Speaker Chamber Video : लोकसभा में प्रश्नकाल स्थगित, स्पीकर चेंबर का VIDEO वायरल, रिजिजू बोले- विपक्षी सांसदों ने दीं गालियां

Speaker Chamber Video : नई दिल्ली। बजट पर चर्चा के दौरान गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद प्लेकार्ड और पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित न होता देख स्पीकर की चेयर पर मौजूद केपी तेन्नेटी ने मात्र सात मिनट के भीतर ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा पहुंचे। Singrauli Double Murder : अंधविश्वास का खूनी तांडव, सिंगरौली में ‘जादू-टोने’ के शक में डबल मर्डर! स्पीकर चेंबर में हंगामे का आरोप संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि 4 फरवरी को लोकसभा स्पीकर के चेंबर में विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। उनके अनुसार 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चेंबर में घुसे, गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकाया। रिजिजू ने लिखा कि यह एक “गैर-कानूनी वीडियो क्लिप” है जिसे कांग्रेस के एक सांसद ने रिकॉर्ड किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बहस और चर्चा में विश्वास करती है और किसी भी प्रकार की मारपीट या अनुचित व्यवहार को प्रोत्साहित नहीं करती। This is the illegal video clip taken by a Congress MP when 20-25 Congress MPs entered the Chamber of Hon’ble Speaker, abused him and threatened Honb’le Prime Minister. Our party believes in debate & discussion and never encourage MPs to threaten physically. https://t.co/bezzALc7D3 pic.twitter.com/iM0a50Z4rg — Kiren Rijiju (@KirenRijiju) February 12, 2026 हालांकि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गालियां देने की बात पूरी तरह झूठी है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को उकसाया नहीं और अंत में शांतिपूर्वक अपनी बात रखी थी। राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ला सकती है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने संकेत दिया है कि राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने पर विचार किया जा रहा है। क्या होता है विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के माध्यम से संसद या विधानसभा का कोई सदस्य यह मुद्दा उठा सकता है कि किसी सदस्य, मंत्री या अधिकारी ने सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन किया है। Kanpur Lamborghini Crash : कानपुर लैंबॉर्गिनी केस का मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी संविधान के अनुच्छेद 105 में संसद सदस्यों के विशेषाधिकारों का उल्लेख है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। इन अधिकारों में सदन में बोलने की स्वतंत्रता, सदन में दिए गए वक्तव्य पर अदालत में मुकदमा न चलना और सही व पूर्ण जानकारी पाने का अधिकार शामिल है। यदि किसी सदस्य को लगता है कि इन अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो वह संबंधित सदन के अध्यक्ष को नोटिस देता है। स्पीकर या सभापति यह तय करते हैं कि मामला विचारणीय है या नहीं। Bharat Bandh 2026 : ट्रेड डील से लेकर नए विधेयकों के खिलाफ आज भारत बंद, जानिए किन सेवाओं पर असर अनुमति मिलने पर इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाता है, जो जांच कर अपनी रिपोर्ट देती है। इसके आधार पर सदन आगे की कार्रवाई तय करता है। दोषी पाए जाने पर संबंधित सदस्य को फटकार, चेतावनी, निलंबन या दुर्लभ मामलों में हिरासत जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
Singrauli Double Murder : अंधविश्वास का खूनी तांडव, सिंगरौली में ‘जादू-टोने’ के शक में डबल मर्डर!

