Badrinath Donation Controversy: उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद मामला चर्चा में है। शिकायत मिलने के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किसने की पहली शिकायत?
मामले की शुरुआत भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री की शिकायत से हुई। उन्होंने 3 जुलाई को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चढ़ावे की गणना के दौरान कथित तौर पर हेराफेरी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
क्या हैं आरोप?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीकेटीसी अध्यक्ष के कथित निजी सचिव ने चढ़ावे में हेराफेरी की। हालांकि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति को सोशल मीडिया पर उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं बल्कि मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी और वैयक्तिक सहायक है।
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जांच के दिए गए आदेश
सोशल मीडिया पर वायरल दावों और शिकायत को देखते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष ने आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। समिति सभी दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कैसे होती है चढ़ावे की गणना?
मंदिर समिति के अनुसार चढ़ावे की गणना तय प्रक्रिया के तहत होती है। दान की थैलियां बैंक कर्मचारियों, मंदिर समिति के अधिकारियों, प्रोटोकॉल अधिकारियों और अधिकृत सदस्यों की मौजूदगी में खोली जाती हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर क्या दावा?
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि 2 जुलाई की सुबह चढ़ावे की गणना के दौरान हुई कथित घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। हालांकि बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि उपलब्ध फुटेज में कोई स्पष्ट तस्वीर दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच पूरी होने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।
शिकायतकर्ता ने क्या कहा?
भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री का कहना है कि उनके पास कथित सीसीटीवी फुटेज नहीं है। उन्होंने बताया कि मंदिर से जुड़े कुछ सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।