RS Monsoon Session : राज्यसभा में 'वंदे मातरम' अपमान निवारण विधेयक 2026 पास, विपक्ष का वॉकआउट
RS Monsoon Session : विपक्षी सदस्य गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर सरकार को सदन में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
RS Monsoon Session : नई दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के अपमान या इसके गायन के दौरान व्यवधान को दंडनीय अपराध बनाने से संबंधित राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सदन में विरोध जताया और बाद में वॉकआउट कर दिया। हालांकि आम आदमी पार्टी (आप), बीजू जनता दल (बीजद), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया। चर्चा पूरी होने के बाद सदन ने विधेयक को मंजूरी दे दी।
विपक्ष ने गृह मंत्री से मांगा जवाब
दोपहर के भोजनावकाश के बाद जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने राजधानी में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्टीकरण की मांग की।
विपक्षी सदस्य गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर सरकार को सदन में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
हंगामे के बीच जारी रही सदन की कार्यवाही
विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। उन्होंने विपक्षी सांसदों से सदन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। इसके बावजूद विरोध जारी रहा।
उपसभापति ने उन सदस्यों के नाम पुकारे, जिन्होंने विधेयक पर चर्चा के लिए पहले से अपना नाम दर्ज कराया था। बाद में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले जब विधेयक पर बोल रहे थे, तब विपक्षी दलों के सांसद सदन से वॉकआउट कर गए।
क्या है विधेयक का प्रावधान?
राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के अपमान या इसके गायन के दौरान जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न करने को अपराध की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही राष्ट्रध्वज, संविधान और राष्ट्रगान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान या अनादर को भी दंडनीय बनाया गया है। विधेयक के अनुसार, दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान रखा गया है।
24 जुलाई को पेश हुआ था विधेयक
यह विधेयक राज्यसभा में 24 जुलाई 2026 को पेश किया गया था। हालांकि उस समय नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन और उससे जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। बाद में सदन में चर्चा कराई गई और ध्वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया गया। इस बीच जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हो चुका है, लेकिन संसद के भीतर इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी रहा।