UP ED Raid : यूपी में टेरर फंडिंग नेटवर्क पर ED का बड़ा एक्शन, 13 ठिकानों पर छापेमारी
UP ED Raid : जांच एजेंसियों के अनुसार, इन संस्थाओं को विदेश से बड़ी मात्रा में चंदा मिलने की जानकारी सामने आई है।
UP ED Raid : लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ और कथित टेरर फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को एजेंसी ने राज्य के 13 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत दर्ज मामले में की गई। जांच का उद्देश्य कथित वित्तीय लेन-देन, अवैध फंडिंग और उससे जुड़े नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाना है। फिलहाल एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
PMLA के तहत शुरू किया गया तलाशी अभियान
प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोनल कार्यालय ने ECIR नंबर ECIR/LKZO/14/2024 के तहत यह कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, जांच के सिलसिले में 13 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तार से जांच की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझा जा सके।
ATS की FIR के बाद तेज हुई जांच
यह मामला उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह एफआईआर एक ऐसे संगठित गिरोह से संबंधित है, जिस पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में कथित अवैध घुसपैठ कराने, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार करवाने और देश के अलग-अलग हिस्सों में उन्हें बसाने में मदद करने का आरोप है। इन्हीं आरोपों के आधार पर वित्तीय पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
वित्तीय नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की जांच
प्रारंभिक जांच में एक कथित वित्तीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिसमें कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन संस्थाओं को विदेश से बड़ी मात्रा में चंदा मिलने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि इस धनराशि को कई बैंक खातों, कथित म्यूल अकाउंट्स और कई स्तरों वाले लेन-देन के जरिए अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया जाता था। हालांकि इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
कैश ट्रांजैक्शन और छोटे ट्रांसफर भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि संदिग्ध लाभार्थियों तक धन पहुंचाने के लिए नकद निकासी और छोटी-छोटी रकम के ट्रांसफर का भी कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियां इन सभी वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय ने मामले की जांच जारी रखने की बात कही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।