IPL 2026 : आईपीएल 19 में अब 10 दिन बाकी, 13 वेन्यू पर खेले जायेंगे 84 मुकाबले

IPL 2026 : मुंबई। ठीक 10 दिन बाद यानी 28 मार्च को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट का सबसे बड़ा त्योहार शुरू होने वाला है। इंडियन प्रीमियर लीग का 19वां सीजन इस बार अपने सबसे भव्य और लंबे रूप में सामने आ रहा है। इस सीजन में 10 टीमों के बीच कुल 84 मुकाबले खेले जाएंगे, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बनाता है। इससे पहले अधिकतम 74 मैच खेले जाते थे। 64 दिनों तक देश के 13 अलग-अलग वेन्यू पर चौके-छक्कों का रोमांच देखने को मिलेगा। इस बार सभी टीमें जोर-शोर से तैयारियों में जुटी हैं और प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप के जरिए खिलाड़ी खुद को मैच के लिए तैयार कर रहे हैं। वर्ल्ड कप खत्म होने के सिर्फ 20 दिन बाद ही लीग शुरू हो रही है, इसलिए बीसीसीआई और फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों के वर्कलोड पर भी खास नजर रख रही हैं। धोनी, रोहित और विराट का हो सकता है आखिरी सीजन आईपीएल के इस सीजन की एक बड़ी खासियत यह भी हो सकती है कि यह एमएस धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली का आखिरी सीजन हो सकता है, जब तीनों दिग्गज एक साथ मैदान पर नजर आएं। इन तीन खिलाड़ियों ने पिछले 18 सालों में आईपीएल को एक अलग पहचान दी है। KKR New Jersey 2026 : IPL 2026 से पहले KKR ने लॉन्च की नई जर्सी, ‘Lines of Legacy’ थीम से ताजा हुई पुरानी यादें धोनी का विदाई सीजन माना जा रहा चेन्नई टीम के साथ जुड़े एमएस धोनी ने नवेलूर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास शुरू कर दिया है। 44 साल की उम्र में यह उनका विदाई सीजन माना जा रहा है, हालांकि उनकी फिटनेस और लंबे शॉट्स को देखकर अब भी वे युवा खिलाड़ियों को चुनौती देते नजर आते हैं। खबर है कि इस बार वे ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ की भूमिका में ज्यादा दिखाई दे सकते हैं। आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे रोहित वहीं रोहित शर्मा भी मुंबई इंडियंस के कैंप से जुड़ चुके हैं और नेट्स पर आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर पुल शॉट और बड़े शॉट्स पर काम किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस सीजन से पहले करीब 11 किलो वजन कम किया है। इस बात पर भी चर्चा है कि उन्हें इम्पैक्ट प्लेयर के बजाय फुल-टाइम बल्लेबाज के तौर पर खेलना चाहिए। IPL Tickets Price 2026 : 28 मार्च को IPL 2026 का पहला मैच, जानिए कब और कैसे मिलेंगे टिकट RCB पर खिताब बचाने का दबाव विराट कोहली के लिए यह सीजन और भी अहम है, क्योंकि उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 2025 में अपना पहला खिताब जीत चुकी है। अब टीम पर खिताब बचाने का दबाव रहेगा। कोहली ने नए सीजन के लिए पहले ही ट्रेनिंग शुरू कर दी थी और अब वे जल्द ही टीम कैंप से जुड़ेंगे। 13 शहरों में खेले जाएंगे मुकाबले इस बार आईपीएल 10 शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 13 शहरों में मुकाबले खेले जाएंगे। राजस्थान अपनी टीम के कुछ मैच जयपुर के अलावा गुवाहाटी में खेलेगी। पंजाब किंग्स न्यू चंडीगढ़ के साथ-साथ धर्मशाला में भी मैच खेलेगी, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रायपुर को अपना दूसरा होम ग्राउंड चुना है। हालांकि कुछ टीमों को चोटों के कारण झटका भी लगा है। कोलकाता नाइट राइडर्स के तेज गेंदबाज हर्षित राणा घुटने की सर्जरी के चलते पूरे या अधिकांश सीजन से बाहर हो सकते हैं। वहीं आरसीबी के जोश हेजलवुड और सनराइजर्स हैदराबाद के पैट कमिंस भी शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे। ICC T20 Rankings : संजू सैमसन की धमाकेदार छलांग! सूर्यकुमार यादव खिसके नीचे, जानिए T20I टॉप-5 बैट्समैन टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़ा बदलाव टूर्नामेंट के फॉर्मेट में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार चार साल बाद डबल राउंड रॉबिन फॉर्मेट की वापसी हो रही है, जिसमें हर टीम दूसरी टीम से दो बार भिड़ेगी। इससे मुकाबले और ज्यादा निष्पक्ष और रोमांचक होने की उम्मीद है। तकनीक के मामले में भी यह सीजन खास रहने वाला है। इस बार ब्रॉडकास्टिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा। दर्शक अपनी पसंद के खिलाड़ी पर फोकस करते हुए मैच देख सकेंगे। इसके अलावा स्मार्ट बॉल और स्मार्ट पिच जैसी नई तकनीकों पर भी काम किया जा रहा है, जिससे मैच के दौरान रियल टाइम डेटा उपलब्ध हो सकेगा।
