Aayudh

Israel US Iran War Update : इजरायली हमले में मारा गया हिजबुल्लाह का नया चीफ नईम कासिम, IDF का दावा

Israel US Iran War Update

Israel US Iran War Update : तेहरान। ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है। लेबनान पर इजरायल के ताजा हमले में हिजबुल्लाह के नए प्रमुख नईम कासिम के मारे जाने का दावा किया गया है। इजरायली सेना ने बुधवार को हुए हमले के बाद यह जानकारी दी। इजरायली रक्षा बल IDF के मुताबिक, बेरूत में किए गए हमले में नईम कासिम को निशाना बनाया गया। कासिम को हाल ही में हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख हसन नरसल्लाह की मौत के बाद संगठन की कमान सौंपी गई थी। इससे पहले वह संगठन में डिप्टी चीफ की भूमिका निभा रहे थे। Iran War Ceasefire : पाकिस्तान पर दबाव डालकर अमेरिका ने ईरान से कराई सीजफायर डील हिजबुल्लाह के कई अहम ठिकानों को नुकसान IDF ने अपने बयान में कहा कि दक्षिणी लेबनान में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए हमलों के दौरान यह कार्रवाई की गई। सेना ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में हिजबुल्लाह के कई अहम ठिकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इजरायली सेना ने यह भी बताया कि हमले में कासिम के करीबी सहयोगी और निजी सचिव अली यूसुफ खरशी भी मारे गए हैं। खरशी, नईम कासिम के भतीजे थे और संगठन के अंदर सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम बोलेंगे तो दोजख की आग में जलेंगे… पार्षद रुबीना इकबाल का विवादित बयान लेबनान में दो महत्वपूर्ण क्रॉसिंग्स को बनाया निशाना आईडीएफ के अनुसार, बीती रात लेबनान में दो महत्वपूर्ण क्रॉसिंग्स को भी निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल हिजबुल्लाह के लड़ाके उत्तरी लितानी से दक्षिणी लितानी क्षेत्र में हथियार, रॉकेट और लॉन्चर ले जाने के लिए करते थे। इन रास्तों के जरिए बड़ी मात्रा में हथियारों का ट्रांसफर किया जाता था। इसके अलावा, दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े लगभग 10 ठिकानों पर भी हमले किए गए, जिनमें हथियार भंडारण केंद्र, लॉन्चिंग साइट्स और मुख्यालय शामिल बताए गए हैं। Bhopal Road Collapse : भोपाल में फिर भ्रष्टाचार उजागर! राजभवन के सामने VVIP इलाके में धंसी सड़क इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने की प्रक्रिया चल रही है।

