Women’s Reservation Bill : महिला आरक्षण कानून लागू, देर रात नोटिफिकेशन जारी; जानिये क्या है इसके मायने

Women’s Reservation Bill : नई दिल्ली। संसद के भीतर महिला आरक्षण को लेकर तीखी बहस जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए 2023 के महिला आरक्षण कानून को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 16 अप्रैल 2026 से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि, इस कानून का असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। क्या है पूरा मामला? सरकार ने संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 को नोटिफाई कर दिया है। इसका मतलब है कि कानून अब पूरी तरह लागू हो चुका है, लेकिन इसे जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया अभी बाकी है। यह कानून संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान करता है। Womens Reservation Bill का विरोध करने वाले लंबे समय तक कीमत चुकाएंगे – PM मोदी मौजूदा लोकसभा में क्यों नहीं मिलेगा फायदा? सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, महिला आरक्षण सीधे लागू नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले जनगणना करानी होगी और उसके बाद परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) होगा। इन दोनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा। ऐसे में 2024 की मौजूदा लोकसभा में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर अभी नोटिफिकेशन क्यों किया गया? इस फैसले के पीछे एक अहम कानूनी प्रक्रिया है। किसी भी कानून में संशोधन करने के लिए उसका पहले आधिकारिक रूप से लागू होना जरूरी होता है। इसलिए सरकार ने पहले कानून को नोटिफाई किया, ताकि उसमें जरूरी बदलाव किए जा सकें। सरकार क्या बदलाव करना चाहती है? 2023 के कानून के अनुसार, नई जनगणना के बाद परिसीमन होगा और फिर आरक्षण लागू किया जाएगा। लेकिन इस प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है, जिससे आरक्षण 2034 तक टलने की आशंका है। Womens Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, अखिलेश बोले- BJP नारी को बना रही नारा अब सरकार इस कानून में संशोधन कर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने की योजना बना रही है। इसके बाद 2029 से ही महिला आरक्षण लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्ष ने सरकार की इस जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सरकार नए संशोधन के जरिए परिसीमन करना चाहती है, जिससे दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान हो सकता है। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि जब संसद में इस मुद्दे पर चर्चा चल रही थी, तब कानून को इतनी जल्दी लागू करने की क्या जरूरत थी। Parliament Special Session : 131वां संविधान संशोधन बिल के पक्ष में 207 वोट, 126 सांसदों ने किया विरोध लोकसभा में तीन अहम बिलों पर चर्चा जारी इस मुद्दे से जुड़े तीन अहम विधेयकों पर लोकसभा में चर्चा हो रही है- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: इसमें लोकसभा सीटों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 केंद्र शासित प्रदेशों से होंगी। परिसीमन (संशोधन) विधेयक, 2026: इसमें ‘जनसंख्या’ की परिभाषा बदलकर 2011 की जनगणना को आधार बनाने का प्रस्ताव है। केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: इसके जरिए दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर में जरूरी बदलाव किए जाएंगे ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण लागू हो सके। संसद में आज अहम दिन लोकसभा में इन विधेयकों पर दूसरे दिन भी चर्चा जारी है। पहले दिन करीब 13 घंटे तक बहस हुई थी। आज दोपहर 3 बजे राहुल गांधी अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद अमित शाह जवाब देंगे। शाम 4 बजे इन बिलों पर वोटिंग होनी है। India vs Australia Income : ऑस्ट्रेलिया में एक दिन की सैलरी भारत के महीने के बराबर, युवक का वीडियो वायरल सरकार का पक्ष और आगे की राह सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पहले कानून को लागू करना जरूरी था, ताकि उसमें संशोधन कर महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जा सके। कुल मिलाकर, महिला आरक्षण कानून का नोटिफिकेशन भले ही बड़ा कदम हो, लेकिन इसके वास्तविक प्रभाव के लिए अभी कई प्रक्रियाओं से गुजरना बाकी है।