TMC Candidate List : 74 के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका, मैदान में उतारे 47 मुस्लिम कैंडिडेट

TMC Candidate List : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को 291 सीटों पर उम्मीदवारों की पूरी सूची एक साथ जारी कर दी। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी सूची को चरणों में नहीं, बल्कि एक बार में घोषित करने में विश्वास रखती है। टीएमसी ने तीन पहाड़ी सीटें- दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कुर्सियांग- अपने सहयोगी दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के लिए छोड़ी हैं। मौजूदा विधायकों में से 135 को ही टिकट करीब डेढ़ दशक से सत्ता में काबिज टीएमसी इस बार लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की कोशिश कर रही है। हालांकि एंटी-इन्कंबेंसी का दबाव भी पार्टी पर साफ नजर आ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने बड़ा बदलाव करते हुए 224 मौजूदा विधायकों में से सिर्फ 135 को ही टिकट दिया है, जबकि 15 विधायकों की सीट बदल दी गई है और 74 विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। यह हाल के वर्षों में टीएमसी का सबसे बड़ा फेरबदल माना जा रहा है। Afghanistan Pakistan War : काबुल एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव, क्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान टकराव बनेगा बड़ा युद्ध? नए चेहरों को मौका इस बार पार्टी ने खासतौर पर उन सीटों पर नए चेहरे उतारे हैं, जहां पिछली बार जीत का अंतर 25 हजार से कम था। ऐसी 102 सीटों में से करीब आधी पर उम्मीदवार बदले गए हैं। हालांकि जिन क्षेत्रों में मौजूदा विधायकों की पकड़ मजबूत थी, वहां पुराने चेहरों को ही बरकरार रखा गया है। टीएमसी ने इस चुनाव में स्टार प्रचारकों के बजाय स्थानीय संगठन, बूथ मैनेजमेंट और जमीनी नेटवर्क पर ज्यादा फोकस किया है। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु और ममता आमने-सामने सबसे दिलचस्प मुकाबला भवानीपुर सीट पर देखने को मिलेगा, जहां ममता बनर्जी चुनाव लड़ेंगी। उनके सामने भारतीय जनता पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव हार गई थीं, लेकिन बाद में भवानीपुर उपचुनाव में उन्होंने करीब 58 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। Indore EV Charging Fire : EV में आग लगने से 8 लोग जिंदा जले, कार को चार्जिंग में लगाकर सोया था परिवार 291 उम्मीदवारों में 52 महिलाएं और 47 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों की सूची में सामाजिक और आयु वर्ग का भी ध्यान रखा गया है। कुल 291 उम्मीदवारों में से 52 महिलाएं (18 प्रतिशत), 47 अल्पसंख्यक और 95 अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से हैं। इसके अलावा 149 उम्मीदवार सामान्य और ओबीसी वर्ग से आते हैं। उम्र के लिहाज से 219 उम्मीदवार 60 साल से कम उम्र के हैं, जबकि 4 उम्मीदवार 31 साल से कम और 2 उम्मीदवार 81 से 90 साल के बीच हैं। नए और पुराने चेहरों का मिश्रण टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बताया कि पार्टी ने इस बार संतुलन बनाते हुए नए और पुराने चेहरों का मिश्रण तैयार किया है। वहीं ममता बनर्जी ने उन नेताओं को भी भरोसा दिलाया है जिन्हें टिकट नहीं मिला है कि उन्हें संगठन में समायोजित किया जाएगा। BJP Candidates List : CM ममता की सीट से चुनाव लड़ेंगे अधिकारी, बंगाल चुनाव के लिए BJP की 144 कैंडिडेट लिस्ट जारी इन जिलों में मुस्लिम वोटर्स राज्य के कई जिलों -मालदा, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण 24 परगना- में मुस्लिम वोटर्स की मजबूत पकड़ मानी जाती है। इन क्षेत्रों की कई सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए टीएमसी ने मुर्शिदाबाद की भरतपुर सीट से मुस्तफिजुर रहमान को उम्मीदवार बनाया है। प्रमुख सीटों पर ये TMC उम्मीदवार टीएमसी ने कई प्रमुख सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान किया है। सुजापुर से सबीना यास्मीन, जंगीपुर से जाकिर हुसैन, सागरदिघी से बायरन बिश्वास और दिनहाटा से उदयन गुहा को टिकट दिया गया है। वहीं हाल ही में पार्टी में शामिल हुए पबित्र कर को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया गया है, जहां उनका मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से