Iran War Ceasefire : पाकिस्तान पर दबाव डालकर अमेरिका ने ईरान से कराई सीजफायर डील

Iran War Ceasefire

Iran War Ceasefire : तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान के साथ सीजफायर के लिए काफी उत्सुक था और इस डील को आगे बढ़ाने के लिए उसने पाकिस्तान पर दबाव डाला। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने भले ही खुद को एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में पेश किया, लेकिन वास्तव में वह अमेरिका के लिए एक माध्यम के तौर पर काम कर रहा था। सीजफायर के लिए अपनाई ये रणनीति रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन और इस्लामाबाद का मानना था कि अगर अमेरिका समर्थित प्रस्ताव किसी मुस्लिम-बहुल पड़ोसी देश के जरिए ईरान के सामने रखा जाएगा, तो तेहरान उसे आसानी से स्वीकार कर सकता है। इसी रणनीति के तहत पाकिस्तान को मध्यस्थ की भूमिका दी गई। बताया गया है कि कई हफ्तों तक ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहा, ताकि वह ईरान को युद्धविराम के लिए राजी कर सके। इस सीजफायर का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी था, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। Iran War Update : लेबनान में इजराइली हमलों से 254 की मौत, सीजफायर पर विवाद और वैश्विक संकट की चेतावनी आसिम मुनीर के जरिये बातचीत बढ़ाया को आगे रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में बैक-चैनल कूटनीति के जरिए बातचीत को आगे बढ़ाया गया। अंततः मंगलवार रात को अमेरिका, इजरायल और ईरान दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर पर सहमत हो गए। इस घटनाक्रम से यह भी संकेत मिलता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक तौर पर भले ही ईरान को कड़ी धमकियां दे रहे थे, लेकिन अंदरखाने वे जल्द से जल्द सीजफायर चाहते थे। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप बढ़ती तेल कीमतों और ईरान की मजबूत स्थिति को लेकर चिंतित थे और 21 मार्च के बाद से ही युद्धविराम के लिए प्रयासरत थे। अमेरिका और ईरान से लगातार संपर्क घटनाक्रम की समय-सीमा पर नजर डालें तो ट्रंप की तय डेडलाइन के करीब आते ही पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने भी इस प्रस्ताव को सार्वजनिक किया, हालांकि एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि व्हाइट हाउस ने इस बयान को पहले ही मंजूरी दे दी थी। US-Iran War : सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही ईरानी ऑयल रिफाइनरी पर हमला, ईरान ने कुवैत पर किया अटैक बातचीत के दौरान अमेरिका ने 15-सूत्रीय प्रस्ताव रखा, जबकि ईरान की ओर से 5 और 10-सूत्रीय सुझाव सामने आए। समय के साथ ईरान कुछ मुद्दों पर नरम रुख अपनाने लगा, जिसमें यूरेनियम भंडार को सीमित करने जैसे प्रस्ताव शामिल थे। कुछ गुट थे समझौते के खिलाफ हालांकि, ईरान के अंदर भी इस सीजफायर को लेकर मतभेद देखने को मिले। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भीतर युद्ध जारी रखने और बातचीत करने को लेकर दो धड़े बन गए थे। कुछ गुट इस समझौते के खिलाफ थे और अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए थे। इसी बीच, सऊदी अरब के जुबैल क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमले को बातचीत को पटरी से उतारने की कोशिश माना गया। पाकिस्तान ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान को स्पष्ट संकेत दिया कि ऐसे कदम शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम बोलेंगे तो दोजख की आग में जलेंगे… पार्षद रुबीना इकबाल का विवादित बयान आखिरकार, बढ़ते दबाव और कूटनीतिक प्रयासों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधि भेजने पर सहमति दे दी। इस तरह कई देशों की सक्रिय भूमिका के बाद अस्थायी सीजफायर संभव हो पाया, लेकिन क्षेत्र में स्थायी शांति अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम बोलेंगे तो दोजख की आग में जलेंगे… पार्षद रुबीना इकबाल का विवादित बयान

