Nishant Kumar : JDU में एंट्री से पहले एक्टिव हुए निशांत, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ की लंबी चर्चा

Nishant Kumar : पटना। बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत के संकेत मिलने लगे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले ही राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। उनकी बढ़ती सक्रियता ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। शनिवार सुबह निशांत कुमार अचानक जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ एक लंबी अनौपचारिक बैठक की। इस बैठक को जेडीयू के अंदर एक अहम राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। Bihar Politics : नीतीश के बेटे निशांत के हाथ आएगी JDU की कमान? आज JDU की अहम बैठक में होगा फैसला नेताओं के साथ की लंबी चर्चा सूत्रों के मुताबिक बैठक में पार्टी के कई प्रमुख नेता और युवा विधायक मौजूद थे। इस दौरान बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि निशांत कुमार ने नेताओं से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम करने के तरीके और सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंचाने के बारे में भी विस्तार से बातचीत की। 8 मार्च को JDU में शामिल होने की संभावना सूत्रों के अनुसार निशांत कुमार 8 मार्च को औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ले सकते हैं। पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में राज्यभर से पार्टी के कार्यकर्ता और नेता जुटने की संभावना है। पार्टी के अंदर इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे जेडीयू में नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति भी साफ दिखाई दे रही है। Nitish Kumar : कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री, राज्यसभा जायेंगे नीतीश कुमार, बोले- नई सरकार को पूरा सहयोग नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू लंबे समय से नीतीश कुमार के नेतृत्व के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है। ऐसे में आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए पार्टी नई पीढ़ी के नेताओं को सामने लाने की तैयारी कर रही है। निशांत कुमार की सक्रियता को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इससे संगठन को नई ऊर्जा मिल सकती है और युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा। अब तक राजनीति से दूर रहे निशांत निशांत कुमार अब तक राजनीति से काफी दूरी बनाकर रखते आए हैं और सार्वजनिक जीवन में भी वे लो-प्रोफाइल रहे हैं। उनका जन्म 1975 में बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने पटना में की। इसके बाद उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। Nitish Kumar Nomination : नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, गृहमंत्री शाह भी रहे मौजूद हालांकि अब उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता यह संकेत दे रही है कि वे जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। ऐसे में उनकी औपचारिक एंट्री को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
Helicopter Emergency : 2000 फीट ऊंचाई पर डिप्टी CM के हेलिकॉप्टर में धुआं, स्क्रीन ब्लैकआउट- कराई इमरजेंसी लैंडिंग

Helicopter Emergency : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शनिवार को एक बड़े हादसे का शिकार होते-होते बाल-बाल बच गए। लखनऊ से कौशांबी के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद उनके हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण उसे आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। हेलिकॉप्टर के केबिन में अचानक धुआं यह घटना उस समय हुई जब डिप्टी सीएम लखनऊ के ला मार्ट्स मैदान से हेलिकॉप्टर द्वारा कौशांबी के लिए रवाना हुए थे। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद हेलिकॉप्टर के केबिन में अचानक धुआं भरने लगा और कॉकपिट की डिस्प्ले भी बंद हो गई। इससे हेलिकॉप्टर में मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। Iran Israel US War : आज रात ईरान पर होगा सबसे बड़ा हमला…अमेरिका तबाह करेंगा मिसाइल लॉन्चर-फैक्ट्रियां! स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी एयरपोर्ट) पर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। अनुमति मिलते ही हेलिकॉप्टर को वापस लखनऊ की ओर मोड़ा गया और सुरक्षित तरीके से एयरपोर्ट पर उतारा गया। उपमुख्यमंत्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जैसे ही हेलिकॉप्टर रनवे पर उतरा, सुरक्षा और तकनीकी टीमों ने तुरंत उसे घेर लिया और उपमुख्यमंत्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी को भी चोट नहीं आई। Gurmeet Ram Rahim : पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम बरी, तीन दोषियों की सजा बरकरार प्राथमिक जांच में इस घटना की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है। फिलहाल विशेषज्ञों की टीम हेलिकॉप्टर की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उड़ान के दौरान धुआं भरने और सिस्टम बंद होने की असली वजह क्या थी।
Iran Israel US War : आज रात ईरान पर होगा सबसे बड़ा हमला…अमेरिका तबाह करेंगा मिसाइल लॉन्चर-फैक्ट्रियां!