India vs Australia Income : ऑस्ट्रेलिया में एक दिन की सैलरी भारत के महीने के बराबर, युवक का वीडियो वायरल

India vs Australia Income : विदेश में काम करने को अक्सर बेहतर कमाई और बेहतर जीवनशैली से जोड़कर देखा जाता है। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक भारतीय युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी एक दिन की कमाई और भारत में मिलने वाली सैलरी के बीच तुलना करता नजर आ रहा है। वीडियो में साझा किया काम और कमाई का अनुभव वीडियो में युवक, जिसका नाम रविंदर बताया जा रहा है, हिंदी और हरियाणवी के मिश्रण में अपने अनुभव साझा करता है। वह कहता है कि उसने सुबह 7 बजे काम शुरू किया और रात 12 बजे तक लगातार काम किया। लंबे घंटों के बावजूद वह कहता है कि उसे थकान महसूस नहीं हुई। Silver Gold and Share Market : शेयर बाजार में गिरावट तो सोना-चांदी में चमक, जानिये आज कैसा रहा मार्केट कमाई के बारे में बताते हुए रविंदर कहता है कि उसने एक दिन में 650 से 700 डॉलर तक कमाए, जो भारतीय रुपये में करीब 35 से 40 हजार रुपये के बराबर है। वह यह भी बताता है कि भारत में यही उसकी एक महीने की सैलरी हुआ करती थी। खर्च और बचत को लेकर भी दिया नजरिया रविंदर ने अपने खर्चों पर बात करते हुए कहा कि वह एक दिन की कमाई से पूरे महीने का किराना खरीद सकता है। हालांकि, उसने यह भी संकेत दिया कि विदेश में मेहनत काफी ज्यादा करनी पड़ती है। Nashik TCS Conversion : फरार आरोपी निदा खान ने मांगी अग्रिम जमानत, बोली- मैं प्रेग्नेंट हूँ… उसने लोगों को विदेश जाकर मेहनत करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे जीवन में आर्थिक स्थिति सुधारी जा सकती है। साथ ही उसने अपने माता-पिता का जिक्र करते हुए कहा कि अब वह उनसे ज्यादा कमा रहा है, लेकिन उनकी मेहनत के मुकाबले अभी भी खुद को कम आंकता है। View this post on Instagram A post shared by Ravinder (@aish_narwal) सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया और युवक की मेहनत की सराहना की। वहीं, कई यूजर्स ने यह भी कहा कि विदेश में कमाई भले ज्यादा दिखती हो, लेकिन वहां रहने का खर्च और टैक्स भी काफी अधिक होता है। कुछ लोगों ने लंबे काम के घंटों को लेकर चिंता जताई और कहा कि ऐसी लाइफस्टाइल हर किसी के लिए आसान नहीं होती। एक यूजर ने लिखा कि यह कहानी प्रेरक जरूर है, लेकिन लोगों को वहां की वास्तविक चुनौतियों को भी समझना चाहिए। वहीं दूसरे ने कहा कि आधी रात तक काम करना आसान नहीं है और इसके लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। Gas Cylinder Distribution : भोपाल में शादी सीजन के लिए नई गैस सिलेंडर व्यवस्था, ऐसे मिलेंगे 2 कमर्शियल सिलेंडर हर किसी के लिए नहीं होती यह राह आसान कुछ लोगों ने यह भी कहा कि विदेश में काम करने का अनुभव हर व्यक्ति के लिए अलग होता है। किसी के लिए यह अवसर बेहतर साबित होता है, तो किसी के लिए चुनौतियां भी लेकर आता है। कुल मिलाकर, यह वीडियो एक तरफ जहां विदेश में कमाई के अवसरों को दिखाता है, वहीं दूसरी तरफ यह भी याद दिलाता है कि इसके पीछे कड़ी मेहनत, लंबा समय और कई तरह की चुनौतियां भी शामिल होती हैं।
Nashik TCS Conversion : फरार आरोपी निदा खान ने मांगी अग्रिम जमानत, बोली- मैं प्रेग्नेंट हूँ…

Nashik TCS Conversion : मुंबई। आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट से जुड़े जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस केस में आरोपी 25 वर्षीय निदा खान इस समय मुंबई में हैं और उनके परिवार के अनुसार वह अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही हैं। अग्रिम जमानत के लिए अदालत पहुंची निदा खान फरार चल रही निदा खान ने नासिक की एक स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी चिकित्सा स्थिति को भी इस आवेदन में अहम आधार बनाया है। वहीं, पुलिस और जांच एजेंसियां इन दावों की आधिकारिक मेडिकल जांच के जरिए पुष्टि करने की तैयारी में हैं। Share Market Today : शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की बढ़त SIT की जांच जारी, गिरफ्तारी के प्रयास तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार निदा खान को हिरासत में लेने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। नासिक टीसीएस ऑफिस में 9 शिकायतों की जांच पुलिस के अनुसार, नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी कुल नौ शिकायतों की जांच की जा रही है। यह शिकायतें आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई हैं। घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की बताई गई हैं। 