Indore Vande Mataram

Vande Mataram Controversy : मध्य प्रदेश। इंदौर नगर निगम में बुधवार को बजट चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाने (Vande Mataram Controversy) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। इस दौरान सभापति के निर्देश पर फौजिया शेख अलीम ने कहा कि उन्हें वह कानून दिखाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य बताया गया हो। इस बयान के बाद सदन में भाजपा पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। किसी की दादागीरी नहीं मानेंगी स्थिति को संभालने के लिए सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए। वहीं, सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद पार्षद रुबीना इकबाल ने मीडिया से बातचीत में अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि वे किसी की दादागीरी नहीं मानेंगी। रुबीना इकबाल (Rubina Iqbal) ने कहा कि वे ‘जन गण मन’ और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे गीत गाती हैं, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ बोलना उनके धर्म में मना है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में केवल एक अल्लाह की इबादत करने का नियम है। उनके अनुसार ‘वंदे’ का अर्थ इबादत करना और ‘मातरम’ का अर्थ धरती मां होता है, इसलिए वे इसे नहीं बोल सकतीं। ‘वंदे मातरम्’ कहने पर दोजख की आग में जलना पड़ता है। Iran War Update : लेबनान में इजराइली हमलों से 254 की मौत, सीजफायर पर विवाद और वैश्विक संकट की चेतावनी वंदे मातरम कहना होगा यह दबाव बनाने जैसा उन्होंने यह भी कहा कि वे देश के खिलाफ नहीं हैं और हमेशा राष्ट्र का सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग उनसे कहते हैं कि यहां रहना है तो ‘वंदे मातरम्’ कहना होगा, तो यह दबाव बनाने जैसा है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने धार्मिक आधार पर अपने फैसले को सही ठहराया। रुबीना इकबाल (Rubina Iqbal) ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ऐसे मुद्दों पर उनका साथ नहीं देती और सिर्फ वोट लेने के समय सक्रिय रहती है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे निर्दलीय चुनाव जीतती हैं और जरूरत पड़ने पर किसी अन्य पार्टी, जैसे ओवैसी की पार्टी, में भी जा सकती हैं। US-Iran War : सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही ईरानी ऑयल रिफाइनरी पर हमला, ईरान ने कुवैत पर किया अटैक इस पूरे विवाद पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश की आजादी के आंदोलन से जुड़ा हुआ है और इसे न गाना शहीदों का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बीजेपी ने कही ये बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी इस घटना को शहीदों का अपमान बताया और कहा कि कांग्रेस को अपने पार्षदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेगा। भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट डॉ. प्रेम व्यास ने भी कहा कि देश में दो तरह की सोच है, जिनमें से एक ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ाव रखने वाली है और दूसरी इससे दूरी बनाने वाली। उन्होंने इस मुद्दे को विचारधारा से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। Weather Report : राजस्थान में ओले ! चारों धाम में भारी बर्फबारी, MP समेत कई राज्यों में हैवी रेन अलर्ट कांग्रेस ने बताया बीजेपी का रचाया खेल वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया एडवाइजर केके मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के साथ मिलकर रचा गया खेल बताया। उन्होंने शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे से मांग की कि रुबीना इकबाल को पार्टी से बर्खास्त किया जाए। इस पूरे मामले के बाद इंदौर की राजनीति में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बहस तेज हो गई है और दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

Iran War Update : लेबनान में इजराइली हमलों से 254 की मौत, सीजफायर पर विवाद और वैश्विक संकट की चेतावनी

