कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को किया निलंबित, दतिया उपचुनाव के बाद बढ़ीं राजनीतिक मुश्किलें
दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को कांग्रेस ने भीतरघात के आरोपों के बाद प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। कार्रवाई उपचुनाव की शिकायत के बाद हुई।
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया इलाके से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की राजनीतिक दिक्कतें, फिर से बढ़ती हुई नजर आ रही है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनकी विधानसभा वाली सदस्यता वैसे ही खत्म हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने पार्टी के सामने अपील भी की थी कि उपचुनाव के दौरान उन्हें, या उनके परिवार के किसी सदस्य को किसी तरह टिकट वगैरह न दिया जाए, और अब कांग्रेस ने उन्हीं पर भीतरघात वाले आरोपों को ले कर कड़ा कदम उठाया है। पार्टी का कहना है कि इन आरोपों को गंभीर तरीके से लिया गया। इसी के चलते उनकी प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी गई है. ये कार्रवाई पार्टी प्रत्याशी की शिकायत पर हुई, लेकिन अभी राजेंद्र भारती की तरफ से कोई नया आधिकारिक बयान वगैरह सामने नहीं आया है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों वाले आरोप के बाद हुई कार्रवाई
दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के भीतर राजेंद्र भारती को लेकर सवाल उठे थे। पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने चुनाव खत्म होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व को शिकायत भेजी। उनका आरोप था कि उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान, अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसी शिकायत में भाजपा से कथित सांठगांठ और पार्टी हितों के खिलाफ काम करने जैसी बातें भी जोड़ी गई. इसके बाद कांग्रेस संगठन ने पूरे मामले की समीक्षा की, और अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उनकी प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद खाली हुई थी सीट
राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता हाईकोर्ट से तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद समाप्त हो गई थी। जनप्रतिनिधित्व कानून के हिसाब से सदस्यता खत्म होने के बाद दतिया सीट पर उपचुनाव कराया गया। 30 जुलाई को मतदान सम्पन्न हुआ। चुनाव की घोषणा के दौरान राजेंद्र भारती ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि कांग्रेस उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट न दे। इसके बाद कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बना दिया।
प्रचार अभियान से दूरी… और वही चर्चा
उपचुनाव के दौर में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दतिया में सक्रिय दिखे, मगर राजेंद्र भारती की गैरमौजूदगी चर्चा का कारण बनी रही। मतदान के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पार्टी नेतृत्व को औपचारिक शिकायत दी, जिसमें कहा गया कि चुनाव के समय संगठन को पूरा सहयोग नहीं मिला और पार्टी को नतीजतन नुकसान हुआ। इसके बाद संगठन स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया, तेज बताई जा रही है।
प्रदेश प्रभारी के आदेश पर हुआ निलंबन
मतगणना से लगभग ठीक एक दिन पहले, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने राजेंद्र भारती को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने का आदेश जारी किया। माना जा रहा है कि ये निर्णय चुनाव के बाद आई शिकायतों और संगठनात्मक रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। हालांकि, कांग्रेस की तरफ से सार्वजनिक रूप से विस्तृत कारण जारी नहीं किए गए हैं। दूसरी ओर राजेंद्र भारती पहले इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। ताजा निलंबन पर भी अभी तक उनकी तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दतिया कांग्रेस की राजनीति पर असर डाल सकती है बात
राजेंद्र भारती लंबे समय से दतिया में कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे हैं। ऐसे में उनका निलंबन सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि संगठन के अंदर अनुशासन को लेकर एक सख्त संदेश भी कहा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का अनुमान है कि इसका असर दतिया की स्थानीय राजनीति और कांग्रेस के आगे के संगठनात्मक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि पार्टी आगे क्या रुख करती है, और राजेंद्र भारती इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्या जवाब देते हैं।
