमित आहार और व्रत रखने से शरीर पूरे साल स्वस्थ रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार साल में दो नवरात्रि सबसे खास मानी जाती हैं। पहली वसंत ऋतु में मनाई जाने वाली चैत्र नवरात्रि होती है, जबकि दूसरी शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) में आने वाली शारदीय नवरात्रि होती है। Iftar Party in Ganga : गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले युवक गिरफ्तार, गंगा में बिरयानी पार्टी कर मजहब का उड़ाया मजाक घट स्थापना के शुभ मुहूर्त नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। सुबह 6:30 से 8:00 तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 तक चंचल मुहूर्त और दोपहर 2:00 से 3:30 तक अमृत मुहूर्त रहेगा। शाम 5:00 से 6:30 तक शुभ मुहूर्त और सुबह 10:55 से दोपहर 12:35 तक अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा। इसके अलावा शाम 6:30 से रात 8:00 तक अमृत मुहूर्त, दोपहर 12:30 से 2:00 तक लाभ मुहूर्त और रात 8:00 से 9:30 तक चंचल मुहूर्त भी घट स्थापना के लिए अनुकूल हैं। नौ दिनों की पूजा विधि नवरात्रि के नौ दिनों में नियमित पूजा का विशेष महत्व होता है। हर दिन पूजा से पहले अपने ऊपर गंगाजल छिड़कना चाहिए, तिलक लगाना चाहिए और दीपक जलाना चाहिए। पूजा की शुरुआत सबसे पहले गणेशजी से की जाती है, इसके बाद देवी पार्वती, कलश और फिर देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। Hindu Nav Varsh 2026 : हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक कनेक्शन प्रतिदिन देवी लक्ष्मी, सरस्वती और कालिका की भी आराधना की जाती है। पूजा में कुमकुम, चावल, हल्दी, मेहंदी, फूल और इत्र का उपयोग किया जाता है। पूजा के अंत में नैवेद्य अर्पित कर आरती की जाती है और प्रसाद बांटा जाता है। कलश स्थापना का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मिट्टी का कलश पृथ्वी तत्व का प्रतीक होता है। इसमें भरा जल और उसमें मौजूद वायु तत्व जीवन का आधार माने जाते हैं, जबकि पास रखा दीपक अग्नि तत्व का प्रतीक होता है। कलश में आकाश तत्व यानी ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा का आवाहन करना ही घट स्थापना कहलाता है। मान्यता है कि जल से ही सृष्टि की उत्पत्ति हुई है और जल में सभी देवी-देवताओं का निवास होता है, इसलिए कलश में शक्ति का आवाहन किया जाता है। नौ दिनों तक अलग-अलग देवी की पूजा क्यों नवरात्रि के दौरान हर दिन देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। हालांकि केवल देवी दुर्गा की पूजा करना भी मान्य है, क्योंकि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवी दुर्गा के ही नौ रूपों की आराधना की जाती है। इन नौ रूपों को नवदुर्गा कहा जाता है। यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसका उल्लेख पुराने ग्रंथों में भी मिलता है। Hindu Nav Varsh 2026 : हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक कनेक्शन व्रत रखने का महत्व नवरात्रि में व्रत रखने से खानपान में संयम आता है और शरीर को लाभ मिलता है। व्रत के दौरान शरीर अपनी कमजोर कोशिकाओं को तोड़कर ऊर्जा बनाता है, जिससे अच्छी कोशिकाएं सुरक्षित रहती हैं। इस प्रक्रिया को ऑटोफेजी कहा जाता है। इसी प्रक्रिया को समझाने के लिए जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओशुमी को वर्ष 2016 में मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार मिला था। शोध के अनुसार उपवास शरीर को हल्के तनाव में डालता है, जिससे कोशिकाएं मजबूत होती हैं और शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है। व्रत के नियम और कायदे नवरात्रि का व्रत केवल भोजन तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें मन, वचन और कर्म का भी संयम जरूरी होता है। मानसिक व्रत में व्यक्ति को काम, क्रोध और लोभ जैसे विचारों का त्याग करना चाहिए। वाचिक व्रत में हमेशा सत्य बोलना चाहिए और ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए जिससे किसी को दुख पहुंचे। Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन क्यों बोया जाता है जौ? जानिए पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता कायिक व्रत में किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना चाहिए और ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी को नुकसान हो। इस तरह का संयम व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है।

Iftar Party in Ganga : गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले युवक गिरफ्तार, गंगा में बिरयानी पार्टी कर मजहब का उड़ाया मजाक