होगा। बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से उम्मीदवार बनाया है। TMC Candidate List : बंगाल चुनाव के लिए TMC ने जारी की 291 कैंडिडेट लिस्ट, भवानीपुर से ममता देंगी टक्कर इसके अलावा बेलेघाटा से कुणाल घोष, हाबरा से ज्योतिप्रियो मल्लिक, सिलीगुड़ी से गौतम, करीमपुर से सोहम चक्रवर्ती, कंडी से अपूर्व सरकार, कृष्णानगर उत्तर से अभिनव भट्टाचार्य और कल्याणी से अतींद्रनाथ मंडल को चुनाव मैदान में उतारा गया है। बता दें कि, एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने 144 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी। ऐसे में अब बंगाल का चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है, जहां नए चेहरों और बड़े नेताओं के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
Afghanistan Pakistan War : काबुल एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव, क्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान टकराव बनेगा बड़ा युद्ध?

Afghanistan Pakistan War : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार रात एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बड़ा हवाई हमला हुआ। इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला 2021 में अमेरिकी वापसी के दौरान हुए काबुल एयरपोर्ट धमाके के बाद सबसे घातक माना जा रहा है। अफगानिस्तान की सत्ता संभाल रहे तालिबान ने इस हमले के लिए सीधे पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने जानबूझकर अस्पताल, स्कूल और मदरसों जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान का जवाब: आतंकियों पर कार्रवाई वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह हमला “ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक़” के तहत किया गया, जिसका मकसद आतंकवादी ठिकानों को खत्म करना था। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तारड़ के अनुसार, इस ऑपरेशन में लॉजिस्टिक्स हब, हथियार गोदाम और ड्रोन बनाने वाली जगहों को निशाना बनाया गया। Pakistan Airstrikes : पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से 400 की मौत, PAK ने नशा मुक्ति सेंटर पर गिराए बम बातचीत खत्म, जवाबी हमले की चेतावनी इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्ते और खराब हो गए हैं। तालिबान ने साफ कहा है कि अब पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी और जवाबी कार्रवाई की जाएगी। दोनों देशों के बीच पहले भी डुरंड रेखा को लेकर विवाद और झड़पें होती रही हैं। पाकिस्तान लगातार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर अफगान जमीन से हमले करने का आरोप लगाता है, जबकि अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। सैन्य ताकत में बड़ा अंतर अगर दोनों देशों की सैन्य ताकत की बात करें, तो पाकिस्तान काफी मजबूत स्थिति में है। उसके पास लाखों सैनिक, आधुनिक हथियार और उन्नत वायुसेना है, जिसमें F-16 और JF-17 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। दूसरी ओर, अफगानिस्तान के पास सीमित संसाधन हैं और कोई मजबूत वायुसेना नहीं है। हालांकि, तालिबान के लड़ाके गुरिल्ला युद्ध में माहिर माने जाते हैं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में लड़ने का लंबा अनुभव रखते हैं। Security Chief Ali Larijani : ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत! क्या बोले इजरायल के रक्षा मंत्री तनाव क्यों है खतरनाक? यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह सकता। 2,600 किलोमीटर लंबी डुरंड रेखा पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से गुजरती है, जिससे युद्ध और जटिल हो सकता है। इसके अलावा, पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति संपन्न देश है, जबकि अफगानिस्तान के पास ऐसा कोई हथियार नहीं है। ऐसे में किसी भी बड़े संघर्ष का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। आगे क्या हो सकता है? फिलहाल संभावना है कि पाकिस्तान आतंकवादी ठिकानों पर हमले जारी रखेगा, जबकि अफगानिस्तान सीमा पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। चीन जैसे देश कूटनीतिक हस्तक्षेप कर हालात को संभालने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन बातचीत टूटने से हालात और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। Pakistan Afghanistan War : अफगान-पाकिस्तान ने एक दूसरे को तबाह करने पर अड़े! कंधार में एयर स्ट्राइक के बाद ताबड़तोड़ हमले भारत पर क्या असर पड़ेगा? भारत के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में यह नया तनाव सुरक्षा और रणनीतिक चुनौतियां खड़ी कर सकता है। कुल मिलाकर, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता यह टकराव आने वाले दिनों में पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।