Singrauli Double Murder : सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के अंतरवा गांव में अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां 21 वर्षीय युवक छत्रपति सिंह ने कथित रूप से ‘जादू-टोने’ के शक में अपने दो पड़ोसियों की हत्या कर दी। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। Kanpur Lamborghini Crash : कानपुर लैंबॉर्गिनी केस का मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी पड़ोसियों पर था शक पुलिस के अनुसार, आरोपी को संतान न होने और पत्नी के गर्भपात के लिए पड़ोसियों पर शक था। इसी अंधविश्वास के चलते उसने 65 वर्षीय केवल सिंह और 50 वर्षीय फूलमती सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में सुमित्रा सिंह और राम भजन गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। दो साल पहले हुई थी आरोपी की शादी वारदात के बाद आरोपी ने खुद को घर में बंद कर लिया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। Bhopal Gandhi Medical Suicide : भोपाल GMC छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत, परिवार बोला- आत्महत्या नहीं, जांच हो छत्रपति सिंह की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन की लोगों से अपील इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और उसके खतरनाक परिणामों को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों और अंधविश्वास से दूर रहने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए कानूनी और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
Kanpur Lamborghini Crash : कानपुर लैंबॉर्गिनी केस का मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी

Kanpur Lamborghini Crash : उत्तर प्रदेश। कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हिट-एंड-रन मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। उसे आज अदालत में पेश किया जाएगा। यह वही हाई-प्रोफाइल मामला है, जिसमें 8 फरवरी को करोड़ों रुपये कीमत की लैंबॉर्गिनी कार ने वीआईपी रोड पर अनियंत्रित होकर कई लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में छह लोग घायल हुए थे। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से बदली जांच की दिशा शुरुआती दौर में बचाव पक्ष की ओर से दावा किया गया था कि घटना के समय कार शिवम मिश्रा नहीं, बल्कि उसका ड्राइवर मोहन चला रहा था। मोहन ने भी अदालत में पेश होकर यही बयान दिया था। हालांकि पुलिस की जांच इससे अलग दिशा में जाती दिखाई दी। पुलिस ने घटनास्थल की मैपिंग, CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और वाहन के अंदर से मिले फॉरेंसिक संकेतों की समीक्षा की। Bharat Bandh 2026 : ट्रेड डील से लेकर नए विधेयकों के खिलाफ आज भारत बंद, जानिए किन सेवाओं पर असर जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि दुर्घटना के समय ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही मौजूद था। सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कार से बाहर निकलने वाला व्यक्ति भी शिवम से मिलता-जुलता दिखाई देता है। ओवरस्पीडिंग से कार हुई उनकंट्रोल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और चश्मदीदों के अनुसार कार अत्यधिक तेज रफ्तार में थी और चालक ने नियंत्रण खो दिया था। इसके बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि गाड़ी कौन चला रहा था। Bhopal Gandhi Medical Suicide : भोपाल GMC छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत, परिवार बोला- आत्महत्या नहीं, जांच हो समझौते से नया मोड़ मामले में उस समय नया मोड़ आया जब ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक, जिसने मुकदमा दर्ज कराया था, ने मुआवजा मिलने के बाद आगे कानूनी कार्रवाई नहीं करने की इच्छा जताई। तौफीक को कथित रूप से 20 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दिए गए। एक लिखित समझौते में यह उल्लेख किया गया कि समझौता बिना किसी दबाव के हुआ है। हालांकि पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण समझौते को लेकर उच्च स्तर से दबाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। Bombay High Court Decision : महात्मा गांधी पर निबंध लिखा तो रेप की सजा हुई कम! बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला आगे की कार्रवाई पुलिस अब अदालत से शिवम मिश्रा की कस्टडी रिमांड मांग सकती है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि दुर्घटना से पहले क्या हुआ, कार किसके निर्देश पर चलाई जा रही थी और ड्राइवर मोहन के बयान में विरोधाभास क्यों सामने आए। लैंबॉर्गिनी एक इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार है, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और अदालत की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
Bharat Bandh 2026 : ट्रेड डील से लेकर नए विधेयकों के खिलाफ आज भारत बंद, जानिए किन सेवाओं पर असर

