Yashwant Varma Resign : कैश कांड के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, जांच और महाभियोग विवाद के बाद बड़ा फैसला

Yashwant Varma Resign : प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा (Yashwant Varma) ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके इस्तीफे की खबर शुक्रवार को सामने आई, हालांकि उन्होंने इस्तीफा कब दिया, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। यह फैसला उस समय आया है जब वे लंबे समय से कैश कांड और उससे जुड़ी जांच को लेकर विवादों में घिरे हुए थे। ये है पूरा मामला दरअसल, 14 मार्च 2025 को दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में आग लगने की घटना हुई थी। इस दौरान मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों को स्टोर रूम में 500-500 रुपये के जले हुए नोटों के बंडल मिले थे। इस घटना के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया था और जस्टिस वर्मा पर सवाल उठने लगे थे। Nitish Kumar Oath : नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, बिहार में नए सीएम को लेकर अटकलें तेज दिल्ली HC से ट्रांसफर कर इलाहाबाद ट्रांसफर विवाद के बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से ट्रांसफर कर इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था। उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी, लेकिन जांच पूरी होने तक उन्हें कोई न्यायिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी। लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव इस मामले में उनका नाम सामने आने के बाद लोकसभा में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी लाया गया था। जस्टिस वर्मा ने इस प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि जब राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ, तो लोकसभा द्वारा अकेले जांच समिति का गठन करना गलत है। Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 6 जनवरी को कहा था कि जांच समिति के गठन में कुछ खामियां दिखाई देती हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि वह यह तय करेगा कि ये खामियां कितनी गंभीर हैं। 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने की थी। लोकसभा स्पीकर को जांच समिति बनाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 7 जनवरी को भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित जांच पैनल में कुछ खामियां नजर आती हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत लोकसभा स्पीकर को जांच समिति बनाने का अधिकार है, भले ही राज्यसभा में प्रस्ताव खारिज हो चुका हो। बचाव में ये बोले जस्टिस वर्मा कैश कांड (cash scandal) में जस्टिस वर्मा ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उनके घर या स्टोर रूम में कोई नकदी नहीं थी और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में उनके घर से 15 करोड़ रुपये मिलने का दावा भी किया गया था, जिसे उन्होंने खारिज किया। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार इस पूरे विवाद के बीच 22 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया था। इसके बाद भी जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रही। दोनों सदनों के महासचिवों से मांगा था जवाब इस मामले में 16 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) को नोटिस जारी किया था और दोनों सदनों के महासचिवों से जवाब मांगा था। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया था कि जब राज्यसभा में प्रस्ताव खारिज हो गया, तो लोकसभा में जांच समिति कैसे गठित की गई। प्रक्रिया में दोनों सदनों की भूमिका जरूरी जस्टिस वर्मा ने जांच पैनल को असंवैधानिक बताते हुए याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि जज को हटाने की प्रक्रिया में लोकसभा और राज्यसभा दोनों की भूमिका जरूरी होती है, इसलिए केवल लोकसभा स्पीकर द्वारा समिति बनाना संविधान के खिलाफ है। Nitish Kumar Oath : नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, बिहार में नए सीएम को लेकर अटकलें तेज इससे पहले तीन हाईकोर्ट जजों की जांच में जस्टिस वर्मा को दोषी पाया गया था और उन्हें पद से हटाने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद सरकार ने संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया, जिसे 146 सांसदों के समर्थन के साथ स्वीकार किया गया। क्या है महाभियोग की प्रक्रिया भारत में किसी हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए संसद के किसी भी सदन में महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसके बाद स्पीकर या सभापति एक जांच समिति का गठन करते हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट का एक जज, हाईकोर्ट का एक चीफ जस्टिस और एक विधि विशेषज्ञ शामिल होता है। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित किया जाता है। इसके बाद प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है और उनकी मंजूरी मिलने पर संबंधित जज को पद से हटा दिया जाता है। कौन हैं जस्टिस यशवंत वर्मा यशवंत वर्मा (Yashwant Varma) का जन्म 6 जनवरी 1969 को इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उन्होंने हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन, दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम (ऑनर्स) और रीवा विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज उन्होंने 8 अगस्त 1992 को वकालत शुरू की। साल 2006 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्पेशल एडवोकेट बने और 2012-13 में उत्तर प्रदेश के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल रहे। अगस्त 2013 में उन्हें सीनियर वकील बनाया गया। 13 अक्टूबर 2014 को वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने और 1 फरवरी 2016 को परमानेंट जज नियुक्त हुए। 11 अक्टूबर 2021 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाया गया था।
Nitish Kumar Oath : नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, बिहार में नए सीएम को लेकर अटकलें तेज

Nitish Kumar Oath : नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने आज दिल्ली में राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) के रूप में शपथ ले ली। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) भी कार्यक्रम में शामिल हुए। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अब राज्यसभा सांसद के तौर पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं। उनके इस कदम के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारी भी तेज हो गई है। आज दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक होने जा रही है, जिसमें बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात बताया जा रहा है कि राज्यसभा में शपथ लेने के बाद PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से भी नीतीश कुमार मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनके साथ ललन सिंह और संजय झा भी मौजूद रहेंगे। वहीं, सूत्रों के मुताबिक 15 अप्रैल को बिहार में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी हो सकती है। नए सीएम के नाम पर चर्चा दिल्ली में आज भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा की जाएगी और संभव है कि नाम को अंतिम रूप भी दिया जाए। अब दिल्ली में काम करेंगे – नीतीश कुमार इससे पहले गुरुवार को दिल्ली पहुंचने पर नीतीश कुमार ने बयान दिया था कि वह लंबे समय तक बिहार में काम कर चुके हैं और अब दिल्ली में काम करेंगे। उनके इस बयान को भी बिहार की राजनीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने एमएलसी सीट से दिया था इस्तीफा इससे पहले नीतीश कुमार ने हाल ही में अपनी एमएलसी सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह लगभग तय हो गया था कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। साल 2005 से लगातार (बीच में करीब 9 महीने छोड़कर) मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब लंबे समय बाद केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे। क्या बोले मंत्री विजय चौधरी वहीं, बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि पूरा एनडीए, जिसमें बीजेपी और उसके सहयोगी दल शामिल हैं, नीतीश कुमार के शासन मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। Bihar Politics : नितिन नवीन और नीतीश कुमार का इस्तीफा, मंत्री अशोक चौधरी रोए नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन होगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय जनता पार्टी किसे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपती है।
Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने

Monalisa Marriage Controversy : भोपाल। वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। नाबालिग होने के दावों की जांच के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने पाया कि मोनालिसा वास्तव में नाबालिग है। इस खुलासे के बाद उससे शादी करने वाले फरमान खान के खिलाफ मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर थाने में POCSO एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में मोनालिसा के नाबालिग होने का खुलासा यह जांच आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में की गई, जिसमें अधिवक्ता प्रथम दुबे ने कानूनी पैरवी की। उन्होंने 17 मार्च 2026 को इस मामले को आयोग के सामने उठाया था। जांच में यह साबित हुआ कि जिस लड़की को बालिग बताकर विवाह कराया गया था, वह पारधी जनजाति समुदाय की नाबालिग है। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार राजनीतिक और संगठनों की भूमिका पर भी सवाल अधिवक्ता प्रथम दुबे ने इस मामले में राजनीतिक और संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाह में केरल के CPI-M नेताओं और PFI जैसे संगठनों की संलिप्तता हो सकती है। शिकायत में यह भी कहा गया कि यह केवल निजी मामला नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश थी। 