Delhi Fire : पालम इलाके में भीषण आग, 6 लोगों की दर्दनाक मौत

Delhi Fire : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया है। जानकारी के मुताबिक, पालम इलाके की एक बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम दस लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। दिल्ली पुलिस के अनुसार आग की घटना में छह लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, पालम इलाके की एक बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। मौके पर करीब 30 फायर ब्रिगेड मौजूद हैं और बचाव अभियान चल रहा है। कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। Indore EV Charging Fire : EV में आग लगने से 8 लोग जिंदा जले, कार को चार्जिंग में लगाकर सोया था परिवार इस घटना पर सौरभ भारद्वाज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि इस हादसे में करीब 10 लोगों की जलकर मौत हो गई है, जिनमें 3-4 बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लापरवाही करार दिया। सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि इससे पहले द्वारका और रोहिणी में भी आग की घटनाओं में फायर ब्रिगेड की देरी सामने आ चुकी है, जिसके कारण जानमाल का नुकसान हुआ। Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन क्यों बोया जाता है जौ? जानिए पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता फिलहाल फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने के साथ-साथ फंसे हुए लोगों को निकालने का प्रयास जारी है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। #UDPATE | As per Delhi Police six people have died in the fire incident. https://t.co/M5sIbrg1hy — ANI (@ANI) March 18, 2026
Indore EV Charging Fire : EV में आग लगने से 8 लोग जिंदा जले, कार को चार्जिंग में लगाकर सोया था परिवार

Indore EV Charging Fire : मध्य प्रदेश। इंदौर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ईवी चार्जिंग आग ने एक ही परिवार के 8 लोगों की जान ले ली। यह हादसा शहर के तिलक नगर थाना क्षेत्र में हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, पुंगलिया परिवार ने अपनी इलेक्ट्रिक कार को रात में घर के बाहर चार्जिंग पर लगाया था और सभी सदस्य सो गए थे। तड़के करीब 4 बजे शॉर्ट सर्किट होने से कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के अंदर तक फैल गई। मकान का एक हिस्सा भी ढह गया घर में रखे गैस सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गए, जिससे एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए। धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मकान का एक हिस्सा भी विस्फोट के कारण ढह गया। यह G+2 फ्लोर का आलीशान बंगला था, जिसमें कुल 12 लोग मौजूद थे। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू टीम को ऊपर की छत तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन क्यों बोया जाता है जौ? जानिए पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता हादसे में इनकी गई जान मृतकों में मकान मालिक मनोज जैन पुंगलिया (60 वर्ष), सिमरन सेठिया, विजय सेठिया, सुमन सेठिया, राशि (करीब 12-15 वर्ष), छोटू सेठिया और एक मासूम बच्चा तनय शामिल हैं। बताया गया कि विजय सेठिया इलाज के लिए यहां आए हुए थे। EV सुरक्षा में चूक की गंभीर जांच जरूरी के बाद प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे समाज के लिए सोचने वाली है, क्योंकि दुनिया तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर बढ़ रही है। अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल सुरक्षा में ऐसी चूक सामने आती है, तो इसकी गंभीर जांच जरूरी है। मंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाकर इस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट SOP (मानक प्रक्रिया) तैयार की जाए। LPG Black Marketing : गैस संकट के बीच पंद्रह हजार सिलेंडर जब्त, MP से मिले 1800 प्राथमिक जांच में ईवी चार्जिंग आग और शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है, हालांकि सिलेंडर ब्लास्ट और अन्य कारणों की भी जांच जारी है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।
Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन क्यों बोया जाता है जौ? जानिए पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता

Chaitra Navratri 2026 : हिंदू धर्म में नवरात्रि को सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक माना जाता है। यह देवी उपासना का विशेष पर्व होता है, जिसमें भक्त पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करते हैं। साल भर में चार बार नवरात्रि आती है- दो गुप्त नवरात्रि, एक शारदीय और एक चैत्र नवरात्रि। इनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। चैत्र नवरात्रि आमतौर पर मार्च-अप्रैल के महीने में आती है और इसे नए साल और नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। कितने बजे तक रहेगी प्रतिपदा तिथि पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होगी। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर 20 मार्च सुबह 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इस तरह नवरात्रि का समापन 27 मार्च को होगा। इन नौ दिनों में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और घरों में घटस्थापना की जाती है। Financial Growth Vastu Tips : आर्थिक तंगी से हैं परेशान, इन वास्तु टिप्स से घर में होगी धनवर्षा ज्वारे बोने की परंपरा क्यों? नवरात्रि के पहले दिन जौ (ज्वारे) बोने की परंपरा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि जौ बोने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। अगर नवरात्रि के दौरान बोए गए जौ अच्छे से अंकुरित होते हैं, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है और यह आने वाले समय में उन्नति और समृद्धि का संकेत देता है। इसलिए घटस्थापना के साथ ही जौ बोने की परंपरा निभाई जाती है। ये है पौराणिक मान्यता इस परंपरा के पीछे पौराणिक मान्यता भी जुड़ी है। कहा जाता है कि जब पृथ्वी पर दैत्यों का अत्याचार बढ़ गया था, तब मां दुर्गा ने उनका संहार किया। उस समय धरती पर भयंकर अकाल पड़ा था, लेकिन दैत्यों के नाश के बाद जब धरती फिर से हरी-भरी हुई, तब सबसे पहले जौ की फसल उगी। इसी कारण जौ को उर्वरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। Chaitra Navratri 2026 : 3 शुभ योगों में शुरू होंगे चैत्र नवरात्र 2026, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त एक अन्य मान्यता के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, तब सबसे पहली फसल जौ ही थी। इसलिए नवरात्रि के समय जौ की पूजा करने और उसे कलश में स्थापित करने की परंपरा चली आ रही है।
Congress MLA Suspends : क्रॉस-वोटिंग करने वाले 3 विधायक निलंबित, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को दिया था धोखा

Congress MLA Suspends : ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। क्रॉस वोटिंग से मिली हार के बाद कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। इन विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाकर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में वोट दिया। इन विधायकों को किया निलंबित निलंबित विधायकों में सनाखेमुंडी से रमेश चंद्र जेना, मोहाना से दसरथी गोमांगो और कटक से सोफिया फिरदौस शामिल हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिए सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो लोग कांग्रेस के साथ विश्वासघात करते हैं, वे देश के साथ भी धोखा करते हैं। LPG Black Marketing : गैस संकट के बीच पंद्रह हजार सिलेंडर जब्त, MP से मिले 1800 पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद ओडिशा कांग्रेस के मीडिया सेल प्रभारी अरबिंद दास ने बताया कि यह फैसला पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि इन विधायकों ने पार्टी हितों के खिलाफ काम किया है और अब उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए जल्द ही स्पीकर को नोटिस भेजा जाएगा। दल-बदल कानून अयोग्य घोषित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पार्टी के साथ सीधी गद्दारी है। उन्होंने बताया कि संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल कानून) के तहत इन विधायकों को अयोग्य घोषित कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी हाईकमान ने इस फैसले का समर्थन किया