Bharat Bandh 2026 : नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और देश की कई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में 30 करोड़ से अधिक कर्मचारी शामिल हो सकते हैं, जिससे देश के कई हिस्सों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। Bhopal Gandhi Medical Suicide : भोपाल GMC छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत, परिवार बोला- आत्महत्या नहीं, जांच हो किन मांगों को लेकर प्रदर्शन? एसकेएम ने बयान जारी कर कहा कि प्रदर्शन न्यू लेबर कोड को वापस लेने, बिजली विधेयक-2025 और बीज विधेयक-2025 को रद्द करने, विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB-G RAM G एक्ट-2025) को निरस्त करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने और सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांगों पर केंद्रित है। कृषि मजदूर यूनियनों का मंच और नरेगा संघर्ष मोर्चा (NSM) भी इस विरोध में शामिल हैं। Thailand Firing : 22 बच्चों समेत 34 लोगों की हत्या, डे-केयर में फायरिंग बिजली और बीज विधेयक पर आपत्ति किसान संगठनों का आरोप है कि प्रस्तावित बिजली विधेयक-2025 से बिजली दरें बढ़ेंगी और स्मार्ट मीटर लागू किए जाएंगे, जिससे किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं बीज विधेयक-2025 को लेकर आशंका जताई जा रही है कि इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दबदबा बढ़ेगा और बीजों की कीमतों पर नियंत्रण कमजोर होगा। किसान संगठनों ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार की मांग की है। Canada Mass Shooting : कनाडा स्कूल मास शूटिंग में 9 लोगों की मौत, PM Modi बोले- भारत, कनाडा के साथ मनरेगा बनाम VB-G RAM G प्रदर्शनकारी VB-G RAM G अधिनियम-2025 को मनरेगा के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी देता है, जबकि नया कानून इस अधिकार को कमजोर कर सकता है। इसके साथ ही सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और OPS बहाली की मांग भी प्रमुख है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विवाद एसकेएम ने हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए नुकसानदेह बताया है। संगठनों का आरोप है कि सस्ते आयात से भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले जलाने की अपील भी की गई है। Bombay High Court Decision : महात्मा गांधी पर निबंध लिखा तो रेप की सजा हुई कम! बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला बंद को मिला राजनीतिक समर्थन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस बंद का समर्थन करते हुए कहा कि मजदूरों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी बंद का समर्थन किया है और कहा है कि उसके कार्यकर्ता किसानों और मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे। किन सेवाओं पर असर संभव? भारत बंद के चलते कई शहरों में बाजार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। स्कूल-कॉलेजों में भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि अस्पताल, एयरपोर्ट, एटीएम और अन्य जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित रहने की उम्मीद है। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा लोगों के लिए सलाह प्रशासन और यूनियनों ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा या जरूरी कार्यों की योजना पहले से बना लें। बैंकिंग या सरकारी कामकाज को समय रहते निपटाने की सलाह दी गई है, ताकि संभावित असुविधा से बचा जा सके। एसकेएम ने 2020-21 के किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि कई मांगें अब भी लंबित हैं, जिनमें सभी फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी शामिल है। संगठनों का कहना है कि 12 फरवरी का भारत बंद मजदूर-किसान एकता का बड़ा प्रदर्शन होगा।
Bhopal Gandhi Medical Suicide : भोपाल GMC छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत, परिवार बोला- आत्महत्या नहीं, जांच हो

Bhopal Gandhi Medical Suicide : मध्य प्रदेश। भोपाल से एक दुखद खबर सामने आई है। गांधी मेडिकल कॉलेज (Gandhi Medical College) की प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में कोहेफिजा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की बात कही है। Vande Mataram : ‘वंदे मातरम’ पर केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश, जानिए 2026 में क्या बदला और क्या है इसका इतिहास? दो दिन पहले पीजी में मिला था शव रोशनी अलीराजपुर जिले की रहने वाली थी और गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। दो दिन पहले उसका शव उसके पीजी (पेयिंग गेस्ट) के कमरे में मिला था। घटना के बाद कॉलेज परिसर और छात्र समुदाय में शोक का माहौल है। Thailand Firing : 22 बच्चों समेत 34 लोगों की हत्या, डे-केयर में फायरिंग परिजनों ने की गहन जांच की मांग परिजनों ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। परिवार का आरोप है कि घटना के पीछे की परिस्थितियों की सही तरीके से पड़ताल की जानी चाहिए। Bombay High Court Decision : महात्मा गांधी पर निबंध लिखा तो रेप की सजा हुई कम! बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला गौरतलब है कि भोपाल में पिछले चार वर्षों में एमबीबीएस छात्रों की मौत के ऐसे छह मामले सामने आ चुके हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मेडिकल शिक्षा के माहौल, छात्रों पर पड़ने वाले दबाव और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Thailand Firing : 22 बच्चों समेत 34 लोगों की हत्या, डे-केयर में फायरिंग