Iran War Update

Iran War Update : तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच लेबनान में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इजराइल के हमलों में एक ही दिन में 254 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस बड़ी त्रासदी के बाद लेबनान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव है, क्योंकि बड़ी संख्या में घायलों का इलाज करना चुनौती बन गया है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि सरकार देश के सभी राजनीतिक और कूटनीतिक संसाधनों का इस्तेमाल कर इजराइली हमलों को रोकने की कोशिश कर रही है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। SC on Sabarimala Case : कोर्ट धार्मिक परंपरा को नहीं कह सकता अंधविश्वास, सरकार का पक्ष, SC बोला- हमें रिव्यू का पूरा अधिकार इजराइल के पीएम ने कही ये बात इस बीच सीजफायर को लेकर विवाद और गहरा गया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ने ऐसा कोई वादा नहीं किया था। अमेरिका को सीजफायर करना है या नहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को यह तय करना होगा कि वह सीजफायर लागू करना चाहता है या इजराइल के जरिए जंग जारी रखना चाहता है, क्योंकि दोनों साथ नहीं चल सकते। होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर टैक्स इसी बीच फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लगाने की योजना बना रहा है। यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में लिया जाएगा। US-Iran War : सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही ईरानी ऑयल रिफाइनरी पर हमला, ईरान ने कुवैत पर किया अटैक ईरान जहाजों की कड़ी निगरानी करेगा और उन्हें पहले अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी। ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह कदम हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए उठाया जा रहा है, हालांकि इससे प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इजराइल की सैन्य कार्रवाई तेज दक्षिणी लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई भी तेज हो गई है। हारूफ शहर के बाद अब अल-दुवैर क्षेत्र को निशाना बनाया गया है। अल जजीरा अरबी के मुताबिक, यह हमले बढ़ते संघर्ष के बीच किए गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता से पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी घोषित की है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया है। इस वार्ता में अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। Share Market Today : सीजफायर के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल! सेंसेक्स 3000 अंक चढ़ा, निफ्टी भी 900 अंक ऊपर सीजफायर लेबनान में भी लागू किया ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मांग की है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर लेबनान में भी लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह समझौता सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे स्थायी समाधान में बदलना जरूरी है। ईरान युद्ध के कारण गहरा सकता है वैश्विक खाद्य संकट वहीं, वर्ल्ड बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य संकट गहरा सकता है। तेल, गैस और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी से खाद्य पदार्थ महंगे होंगे और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और आयात पर निर्भर देशों पर पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने की निंदा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान में इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने नागरिकों की मौत पर चिंता जताते हुए कहा कि यह संघर्ष सीजफायर के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। अमेरिका अपनी सैन्य तैनाती जारी रखेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ अंतिम समझौते का पूरी तरह पालन नहीं होता, तब तक अमेरिका अपनी सैन्य तैनाती जारी रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो पहले से ज्यादा विनाशकारी कार्रवाई हो सकती है। Rajendra Bharti Case Update : MP कांग्रेस को झटका, राजेंद्र भारती मामले की टली सुनवाई अल-अक्सा मस्जिद को खोला यरुशलम में 40 दिन बाद अल-अक्सा मस्जिद को खोल दिया गया है। पाबंदियां हटते ही बड़ी संख्या में नमाजी वहां पहुंचे और इबादत की। यह मस्जिद इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है और यहां लगी रोक को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था। ईरान ने सऊदी अरब विदेश मंत्री से की बात ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच भी फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच 2023 में सात साल बाद कूटनीतिक संबंध बहाल हुए थे। सऊदी अरब की अबकैक प्रोसेसिंग फैसिलिटी पर हमले के बाद सैटेलाइट तस्वीरों में आग और धुएं के गुबार दिखाई दिए हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड स्टेबलाइजेशन प्लांट है, जो वैश्विक तेल सप्लाई का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा देता है। Gold Silver and Share Market Today : सोना-चांदी चमके! शेयर बाजार में गिरावट, जानिये आज मार्केट का हाल एरबिल ड्रोन हमले के आरोपी गिरफ्तार इराक में एरबिल ड्रोन हमले के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हुई थी। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने इसकी जानकारी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को दी। सीजफायर लागू होने के बाद ईरान में पहले 24 घंटे में किसी नई मौत की खबर नहीं मिली है। हालांकि इस दौरान करीब 20 हमले दर्ज किए गए। 28 फरवरी से शुरू हुई जंग में अब तक ईरान में 1701 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 254 बच्चे शामिल हैं। वहीं, ईरान के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने देश में सत्ता परिवर्तन के दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ईरान में कोई वास्तविक बदलाव नहीं हुआ है और मौजूदा शासन अभी भी बना हुआ है।

SC on Sabarimala Case : कोर्ट धार्मिक परंपरा को नहीं कह सकता अंधविश्वास, सरकार का पक्ष, SC बोला- हमें रिव्यू का पूरा अधिकार

