Paper Leak Bill : NTA में 34 कर्मचारी थे तो 47 को कैसे सस्पेंड किया, संसद में गौरव गोगोई ने सरकार को घेरा
Paper Leak Bill : संसद में अपने संबोधन के दौरान गोगोई ने असम में आई बाढ़ का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की।
Paper Leak Bill : नई दिल्ली। संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से पेपर लीक जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने दावा किया कि सरकार ने एनटीए के 47 लोगों को बदले जाने की बात कही है, लेकिन एनटीए में स्वीकृत पदों की संख्या 34 है।
छात्र आंदोलन और लोकतंत्र का किया जिक्र
गौरव गोगोई ने कहा कि हाल के छात्र आंदोलन ने यह दिखाया कि लोगों के मन से डर खत्म हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र और नागरिक लोकतंत्र के समर्थन में सड़कों पर उतरे।
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों की भावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आवाज उठाना जरूरी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की आपत्तिजनक भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता।
सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में अपेक्षित सुधार नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में लागू कानून के बावजूद वर्ष 2026 में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं।
उनके अनुसार यदि पहले से लागू कानून प्रभावी होता, तो नए संशोधन की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस जवाब मांगा।
एनटीए और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
गौरव गोगोई ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई अधिकारियों पर कार्रवाई का दावा किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कार्रवाई किन अधिकारियों पर हुई। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने दावा किया कि सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह इस मुद्दे पर गंभीर है।
गोगोई ने कहा कि सरकार ने एनटीए के 47 लोगों को बदले जाने की बात कही है, लेकिन वह जानना चाहते हैं कि ये 47 लोग कौन हैं। उन्होंने कहा कि एनटीए में स्वीकृत पदों की संख्या 34 है और इनमें भी 10 से 12 पद खाली हैं, ऐसे में 47 अधिकारियों पर कार्रवाई का दावा कैसे किया जा रहा है।
असम बाढ़ और शिक्षा सुधार का मुद्दा भी उठाया
संसद में अपने संबोधन के दौरान गोगोई ने असम में आई बाढ़ का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, परीक्षा माफिया पर कार्रवाई करने और छात्रों का भरोसा कायम रखने के लिए सरकार को व्यापक सुधार लागू करने चाहिए।