Vidisha News: 100 साल की सास के लिए 3 बहुओं ने किया अनोखा काम, तस्वीर देख लोग हुए भावुक; जानिए क्या है पूरा मामला
Vidisha News: विदिशा में तीन बहुओं ने अपनी करीब 100 वर्षीय सास की धार्मिक इच्छा पूरी करने के लिए अनोखी मिसाल पेश की। बहुओं ने उन्हें टब में बैठाकर करीब 40 किलोमीटर का सफर पूरा किया।
Vidisha News: सास-बहू के रिश्ते को लेकर अक्सर तकरार और मनमुटाव की बातें सुनने को मिलती हैं। लेकिन सावन के पवित्र महीने में विदिशा से सामने आई यह कहानी रिश्ते की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर दिखाती है। शमशाबाद तहसील के शाहपुर गांव की करीब 100 वर्षीय बनिया बाई की इच्छा थी कि वह सावन के महीने में देवपुर धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करें। उम्र का असर ऐसा था कि उनके लिए लंबी दूरी पैदल तय करना संभव नहीं था। परिवार के सामने सवाल था कि आखिर बुजुर्ग महिला की इच्छा कैसे पूरी की जाए। इसी दौरान उनकी तीन बहुओं ने जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया और सास को अपने साथ धाम तक ले जाने की ठान ली।
सास को सिर पर उठाकर चल पड़ीं बहुएं
बता दें, तीनों बहुओं ने बनिया बाई को प्लास्टिक के एक टब में बैठाया। इसके बाद वे बारी-बारी से टब को सिर पर रखकर आगे बढ़ने लगीं। करीब 40 किलोमीटर की इस यात्रा में तीनों ने एक-दूसरे का साथ दिया और रास्ते में जिम्मेदारी बदलती रहीं। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन सास की इच्छा पूरी करने का जज्बा बहुओं को लगातार आगे बढ़ाता रहा। परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा में उनके साथ रहे और बुजुर्ग महिला को देवपुर धाम तक पहुंचाने में सहयोग किया।
रास्ते में लोगों ने देखा तो ठहर गए कदम
वहीं यात्रा के दौरान जब लोगों ने तीनों बहुओं को अपनी बुजुर्ग सास को सिर पर बैठाकर जाते देखा तो वे हैरान रह गए। कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। देखते ही देखते यह अनोखा दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने बहुओं के इस प्रयास की जमकर सराहना की।
बनिया बाई के लिए यादगार बन गई यात्रा
करीब 100 साल की उम्र में देवपुर धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना बनिया बाई के लिए किसी खास उपलब्धि से कम नहीं था। यात्रा पूरी होने के बाद उन्होंने परिवार के साथ होने पर खुशी जताई। बुजुर्ग महिला ने बताया कि जब पूरा परिवार उनके साथ खड़ा रहा तो उन्हें बहुत संतोष मिला। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं रही, बल्कि परिवार के प्रेम और साथ की यादगार कहानी बन गई।
तीनों बहुओं के समर्पण ने दिलाई श्रवण कुमार की याद
बनिया बाई को टब में बैठाकर करीब 40 किलोमीटर तक सिर पर उठाकर ले जाने वाली तीनों बहुओं की तस्वीर सामने आने के बाद लोगों को श्रवण कुमार की याद आ गई। भारतीय संस्कृति में श्रवण कुमार को माता-पिता की सेवा और उन्हें तीर्थ यात्रा कराने के लिए जाना जाता है।