Iran Israel US War : तेहरान। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध लगातार गंभीर होता जा रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का शनिवार को आठवां दिन है। इस बीच अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने की तैयारी में है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि शनिवार रात ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाया जाएगा। उनका कहना है कि इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है, ताकि उसकी सैन्य क्षमता कमजोर की जा सके। तेहरान एयरपोर्ट पर इजराइल का हमला इसी बीच शुक्रवार देर रात इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया। हमले के बाद एयरपोर्ट परिसर में आग और धुएं के बड़े गुबार उठते दिखाई दिए। दूसरी ओर खबरें हैं कि रूस इस युद्ध के दौरान ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मॉस्को ने ईरान को मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई है। Gurmeet Ram Rahim : पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम बरी, तीन दोषियों की सजा बरकरार भारत में रुका ईरानी युद्धपोत इस तनाव के बीच ईरान का युद्धपोत IRIS लावन फिलहाल कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को डॉक करने की अनुमति दी और 4 मार्च को यह कोच्चि पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। यह युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में भी शामिल हुआ था। 1300 से अधिक लोगों की मौत इस संघर्ष में अब तक भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान में 1300 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं और 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कई मेडिकल सेंटर भी हमलों की चपेट में आए हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं कई जगह बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। LPG Price Hike : रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े, ईरान-इजराइल युद्ध से किल्लत का खतरा! पाकिस्तान पर भी पड़ रहा असर इस युद्ध का असर पड़ोसी पाकिस्तान पर भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान की लगभग 900 किलोमीटर लंबी सीमा ईरान से लगती है और खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी कामगार काम करते हैं। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर इस्लामाबाद की चिंता बढ़ गई है कि अगर युद्ध और फैलता है तो उसे किस तरह की रणनीति अपनानी पड़ेगी। वैश्विक तेल बाजार पर नजर युद्ध के बीच अमेरिका ने वैश्विक तेल आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए भारत को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए 30 दिनों की छूट दी है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में रूस के तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील भी दी जा सकती है। Donald Trump viral Photo : सिर झुकाए बैठे ट्रंप के कंधों पर पादरियों का हाथ, वॉर के बीच वायरल हुई फोटो यहां देखिये अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की पूरी टाइमलाइन अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रही जंग की टाइमलाइन इस प्रकार है। 28 फरवरी 2026 को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई, जो अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए बड़े संयुक्त हमले का नतीजा था। इस ऑपरेशन को ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया। हमलों में ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर भी हमला हुआ, जिसमें 150 से ज्यादा लोग मारे गए, साथ ही खामेनेई समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। 1 मार्च को पूरे इज़राइल में इमरजेंसी लागू कर दी गई। ईरान ने इज़राइल पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए, साथ ही बहरीन और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इज़राइल ने सेना को हाई अलर्ट पर रखा। Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित, सेना बोली- हर ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं 2 मार्च को अमेरिका ने B-2 बॉम्बर्स से हमला किया। अमेरिका-इज़राइल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हमला किया, जिसमें ईरान का लगभग 50% मिसाइल स्टॉक नष्ट हो गया और 9 नेवी जहाज डूब गए। कुवैत ने फ्रेंडली फायरिंग में 3 अमेरिकी फाइटर जेट गिरा दिए। 3 मार्च को सऊदी अरब, कुवैत और लेबनान में अमेरिकी दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। ट्रंप ने कहा कि अब बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। 4 मार्च को ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमला हुआ, जिसमें 87 नौसैनिक मारे गए। मिडिल ईस्ट से अब तक 17,500 अमेरिकी सुरक्षित निकाले जा चुके हैं। अली खामेनेई का शोक समारोह स्थगित कर दिया गया। सऊदी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी पर दूसरा ड्रोन हमला हुआ। अब तक जंग में कुल 1,045 लोग मारे जा चुके हैं। यह संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है और क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
