Rajendra Bharti Case : नई दिल्ली। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की बैंक एफडी घोटाला मामले में दायर याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है। गुरुवार को सरकार और अन्य पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब राजनीतिक दलों और क्षेत्र की जनता की नजर आज आने वाले फैसले पर है, क्योंकि इसका असर राजेंद्र भारती के राजनीतिक भविष्य के साथ-साथ दतिया उपचुनाव की रणनीति पर भी पड़ सकता है।
बैंक एफडी मामले में सजा के बाद पहुंचा केस हाईकोर्ट
बैंक एफडी घोटाला मामले में दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2 अप्रैल को राजेंद्र भारती को तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट पहले ही चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर चुका है। अब इस याचिका पर आने वाला फैसला पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।
पी. चिदंबरम ने अदालत में रखी दलील
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने राजेंद्र भारती की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत से कहा कि यह विवाद आपराधिक नहीं बल्कि सिविल प्रकृति का है। उनके अनुसार, संबंधित बैंक ने भी पहले इस मामले को सिविल विवाद मानते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था।
उन्होंने यह भी कहा कि समझौते की राशि अब तक नहीं मिली है और संबंधित एफडी बैंक में सुरक्षित रखी गई है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी चुनावी रणनीति
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अब तक अपने अधिकृत उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों दल हाईकोर्ट के फैसले के बाद अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे सकते हैं। ऐसे में आज आने वाला निर्णय केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।