SC on Sabarimala Case

SC on Sabarimala Case : नई दिल्ली। धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दूसरे दिन भी सुनवाई जारी रही। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि कोई भी धर्मनिरपेक्ष अदालत किसी धार्मिक प्रथा को केवल अंधविश्वास नहीं कह सकती, क्योंकि अदालत के पास ऐसा तय करने की विशेषज्ञता नहीं होती। विविध समाज में एक ही प्रथा अलग-अलग मेहता ने दलील दी कि भारत जैसे विविध समाज में एक ही प्रथा अलग-अलग समुदायों के लिए अलग मायने रख सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जो चीज नगालैंड के किसी समुदाय के लिए धार्मिक हो सकती है, वही किसी अन्य व्यक्ति को अंधविश्वास लग सकती है। ऐसे में अदालत द्वारा इस तरह का निर्णय देना खतरनाक हो सकता है। Sabarimala SC Hearing : 3 दिन ‘अछूत’ चौथे दिन नहीं? जस्टिस नागरत्ना का सवाल, सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री पर केंद्र बोला- 2018 का फैसला गलत अदालत के पास न्यायिक समीक्षा का अधिकार इस पर न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि अदालत के पास न्यायिक समीक्षा का अधिकार है और वह यह तय कर सकती है कि कोई प्रथा अंधविश्वास है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बाद कानून बनाना या कार्रवाई करना विधायिका का काम हो सकता है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि अंतिम निर्णय केवल विधायिका ही करेगी। पुनर्विचार याचिकाएं की दाखिल यह मामला पिछले 26 वर्षों से अदालतों में लंबित है। वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को असंवैधानिक करार देते हुए हटा दिया था। इसके बाद इस फैसले के खिलाफ 50 से अधिक पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गईं। US-Iran War : सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही ईरानी ऑयल रिफाइनरी पर हमला, ईरान ने कुवैत पर किया अटैक 22 अप्रैल तक सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की संविधान पीठ 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, याचिकाकर्ता और उनके समर्थन में दलीलें 7 से 9 अप्रैल तक पेश की जाएंगी, जबकि विरोध करने वाले पक्ष 14 से 16 अप्रैल तक अपनी बात रखेंगे। कोर्ट में मेहता ने दिए ये तर्क सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह यह तय करने का अधिकार रखती है कि किसी धर्म में कौन-सी प्रथा अंधविश्वास पर आधारित है। वहीं मेहता ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों में संबंधित धार्मिक संप्रदाय का सदस्य होना जरूरी है। भक्तों द्वारा दाखिल नहीं की गई याचिकाएं इस पर न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना ने सवाल उठाया कि मूल याचिकाएं भक्तों द्वारा दाखिल नहीं की गई हैं, बल्कि युवा वकीलों के एक समूह ने यह मामला उठाया है। Weather Report : राजस्थान में ओले ! चारों धाम में भारी बर्फबारी, MP समेत कई राज्यों में हैवी रेन अलर्ट उन्होंने पूछा कि क्या किसी गैर-भक्त द्वारा धार्मिक परंपराओं को चुनौती दी जा सकती है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यदि किसी याचिका में जनहित का तत्व मौजूद है, तो अदालत उसकी जांच कर सकती है। सुनवाई के दौरान क्या बोले मेहता सुनवाई के दौरान ‘संवैधानिक नैतिकता’ और ‘सामाजिक नैतिकता’ के बीच अंतर को लेकर भी विस्तृत बहस हुई। मेहता ने कहा कि अदालत को निर्णय केवल सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य जैसे संवैधानिक मानकों के आधार पर करना चाहिए, न कि अस्पष्ट अवधारणाओं के आधार पर। कोर्ट ‘अंधविश्वास’ के आधार पर नहीं कर सकती हस्तक्षेप वहीं न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने यह सवाल उठाया कि यदि कोई प्रथा सार्वजनिक व्यवस्था या स्वास्थ्य के खिलाफ है, तो क्या अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। इस पर मेहता ने कहा कि अदालत हस्तक्षेप कर सकती है, लेकिन ‘अंधविश्वास’ के आधार पर नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर। Manipur Violence Update : मणिपुर हिंसा के बाद इन 5 जिलों में नो इंटरनेट, 5 साल और 6 महीने की बच्ची की मौत के बाद वबाल यह मामला न केवल धार्मिक स्वतंत्रता बल्कि महिलाओं के अधिकार, समानता और गरिमा जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक मुद्दों से जुड़ा हुआ है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में इस पर सुनवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस पर अहम कानूनी और संवैधानिक निष्कर्ष सामने आ सकते हैं।

US-Iran War : सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही ईरानी ऑयल रिफाइनरी पर हमला, ईरान ने कुवैत पर किया अटैक

