PM Modi Indonesia Visit:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे में भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और तकनीक समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से अहम सबांग बंदरगाह के विकास सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सबांग पोर्ट से बढ़ेगी भारत की रणनीतिक ताकत
भारत और इंडोनेशिया मिलकर इंडोनेशिया के सबांग बंदरगाह का विकास करेंगे। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से करीब 100 मील की दूरी पर है। इसकी वजह से हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और मजबूत होगी।
क्यों अहम है मलक्का जलडमरूमध्य?
मलक्का जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। भारत के चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ होने वाले व्यापार के लिए भी यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पीएम मोदी का विस्तारवाद पर संदेश
इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि भारत विस्तारवाद नहीं, बल्कि विकासवाद में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति “सबका साथ, सबका विकास” की भावना पर आधारित है और यही सोच दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ाएगी।
इन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
भारत और इंडोनेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इनमें प्रमुख हैं
सबांग पोर्ट का संयुक्त विकास
रक्षा सहयोग और ब्रह्मोस व अस्त्र मिसाइलों पर साझेदारी
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) निर्माण में सहयोग
रेयर अर्थ मिनरल्स परियोजनाएं
यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
टेलीकम्युनिकेशन
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग
उभरती तकनीकों और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी
हिंद-प्रशांत में मजबूत होगी भारत की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि सबांग पोर्ट के विकास और नए रणनीतिक समझौतों से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका और मजबूत होगी। साथ ही समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।