7 कर्मचारियों की गिरफ्तारी, HR प्रमुख भी शामिल अब तक पुलिस ने इस मामले में छह पुरुष कर्मचारियों और एक महिला एचआर प्रमुख सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, रजा मेमन, शाहरुख कुरेशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एचआर प्रमुख अश्विनी चैनानी के रूप में हुई है। इन सभी कर्मचारियों को कंपनी ने निलंबित कर दिया है। Nashik TCS Case : धर्मांतरण नहीं देश के खिलाफ सुनियोजित खेल.. नासिक TCS केस पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका पीड़ितों ने लगाए गंभीर आरोप शिकायत करने वाली महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके वरिष्ठ सहयोगियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। साथ ही, मानव संसाधन विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाए, जबकि अन्य ने अनुचित व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। धर्म से जुड़े आरोप भी सामने आए पुलिस ने यह भी बताया कि एक आरोपी ने एक पुरुष कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया और उसके धर्म का अपमान किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से मौखिक शिकायत की, तब भी उचित कार्रवाई नहीं की गई। टीसीएस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का दावा मामले पर कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा कि उत्पीड़न और जबरदस्ती के खिलाफ उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तत्काल कार्रवाई की गई और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। TCS Religious Conversion : नासिक TCS मामले में बड़ा अपडेट, HR हेड धर्मांतरण का बनाती थी दबाव टाटा संस चेयरमैन ने जताई चिंता एन चंद्रशेखरन ने इस मामले को “बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक” बताया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के नतीजों पर आगे की कार्रवाई तय कंपनी के अनुसार, स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले में SIT की जांच जारी है और सभी की नजरें आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।
Share Market Today : शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की बढ़त

Share Market Today : नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों में आई नरमी और इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में हल्की बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बाजार की शुरुआत भले ही सपाट रही, लेकिन कुछ ही देर में निवेशकों की खरीदारी से माहौल सकारात्मक हो गया। सेंसेक्स-निफ्टी में शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद तेजी सेंसेक्स 77,976 के स्तर पर मामूली गिरावट के साथ खुला, लेकिन बाद में संभलते हुए करीब 142 अंक की बढ़त के साथ 78,130 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 24,165 पर खुलकर धीरे-धीरे ऊपर चढ़ा और 24,224 के स्तर तक पहुंच गया। Ceasefire Update : इजराइल-लेबनान में 10 दिन का सीजफायर लागू, ट्रम्प बोले- ईरान एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने को तैयार इन सेक्टरों ने बाजार को दिया सहारा बाजार में एफएमसीजी, एनर्जी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। हालांकि कुछ दिग्गज शेयरों में कमजोरी भी बनी रही। HDFC Life, Wipro, Hindalco Industries, Bharti Airtel और JSW Steel जैसे शेयर दबाव में रहे। मिड और स्मॉलकैप शेयरों में बेहतर प्रदर्शन वृहद बाजार में भी तेजी का रुख देखने को मिला। माइक्रोकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी माइक्रोकैप 250 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखा। सीजफायर से बाजार को मिला सपोर्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी सकारात्मक संकेत का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। Silver Gold and Share Market : शेयर बाजार में गिरावट तो सोना-चांदी में चमक, जानिये आज कैसा रहा मार्केट तेल कीमतों में गिरावट, निवेशकों को राहत तेल बाजार में भी नरमी का रुख रहा। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 97.99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल की कीमतों में गिरावट से आयात लागत कम होने की उम्मीद रहती है, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। वैश्विक संकेत मिले-जुले, FII की खरीदारी जारी वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिका का वॉल स्ट्रीट सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ, जबकि एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भारतीय बाजार में खरीदारी की और करीब 382 करोड़ रुपये का निवेश किया। Womens Reservation Bill का विरोध करने वाले लंबे समय तक कीमत चुकाएंगे – PM मोदी वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने मुनाफावसूली करते हुए 3,400 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच दिए। कुल मिलाकर, वैश्विक हालात में सुधार और तेल कीमतों में गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल स्थिरता और हल्की तेजी का माहौल बना हुआ है।
Ceasefire Update : इजराइल-लेबनान में 10 दिन का सीजफायर लागू, ट्रम्प बोले- ईरान एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने को तैयार

Ceasefire Update : वॉशिंगटन डीसी। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ट्रम्प के अनुसार दोनों देशों के बीच शांति समझौता अब काफी करीब है और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि ईरानी मीडिया ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे निराधार बताया है। डील से हालात सामान्य होने की उम्मीद ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर यह समझौता हो जाता है, तो तेल की सप्लाई फिर से सामान्य हो जाएगी और होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर समझौता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होता है, तो वह वहां की यात्रा भी कर सकते हैं। Nashik TCS Case : धर्मांतरण नहीं देश के खिलाफ सुनियोजित खेल.. नासिक TCS केस पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दुनिया की नजर यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा और परमाणु हथियार दोनों बनाए जा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA के मुताबिक ईरान के पास 5 से 6 टन के बीच एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। फिलहाल 120 से 130 किलोग्राम यूरेनियम को 60% तक शुद्ध किया जा चुका है, जिसे ‘नियर वेपन ग्रेड’ माना जाता है। यदि इसे 90% तक एनरिच कर लिया जाए, तो इससे परमाणु बम बनाया जा सकता है। यूरेनियम एनरिचमेंट का स्तर और उपयोग 3-5% तक एनरिच्ड यूरेनियम का इस्तेमाल न्यूक्लियर पावर प्लांट में बिजली बनाने के लिए किया जाता है। 20% तक एनरिचमेंट को हाई लेवल माना जाता है, लेकिन इससे हथियार नहीं बनते। 60% एनरिचमेंट को खतरनाक स्तर माना जाता है, जबकि 90% या उससे ज्यादा होने पर इसे वेपन ग्रेड कहा जाता है। Delhi Airport Plane Accident : दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा एयर और स्पाइसजेट के प्लेन में टक्कर, पार्किंग एरिया में हुआ हादसा इजराइल-लेबनान में 10 दिन का युद्धविराम लागू इसी बीच इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर लागू हो गया है। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 3:30 बजे से शुरू हुआ। ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के बाद यह सहमति बनवाई। सीजफायर की शर्तें और चुनौतियां अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान पर जमीन, हवा या समुद्र से हमला नहीं करेगा। वहीं लेबनान सरकार पर दबाव है कि वह हिजबुल्लाह को इजराइल पर हमले से रोके, हालांकि संगठन पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं है। सीजफायर के बाद लेबनान में लौटने लगे लोग सीजफायर लागू होने के बाद लेबनान के सिडोन शहर में लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं और लोगों ने झंडे लहराकर इस राहत का स्वागत किया। इस संघर्ष के कारण दक्षिणी लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए थे। Amir Hamza Shot : लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के फाउंडर मेंबर अमीर हमजा पर को मारी गोली, हालत गंभीर अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर, सैन्य तैयारियां तेज संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य कमान (United States Central Command) ने बताया कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है। क्षेत्र में F-16 लड़ाकू