Thailand Firing 34 People Killed : थाईलैंड से दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है। दो अलग-अलग घटनाओं में कुल 34 लोगों की जान चली गई, जिनमें 22 मासूम बच्चे शामिल हैं। इन घटनाओं को थाईलैंड के इतिहास की सबसे भयावह और घातक वारदातों में से एक माना जा रहा है। 22 बच्चों और 12 वयस्कों की मौत पहली और सबसे दर्दनाक घटना में एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने एक डे-केयर सेंटर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में कम से कम 22 बच्चों और 12 वयस्कों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया और पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। Canada Mass Shooting : कनाडा स्कूल मास शूटिंग में 9 लोगों की मौत, PM Modi बोले- भारत, कनाडा के साथ स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, यह देश के इतिहास की सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी की घटना है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमले के पीछे की वजहों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। स्कूल में फायरिंग इसी दौरान दक्षिण थाईलैंड के हाट याई क्षेत्र से भी एक और चिंताजनक घटना सामने आई। यहां एक स्कूल में 18 वर्षीय युवक ने फायरिंग कर दी, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर ने एक महिला कर्मचारी को बंधक भी बना लिया। हालांकि इस घटना में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे इलाके में दहशत फैल गई। Trump On Canada: गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर नाराज ट्रम्प की चेतावनी; कहा – चीन 1 साल में कनाडा को निगल जाएगा इन दोनों घटनाओं ने थाईलैंड में सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों की पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । पूरे देश में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं और लोग एकजुट होकर इस त्रासदी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
Canada Mass Shooting : कनाडा स्कूल मास शूटिंग में 9 लोगों की मौत, PM Modi बोले- भारत, कनाडा के साथ

PM Modi on Canada Mass Shooting : कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के टम्बलर रिज नामक छोटे माइनिंग टाउन में हुए सामूहिक गोलीकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में 9 -10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, हमलावर ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद भी जान दे दी। प्रारंभिक जानकारी में संदिग्ध को भूरे बालों वाली महिला या महिला जैसे कपड़े पहने व्यक्ति के रूप में वर्णित किया गया था, हालांकि पुलिस ने अभी उसकी पहचान और पृष्ठभूमि को सार्वजनिक नहीं किया है। इस घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक साझा किया है। Bombay High Court Decision : महात्मा गांधी पर निबंध लिखा तो रेप दोषी की सजा हुई कम! बॉम्बे हाई कोर्ट का हैरान करने वाला फैसला पीएम मोदी ने जताया शोक प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल एमडीए एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा कि, कनाडा में हुई भयानक शूटिंग से बहुत दुख हुआ है। मैं उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। भारत इस गहरे दुख की घड़ी में कनाडा के लोगों के साथ खड़ा है। हाई स्कूल में सात लोगों के शव मिले रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के उत्तरी जिले के प्रमुख चीफ सुपरिटेंडेंट केन फ्लॉयड ने मंगलवार रात (स्थानीय समयानुसार) वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टम्बलर रिज के एक स्थानीय हाई स्कूल में सात लोगों के शव मिले, जबकि पास के एक घर से दो अन्य शव बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, कथित हमलावर स्कूल परिसर में मृत पाया गया। स्कूल में मौजूद लगभग 100 छात्र और कर्मचारी सुरक्षित हैं और उन्हें तत्काल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। Donald Trump Tariff : ट्रंप का बड़ा ऐलान- भारत पर टैरिफ 50% से घटकर 18%, रूसी तेल खरीद बंद करने पर सहमति एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया पुलिस ने गोपनीयता और जारी जांच का हवाला देते हुए यह स्पष्ट नहीं किया कि हमलावर छात्र था या वयस्क। हालांकि, अधिकारियों ने पुष्टि की कि वही व्यक्ति “एक्टिव अटैकर” अलर्ट में संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया था। घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि 25 अन्य लोगों का स्थानीय मेडिकल सेंटर में उपचार और परीक्षण किया गया। ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने इस घटना को “अकल्पनीय रूप से दुखद” बताया और कहा कि प्रांतीय सरकार प्रभावित समुदाय को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। Trump On Canada: गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर नाराज ट्रम्प की चेतावनी; कहा – चीन 1 साल में कनाडा को निगल जाएगा वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे “भयानक हिंसा” करार दिया। हमले के पीछे की मंशा अभी स्पष्ट नहीं पुलिस प्रमुख फ्लॉयड ने कहा कि हमले के पीछे की मंशा अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को समझना कठिन होता है, लेकिन पुलिस पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस के अनुसार, स्कूल और पास के घर में हुई गोलीबारी आपस में जुड़ी हुई घटनाएं हैं। करीब 2,400 की आबादी वाला टम्बलर रिज एक छोटा कोयला खनन शहर है, जो डायनासोर के पैरों के निशान और जीवाश्मों के लिए भी जाना जाता है। Donald Trump: ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट वायरल; खुद को बताया इस देश का एक्टिंग राष्ट्रपति कनाडा में इस तरह की गोलीबारी की घटनाएं आम नहीं हैं। इससे पहले स्कूल से जुड़ी बड़ी घटना साल 1989 में मॉन्ट्रियल में हुई थी, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई थी। हाल के वर्षों में 2020 की नोवा स्कोटिया की घटना भी काफी चर्चित रही थी।
Bombay High Court Decision : महात्मा गांधी पर निबंध लिखा तो रेप की सजा हुई कम! बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला

Bombay High Court Decision : मुंबई। भारत में लंबे समय से बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के लिए कड़े कानून और सख्त सजा की मांग उठती रही है। खासकर नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामलों में कानून बेहद कठोर है, जिसमें न्यूनतम 20 साल के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक का प्रावधान है। इसी बीच बॉम्बे हाई कोर्ट के एक हालिया फैसले ने कानूनी और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। Rahul Gandhi Speech in Lok Sabha : एपस्टीन फाइल्स, अडाणी, ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, सदन में हंगामा ये है पूरा मामला दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने वर्ष 2016 में पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए युवक की उम्रकैद की सजा को घटाकर 12 साल कर दिया है। 2 फरवरी को पारित आदेश में जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस संदेश पाटिल की पीठ ने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सजा में आंशिक कमी की। यह फैसला आरोपी की ओर से दायर अपील पर सुनाया गया। इन विशेष परिस्थितियों को बनाया आधार अदालत ने सजा में कमी के पीछे कुछ विशेष परिस्थितियों को आधार बनाया। कोर्ट ने कहा कि अपराध के समय आरोपी की उम्र 20 वर्ष थी और उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। वह दिसंबर 2016 से लगातार जेल में बंद है और कोविड-19 महामारी के दौरान भी उसे अंतरिम रिहाई नहीं मिली। इन तथ्यों को सजा निर्धारण के दौरान महत्वपूर्ण माना गया। Vande Mataram : ‘वंदे मातरम’ पर केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश, जानिए 2026 में क्या बदला और क्या है इसका इतिहास? सुधार की संभावनाओं को नहीं कर सकते नजरअंदाज हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि जेल में रहते हुए आरोपी ने सुधारात्मक गतिविधियों में भाग लिया। रिकॉर्ड में प्रस्तुत प्रमाणपत्रों के अनुसार उसने शैक्षणिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जिनमें महात्मा गांधी पर निबंध प्रतियोगिता और उनके विचारों से जुड़े अध्ययन कार्यक्रम शामिल थे। अदालत ने कहा कि सुधार की संभावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि पीठ ने स्पष्ट किया कि अपराध अत्यंत गंभीर है, लेकिन दंड निर्धारण में सुधार की संभावना भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। Naravane Book Controversy : नरवणे किताब विवाद में दिल्ली पुलिस की एंट्री, पेंगुइन इंडिया भेजा नोटिस अदालत के अनुसार 12 वर्ष का कारावास न्याय के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी द्वारा अब तक जेल में बिताई गई अवधि को संशोधित सजा में समायोजित किया जाएगा। पांच साल की बच्ची के साथ किया था यौन अपराध अभियोजन पक्ष के अनुसार, 9 दिसंबर 2016 को पांच वर्षीय बच्ची पानी भरने के लिए पड़ोसी के घर गई थी, जहां आरोपी ने उसके साथ यौन अपराध किया। बच्ची ने भयभीत अवस्था में अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। ट्रायल के दौरान आठ वर्ष की आयु में पीड़िता ने अदालत में गवाही दी। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नाबालिग की गवाही विश्वसनीय और स्पष्ट थी। अदालत ने पाया कि बच्ची ने घटना का वर्णन बिना किसी सिखावन या दबाव के किया, जिससे उसकी गवाही पर भरोसा किया गया। इसी आधार पर दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया, जबकि सजा में आंशिक राहत दी गई।