US-Iran War

US-Iran War : तेहरान। ईरान में सीजफायर के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद फिर से हमला होने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लवन आइलैंड स्थित एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 10 बजे हुए इस हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई। मौके पर तुरंत फायर ब्रिगेड और सुरक्षा टीमों को भेजा गया। कुवैत के रक्षामंत्री ने कही ये बात इसी बीच कुवैत ने दावा किया है कि सीजफायर के बावजूद ईरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी के अनुसार, सुबह से अब तक 28 ईरानी ड्रोन मार गिराए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ ड्रोन देश के दक्षिणी हिस्से तक पहुंच गए थे और तेल प्लांट, बिजली घर तथा पानी के डीसैलिनेशन प्लांट जैसे अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे कुछ नुकसान भी हुआ है। Manipur Violence Update : मणिपुर हिंसा के बाद इन 5 जिलों में नो इंटरनेट, 5 साल और 6 महीने की बच्ची की मौत के बाद वबाल 40 दिनों बाद हुआ था 2 हफ्ते का सीजफायर दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिनों बाद दो हफ्तों के सीजफायर पर सहमति बनी है। डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि यह फैसला शहबाज शरीफ और पाकिस्तान के आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का एक प्रस्ताव भी भेजा है, जिस पर आगे बातचीत की जा सकती है। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का दावा है कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और यह समझौता ईरान की शर्तों पर हुआ है। Share Market Today : सीजफायर के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल! सेंसेक्स 3000 अंक चढ़ा, निफ्टी भी 900 अंक ऊपर ईरान का 10 पॉइंट का प्लान ईरान के इस 10 पॉइंट प्लान में अमेरिका और इजराइल से सभी सैन्य हमले पूरी तरह बंद करने, आर्थिक प्रतिबंध हटाने, फ्रीज की गई संपत्तियां वापस देने और युद्ध का स्थायी अंत करने की मांग शामिल है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना की वापसी, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखने की शर्त भी रखी गई है। ईरान ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से करीब 20 लाख डॉलर प्रति जहाज शुल्क लिया जाए, जिसे ओमान के साथ साझा किया जाएगा। हालांकि, ओमान ने इस मांग का विरोध किया है और कहा है कि होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का टोल नहीं लगाया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत ऐसे रास्तों पर सभी देशों को बिना शुल्क के आवाजाही का अधिकार होता है। US Iran War Ceasefire : 40 दिन बाद अमेरिका-ईरान जंग पर 2 हफ्ते का ब्रेक, ट्रम्प बोले- पाकिस्तान-चीन की अहम भूमिका लोगों को घर खाली करने की चेतावनी वहीं, सीजफायर के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है। इजराइल ने बेरुत के दक्षिणी इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने घर खाली करने की चेतावनी दी है। इन इलाकों में पहले से ही बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही दूसरी ओर, दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनी मर्स्क ने कहा है कि सीजफायर से कुछ राहत जरूर मिल सकती है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर। हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि स्थिति अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और किसी भी बड़े फैसले से पहले हालात पर नजर रखी जाएगी।

Weather Report : राजस्थान में ओले ! चारों धाम में भारी बर्फबारी, MP समेत कई राज्यों में हैवी रेन अलर्ट

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Weather Report : नई दिल्ली। देश में एक साथ दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के चारों धाम – केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फबारी हो रही है, जबकि राज्य के सभी जिलों में बारिश का दौर जारी है। तेज आंधी के साथ बरसे ओले राजस्थान में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और नागौर समेत कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और ओले गिरे हैं। कई इलाकों में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भरतपुर जिले में बिजली गिरने से एक मकान में सिलेंडर फट गया। लगातार बारिश के कारण तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। Pune Crime News : दूसरी शादी के लिए मां ने की 11 महीने के बेटे की हत्या, ऐसे खुला संगीन जुर्म का राज यूपी के इन जिलों में अलर्ट उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर साफ दिख रहा है। मेरठ, बरेली और शाहजहांपुर में ओले गिरे हैं, जबकि लखनऊ, गोरखपुर, गोंडा, जौनपुर और अलीगढ़ समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। पिछले सप्ताह आंधी और बिजली गिरने से 15 लोगों की मौत भी हो चुकी है। भिंड- मुरैना समेत यहां झमाझम बारिश के आसार मध्य प्रदेश में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जिससे मौसम अस्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग ने भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना और रीवा समेत 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। बीते दिनों कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का असर देखा गया। इस बीच जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। Manipur Violence Update : मणिपुर हिंसा के बाद इन 5 जिलों में नो इंटरनेट, 5 साल और 6 महीने की बच्ची की मौत के बाद वबाल इन राज्यों में IMD ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि का असर बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तेज बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दो दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 8 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। US Iran War Ceasefire : 40 दिन बाद अमेरिका-ईरान जंग पर 2 हफ्ते का ब्रेक, ट्रम्प बोले- पाकिस्तान-चीन की अहम भूमिका 9 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