है। TMC Candidate List : बंगाल चुनाव के TMC ने जारी की 291 कैंडिडेट लिस्ट, भवानीपुर से ममता देंगी टक्कर इस चुनाव में विपक्षी दल बीजेडी को भी झटका लगा है। बीजेडी के 8 विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग के कारण विपक्ष के साझा उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने उन्हें समर्थन दिया था, लेकिन नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। वहीं हरियाणा और बिहार में भी क्रॉस वोटिंग के संकेत मिले हैं। हरियाणा में कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध जीत तो गए, लेकिन पार्टी को अपेक्षा से कम वोट मिले। Maternity Leave : बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं को भी मिलेगी मैटरनिटी लीव, कोर्ट का ‘सुप्रीम’ फैसला 37 विधायकों वाली कांग्रेस को सिर्फ 28 वोट ही मिल पाए, जबकि 5 विधायकों ने अलग रुख अपनाया और 4 वोट अमान्य घोषित हुए। बिहार में भी विपक्षी उम्मीदवार की हार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस अब इन राज्यों में भी क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है। पार्टी का साफ संदेश है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
LPG Black Marketing : गैस संकट के बीच पंद्रह हजार सिलेंडर जब्त, MP से मिले 1800

LPG Black Marketing : नई दिल्ली। एलपीजी कालाबाजारी के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में अब तक करीब 12 हजार छापे मारे जा चुके हैं और लगभग 15 हजार गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ सोमवार को दिल्ली में ही करीब 600 सिलेंडर जब्त किए गए। कालाबाजारी करने वाले 10 लोग गिरफ्तार उन्होंने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश में भी सख्त कार्रवाई की गई है, जहां पिछले कुछ दिनों में करीब 450 निरीक्षण और छापे डाले गए हैं। इस दौरान 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर में 564 छापे मारकर कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। LPG Crisis : गैस संकट के बीच नंदा देवी- शिवालिक जहाज पहुंचे भारत, जानिए इनसे कितने सिलेंडर भरेंगे एमपी से 1800 सिलेंडर जब्त दक्षिण भारत में भी कार्रवाई तेज रही। केरल में करीब 1000 छापे और निरीक्षण किए गए, जिसमें घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं मध्य प्रदेश में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1200 छापे मारे गए और लगभग 1800 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। सरकार ने सिर्फ छापेमारी ही नहीं, बल्कि निगरानी भी बढ़ा दी है। तेल विपणन कंपनियों की टीमों को सक्रिय करते हुए करीब 2500 पेट्रोल पंप और एलपीजी वितरक केंद्रों पर अचानक निरीक्षण किए गए हैं, ताकि कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। Monalisa Love Jihad : मोनालिसा की याद में तड़प रही मां, वकील नाजिया बोलीं- ये शादी प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं इस बीच सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और यह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। साथ ही कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर शिफ्ट होने की अपील की गई है, जिससे गैस की उपलब्धता और बेहतर हो सके। #WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, “Regarding enforcement action, so far, about twelve thousand raids have been conducted in the last few days. About fifteen thousand cylinders have been… pic.twitter.com/NdctA3RNQS — ANI (@ANI) March 17, 2026
TMC Candidate List : बंगाल चुनाव के लिए TMC ने जारी की 291 कैंडिडेट लिस्ट, भवानीपुर से ममता देंगी टक्कर

TMC Candidate List : कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 291 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची के जारी होते ही राज्य में चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। नए उम्मीदवारों को उतारा उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए ममता बनर्जी ने बताया कि इस बार पार्टी ने अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। कई मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया गया है, जबकि कुछ सीटों पर नए उम्मीदवारों को उतारा गया है। खास बात यह है कि ममता बनर्जी एक बार फिर भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी, जो उनका मजबूत गढ़ माना जाता