Iftar Party in the Gange

Iftar Party in Ganga : उत्तर प्रदेश। वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और कथित रूप से चिकन बिरयानी खाने के बाद अवशेष गंगा में फेंकने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने पहले अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन अब सभी आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके नाम FIR में जोड़ दिए गए हैं। इसके साथ ही मोटरबोट के मालिक और चालक विनोद के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। Hindu Nav Varsh 2026 : हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक कनेक्शन चिकन बिरयानी खाते वीडियो वायरल यह मामला 16 मार्च को वायरल हुए एक वीडियो के बाद सामने आया, जिसमें कुछ युवक गंगा नदी में नाव पर सवार होकर इफ्तार करते नजर आ रहे थे। वीडियो में उन्हें चिकन बिरयानी खाते हुए भी देखा गया, जिसके बाद इस पर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने किया मामला दर्ज इस घटना के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—298, 299, 196(1)(b), 270, 279, 223(b) और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत केस दर्ज किया। Sarke Chunar Teri Song Controversy : ‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर बैन, संसद में अश्विनी वैष्णव ने उठाया मुद्दा क्या बोले डीसीपी गौरव बंसवाल गौरव बंसवाल (डीसीपी काशी) के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों से हैं, जिनमें मदनपुरा, औसानगंज, आदमपुर और राजापुरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस घटना की निंदा अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने भी की है। समिति ने इस कृत्य को धर्म का मजाक उड़ाने वाला बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें किसी भी समुदाय के लिए उचित नहीं हैं।

Hindu Nav Varsh 2026 : हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक कनेक्शन

Eating Neem and Sugar Tradition Why

Hindu Nav Varsh 2026 : नई दिल्ली। भारतीय परंपरा में गुड़ी पड़वा और उगादी के साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत बेहद खास मानी जाती है। इस वर्ष 19 मार्च से नवसंवत्सर का आरंभ हो रहा है। इस दिन सुबह पूजा-अर्चना के बाद नीम की पत्तियां और मिश्री या गुड़ खाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसका धार्मिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक महत्व माना जाता है। जीवन के संतुलन का प्रतीक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नववर्ष के पहले दिन नीम और मिश्री का सेवन जीवन के संतुलन का प्रतीक है। नीम का कड़वा स्वाद जीवन की चुनौतियों, संघर्ष और कठिनाइयों को दर्शाता है, जबकि मिश्री की मिठास सुख, सफलता और खुशियों का संकेत देती है। यह परंपरा हमें सिखाती है कि जीवन में सुख-दुख दोनों को स्वीकार करते हुए संतुलन बनाए रखना जरूरी है। Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन क्यों बोया जाता है जौ? जानिए पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता ब्रह्मा ने की थी सृष्टि की रचना पौराणिक दृष्टि से भी इस दिन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि ब्रह्मा ने चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को सृष्टि की रचना की थी। इसी कारण इस दिन को नई शुरुआत और नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। लोग इस दिन भगवान की पूजा कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। नीम का सेवन लाभकारी आयुर्वेद के अनुसार भी नीम का सेवन इस समय लाभकारी माना जाता है। मौसम बदलने यानी बसंत से गर्मी के बीच संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नीम की पत्तियों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं, जबकि मिश्री शरीर को ऊर्जा देती है और कड़वाहट को संतुलित करती है। कई जगहों पर नीम की कोमल पत्तियों को मिश्री, गुड़, इमली या कच्चे आम के साथ मिलाकर खाया जाता है। इसे नववर्ष की शुभ शुरुआत और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। Financial Growth Vastu Tips : आर्थिक तंगी से हैं परेशान, इन वास्तु टिप्स से घर में होगी धनवर्षा क्या है ज्योतिष मान्यता ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जिस दिन नववर्ष शुरू होता है उसी दिन का ग्रह उस वर्ष का राजा माना जाता है। इस बार नववर्ष गुरुवार को पड़ रहा है, इसलिए गुरु ग्रह को वर्ष का राजा माना गया है, जबकि मंगल ग्रह मंत्री होंगे। इसके अलावा चंद्र देव को सेनापति, मेघाधिपति और फलधिपति माना गया है। गुरु ग्रह नीरसाधिपति, धनाधिपति और सस्याधिपति भी रहेंगे, जबकि बुध धान्याधिपति और शनि रसाधिपति माने गए हैं।

Iran-Israel War : भारत ने जंग के बीच ईरान को भेजी मेडिकल मदद, इजराइल का दावा- ईरानी इंटेलिजेंस मिनिस्टर की मौत