72 घंटे के अंदर सच्चाई सामने जांच के दौरान टीम ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक सभी दस्तावेजों और तथ्यों की गहन पड़ताल की। जांच दल ने 72 घंटे के भीतर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए सच्चाई सामने रखी। आयोग के सलाहकार प्रकाश और निदेशक पी. कल्याण रेड्डी की जांच में महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में मोनालिसा की उम्र नाबालिग पाई गई। MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस नयनार देवा मंदिर से शुरू हुई जांच जांच की शुरुआत केरल के नयनार देवा मंदिर से हुई, जहां शादी संपन्न हुई थी। मंदिर प्रशासन ने बताया कि विवाह आधार कार्ड में दर्ज आयु के आधार पर कराया गया था। इसके बाद केरल के पुअर गांव के ग्राम पंचायत कार्यालय में शादी का पंजीकरण भी किया गया, जिसमें गलत जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया था। साल 2009 में जन्मी मोनालिसा जांच में सामने आया कि यह गलत जन्म प्रमाण पत्र महेश्वर नगर परिषद से जारी किया गया था। जब जांच दल ने महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की, तो पता चला कि मोनालिसा का वास्तविक जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 बजे हुआ था। इस आधार पर 11 मार्च 2026 को शादी के समय उसकी उम्र 16 साल 2 महीने और 12 दिन थी। गलत प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश जांच टीम ने गलत जन्म तिथि के आधार पर जारी प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देश भी दिए। इस दस्तावेजी प्रमाण ने पूरे मामले में साजिश की आशंका को और मजबूत कर दिया। इसके साथ ही मोनालिसा के माता-पिता द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्रों से यह भी पुष्टि हुई कि वे अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित हैं। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज फरमान पर पॉक्सो एक्ट इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मामले की डिटेल्स रिपोर्ट केंद्र को भेजी इस खुलासे के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में तलब किया है। साथ ही इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा रही है। Viral Video : 12 साल के बच्चे ने माँ को बेरहमी से पीटा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की जांच और कार्रवाई पर लगातार नजर रखेगा। तीन दिन के भीतर दोनों राज्यों के डीजीपी से प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस घटना ने केरल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोग ने कहा है कि दोषियों को सजा मिलने तक वह इस मामले की निगरानी करता रहेगा।
Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार

Khwaja Asif on Israel : इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले अंतरराष्ट्रीय माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। इस बीच पाकिस्तान और इजराइल के बीच विवाद तेज हो गया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजराइल के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की। इजराइल बुराई का प्रतीक ख्वाजा आसिफ (Khwaja Asif) ने इजराइल पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इजराइल बुराई का प्रतीक है और मानवता के लिए अभिशाप बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जब इस्लामाबाद (Islamabad) में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। उन्होंने गाजा, ईरान और अब लेबनान में हमलों का जिक्र करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस इजरायल का पलटवार इजराइल ने इस बयान पर कड़ा विरोध जताया। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख्वाजा आसिफ के बयान को आपत्तिजनक बताया और कहा कि यह बयान इजराइल को खत्म करने की मांग जैसा प्रतीत होता है। इजराइल ने यह भी कहा कि ऐसे बयान उस देश से आना चिंताजनक है, जो खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा है। विवाद बढ़ने के बाद ख्वाजा आसिफ ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी। अमेरिका – ईरान सीजफायर पर बात दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होने वाली है। यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई बड़े नेता शामिल होंगे। Vande Mataram Controversy : रूबीना इकबाल मामले पर आरिफ मसूद ने की जांच की मांग, बीजेपी ने की FIR की मांग ये नेता होंगे सीजफायर वार्ता में शामिल पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आसिम मलिक मौजूद रहेंगे। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ, सीनियर एडवाइजर जेरेड कुशनर और सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर शामिल होंगे। वहीं ईरान का प्रतिनिधित्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री मजीद तख्त खांची करेंगे। होटल सेरेना में आयोजित होगी सीजफायर वार्ता अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही पहुंच चुका है। यह बैठक इस्लामाबाद के होटल सेरेना में आयोजित होगी। इस वार्ता में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष गालिबाफ प्रमुख भूमिका में रहेंगे। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज इन मुद्दों पर होगी चर्चा इस बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम प्रमुख है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम को बाहर करे और परमाणु गतिविधियों को सीमित करे। वहीं ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं और उसके फंसे हुए संसाधन वापस किए जाएं। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर मतभेद इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा भी अहम रहेगा, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। ईरान इस पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खुला और सुरक्षित रखना चाहता है। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम (Iran ballistic missile program) को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। Bengal Elections 2026 : वोटिंग से पहले बंगाल में बंगाल में ‘खेला’! AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन पत्रकारों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए पाकिस्तान ने विशेष व्यवस्था की है। विदेश मंत्री इशाक डार ने घोषणा की है कि सभी प्रतिनिधियों और पत्रकारों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी जाएगी। एयरलाइंस को भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे यात्रियों को बिना वीजा के बोर्डिंग की अनुमति दी जाए। इसी बीच लेबनान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजराइल ने दक्षिण लेबनान में अपनी जमीनी कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना बिंत जुबैल शहर को घेरने और आसपास के इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। Pakistan welcomes all delegates including journalists from participating nations, traveling in relation to Islamabad Talks 2026. To this end, all airlines are requested to permit boarding to all such individuals without Visa. Immigration authorities in Pakistan will issue them… pic.twitter.com/mvWJyv2P4s — Ishaq Dar (@MIshaqDar50) April 10, 2026 इजराइली सेना ने बाहरी इलाकों में की घुसने की कोशिश पिछले 24 घंटों में इजराइली सेना ने शहर के बाहरी इलाकों में घुसने की कोशिश की है। वहीं हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया है। हिजबुल्लाह (Hezbollah) के अनुसार, उसने पिछले 24 घंटों में 50 से ज्यादा हमले किए हैं, जिनमें से कई इजराइल की सीमा के अंदर भी हुए हैं। कुल मिलाकर, एक ओर जहां अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदें हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में बढ़ता तनाव स्थिति को और जटिल बना रहा है।
Bengal Elections 2026 : वोटिंग से पहले बंगाल में बंगाल में ‘खेला’! AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन

Bengal Elections 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक गठबंधनों का गणित लगातार बदल रहा है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी बनाई थी। उनकी पार्टी के साथ गठबंधन कर असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम राज्य में अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, अब दोनों दलों की राहें अलग हो गई हैं। AIMIM ने आधिकारिक तौर पर हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह पश्चिम बंगाल का चुनाव अकेले लड़ेगी और आगे किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। AIMIM ने अपने बयान में कहा कि वह किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिम समुदाय की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं। पार्टी ने साफ किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस सोशल मीडिया पोस्ट में AIMIM ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़न का सामना करने वाले समुदायों में शामिल हैं। पार्टी ने वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद राज्य में मुस्लिमों के लिए ठोस काम नहीं हुआ। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी नीति है कि हाशिए पर खड़े समुदायों को स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले। इसी नीति के तहत एआईएमआईएम चुनाव में उतरती है। यह फैसला हुमायूं कबीर का एक वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया है। वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर कथित तौर पर बीजेपी के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपये के लेन-देन की बात करते दिखाई दे रहे हैं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम मतदाताओं की भावनाओं का इस्तेमाल कर उनके वोट बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज टीएमसी नेता फिरहाद हकीम ने अन्य नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह वीडियो जारी किया था। वीडियो में हुमायूं कबीर यह कहते नजर आते हैं कि बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, इसे छोड़िए, एक हजार करोड़ रुपये आएंगे और मुस्लिमों को बहकाना आसान है। टीएमसी ने हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच कथित डील का भी दावा किया। हुमायूं कबीर ने आरोपों को बताया गलत इन आरोपों पर हुमायूं कबीर ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल वीडियो एआई से तैयार किया गया है और उसमें दिखाई गई बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि साल 2019 के बाद उनका किसी भी बीजेपी नेता से कोई संपर्क नहीं है। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस के पास 2019 के बाद किसी बीजेपी नेता से उनकी मुलाकात का कोई सबूत है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी नेताओं से उनका कोई संपर्क नहीं है। Gold Silver and Share Market Today : सोने-चांदी में आज भारी गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक और निफ्टी 170 अंक नीचे इसके साथ ही हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं फिरहाद हकीम, कुणाल घोष, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात भी कही है।
MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस

MP Viral Video : भोपाल। मध्य प्रदेश की पावन नर्मदा नदी के किनारे एक अनोखा धार्मिक अनुष्ठान किया गया, जिसका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नदी के तट पर एक बड़ा टैंकर खड़ा है और उससे दूध को नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। पातालेश्वर महादेव मंदिर के पास का वीडियो बताया जा रहा है कि यह आयोजन सीहोर जिले के सातदेव क्षेत्र में पातालेश्वर महादेव मंदिर के पास, नर्मदा नदी के उत्तर तट पर हुआ। इस अनुष्ठान का संचालन दादा जी बाबा, जिन्हें शिवानंद दादाजी या धूनीवाले दादाजी के नाम से भी जाना जाता है, के निर्देशन में किया गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान करीब 11,000 लीटर दूध मां नर्मदा को अर्पित किया गया। यह दुग्धाभिषेक का एक बड़ा रूप था। इससे पहले दादा जी बाबा द्वारा रोजाना 151 लीटर दूध से नर्मदा मां का अभिषेक किया जाता रहा है, लेकिन इस बार का आयोजन अपने बड़े स्तर के कारण चर्चा में आ गया है। वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस वीडियो सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे आस्था और भक्ति का प्रतीक मान रहे हैं और इसे धार्मिक परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के अनुष्ठान मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम होते हैं। वहीं दूसरी ओर, कई लोग इस पर नाराजगी भी जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने पर्यावरण को लेकर चिंता व्यक्त की है और सवाल उठाए हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में दूध नदी में बहाने के बजाय जरूरतमंद लोगों में बांटा जा सकता था। एक यूजर ने लिखा कि जहां एक तरफ कई बच्चे दूध के लिए तरसते हैं, वहीं दूसरी ओर हजारों लीटर दूध नदी में बहाया जा रहा है। एक अन्य यूजर ने कहा कि इससे नदी का प्रदूषण बढ़ सकता है और यह पर्यावरण के लिए भी सही नहीं है। कुछ लोगों ने इसे संसाधनों की बर्बादी बताया। इसके अलावा कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी धार्मिक ग्रंथ में इस तरह दूध को नदी में बहाने का उल्लेख है। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट आधार के ऐसे आयोजन करना और फिर उसे धर्म से जोड़ना उचित नहीं है। इस पूरे मामले ने आस्था और पर्यावरण के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस शुरू कर दी है। जहां एक ओर लोग इसे सच्ची भक्ति मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे व्यावहारिकता और संसाधनों के सही उपयोग के नजरिए से देखा जा रहा है। यहां देखिये वायरल हो रहा माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक का वीडियो
Vande Mataram Controversy : रूबीना इकबाल मामले पर आरिफ मसूद ने की जांच की मांग, बीजेपी ने की FIR की मांग

Vande Mataram Controversy : भोपाल। मध्य प्रदेश में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गाना और उसका सम्मान करना दो अलग-अलग विषय हैं। क्या बोले कांग्रेस विधायक मसूद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद (Arif Masood) ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन उसका सम्मान सभी को करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस से इस मामले में संज्ञान लेने और एक कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भागीरथपुरा मामले से ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम बोलेंगे तो दोजख की आग में जलेंगे… पार्षद रुबीना इकबाल का विवादित बयान UCC को लेकर सरकार पर साधा निशाना वहीं, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी आरिफ मसूद ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को गैस तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है और लोग खाद के लिए परेशान हैं। उनके अनुसार, सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए UCC लागू करने की बात कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि UCC लागू होने के बाद सभी धर्मों के लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा और इसे देश के साथ अन्याय बताया। उन्होंने इसे सरकार की “लफ्फाजी” करार दिया। