बालाघाट के बीमार बैगा अंचल पहुंचे सीएम मोहन यादव, मृत बच्चों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद का किया ऐलान
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा अंचल में पिछले ढाई महीने से फैली गंभीर बीमारी के बीच सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने मृतक बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा अंचल में इन दिनों एक गंभीर बीमारी ने भारी प्रकोप मचा रखा है। पिछले करीब ढाई महीने से इस इलाके के लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में हैं। इस भारी संकट के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सीधे बीमारी से प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने बिरसा विकासखंड के बैगा बाहुल्य ग्राम कोरका और बोनदारी का जमीनी दौरा किया। वहां एक सभा मंच पर मंत्रियों, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मृत बच्चों के संबंध में पूरी जानकारी ली और इलाके में पोषण आहार की स्थिति पर भी चर्चा की। इस दौरान वहां के क्षेत्रीय विधायकों ने उन्हें वनाधिकार पट्टों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की भी पूरी जानकारी दी।
जमीन पर बैठकर पीड़ित परिवारों का जाना हाल
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित परिवारों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं बड़े ही ध्यान से सुनीं। उन्होंने बीमार बैगा परिवारों से खुद मिलकर उनका हालचाल जाना। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य, रोजगार और गांव में मौजूद बुनियादी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने यह भी परखा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। इस बेहद संवेदनशील दौरे के दौरान बैगा बहनों ने मुख्यमंत्री के माथे पर तिलक लगाकर उन्हें राखी भी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी संकट की इस मुश्किल घड़ी में अपनी बहनों को हर संभव मदद देने का पूरा भरोसा दिया।
नक्सलवाद के कारण पिछड़ गया यह आदिवासी इलाका
दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के पिछड़ेपन पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह बैगा अंचल लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। इसी नक्सलवाद के कारण क्षेत्र में विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए और सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं आम लोगों तक नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि अब सरकार इस अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार के नए अवसरों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी गंभीरता और तेजी के साथ काम करेगी।
जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख की मदद
मुख्यमंत्री ने इस गंभीर बीमारी के कारण जान गंवाने वाले मासूम बच्चों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा कर दी। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके परिजनों को सरकार की तरफ से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
25 साल में पहली बार पहुंचा कोई सीएम, बहनों ने बांधी राखी
इस भावुक मौके पर आदिवासी बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बड़े प्यार से राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 25 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री और मंत्री इस कोर आदिवासी क्षेत्र में आए हैं। उन्होंने पुरानी घटनाओं को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नक्सलियों ने यहां एक मंत्री की हत्या तक कर दी थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कड़े नेतृत्व में इस नक्सलवादी आंदोलन को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा
मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बड़ी टीम मौजूद रही। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री उदयप्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, सांसद भारती पारधी, विधायक संजय उइके, गौरव सिंह पारधी, राजकुमार कर्राहे, और मधु भगत मौजूद थे। इनके साथ ही मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगतसिंह नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे और गौरीशंकर बिसेन सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस मौके पर उपस्थित रहे।