Iran-Israel War

Iran-Israel War : तेहरान। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने मानवीय पहल करते हुए ईरान को मेडिकल सहायता की पहली खेप भेजी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सहायता ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी गई, जिसमें जरूरी दवाइयां और मेडिकल सप्लाई शामिल हैं। ईरानी दूतावास ने दिया धन्यवाद भारत में स्थित ईरान के दूतावास ने इस मदद के लिए भारतीय जनता का आभार जताया है। दूतावास ने कहा कि यह सहायता सफलतापूर्वक पहुंचा दी गई है और इसे “भारत के लोगों की ओर से मिला सहयोग” बताया। इस पूरी प्रक्रिया का एक वीडियो भी साझा किया गया है।   Embassy of the Islamic Republic of Iran in India says, “The first shipment of medical aid from the esteemed people of India has been delivered to the Iranian Red Crescent Society. We sincerely thank the kind people of India.” (Video source: Embassy of the Islamic Republic of… pic.twitter.com/6LobbWCdmY — ANI (@ANI) March 18, 2026 ईरान के खुफिया मंत्री की मौत इजराइल ने एक बड़ा दावा किया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि हाल ही में हुए एयरस्ट्राइक में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब मारे गए हैं। हालांकि इस दावे की अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। Afghanistan Pakistan War : काबुल एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव, क्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान टकराव बनेगा बड़ा युद्ध? गुजरात पहुंचा जग लाडकी इसी बीच, भारत के लिए एक अहम ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी खबर भी सामने आई है। भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ मुंद्रा पोर्ट, गुजरात पहुंच गया है। यह टैंकर फुजैराह पोर्ट से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करके आया है और इसमें करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा है। गौरतलब है कि भारत में प्रतिदिन लगभग 5.5 से 5.6 मिलियन बैरल तेल की खपत होती है। लेबनान के गृह मंत्री ने की निंदा उधर, लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। लेबनान के गृह मंत्री अहमद अल-हज्जार ने इजराइली हमलों की निंदा करते हुए कहा कि सिविल डिफेंस कर्मियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने दक्षिणी शहर सैदोन में हुए हमले में मारे गए एक सिविल डिफेंस कर्मी के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। IPL 2026 : आईपीएल 19 में अब 10 दिन बाकी, 13 वेन्यू पर खेले जायेंगे 84 मुकाबले उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत राहत और सिविल डिफेंस कर्मियों को सुरक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं।

Sarke Chunar Teri Song Controversy : ‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर बैन, संसद में अश्विनी वैष्णव ने उठाया मुद्दा

Sarke Chunar Teri Song Controversy

Sarke Chunar Teri Song Controversy : नई दिल्ली। विवादों में घिरे गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर अब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में जानकारी दी कि इस गाने पर बैन लगा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी असीमित नहीं होती और इसे समाज व संस्कृति के सम्मान के दायरे में रहकर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। लोकसभा में इस मुद्दे को आनंद भदौरिया ने उठाया था और सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब में वैष्णव ने कहा कि “हमें बोलने की आजादी के तहत तय की गई उचित पाबंदियों के हिसाब से ही काम करना चाहिए।”   #WATCH | Speaking in Lok Sabha, on the ban on Bollywood film song ‘Sarke Chunariya’, Union Minister for Information & Broadcasting, Ashwini Vaishnaw says,” A ban has been imposed on the song. We must operate according to the reasonable restrictions under the Freedom of Speech.… pic.twitter.com/TMSBaiLVke — ANI (@ANI) March 18, 2026 क्या है पूरा विवाद? यह गाना फिल्म केडी : द डेविल का हिस्सा है, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। गाने के रिलीज होते ही इसके बोल और कुछ दृश्यों को लेकर विवाद शुरू हो गया। कई दर्शकों ने इसे अश्लील और दोहरे अर्थ वाला बताते हुए आपत्ति जताई। गाने का हिंदी वर्जन इस हफ्ते की शुरुआत में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, लेकिन विरोध बढ़ने के बाद इसे हटा लिया गया। हालांकि, इसके कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम वर्जन अभी भी कुछ प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं। यह फिल्म 30 अप्रैल को पैन इंडिया स्तर पर रिलीज होने वाली है। TMC Candidate List : 74 के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका, मैदान में उतारे 47 मुस्लिम कैंडिडेट गीतकार ने विवाद से बनाई दूरी गाने के हिंदी वर्जन के गीतकार रकीब आलम ने खुद को इस विवाद से अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल मूल कन्नड़ गाने का अनुवाद किया था। उनके अनुसार, मूल बोल फिल्म के निर्देशक प्रेम ने लिखे थे और उन्होंने पहले ही ऐसे बोल लिखने से मना कर दिया था। NHRC ने लिया संज्ञान, कई संस्थाओं को नोटिस विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी किया है। इन सभी संस्थाओं से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। शिकायत में कहा गया है कि गाने के बोल अश्लील और दोहरे अर्थ वाले हैं, जो खासकर बच्चों और किशोरों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह नाबालिगों के अधिकारों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। Afghanistan Pakistan War : काबुल एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव, क्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान टकराव बनेगा बड़ा युद्ध? राजनीति और फिल्म जगत से भी प्रतिक्रिया इस विवाद पर कई नेताओं और हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद रवि किशन ने गाने को अश्लील बताते हुए इसका विरोध किया। वहीं अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने बॉलीवुड पर निशाना साधते हुए कहा कि इंडस्ट्री में अश्लीलता की सारी हदें पार की जा रही हैं। नए वर्जन की तैयारी विवाद के बीच अब फिल्म की टीम ने गीतकार से साफ-सुथरे बोलों वाला नया वर्जन तैयार करने को कहा है। माना जा रहा है कि नया गाना माफी या स्पष्टीकरण के साथ रिलीज किया जा सकता है। IPL 2026 : आईपीएल 19 में अब 10 दिन बाकी, 13 वेन्यू पर खेले जायेंगे 84 मुकाबले डिजिटल कंटेंट पर फिर उठे सवाल इस पूरे मामले ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की निगरानी और जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। गाने को यूट्यूब से हटाए जाने के बावजूद यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या इस तरह के मामलों के लिए नए नियम बनाए जाते हैं।