Rahul Gandhi Speech in Lok Sabha : एपस्टीन फाइल्स, अडाणी, ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, सदन में हंगामा

Rahul Gandhi Speech in Lok Sabha : नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने लगातार आपत्ति जताई, जिससे सदन में कई बार शोर-शराबा हुआ। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में एपस्टीन फाइल्स, अडाणी समूह, अमेरिका के साथ ट्रेड डील और भारत के डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। Vande Mataram : ‘वंदे मातरम’ पर केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश, जानिए 2026 में क्या बदला और क्या है इसका इतिहास? एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर टिप्पणी राहुल गांधी ने कहा कि “तीन मिलियन फाइल्स अब भी लॉक के अंदर हैं” और प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिखता है। उन्होंने दावा किया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में चल रहा केस वास्तव में प्रधानमंत्री से जुड़ा है और यह भाजपा के “फाइनेंशियल स्ट्रक्चर” से संबंधित है। उन्होंने कहा कि अडाणी कोई साधारण व्यवसायी नहीं हैं और उनकी कंपनी पर अमेरिका में मामला चल रहा है। राहुल आरोप साबित करें इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताई। रिजिजू ने राहुल से अपने आरोप साबित करने की मांग की और कहा कि बिना आधार के आरोप सदन के रिकॉर्ड में नहीं जाने चाहिए। स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलते रहने की अनुमति दी और कहा कि सबूत बाद में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। Naravane Book Controversy : नरवणे किताब विवाद में दिल्ली पुलिस की एंट्री, पेंगुइन इंडिया भेजा नोटिस सत्ता पक्ष की तीखी आपत्ति दर्ज राहुल गांधी ने उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम लेते हुए कहा कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है, लेकिन उन्हें जेल नहीं हुई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी उल्लेख किया। इस पर फिर से सत्ता पक्ष की ओर से तीखी आपत्ति दर्ज कराई गई और सदन में शोरगुल बढ़ गया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हमला राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के सामने “पूरी तरह सरेंडर” कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया, जबकि अमेरिका का टैरिफ 16% से घटकर शून्य हो गया। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचेगा। UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को नौकरी, लड़कियों की शादी में 1 लाख! चुनाव से पहले यूपी का 9.12 लाख करोड़ का बजट उन्होंने कहा, “क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने भारत माता को बेच दिया है।” राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में भारत ने समझौता किया और प्रधानमंत्री की आंखों में डर साफ दिखता है। डेटा सुरक्षा पर क्या बोले राहुल राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों की नजर भारत के डेटा पर है। उन्होंने AI के दौर में डेटा को “पेट्रोल” के समान महत्वपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि बजट में डेटा सुरक्षा को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उनके मुताबिक, अगर इंडिया ब्लॉक सत्ता में होता तो अमेरिका से बराबरी की शर्तों पर बातचीत करता। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा उन्होंने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया “युद्ध के दौर” में प्रवेश कर चुकी है। गाजा, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक टकराव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा और वित्त को हथियार बनाया जा रहा है, लेकिन बजट में इन चुनौतियों से निपटने की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिखती। गलत बयानी करना राहुल की आदत राहुल गांधी के बयान पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “गलत बयानी करना इनकी आदत बन गई है।” किरेन रिजिजू ने भी आरोपों को निराधार बताया। सदन में कई बार व्यवधान हुआ और पीठासीन अधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा। CBSE Copy Checking Rule : CBSE ने बदला कॉपी चेकिंग रूल, अब 12वीं कॉपियों की जांच डिजिटली 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन बरकरार इसी बीच, लोकसभा से निलंबित आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका निलंबन पूरे बजट सत्र तक जारी रहेगा, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगा। इन सांसदों पर राहुल गांधी को बोलने से रोकने के विरोध में हंगामा करने और चेयर की ओर कागज फेंकने का आरोप है। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा, गुरजीत सिंह औजिला, हिबी ईडन, डीन कुरियकोज, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और CPM के एस वेंकटेशन शामिल हैं।
Vande Mataram : ‘वंदे मातरम’ पर केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश, जानिए 2026 में क्या बदला और क्या है इसका इतिहास?