Gurmeet Ram Rahim : पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम बरी, तीन दोषियों की सजा बरकरार

Gurmeet Ram Rahim : हरियाणा के चर्चित पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को इस मामले में बरी कर दिया है। हालांकि अदालत ने अन्य तीन दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और किशन लाल की सजा को बरकरार रखा है। इससे पहले पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के ताजा फैसले में राम रहीम को राहत मिली है, जबकि बाकी तीनों की उम्रकैद की सजा जारी रहेगी। LPG Price Hike : रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े, ईरान-इजराइल युद्ध से किल्लत का खतरा! क्या था पूरा मामला यह मामला करीब दो दशक पुराना है। सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को 24 अक्टूबर 2002 को उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल छत्रपति का इलाज चला, लेकिन 21 नवंबर 2002 को उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि अगस्त 2002 में एक गुमनाम पत्र सामने आया था, जिसमें डेरा सच्चा सौदा की कुछ साध्वियों के साथ यौन शोषण और दुष्कर्म के आरोप लगाए गए थे। पत्रकार छत्रपति ने इस पत्र को अपने अखबार में प्रकाशित किया था, जिसके बाद यह मामला काफी चर्चा में आ गया था। UPSC Topper Anuj Agnihotri : कौन हैं UPSC में टॉप करने वाले अनुज अग्निहोत्री, रावतभाटा से है कनेक्शन हाईकोर्ट के आदेश पर हुई थी CBI जांच इस हत्याकांड की जांच पहले स्थानीय स्तर पर चल रही थी, लेकिन 2003 में छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। नवंबर 2003 में हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। 2004 में डेरा सच्चा सौदा की ओर से इस जांच को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। Social Media Ban : 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन! CM का बड़ा ऐलान 16 साल तक चली कोर्ट में सुनवाई यह मामला लंबे समय तक अदालत में चलता रहा। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में करीब 16 साल तक सुनवाई चली। इसके बाद सीबीआई ने 2018-2019 में चार्जशीट दाखिल की और अदालत ने इसे सुनियोजित साजिश मानते हुए गुरमीत राम रहीम समेत चार लोगों को दोषी करार दिया था। गुरमीत राम रहीम फिलहाल दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं और सुनारिया जेल में बंद हैं।
LPG Price Hike : रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े, ईरान-इजराइल युद्ध से किल्लत का खतरा!

LPG Price Hike : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को झटका देते हुए घरेलू रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। अब 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए का इजाफा किया गया है। नई दरों के अनुसार दिल्ली में यह सिलेंडर अब 913 रुपए में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपए थी। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी बढ़ा दी गई है। इसमें 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत अब 1883 रुपए हो गई है। सरकार द्वारा बढ़ाई गई नई कीमतें 7 मार्च से पूरे देश में लागू हो गई हैं। Social Media Ban : 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन! CM का बड़ा ऐलान करीब एक साल बाद बढ़े घरेलू गैस के दाम सरकार ने इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपए की बढ़ोतरी की थी। यानी करीब एक साल बाद फिर से रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए हैं। वहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 1 मार्च 2026 को भी 31 रुपए की वृद्धि की गई थी। वैश्विक तनाव के बीच बढ़ाए गए दाम सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों पर असर पड़ रहा है। UPSC Topper Anuj Agnihotri : कौन हैं UPSC में टॉप करने वाले अनुज अग्निहोत्री, रावतभाटा से है कनेक्शन LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश संभावित गैस किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 मार्च को देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश दिया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग अब प्राथमिकता से रसोई गैस बनाने के लिए किया जाए। साथ ही सभी कंपनियों को यह गैस सरकारी तेल कंपनियों को सप्लाई करने को कहा गया है, जिनमें इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम शामिल हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। गैस संकट की दो बड़ी वजह मध्य-पूर्व में तनाव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पहली बड़ी वजह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला अहम जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ है। यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार का प्रमुख रास्ता है और दुनिया के करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम की आवाजाही यहीं से होती है। Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित, सेना बोली- हर ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं भारत भी अपनी जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत कच्चा तेल और 54 प्रतिशत एलएनजी इसी मार्ग से आयात करता है। लेकिन क्षेत्र में बढ़ते सैन्य खतरे के कारण कई तेल टैंकर इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं। दूसरी वजह कतर के एलएनजी प्लांट का उत्पादन रुकना बताया जा रहा है। हाल ही में ईरान द्वारा ड्रोन हमलों के बाद कतर ने अपने एलएनजी उत्पादन को अस्थायी रूप से रोक दिया है। भारत अपनी कुल एलएनजी जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत कतर से ही आयात करता है। CNG कंपनियों ने जताई चिंता गैस सप्लाई को लेकर देश की CNG कंपनियों ने भी चिंता जताई है। ‘एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज’ ने सरकारी कंपनी GAIL को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से सस्ती गैस नहीं मिलती, तो उन्हें स्पॉट मार्केट से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी, जिससे CNG की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। Weight Loss Tips : वजन नहीं घट रहा? स्लो मेटाबॉलिज्म है असली विलेन! ऐसे करें अपनी बॉडी का ‘फैट बर्न’ सरकार ने दिया भरोसा हालांकि सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल पेट्रोलियम और LPG का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। भारत अब रूस से भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे मध्य-पूर्व पर निर्भरता कुछ हद तक कम हुई है। बड़े शहरों में LPG सिलेंडर (14.2 kg) के दाम : दिल्ली: नया दाम ₹913.00 – पुराना दाम ₹853.00 – बढ़ोतरी ₹60.00 कोलकाता: नया दाम ₹939.00 – पुराना दाम ₹879.00- बढ़ोतरी ₹60.00 मुंबई: नया दाम ₹912.50 – पुराना दाम ₹852.50- बढ़ोतरी ₹60.00 चेन्नई: नया दाम ₹928.50 – पुराना दाम ₹868.50- बढ़ोतरी ₹60.00 भोपाल: नया दाम ₹918.50 – पुराना दाम ₹858.50 – बढ़ोतरी ₹60.00 जयपुर: नया दाम ₹916.50 – पुराना दाम ₹856.50- बढ़ोतरी ₹60.00 पटना: नया दाम ₹1011.00- पुराना दाम ₹951.00- बढ़ोतरी ₹60.00 रायपुर: नया दाम ₹984.00 – पुराना दाम ₹824.00- बढ़ोतरी ₹60.00 बड़े शहरों में कमर्शियल सिलेंडर (19 kg) के दाम कोलकाता: नया दाम ₹1990.00- पुराना दाम ₹1875.50 – बढ़ोतरी ₹114.50 मुंबई: नया दाम ₹1835.00 – पुराना दाम ₹1720.50 – बढ़ोतरी ₹114.50 चेन्नई: नया दाम ₹2043.50 – पुराना दाम ₹1929.00- बढ़ोतरी ₹114.50 भोपाल: नया दाम ₹1910.50 – पुराना दाम ₹1796.00 – बढ़ोतरी ₹114.50 जयपुर: नया दाम ₹1990.00 – पुराना दाम ₹1875.50- बढ़ोतरी ₹114.50 पटना: नया दाम ₹2150.00 – पुराना दाम ₹2035.50 – बढ़ोतरी ₹114.50 रायपुर: नया दाम ₹2109.50 – पुराना दाम ₹1995.00 – बढ़ोतरी ₹114.50
Social Media Ban : 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन! CM का बड़ा ऐलान

Social Media Ban : कर्नाटक सरकार ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेने की तैयारी की है। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) ने शुक्रवार को घोषणा की कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने की योजना बनाई जा रही है। यह घोषणा 2026-27 के बजट भाषण के दौरान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल बच्चों में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसका उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार इस पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की योजना बना रही है। UPSC Topper Anuj Agnihotri : कौन हैं UPSC में टॉप करने वाले अनुज अग्निहोत्री, रावतभाटा से है कनेक्शन देश का पहला राज्य बन सकता है कर्नाटक अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो कर्नाटक ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। सरकार फिलहाल यह तय कर रही है कि इस बैन को तकनीकी और कानूनी रूप से कैसे लागू किया जाए। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (DPDP) और पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स 2025 से भी जुड़ा हुआ है। इस कानून के तहत बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और उनके निजी डेटा की रक्षा पर खास जोर दिया गया है। सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, अगर कोई नाबालिग सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाना चाहता है तो उसे पहले अपने माता-पिता या अभिभावकों की अनुमति लेनी होगी। इसके लिए सरकारी पहचान प्रणाली या DigiLocker जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उम्र और अनुमति की पुष्टि की जा सकती है। Donald Trump viral Photo : सिर झुकाए बैठे ट्रंप के कंधों पर पादरियों का हाथ, वॉर के बीच वायरल हुई फोटो आंध्र प्रदेश में भी उठी इसी तरह की मांग इस बीच आंध्र प्रदेश में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर रोक लगाने की चर्चा शुरू हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (CM N. Chandrababu Naidu) ने विधानसभा में बताया कि उन्हें 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव मिला है। स्कूल-कॉलेजों में नशे पर भी सख्ती बजट भाषण में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों के व्यक्तित्व और भविष्य को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सरकार शैक्षणिक संस्थानों में नशे की समस्या रोकने के लिए भी अभियान शुरू करेगी। इसके तहत छात्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, संस्थानों में सख्त अनुशासन लागू किया जाएगा और जरूरतमंद छात्रों के लिए काउंसलिंग व सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित, सेना बोली- हर ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं DPDP एक्ट की प्रमुख बातें डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत नागरिकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं: किसी भी कंपनी या ऐप को आपका डेटा लेने से पहले स्पष्ट अनुमति लेनी होगी। डेटा का उपयोग केवल उसी काम के लिए किया जा सकेगा जिसके लिए अनुमति दी गई है। लोग अपने डेटा को देख सकते हैं, सुधार सकते हैं या पूरी तरह हटाने का अधिकार रखते हैं। डेटा लीक होने पर कंपनी को तुरंत उपयोगकर्ता को इसकी जानकारी देनी होगी। शिकायत के लिए डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। डेटा लीक होने पर क्या होगा अगर किसी व्यक्ति का पर्सनल डेटा लीक हो जाता है, तो संबंधित कंपनी को तुरंत प्रभावित लोगों को जानकारी देनी होगी। उन्हें बताया जाएगा कि डेटा कैसे लीक हुआ, इसका क्या असर हो सकता है और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा लोगों को अपने डेटा को एक्सेस करने, सुधारने, अपडेट करने या पूरी तरह हटाने का अधिकार भी मिलेगा। कंपनियों को इन अनुरोधों का जवाब अधिकतम 90 दिनों के भीतर देना होगा। Weight Loss Tips : वजन नहीं घट रहा? स्लो मेटाबॉलिज्म है असली विलेन! ऐसे करें अपनी बॉडी का ‘फैट बर्न’ विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर सरकारों की चिंता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कर्नाटक का यह प्रस्ताव देश में डिजिटल सुरक्षा के नए नियमों की दिशा तय कर सकता है।
UPSC Topper Anuj Agnihotri : कौन हैं UPSC में टॉप करने वाले अनुज अग्निहोत्री, रावतभाटा से है कनेक्शन

UPSC Topper Anuj Agnihotri : संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री (Anuj Agnihotri) ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है। सबसे पहले अगस्त 2025 में लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद सफल उम्मीदवारों का फरवरी 2026 में इंटरव्यू लिया गया। इन सभी चरणों के बाद अंतिम मेरिट लिस्ट जारी की गई है। आइये अब जानते हैं कौन हैं UPSC में टॉप करने वाले अनुज अग्निहोत्री और राजस्थान से क्या है कनेक्शन…। कौन हैं टॉपर अनुज अग्निहोत्री यूपीएससी 2025 के टॉपर अनुज अग्निहोत्री (Anuj Agnihotri) राजस्थान के रावतभाटा, राजस्थान के निवासी हैं। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। अनुज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद जोधपुर जाकर मेडिकल की पढ़ाई की और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से एमबीबीएस किया। उन्होंने साल 2023 में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और उसी दौरान यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी थी। पहले प्रयास में ही उन्होंने परीक्षा पास कर ली थी और करीब 400 के आसपास रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्हें यूनियन टेरिटरी कैडर की सेवा मिली और वे प्रशासनिक सेवा में शामिल हो गए। UPSC CSE 2025 : UPSC CSE का फाइनल रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री ने देश में किया टॉप, यहां देखें लिस्ट तीसरे प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता पहली सफलता के बाद भी अनुज का लक्ष्य टॉप करना था। उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। 2024 में उन्होंने मेंस और इंटरव्यू तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना सके। इसके बाद उन्होंने और ज्यादा मेहनत की और आखिरकार 2025 की परीक्षा में ऑल इंडिया टॉपर बन गए। बताया जा रहा है कि वे पहले दिल्ली में एसडीएम पद पर भी कार्यरत रहे हैं। वर्तमान में वे ट्रेनिंग के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में थे और होली के अवसर पर अपने घर रावतभाटा आए हुए थे। इसी दौरान उनके टॉपर बनने की खबर पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बन गई। परिवार में खुशी का माहौल अनुज के पिता के.