Dhoni Jersey Number : धोनी ने छोड़ा नंबर 7! IPL 2026 से पहले थाला का मिस्ट्री पोस्ट, क्या ये आखिरी सीजन का इशारा?

Dhoni Jersey Number Change

Dhoni Jersey Number Change : आईपीएल 2026 से पहले महेंद्र सिंह धोनी ने अपने जर्सी नंबर में बदलाव कर क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। लंबे समय तक नंबर 7 के साथ अपनी पहचान बनाने वाले धोनी अब नंबर 8 की जर्सी में नजर आ सकते हैं। हालांकि यह नई जर्सी चेन्नई सुपर किंग्स के पारंपरिक येलो रंग में नहीं है, जिससे इस बदलाव को लेकर और ज्यादा उत्सुकता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर किया पोस्ट धोनी ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि कुछ नंबर आपके साथ हमेशा रहते हैं, लेकिन अब वह 8 नंबर पर स्विच कर रहे हैं और जल्द ही इसकी वजह सामने आएगी। इस पोस्ट के बाद से फैन्स और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच कई तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। IPL 2026 : आईपीएल 19 में अब 10 दिन बाकी, 13 वेन्यू पर खेले जायेंगे 84 मुकाबले सिर्फ एक प्रमोशनल स्टंट! सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह बदलाव सिर्फ एक प्रमोशनल स्टंट है या इसके पीछे कोई खास भावनात्मक या रणनीतिक कारण छिपा है। कुछ लोगों का मानना है कि यह बदलाव टीम के भीतर जर्सी नंबर के प्रबंधन से जुड़ा हो सकता है, जबकि कुछ इसे ब्रांडिंग और मार्केटिंग का हिस्सा भी मान रहे हैं। रवींद्र जडेजा से जुड़ा कनेक्शन एक दिलचस्प थ्योरी यह भी सामने आई है कि धोनी का यह फैसला रवींद्र जडेजा से जुड़ा हो सकता है। जडेजा पहले नंबर 8 की जर्सी पहनते थे, लेकिन अब वे राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में नंबर 8 खाली हो गया था और धोनी का इसे अपनाना एक तरह का ट्रिब्यूट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। KKR New Jersey 2026 : IPL 2026 से पहले KKR ने लॉन्च की नई जर्सी, ‘Lines of Legacy’ थीम से ताजा हुई पुरानी यादें हो सकती है CSK की नई रणनीति कुछ क्रिकेट जानकारों का यह भी कहना है कि आईपीएल जैसे बड़े मंच पर जर्सी नंबर बदलना फैंस की दिलचस्पी बढ़ाने और मर्चेंडाइज की बिक्री को बढ़ावा देने का एक तरीका भी हो सकता है। इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि चेन्नई सुपर किंग्स टीम मैनेजमेंट आने वाले सीजन के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका को नए अंदाज में पेश किया जा सकता है। फिलहाल धोनी या फ्रेंचाइजी की ओर से इस बदलाव की असली वजह को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। IPL Tickets Price 2026 : 28 मार्च को IPL 2026 का पहला मैच, जानिए कब और कैसे मिलेंगे टिकट गौरतलब है कि साल 2023 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने धोनी की 7 नंबर की जर्सी को रिटायर करने का फैसला किया था। इससे पहले 2017 में सचिन तेंदुलकर की 10 नंबर जर्सी भी रिटायर की जा चुकी है। धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को हुआ था, इसलिए उन्होंने अपने करियर में 7 नंबर की जर्सी को अपनाया था और यही नंबर उनकी पहचान बन गया।