है। Maternity Leave : बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं को भी मिलेगी मैटरनिटी लीव, कोर्ट का ‘सुप्रीम’ फैसला भवानीपुर सीट का मुकाबला काफी रोचक भवानीपुर सीट इस बार खास चर्चा में है। पिछले चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम और भवानीपुर- दो सीटों से चुनाव लड़ा था। नंदीग्राम में उन्हें भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि भवानीपुर से उन्होंने जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में यह मुकाबला काफी रोचक हो गया है और सभी की नजरें इस सीट पर टिकी हुई हैं। इन प्रमुख नेताओं को टिकट टीएमसी की सूची में कई प्रमुख नेताओं को टिकट दिया गया है। सिलिगुड़ी से गौतम देव, रायगंज से कृष्ण कल्याणी, सागरदिघी से बायरन बिस्वास और चोपड़ा से हामिदुल रहमान को उम्मीदवार बनाया गया है। BJP Candidates List : CM ममता की सीट से चुनाव लड़ेंगे अधिकारी, बंगाल चुनाव के लिए BJP की 144 कैंडिडेट लिस्ट जारी इसके अलावा इस्लामपुर से कन्हैयालाल अग्रवाल, हेमताबाद से सत्यजीत बर्मन, बालुरघाट से अर्पिता घोष और हरिरामपुर से बिप्लब मित्रा को भी मैदान में उतारा गया है। उत्तर बंगाल की सीटों पर भी तृणमूल कांग्रेस ने खास ध्यान दिया है। मालतीपुर से अब्दुर रहीम बख्शी, इंग्लिशबाजार से आशीष कुंडू और सुजापुर से सबीना यास्मीन को टिकट मिला है। जंगीपुर से जाकिर हुसैन और मुर्शिदाबाद से सायनी सिंह रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा खग्राम से आशीष मरजित और कांडी से अपूर्व सरकार को भी मौका दिया गया है। यहां देखिये कैंडिडेट की पूरी सूची
Maternity Leave : बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं को भी मिलेगी मैटरनिटी लीव, कोर्ट का ‘सुप्रीम’ फैसला

Maternity Leave : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च को एक अहम और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए गोद लेने वाली माताओं को बड़ा अधिकार दिया है। कोर्ट ने सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 60(4) को असंवैधानिक करार देते हुए स्पष्ट किया कि अब किसी भी महिला को, जो कानूनी रूप से बच्चा गोद लेती है, बच्चे की उम्र चाहे कुछ भी हो, 12 हफ्ते का मातृत्व अवकाश मिलेगा। भेदभाव तर्कसंगत नहीं पहले इस प्रावधान के तहत केवल उन महिलाओं को ही मातृत्व लाभ मिलता था, जिन्होंने तीन महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लिया हो। लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह भेदभाव तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि किसी भी उम्र के बच्चे को गोद लेने पर मां की जिम्मेदारियां समान होती हैं। Monalisa Love Jihad : मोनालिसा की याद में तड़प रही मां, वकील नाजिया बोलीं- ये शादी प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने साफ कहा कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन करता है। कोर्ट ने क्या कहा कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि तीन महीने की उम्र की सीमा इस कानून को व्यावहारिक रूप से बेअसर बना देती है। अदालत ने माना कि गोद लिए गए बच्चे को मां की देखभाल की जरूरत उम्र के आधार पर कम या ज्यादा नहीं होती, इसलिए इस तरह का वर्गीकरण गलत है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि गोद लेने वाली मां को बच्चे के सौंपे जाने की तारीख से 12 हफ्तों का मातृत्व लाभ दिया जाए। Epstein Controversy : दिल्ली HC से हरदीप पुरी की बेटी को राहत, 24 घंटे में हटेगा विवादित कंटेंट 2021 में दायर हुई थी याचिका इस मामले की शुरुआत 2021 में दायर एक याचिका से हुई थी, जिसमें मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के प्रावधान को चुनौती दी गई थी। बाद में जब नया कानून लागू हुआ, तो इसी तरह के प्रावधान को लेकर विवाद जारी रहा। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि यह नियम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और गोद लेने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने तर्क दिया कि जैविक माताओं को ज्यादा अवकाश इसलिए दिया जाता है क्योंकि उन्हें प्रसव के बाद शारीरिक रिकवरी की जरूरत होती है। LPG Crisis : गैस संकट के बीच नंदा देवी- शिवालिक जहाज पहुंचे भारत, जानिए इनसे कितने सिलेंडर भरेंगे हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले का मुख्य मुद्दा अवकाश की अवधि नहीं, बल्कि उम्र के आधार पर किया गया भेदभाव है।