बी. अग्निहोत्री न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में कार्यरत रहे हैं। उनके दादा के.के. अग्निहोत्री भी इसी संस्थान में अकाउंट विभाग में काम कर चुके हैं। उनकी मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं। बेटे की इस उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। Donald Trump viral Photo : सिर झुकाए बैठे ट्रंप के कंधों पर पादरियों का हाथ, वॉर के बीच वायरल हुई फोटो टॉप-10 उम्मीदवारों की सूची UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 की टॉप-10 सूची इस प्रकार है: अनुज अग्निहोत्री राजेश्वरी सुवे एम आकांक्षा धुल राघव झुनझुनवाला ईशान भटनागर जिन्निया अरोड़ा ए.आर. राजा मोहिदीन पाक्षल सेक्रेट्री आस्था जैन उज्ज्वल प्रियंक इस वर्ष टॉप-10 सूची में तीन महिला उम्मीदवारों ने भी स्थान बनाया है। विभिन्न सेवाओं में होगा चयन सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से कुल 1087 पदों पर भर्ती की जाएगी। अंतिम परिणाम के आधार पर चयनित उम्मीदवारों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service), भारतीय पुलिस सेवा ( Indian Police Service), भारतीय विदेश सेवा ( Indian Foreign Service) भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय व्यापार सेवा और अन्य ग्रुप-ए व ग्रुप-बी सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी। Weight Loss Tips : वजन नहीं घट रहा? स्लो मेटाबॉलिज्म है असली विलेन! ऐसे करें अपनी बॉडी का ‘फैट बर्न’ ऐसे देखें अपना रिजल्ट 1. UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं। 2. होमपेज पर What’s New सेक्शन में जाएं। 3. UPSC Civil Services Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें। 4. पीडीएफ फाइल डाउनलोड करें। 5. पीडीएफ में अपना नाम या रोल नंबर सर्च कर परिणाम देखें।
Donald Trump viral Photo : सिर झुकाए बैठे ट्रंप के कंधों पर पादरियों का हाथ, वॉर के बीच वायरल हुई फोटो

Donald Trump viral Photo : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस में हुई एक प्रार्थना सभा को लेकर दुनियाभर में चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ओवल ऑफिस में आयोजित इस सभा के दौरान सार्वजनिक रूप से कहा कि ईश्वर उनके “प्रभु और उद्धारकर्ता” हैं। इस दौरान कई ईसाई पादरी उनके आसपास खड़े होकर अमेरिका और राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते दिखाई दिए। यह प्रार्थना सभा व्हाइट हाउस के प्रसिद्ध ओवल ऑफिस में आयोजित की गई थी। वहां मौजूद लोगों के अनुसार जैसे ही प्रार्थना शुरू हुई, ट्रंप ने सिर झुका लिया और आंखें बंद कर लीं। इसके बाद पादरियों ने उनके कंधों पर हाथ रखकर अमेरिका के लिए “दिव्य मार्गदर्शन, शक्ति और सुरक्षा” की प्रार्थना की। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित, सेना बोली- हर ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं “देश कठिन दौर से गुजर रहा है” प्रार्थना के दौरान पादरियों ने कहा कि अमेरिका इस समय एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में ईश्वर का आशीर्वाद बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रार्थना में कहा कि ईश्वर राष्ट्रपति को सही निर्णय लेने की शक्ति दें और इस कठिन समय में उनका मार्गदर्शन करें। प्रार्थना के बाद ट्रंप का संदेश प्रार्थना समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने संक्षेप में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में अमेरिका को विश्वास और ताकत की जरूरत होती है। ट्रंप ने कहा, “अमेरिका को इस कठिन समय में फिर से ईश्वर की ओर लौटना होगा।” उनके समर्थकों का कहना है कि यह संदेश यह दिखाता है कि देश का नेतृत्व आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित होना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान की सेना से हथियार डालने को कह रहे हैं राष्ट्रपति ट्रंप: “मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस के सभी सदस्यों से हथियार डालने की अपील कर रहा हूं।”