Pune Crime News : दूसरी शादी के लिए मां ने की 11 महीने के बेटे की हत्या, ऐसे खुला संगीन जुर्म का राज

इंदौर-मारपीट

Pune Crime News : देश। पुणे में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 22 साल की एक महिला ने कथित तौर पर अपने ही 11 महीने के बेटे की हत्या कर दी और उसकी लाश को कुएं में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, महिला ऐसा इसलिए करना चाहती थी क्योंकि वह किसी दूसरे व्यक्ति से शादी कर नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी। बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट कराई दर्ज इस मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला के अलग रह रहे पति को उसकी किसी दूसरे आदमी के साथ तस्वीर मिली। उसे शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है, जिसके बाद उसने महिला से संपर्क किया और अपने बेटे को वापस लाने के लिए कहा। जब महिला ने उसे टाल दिया, तो उसने रंजनगांव MIDC पुलिस स्टेशन में 5 अप्रैल को बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। Bhopal Road Collapse : भोपाल में फिर भ्रष्टाचार उजागर! राजभवन के सामने VVIP इलाके में धंसी सड़क पूछताछ में महिला ने कबूला सच शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और महिला का पता शिरूर तालुका में लगाया। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ में महिला ने बताया कि बच्चा घर के एक चबूतरे से गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई और डर के कारण उसने लाश को ठिकाने लगा दिया। हालांकि, पुलिस की सख्त पूछताछ के बाद महिला ने सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने 8 मार्च को अपने 11 महीने के बेटे की हत्या की और उसकी लाश को एक कुएं में फेंक दिया था। Manipur Violence Update : मणिपुर हिंसा के बाद इन 5 जिलों में नो इंटरनेट, 5 साल और 6 महीने की बच्ची की मौत के बाद वबाल नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी महिला जांच में यह भी सामने आया कि महिला दोबारा शादी कर नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी। उसे लगता था कि उसका बच्चा उसकी दूसरी शादी में बाधा बन सकता है। पुलिस के मुताबिक, घटना से कुछ दिन पहले महिला अपने पति के साथ कोंकण की यात्रा पर गई थी, जहां बच्चे के लगातार रोने से वह परेशान हो गई थी। यात्रा से लौटने के बाद महिला को उम्मीद थी कि उसका पति बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएगा, लेकिन वह एक शादी में चला गया। इसी दौरान महिला ने गुस्से में आकर इस वारदात को अंजाम दिया। US Iran War Ceasefire : 40 दिन बाद अमेरिका-ईरान जंग पर 2 हफ्ते का ब्रेक, ट्रम्प बोले- पाकिस्तान-चीन की अहम भूमिका मैरिज एजेंट के जरिए कर ली शादी अपराध करने के बाद महिला घर से पैसे लेकर चली गई। वह शिरूर पहुंची, जहां उसने नया मोबाइल फोन खरीदा और एक मैरिज एजेंट के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति से शादी कर ली। उसने अपनी नई शादी में यह बात छिपाई कि उसका एक बच्चा भी था। पुलिस ने महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और धारा 23 (सबूत मिटाने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

Bhopal Road Collapse : भोपाल में फिर भ्रष्टाचार उजागर! राजभवन के सामने VVIP इलाके में धंसी सड़क