विमान और बड़ी संख्या में सैनिक तैनात हैं। अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी के लिए 12 युद्धपोत, 100 विमान और 10,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं। ईरान की सैन्य क्षमता अब भी बरकरार अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी के अनुसार, हमलों के बावजूद ईरान के पास अब भी हजारों मिसाइलें और ड्रोन मौजूद हैं। एजेंसी प्रमुख जेम्स एडम्स ने बताया कि ईरान समर्थित समूह अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों हमले कर चुके हैं। चीन की भूमिका पर भी नजर रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया संघर्ष के दौरान चीन ईरान को एडवांस रडार सिस्टम देने पर विचार कर रहा था। इससे ईरान की निगरानी और रक्षा क्षमता मजबूत हो सकती थी। ट्रम्प ने सैन्य कार्रवाई को बताया जरूरी ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि यह एक जरूरी कदम था। उन्होंने कहा कि अगर यह कार्रवाई नहीं की जाती, तो हालात और बिगड़ सकते थे। Mumbai Obscene Videos : अयान अहमद ने किया 180 लड़कियों का रेप, बनाए 350 अश्लील वीडियो मोदी से बातचीत का जिक्र ट्रम्प ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि हाल ही में दोनों के बीच फोन पर अच्छी बातचीत हुई। इस दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने पर चर्चा हुई। ईरानी मीडिया ने किया पलटवार ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने ट्रम्प के दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं। उन्होंने एक कहावत के जरिए यह संदेश दिया कि ट्रम्प ऐसी उम्मीदें जता रहे हैं जिनका जमीनी आधार नहीं है। आगे क्या होगा? ट्रम्प ने संकेत दिया कि ईरान के साथ अगली आमने-सामने की बातचीत जल्द हो सकती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस संभावित डील और मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी हुई है।
Gas Cylinder Distribution : भोपाल में शादी सीजन के लिए नई गैस सिलेंडर व्यवस्था, ऐसे मिलेंगे 2 कमर्शियल सिलेंडर

Gas Cylinder Distribution : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग को देखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर की डिमांड तेजी से बढ़ी है। ऐसे में प्रशासन ने वितरण को व्यवस्थित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिससे शादी वाले घरों को राहत मिल सके। शादी वाले घरों में दो कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे नई व्यवस्था के तहत अब जिन घरों में शादी है, उन्हें अपनी नजदीकी गैस एजेंसी में शादी का कार्ड जमा कराना होगा। कार्ड जमा करने के बाद ही संबंधित परिवार को अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे। यह नियम भोपाल जिले में लागू किया गया है। इसके अलावा दुकानों, होटलों और अन्य जगहों पर भी जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। MP Census 2027 : एमपी में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, जानिए कैसे करें स्व-गणना और क्या है पूरी प्रक्रिया 4400 रुपए कराने होंगे जमा प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक सिलेंडर के लिए 2200 रुपए का डिपॉजिट देना होगा। इस तरह दो सिलेंडर लेने पर कुल 4400 रुपए जमा कराने होंगे। सिलेंडर वापसी के बाद यह डिपॉजिट राशि वापस कर दी जाएगी। वहीं गैस भरवाने का शुल्क अलग से 1850 रुपए प्रति सिलेंडर देना होगा। सिलेंडर लेने के बाद उसे 2 से 3 दिनों के भीतर लौटाना भी अनिवार्य होगा। यह डिपॉजिट एक तरह की सुरक्षा राशि के रूप में लिया जा रहा है, ताकि सिलेंडर के गुम होने की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके। Bhopal AIIMS Cockroach Video : भोपाल AIIMS में अव्यवस्थाओं की फिर खुली पोल, वार्ड के बाहर कॉकरोच का डेरा फूड कंट्रोलर विभाग से चर्चा के बाद करेंगे लागू भोपाल प्रशासन ने बताया कि यह नई व्यवस्था फूड कंट्रोलर विभाग से चर्चा के बाद लागू की गई है। शादी का कार्ड जमा कराने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस सिलेंडर सही और जरूरतमंद परिवार तक ही पहुंचे। कार्ड पर शादी की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध रहती है, जिससे सत्यापन आसान हो जाता है। सिलेंडर की मांग लगातार बनी वहीं, कैटर्स एसोसिएशन का कहना है कि अभी भी कमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial Gas Cylinder ) की किल्लत