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज फौजिया शेख अलीम पर FIR का आवेदन दूसरी ओर, इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद और बढ़ गया है। नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने के आरोप में बीजेपी पार्षद एमजी रोड थाने पहुंचे और कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया। बीजेपी पार्षदों ने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ बोलने से इनकार कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। Viral Video : 12 साल के बच्चे ने माँ को बेरहमी से पीटा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश में ‘वंदे मातरम्’ और UCC जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने नजर आ रही हैं।
Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज

Rewa PM-SHRI College Case : रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित पीएमश्री कॉलेज (मॉडल साइंस कॉलेज) में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक पर बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा को अश्लील और आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया और छात्र-छात्राओं के बीच नाराजगी बढ़ गई। Iran War Update : लेबनान में इजराइली हमलों से 254 की मौत, सीजफायर पर विवाद और वैश्विक संकट की चेतावनी इंस्टाग्राम पर भेजा था मैसेज जानकारी के मुताबिक, आरोपी शिक्षक ने Instagram पर छात्रा को मैसेज भेजते हुए लिखा, “तुम मुझे अच्छी लगती हो, रूम पर आ जाओ।” जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो शिक्षक ने अप्रत्यक्ष रूप से उसे धमकाने की कोशिश की। एक अन्य मैसेज में उसने लिखा, “मैं नहीं चाहता कि तुम्हें कोई परेशानी हो, सोच लो… अगर मन हो तो बता देना।” सबूत के तौर पर चैट के स्क्रीनशॉट लगातार ऐसे संदेश मिलने से परेशान छात्रा ने अपने परिजनों और दोस्तों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन से औपचारिक शिकायत की गई और सबूत के तौर पर चैट के स्क्रीनशॉट भी जमा किए गए। जांच के लिए एक कमेटी गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की। जांच के दौरान आरोपी शिक्षक ने अपने कृत्य को स्वीकार करते हुए गलती मान ली। Israel US Iran War Update : इजरायली हमले में मारा गया हिजबुल्लाह का नया चीफ नईम कासिम, IDF का दावा हालांकि, शुरुआत में छात्रा और उसके परिजनों ने आरोप लगाया था कि शिक्षक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे नाराजगी और बढ़ गई थी। Viral Video : 12 साल के बच्चे ने माँ को बेरहमी से पीटा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल दो असिस्टेंट प्रोफेसर बर्खास्त बुधवार को मामले ने तूल पकड़ा और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई। इसके बाद कॉलेज प्राचार्य ने बड़ा फैसला लेते हुए दो असिस्टेंट प्रोफेसरों को बर्खास्त कर दिया। बर्खास्त किए गए शिक्षकों में भूगोल विषय के अमित शाहू और कॉमर्स के उमेश प्रजापति शामिल हैं। बताया गया कि दोनों की नियुक्ति जनभागीदारी मद से हुई थी। कॉलेज प्रबंधन के इस फैसले के बाद मामले में आक्रोश कुछ हद तक शांत हुआ है, लेकिन छात्र-छात्राओं और परिजनों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी और ठोस व्यवस्था की मांग की है।
Viral Video : 12 साल के बच्चे ने माँ को बेरहमी से पीटा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Viral Video : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद चिंताजनक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक 12 साल का बच्चा अपनी मां के साथ आक्रामक व्यवहार करता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई, जब मां ने बच्चे को और खाना देने से मना कर दिया। इस घटना ने बचपन के मोटापे, परवरिश के तरीकों और बच्चों के मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है। खाना न मिलने बच्चा का गुस्सा वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चा खाना न मिलने पर बेहद गुस्से में आ जाता है और स्थिति हिंसक रूप ले लेती है। इस दौरान मां उसे शांत करने की कोशिश करती दिखाई देती है। माना जा रहा है कि यह वीडियो घर के अंदर ही रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि, वीडियो की पुष्टि आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। Gold Silver and Share Market Today : सोने-चांदी में आज भारी गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक और निफ्टी 170 अंक नीचे सख्त अनुशासन की जरूरत कुछ लोगों ने इस घटना पर हैरानी जताते हुए बच्चों के साथ सख्त अनुशासन की जरूरत बताई है। वहीं कई लोगों ने इस मामले को संवेदनशील नजरिए से देखने की अपील की है। उनका मानना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि किसी गहरी पारिवारिक या भावनात्मक समस्या का संकेत हो सकता है। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि इस बच्चे को नफरत नहीं, बल्कि मदद की जरूरत है। कई लोगों ने यह भी कहा कि बच्चों में इस तरह का व्यवहार अक्सर अंदरूनी तनाव, भावनात्मक असंतुलन या गलत सीख के कारण विकसित होता है। Israel US Iran War Update : इजरायली हमले में मारा गया हिजबुल्लाह का नया चीफ नईम कासिम, IDF का दावा मानसिक तनाव और हार्मोनल बदलाव हो सकते है रीजन विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में बढ़ता गुस्सा और हिंसक प्रतिक्रिया कई कारणों से जुड़ी हो सकती है। इसमें मानसिक तनाव, हार्मोनल बदलाव, खान-पान की आदतें और पारिवारिक माहौल अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे मामलों में केवल सजा देने के बजाय पेशेवर काउंसलिंग और सही मार्गदर्शन जरूरी होता है। यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि आज के समय में बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। माता-पिता और समाज को मिलकर ऐसे बच्चों को समझने और उनकी मदद करने की दिशा में काम करना होगा। Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम बोलेंगे तो दोजख की आग में जलेंगे… पार्षद रुबीना इकबाल का विवादित बयान जैसे-जैसे यह वीडियो वायरल हो रहा है, वैसे-वैसे उम्मीद जताई जा रही है कि यह घटना लोगों को जागरूक करेगी और बच्चों के स्वास्थ्य, परवरिश और पारिवारिक सहयोग को लेकर संवेदनशील चर्चा को आगे बढ़ाएगी।
Gold Silver and Share Market Today : सोने-चांदी में आज भारी गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक और निफ्टी 170 अंक नीचे

Gold Silver and Share Market Today : मुंबई। देश में 9 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1 हजार रुपए सस्ता होकर 1.50 लाख रुपए पर आ गया है, जबकि इससे पहले यह 1.51 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और एक किलो चांदी 9 हजार रुपए घटकर 2.35 लाख रुपए रह गई है। ऑल टाइम हाई से 25 हजार रुपए नीचे सोना सोने की कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब यह अपने ऑल टाइम हाई से करीब 25 हजार रुपए नीचे आ चुका है। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.76 लाख रुपए का उच्चतम स्तर बनाया था। वहीं चांदी में और भी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। चांदी अपने ऑल टाइम हाई 3.86 लाख रुपए से गिरकर अब 2.35 लाख रुपए पर आ गई है, यानी इसमें 1.51 लाख रुपए की बड़ी गिरावट आ चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, साल की शुरुआत में सोने में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान से जुड़े तनाव के कारण कीमतों में गिरावट आई है। Israel US Iran War Update : इजरायली हमले में मारा गया हिजबुल्लाह का नया चीफ नईम कासिम, IDF का दावा शेयर बाजार का ऐसा हाल शेयर बाजार की बात करें तो गुरुवार 9 अप्रैल को बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ है। सेंसेक्स करीब 700 अंक यानी 0.90% गिरकर 76,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी 170 अंक यानी 0.71% टूटकर 23,830 पर आ गया है। बाजार में आज ऑटो, आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखी जा रही है। 8 अप्रैल को जोरदार तेजी हालांकि, इससे एक दिन पहले यानी 8 अप्रैल को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद सेंसेक्स 2946 अंक यानी 3.95% उछलकर 77,563 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 874 अंक यानी 3.78% की बढ़त के साथ 23,997 पर पहुंच गया था। Iran War Ceasefire : पाकिस्तान पर दबाव डालकर अमेरिका ने ईरान से कराई सीजफायर डील एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट एशियाई शेयर बाजारों में भी 9 अप्रैल को गिरावट का रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 88 अंक गिरकर 5784 पर बंद हुआ, जिसमें 1.50% की गिरावट रही। जापान का निक्केई 438 अंक टूटकर 55,870 पर पहुंच गया, जो 0.78% की गिरावट है। हांगकांग का हैंगसेंग 90 अंक गिरकर 25,803 पर बंद हुआ, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 29 अंक गिरकर 3,965 पर आ गया। अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी 8 अप्रैल को अमेरिकी शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स 1,325 अंक उछलकर 47,910 पर बंद हुआ, जो 2.85% की बढ़त है। नैस्डैक 617 अंक चढ़कर 22,635 पर पहुंच गया और S&P 500 इंडेक्स 166 अंक बढ़कर 6,783 पर बंद हुआ। इस दौरान पूरे दिन बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा। US-Iran War : सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही ईरानी ऑयल रिफाइनरी पर हमला, ईरान ने कुवैत पर किया अटैक सोना खरीदने वालों के लिए विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें और खरीदारी से पहले उसकी कीमत विभिन्न स्रोतों से जरूर जांच लें। इससे ग्राहकों को सही गुणवत्ता और उचित मूल्य मिल सकेगा।