Bhopal Road Collapse

Bhopal Road Collapse : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल में एक बार फिर सड़क धंसने की घटना सामने आई है। मंगलवार शाम राजभवन के सामने अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह क्षेत्र शहर का अति संवेदनशील और वीवीआईपी जोन माना जाता है, जहां से लोकभवन से मुख्यमंत्री आवास की ओर आवाजाही होती है। पाइपलाइन फूटने से स्थिति हुई गंभीर प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क धंसने के साथ ही नीचे से गुजर रही पाइपलाइन भी फूट गई। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी का रिसाव शुरू हो गया, जिससे सड़क की नींव और कमजोर हो गई। लगातार पानी भरने से गड्ढा बड़ा होता गया और हादसे का खतरा बढ़ गया। Morena Murder : रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला, कांग्रेस बोली- मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त ट्रैफिक डायवर्ट, लोगों को हुई परेशानी घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए प्रभावित मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। इस रास्ते से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। हालांकि अचानक किए गए इस बदलाव के कारण लोगों को कुछ समय तक जाम और असुविधा का सामना करना पड़ा। मरम्मत कार्य में जुटा प्रशासन सूचना मिलते ही नगर निगम और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया गया। गड्ढे को भरने, पाइपलाइन सुधारने और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए मशीनों और कर्मचारियों को लगाया गया है। MP Rajya Sabha Elections : मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में होगी हॉर्स ट्रेडिंग बार-बार की घटनाओं से उठे सवाल राजधानी में लगातार सामने आ रही सड़क धंसने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर वीवीआईपी इलाके में इस तरह की घटना होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Manipur Violence Update : मणिपुर हिंसा के बाद इन 5 जिलों में नो इंटरनेट, 5 साल और 6 महीने की बच्ची की मौत के बाद वबाल

Manipur Violence Update

Manipur Violence Update : मणिपुर। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की गंभीर घटना सामने आई है। बिष्णुपुर जिले में मंगलवार तड़के एक संदिग्ध हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जिले में कर्फ्यू लगा दिया है। BSF जवान के घर किया था हमला यह हमला मंगलवार सुबह करीब 1:03 बजे बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी इलाके में हुआ। बताया गया कि यह हमला बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के एक जवान के घर पर किया गया, जब परिवार सो रहा था। Manipur Violence : मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, कुकी उग्रवादियों ने घर पर फेंका बम, दो बच्चों समेत मां जिंदा जली एक प्रोजेक्टाइल घर के बेडरूम की खिड़की से टकराया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इस हमले में 5-6 महीने की बच्ची और पांच साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल हो गईं, जिन्हें इंफाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन जिलों में इंटरनेट बंद घटना के बाद राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में तीन दिनों के लिए इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं बंद कर दी हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। क्या बोले मणिपुर के गृह मंत्री मणिपुर के गृह मंत्री के गोविंदास ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस घटना में दो मासूम बच्चों की जान गई है और यह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है। US Iran War Ceasefire : 40 दिन बाद अमेरिका-ईरान जंग पर 2 हफ्ते का ब्रेक, ट्रम्प बोले- पाकिस्तान-चीन की अहम भूमिका स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि पूरे गांव में दहशत फैल गई। यह इलाका चुराचांदपुर जिले की तलहटी के पास स्थित है और पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहां हथियारबंद समूहों की गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। हाई अलर्ट पर सुरक्षा बलों गौरतलब है कि ट्रोंगलाओबी गांव मणिपुर की राजधानी इंफाल से करीब 46 किलोमीटर दूर स्थित है और यह चुराचांदपुर जिले से सटा हुआ है। इसी इलाके में सितंबर 2024 में भी पहला हमला हुआ था, जिसमें एक 72 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी और पांच अन्य घायल हुए थे। ताजा घटना के बाद घटनास्थल के पास एक और रॉकेट से चलने वाला ग्रेनेड (RPG) भी बरामद किया गया है।घटना के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। Morena Murder : रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला, कांग्रेस बोली- मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अशांति को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। यहां देखिये मणिपुर हिंसा के कुछ विजुअल्स