बनी हुई है। कई जगहों पर मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे का उपयोग किया जा रहा है। शादियों में बड़े पैमाने पर खाना बनाया जाता है, जिसके कारण गैस की खपत भी अधिक होती है और सिलेंडर की मांग लगातार बनी रहती है। MP Heatwave Alert : एमपी में गर्मी के तीखे तेवर! 25 शहरों में पारा 40 के पार, 16 जिलों में लू का अलर्ट दरअसल, शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर की मांग हर साल बढ़ जाती है। इस बार भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसे में प्रशासन की यह नई व्यवस्था गैस वितरण को संतुलित करने और जरूरतमंदों तक समय पर सिलेंडर पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
Silver Gold and Share Market : शेयर बाजार में गिरावट तो सोना-चांदी में चमक, जानिये आज कैसा रहा मार्केट

Silver Gold and Share Market : नई दिल्ली। देश के आर्थिक मोर्चे पर गुरुवार को दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। एक तरफ घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद हल्की गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेज़ी देखने को मिली। बाजार की इस दोहरी चाल ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आगे किस दिशा में रुख करना सही रहेगा। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद गिरावट गुरुवार को कारोबार के दौरान अच्छी बढ़त के बावजूद अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 122.56 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 77,988.68 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 34.55 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,196.75 के स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में बिकवाली का असर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में बिकवाली रही। खासतौर पर एचडीएफसी बैंक, ONGC और एचडीएफसी लाइफ जैसे शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना। Nashik TCS Case : धर्मांतरण नहीं देश के खिलाफ सुनियोजित खेल.. नासिक TCS केस पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखी मजबूती मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। मेटल और आईटी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी के लिए 24,300 स्तर बना चुनौती विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी 24,300 के अहम स्तर को पार नहीं कर सका, जिससे बाजार का रुख फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है। अगर आने वाले सत्र में यह स्तर पार होता है तो तेजी आ सकती है, नहीं तो निफ्टी 24,000 तक गिर सकता है। Delhi Airport Plane Accident : दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा एयर और स्पाइसजेट के प्लेन में टक्कर, पार्किंग एरिया में हुआ हादसा सोना-चांदी में लगातार दूसरे दिन तेजी वहीं दूसरी तरफ, सर्राफा बाजार में सोना और चांदी के दाम लगातार दूसरे दिन बढ़े हैं। एक किलो चांदी 2,273 रुपए महंगी होकर 2.51 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 241 रुपए बढ़कर 1,53,106 रुपए हो गया है। दो दिन में तेज उछाल, निवेशकों का रुझान बढ़ा पिछले दो दिनों में सोना 3,095 रुपए और चांदी 14,311 रुपए तक महंगी हो चुकी है। इससे साफ है कि निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। वैश्विक संकेतों का असर सोना-चांदी की कीमतों में यह तेजी अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आई है। डॉलर कमजोर होने से भी निवेशकों ने कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाया है। Womens Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, अखिलेश बोले- BJP नारी को बना रही नारा इस साल रिकॉर्ड तेजी, ऑलटाइम हाई भी बना 2026 में अब तक सोना करीब 20,110 रुपए और चांदी 22,255 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान सोने ने 1.76 लाख और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई भी बनाया। सरकार के फैसले से सप्लाई पर असर सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा। इस फैसले से बाजार में सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है। Mumbai Obscene Videos : अयान अहमद ने किया 180 लड़कियों का रेप, बनाए 350 अश्लील वीडियो निवेशकों के लिए क्या संकेत एक तरफ शेयर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर सोना-चांदी सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत दिख रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को बाजार की चाल, वैश्विक संकेतों और सरकारी नीतियों पर नजर रखकर ही निर्णय लेना होगा।