Vande Mataram : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर विस्तृत नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी को जारी आदेश की जानकारी 11 फरवरी को सार्वजनिक हुई। नए प्रोटोकॉल के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों और अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया या गाया जाएगा और इस दौरान सभी लोगों का सावधान मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। यदि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ गाया जाएगा। क्या हैं प्रमुख बदलाव नए नियमों के तहत अब राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे सामूहिक रूप से गाए या बजाए जाएंगे। इसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड (190 सेकेंड) तय की गई है। अब तक प्रचलन में मुख्यतः पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे। राष्ट्रगान की तरह ही ‘वंदे मातरम’ के दौरान भी लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक संस्करण ही इस्तेमाल किया जाएगा। Naravane Book Controversy : नरवणे किताब विवाद में दिल्ली पुलिस की एंट्री, पेंगुइन इंडिया भेजा नोटिस किन अवसरों पर अनिवार्य होगा ‘वंदे मातरम’ नई गाइडलाइन के अनुसार निम्न अवसरों पर राष्ट्रगीत अनिवार्य रूप से गाया या बजाया जाएगा- राष्ट्रध्वज को परेड में लाते समय तिरंगा फहराते समय किसी कार्यक्रम में राष्ट्रपति के आगमन पर राष्ट्रपति के संबोधन से पहले और बाद में राज्यपाल/उपराज्यपाल के समारोहों में राज्यपालों के भाषण से पहले और बाद में सिविलियन अवॉर्ड समारोह (भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री) स्कूलों में कार्य शुरू होने से पहले। हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सभी संभावित अवसरों की सूची देना संभव नहीं है। UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को नौकरी, लड़कियों की शादी में 1 लाख! चुनाव से पहले यूपी का 9.12 लाख करोड़ का बजट सिनेमा हॉल में क्या लागू होगा? नए नियम सिनेमा हॉल पर लागू नहीं होंगे। यानी फिल्मों से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा। यदि किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया जाता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा, ताकि प्रदर्शन में व्यवधान न आए। 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पहल केंद्र सरकार इस समय ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का आयोजन कर रही है। इसी क्रम में 77वें गणतंत्र दिवस की परेड की थीम भी ‘वंदे मातरम’ रखी गई थी। संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ को बेस्ट झांकी का पुरस्कार मिला था। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा क्या है वंदे मातरम का इतिहास ‘वंदे मातरम’ की रचना बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को की थी। यह 1882 में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत और नारा बन गया। 1905 के बंग-भंग आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ राजनीतिक नारे के रूप में उभरा। ब्रिटिश शासन ने कई स्थानों पर इसके सार्वजनिक गायन पर रोक लगाई, लेकिन देशभर में आंदोलनकारियों ने इसे विरोध के प्रतीक के रूप में अपनाया। CBSE Copy Checking Rule : CBSE ने बदला कॉपी चेकिंग रूल, अब 12वीं कॉपियों की जांच डिजिटली 1937 में क्यों हटाए गए चार छंद? 1930 के दशक में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने के बीच मुस्लिम लीग ने गीत के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई। 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने निर्णय लिया कि राष्ट्रीय आयोजनों में केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे। इस निर्णय में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस सहित कई नेता शामिल थे। बाद में संविधान सभा ने भी इसी स्वरूप को स्वीकार किया। 1950 में मिला राष्ट्रगीत का दर्जा 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की कि ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान होगा, जबकि ‘वंदे मातरम’ को समान सम्मान और दर्जा दिया जाएगा, उसकी ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए। Aadi Mahotsav 2026 : भोपाल हाट में सजा आदिवासी संस्कृति का रंगीन संसार, एम्ब्रॉयडरी से बांस कला तक सब कुछ हालिया राजनीतिक विवाद वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर संसद के शीतकालीन सत्र में विशेष चर्चा हुई थी, जहां इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए। भाजपा और कांग्रेस के बीच 1937 के फैसले और उसके संदर्भों को लेकर बहस छिड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस विषय पर विस्तृत भाषण दिया था। अब क्या बदला है? नए दिशानिर्देशों के तहत आधिकारिक आयोजनों में छहों छंद गाना अनिवार्य किया गया है, जिनमें वे चार छंद भी शामिल हैं जिन्हें 1937 में राष्ट्रीय आयोजनों से हटाया गया था। राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत गाने का क्रम तय किया गया है और सभी को सावधान मुद्रा में खड़े रहना होगा। Holi Special Train 2026 : होली पर रानी कमलापति–दानापुर के बीच स्पेशल ट्रेन, 27 फरवरी से होगी शुरू इस तरह केंद्र सरकार ने पहली बार ‘वंदे मातरम’ के गायन और प्रस्तुति को लेकर विस्तृत और औपचारिक प्रोटोकॉल जारी किया है, जिससे इसके आयोजन और सम्मान को लेकर एकरूपता सुनिश्चित की जा सके।