pic.twitter.com/684XeYPcPj — Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) March 6, 2026 ईरान तनाव के बीच हुआ आयोजन यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। वॉशिंगटन का आरोप है कि ईरान (Iran) मध्य-पूर्व में आक्रामक गतिविधियां बढ़ा रहा है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका (United States)के इन आरोपों को तेहरान लगातार खारिज करता रहा है। Petrol Diesel Price Hike : अब नहीं बढ़ेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमते! रूस से तेल खरीदेगा भारत संघर्ष में धार्मिक भाषा की चर्चा राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे संघर्ष में धार्मिक भाषा और विचारधारा का इस्तेमाल भी देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान की राजनीति में धार्मिक नेतृत्व की बड़ी भूमिका है और अब अमेरिका में भी कुछ राजनीतिक बयान धार्मिक संदर्भों के साथ दिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस प्रार्थना सभा का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। ट्रंप समर्थकों ने उनकी सार्वजनिक आस्था की सराहना की और कहा कि अनिश्चितता के दौर में आध्यात्मिक मार्गदर्शन जरूरी होता है। हालांकि आलोचकों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि राजनीति और धर्म को इस तरह सार्वजनिक रूप से जोड़ना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। Trump Invites Pastors From Across US to Pray in Oval Office Amid Iran War pic.twitter.com/wVH5f5B9WM — TIMES NOW (@TimesNow) March 6, 2026 सैनिकों को ‘ईश्वर की योजना’ बताने का आरोप इसी बीच एक और विवाद सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना के कुछ अधिकारियों ने सैनिकों से कहा कि ईरान के साथ युद्ध “ईश्वर की योजना” का हिस्सा है। इस मामले में मिलिट्री रिलीजियस फ्रीडम फाउंडेशन (Military Religious Freedom Foundation) ने दावा किया है कि उन्हें इस तरह की सैकड़ों शिकायतें मिली हैं। Stock Market Today : ग्लोबल तनाव का असर भारतीय बाजार पर, सेंसेक्स 500 और निफ्टी में 150 अंकों की गिरावट इस संगठन के अध्यक्ष और पूर्व एयर फोर्स अधिकारी मिकी वेनस्टीन ने कहा कि जब भी मध्य-पूर्व में अमेरिका या इजरायल (Israel) की भूमिका बढ़ती है, तब धार्मिक राष्ट्रवाद से जुड़े ऐसे बयान सामने आने लगते हैं। फिलहाल व्हाइट हाउस की इस प्रार्थना सभा और उससे जुड़े बयानों ने अमेरिका की राजनीति, धर्म और अंतरराष्ट्रीय तनाव के संबंधों पर नई बहस को जन्म दे दिया है।
Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित, सेना बोली- हर ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं

Iran Drone Attack : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ईरान की ओर से बड़ी संख्या में छोड़े जा रहे ड्रोन को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। हालांकि अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ज्यादातर ड्रोन को मार गिरा रहा है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर हो रहे हमलों के कारण कुछ ड्रोन बच निकलने की आशंका बनी रहती है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन (The Guardian) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी डैन केन (Dan Kane)ने अमेरिकी सांसदों को बंद कमरे में दी गई एक गोपनीय ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईरान बड़ी संख्या में एकतरफा हमले करने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जो अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं। Petrol Diesel Price Hike : अब नहीं बढ़ेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमते! रूस से तेल खरीदेगा भारत हजारों ड्रोन से हमला कर रहा ईरान अधिकारियों ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि ईरान हजारों की संख्या में हमलावर ड्रोन तैनात कर रहा है। अमेरिकी सेना उनमें से अधिकतर को मार गिरा रही है, लेकिन हर एक ड्रोन को रोक पाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह रणनीति अमेरिका को आर्थिक रूप से दबाव में लाने के लिए भी है। दरअसल, ड्रोन अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं, जबकि उन्हें मार गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाली मिसाइलें काफी महंगी होती हैं। महंगे अमेरिकी सिस्टम बनाम सस्ते ड्रोन अमेरिका जिन रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहा है, उनमें पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इन सिस्टम की मिसाइलें बेहद महंगी होती हैं, जबकि ईरान के ड्रोन अपेक्षाकृत कम लागत में तैयार हो जाते हैं। खास तौर पर ईरान के आत्मघाती ड्रोन शहीद ड्रोन इस रणनीति का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं। ये ड्रोन धीमी गति से और जमीन के काफी करीब उड़ते हैं, जिससे पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इन्हें पहचानना और रोकना कठिन हो जाता है। Stock Market Today : ग्लोबल तनाव का असर भारतीय बाजार पर, सेंसेक्स 500 और निफ्टी में 150 अंकों की गिरावट अब लॉन्च साइट पर हमला करने की रणनीति इस चुनौती को देखते हुए अमेरिकी सेना ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अधिकारियों के मुताबिक अब केवल ड्रोन को हवा में मार गिराने पर निर्भर रहने के बजाय उन ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है जहां से ड्रोन और मिसाइल लॉन्च किए जा रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि यदि लॉन्च साइट को जल्दी नष्ट कर दिया जाए तो हमलों की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। युद्ध में तेजी से बढ़ रहा खर्च इस संघर्ष का आर्थिक असर भी अमेरिका पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के शुरुआती आकलन के अनुसार युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिका को प्रतिदिन करीब 2 अरब डॉलर तक खर्च करना पड़ा। हालांकि अब यह खर्च घटकर लगभग 1 अरब डॉलर प्रतिदिन के आसपास आ गया है। US Attack Iranian Warship : IRIS Dena पर अमेरिकी हमला, 87 सैनिकों की मौत, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि अमेरिका के पास युद्ध जारी रखने के लिए पर्याप्त हथियार मौजूद हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मध्यम और ऊपरी स्तर के हथियारों का भंडार लगभग असीमित है, हालांकि अत्याधुनिक हथियारों का स्टॉक उतना अधिक नहीं है जितना होना चाहिए। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने भी भरोसा दिलाया है कि अमेरिका के पास लंबे समय तक युद्ध लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन और हथियार मौजूद हैं। उनके मुताबिक अमेरिकी हथियारों के भंडार दुनिया के कई ऐसे स्थानों पर सुरक्षित रखे गए हैं जिनकी जानकारी बहुत कम लोगों को है।
Weight Loss Tips : वजन नहीं घट रहा? स्लो मेटाबॉलिज्म है असली विलेन! ऐसे करें अपनी बॉडी का ‘फैट बर्न’

Weight Loss Tips : आजकल कई लोग बिना ज्यादा खाना खाए भी तेजी से वजन बढ़ने या हर समय थकान महसूस होने की शिकायत करते हैं। अक्सर लोग इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे एक बड़ी वजह स्लो मेटाबॉलिज्म (slow metabolism) हो सकती है। मेडिकल भाषा में मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए हमारा शरीर भोजन और पेय पदार्थों को ऊर्जा में बदलता है। जब यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है, तो शरीर कैलोरी को जलाने की बजाय उसे फैट के रूप में जमा करने लगता है। मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता के अनुसार मेटाबॉलिज्म का सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है। यदि किसी व्यक्ति का मेटाबॉलिक रेट धीमा हो जाए, तो यह केवल वजन बढ़ने तक सीमित नहीं रहता बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को प्रभावित करने लगता है। Skin Care Tips : सर्दियों के बाद स्किन हो गई Dull? त्वचा के साथ न करें ये गलती स्लो मेटाबॉलिज्म के प्रमुख लक्षण विशेषज्ञों के अनुसार इसके लक्षण अक्सर स्पष्ट होते हैं, लेकिन लोग उन्हें सामान्य समस्या समझकर टाल देते हैं। सबसे बड़ा संकेत है बिना किसी खास वजह के वजन का तेजी से बढ़ना या जिम और डाइटिंग के बावजूद वजन कम न होना। इसके अलावा शरीर भोजन से पर्याप्त ऊर्जा नहीं बना पाता, जिससे व्यक्ति हमेशा थका हुआ और कमजोर महसूस करता है। त्वचा का रूखा होना, बालों का ज्यादा झड़ना और पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज भी इसके संकेत हो सकते हैं। धीमा मेटाबॉलिज्म शरीर की आंतरिक गर्मी बनाने की क्षमता को भी कम कर देता है। ऐसे में सामान्य तापमान में भी व्यक्ति को दूसरों की तुलना में ज्यादा ठंड महसूस होती है। मानसिक रूप से भी इसका असर दिखाई देता है, जिसे “ब्रेन फॉग” कहा जाता है। इसमें ध्यान लगाने में कठिनाई, भूलने की आदत और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। अगर इस स्थिति पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह आगे चलकर इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बन सकती है, जिससे डायबिटीज (Diabetes) और थायरॉइड (Thyroid) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। Pre-Holi Skin Care : रंगों से पहले ऐसे करें स्किन की तैयारी, केमिकल कलर्स से नहीं होगा नुकसान मेटाबॉलिज्म तेज करने के आसान तरीके हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने के लिए जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है। इसके अलावा नियमित व्यायाम भी बेहद जरूरी है। विशेष रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जो आराम की स्थिति में भी अधिक कैलोरी जलाने में मदद करती हैं। Eat the Rainbow : हार्ट हेल्थ और एंटी-एजिंग का राज ‘रेनबो डाइट’, पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर नींद भी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने वाला एक अहम कारक है। कम या अधूरी नींद शरीर के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ देती है, जिससे भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं और वजन बढ़ने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद जैसी आदतों को अपनाकर मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे न सिर्फ वजन नियंत्रित रहता है बल्कि शरीर भी लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है।