Nashik TCS Case : धर्मांतरण नहीं देश के खिलाफ सुनियोजित खेल.. नासिक TCS केस पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका

Nashik TCS Case : नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए कथित धर्म परिवर्तन मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। यह मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) तक पहुंच गया है, जहां एक नई याचिका दाखिल कर जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन को गंभीर सुरक्षा खतरा बताया गया है। पहले से चल रहे मामले में नई अर्जी जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक स्वतः संज्ञान मामला पहले से ही लंबित है। इसी मामले में अब नासिक के TCS (Tata Consultancy Services) से जुड़े विवाद को लेकर नई याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता वकील ने अदालत में कहा कि यह मामला संगठित स्तर पर हो रहे धर्म परिवर्तन का उदाहरण है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है। Delhi Airport Plane Accident : दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा एयर और स्पाइसजेट के प्लेन में टक्कर, पार्किंग एरिया में हुआ हादसा याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप याचिका में कहा गया है कि जबरदस्ती या धोखे से धर्म परिवर्तन सिर्फ धार्मिक मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। इसमें दावा किया गया है कि अगर यह काम किसी संगठित अभियान के तहत होता है, तो इसे “आतंकवादी कृत्य” के रूप में देखा जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के मामलों के पीछे विदेशी फंडिंग हो सकती है, जिसका उद्देश्य देश के धार्मिक जनसंख्या संतुलन को प्रभावित करना और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करना है। Womens Reservation Bill का विरोध करने वाले लंबे समय तक कीमत चुकाएंगे – PM मोदी धार्मिक स्वतंत्रता पर भी उठे सवाल याचिका में कहा गया है कि संविधान सभी नागरिकों को धर्म की स्वतंत्रता देता है, लेकिन यह स्वतंत्रता सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता के अधीन है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को जबरन या धोखे से धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अदालत से की गई प्रमुख मांगें याचिका में सुप्रीम कोर्ट से दो प्रमुख मांगें की गई हैं। पहली, केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिए जाएं कि वे जबरन या धोखे से होने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाएं। दूसरी, ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों (स्पेशल कोर्ट) का गठन किया जाए, ताकि मामलों का त्वरित निपटारा हो सके। Parliament Special Session : 131वां संविधान संशोधन बिल के पक्ष में 207 वोट, 126 सांसदों ने किया विरोध देशभर में बढ़ी चर्चा नासिक से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद से ही यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सुप्रीम कोर्ट में इस पर सुनवाई के बाद आगे की दिशा तय होगी, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
Delhi Airport Plane Accident : दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा एयर और स्पाइसजेट के प्लेन में टक्कर, पार्किंग एरिया में हुआ हादसा

Delhi Airport Plane Accident : नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। करीब 2 बजे स्पाइसजेट (SpiceJet) की फ्लाइट पार्किंग एरिया में खड़े अकासा एयर (Akasa Air) के विमान से टकरा गई। इस घटना में दोनों विमानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट का विमान लेह से दिल्ली पहुंचा था और गेट की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान पार्किंग एरिया में खड़ा अकासा एयर का विमान उससे टकरा गया। बताया जा रहा है कि अकासा एयर की फ्लाइट हैदराबाद के लिए पुशबैक की प्रक्रिया में थी, तभी यह घटना हुई। Vijender Gupta Security : दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा, धमकियों के बाद कड़े इंतजाम दोनों विमानों को हुआ नुकसान स्पाइसजेट (SpiceJet) के प्रवक्ता के मुताबिक, इस टक्कर में उनके विमान के दाहिने पंख (राइट विंग) को नुकसान पहुंचा है। वहीं, अकासा एयर के विमान के पंखे में भी क्षति आई है। घटना के बाद स्पाइसजेट के विमान को दिल्ली में ही ग्राउंड कर दिया गया है और उसे फिलहाल उड़ान के लिए उपयोग में नहीं लिया जाएगा। अकासा एयर का बयान अकासा एयरलाइंस (Akasa Airlines) के प्रवक्ता ने बताया कि उनका विमान पार्किंग एरिया में खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन का विमान उससे टकरा गया। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। साथ ही, ग्राउंड टीम यात्रियों को जल्द से जल्द हैदराबाद भेजने के लिए वैकल्पिक इंतजाम कर रही है। Womens Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, अखिलेश बोले- BJP नारी को बना रही नारा फ्लाइट QP 1406 को लौटना पड़ा अकासा एयर की दिल्ली से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट QP 1406 को इस घटना के बाद वापस बे (पार्किंग एरिया) में लौटना पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए हलचल बढ़ गई, हालांकि स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है कि आखिर यह टक्कर कैसे हुई।
Vijender Gupta Security : दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा, धमकियों के बाद कड़े इंतजाम

Vijender Gupta Security : नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा को लगातार मिल रही बम धमकियों और हाल ही में हुई सुरक्षा चूक के बाद बड़ा फैसला लिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा बढ़ाकर अब ‘Z’ श्रेणी कर दी गई है। इस फैसले के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया गया है। लगातार मिल रही थीं धमकियां दिल्ली विधानसभा सचिवालय के अनुसार, 23 मार्च से शुरू हुए बजट सत्र के बाद से विधानसभा और अध्यक्ष के कार्यालय को करीब 6-7 धमकी भरे ईमेल मिले थे। इन धमकियों में बम से उड़ाने की बात कही गई थी, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। इसी को देखते हुए अध्यक्ष की सुरक्षा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। Womens Reservation Bill का विरोध करने वाले लंबे समय तक कीमत चुकाएंगे – PM मोदी सुरक्षा में चूक के बाद बढ़ी चिंता हाल ही में एक गंभीर घटना भी सामने आई थी, जब एक व्यक्ति अपनी कार से विधानसभा गेट नंबर-2 पर लगे अवरोधकों को तोड़ते हुए परिसर में घुस गया था। वह अध्यक्ष के कार्यालय के पास गुलदस्ता और माला रखकर वापस लौट गया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए। अब 24 घंटे कड़ी सुरक्षा नई ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा के तहत विजेंद्र गुप्ता को 24 घंटे और सातों दिन विशेष सुरक्षा टीम की निगरानी में रखा जाएगा। उनके साथ एक समर्पित एस्कॉर्ट कार भी रहेगी, जिसमें हथियारबंद जवान तैनात होंगे। इसके अलावा, उनके आवास और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। Womens Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, अखिलेश बोले- BJP नारी को बना रही नारा क्या होती है ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा? ‘Z’ श्रेणी देश की चौथी सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणियों में से एक मानी जाती है। यह सुरक्षा उन व्यक्तियों को दी जाती है, जिन्हें गंभीर खतरे का आकलन किया जाता है। इस श्रेणी में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल होते हैं। इसमें 4 से 5 कमांडो व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) के रूप में हर समय साथ रहते हैं। सुरक्षा काफिले में आगे पायलट वाहन और पीछे एस्कॉर्ट कार चलती है। सभी वाहनों में आधुनिक संचार सुविधाएं होती हैं। Mumbai Obscene Videos : अयान अहमद ने किया 180 लड़कियों का रेप, बनाए 350 अश्लील वीडियो आवास और कार्यक्रमों में भी सख्ती अध्यक्ष के निवास स्थान पर भी स्टेटिक गार्ड तैनात किए जाते हैं। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सख्ती से जांच होती है और पूरी जानकारी दर्ज की जाती है। सुरक्षा टीम के पास मेटल डिटेक्टर और विस्फोटक जांच उपकरण भी मौजूद रहते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां उनके हर दौरे और कार्यक्रम की पहले से जांच करती हैं। लगातार मिल रही धमकियों और हालिया घटनाओं को देखते हुए यह फैसला सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत करने की प्रक्रिया जारी है।