Jagannath Rath Yatra Stampede : पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़, एक की मौत; 200 से ज्यादा घायल
Jagannath Rath Yatra Stampede : जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु को भीड़ के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
Jagannath Rath Yatra Stampede : ओडिशा। पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 के पहले दिन भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस दौरान एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने और बाद में मौत होने की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु को भीड़ के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि, इस मौत की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की ओर से अभी तक नहीं की गई है। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा और राहत व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
भीड़ बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की बिगड़ी तबीयत
रथ यात्रा के दौरान ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पहुंचे। इसी दौरान भारी भीड़ के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और कुछ श्रद्धालु बेहोश भी हो गए।
स्थानीय लोगों और राहत टीमों ने प्रभावित लोगों को तत्काल भीड़ से बाहर निकालकर पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 200 से अधिक लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रेस्क्यू टीम और मेडिकल स्टाफ तुरंत हुआ सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU), पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल ने भीड़ में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और जरूरतमंदों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
प्रशासन ने ग्रैंड रोड और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, मेडिकल टीमों और एंबुलेंस की तैनाती बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आस्था के बीच शुरू हुई विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा
गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुई। सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन को मंदिर से बाहर लाकर देवी सुभद्रा के रथ पर स्थापित किया गया।
इसके बाद पारंपरिक 'पहंडी' अनुष्ठान के तहत तीनों देवताओं की प्रतिमाओं को उनके-अपने रथों पर विराजमान किया गया। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने 'जय जगन्नाथ' के जयकारों के साथ भगवान के दर्शन किए। देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए।
बारिश और जलभराव से निपटने के लिए विशेष इंतजाम
रथ यात्रा से पहले पुरी में लगातार हुई भारी बारिश को देखते हुए ओडिशा सरकार ने विशेष तैयारियां की थीं। पिछले 24 घंटों में क्षेत्र में लगभग 200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
इसे देखते हुए पुरी नगर निगम और आवास एवं शहरी विकास विभाग ने 24 घंटे निगरानी दल तैनात किए। जल निकासी के लिए उच्च क्षमता वाली पंपिंग मशीनें लगाई गईं और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रथ यात्रा मार्ग को सुरक्षित और यातायात योग्य बनाए रखा जाए।