MP Monsoon Alert : भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में भारी वर्षा के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे सड़क संपर्क टूट गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने इंदौर, उज्जैन समेत 19 जिलों में अति भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और पुलों को पार नहीं करने की अपील की है।
40 से ज्यादा जिलों में हुई जोरदार बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इंदौर में ढाई इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। मंडला में 2.2 इंच, खंडवा में करीब पौने दो इंच, भोपाल में डेढ़ इंच तथा दतिया, नौगांव और बालाघाट में सवा इंच बारिश हुई।
रतलाम, बैतूल और धार में लगभग एक इंच पानी गिरा, जबकि खरगोन, पचमढ़ी, दमोह, नर्मदापुरम, जबलपुर और उमरिया समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा छिंदवाड़ा, सागर, सतना, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, सीहोर, शाजापुर, रायसेन, पन्ना, शहडोल, हरदा और बड़वानी सहित कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहा।
भारी बारिश से कई जिलों में बिगड़े हालात
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई जगह घरों और खेतों में पानी भर गया है, जबकि पुलों और सड़कों के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
हरदा और खंडवा में सड़क संपर्क बाधित
हरदा जिले में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी का पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रहा है, जिसके कारण नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर यातायात बंद करना पड़ा।
वहीं खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक स्थित गरबड़ी नाले में बाढ़ आने से खिरकिया मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव कम होने तक किसी भी पुल या नाले को पार करने का प्रयास न करें।
सीहोर और आष्टा क्षेत्र में बढ़ा जलस्तर
सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। खाचरोद, मेहतवाड़ा, कोठरी, बागैर, सिंगारचोरी और आसपास के कई गांवों में घरों में पानी घुस गया है।
खेतों में भी जलभराव होने से किसानों की सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है। अमलाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर अजनाल नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भिंड के गांवों में फिर लौटा बाढ़ का डर
भिंड जिले के इंदुर्खी गांव और सिंध नदी के किनारे बसे अन्य गांवों में बारिश के साथ लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है। पिछले चार वर्षों से बरसात के दौरान यहां बाढ़ की स्थिति बनती रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के समय उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। इस बार भी लोग जरूरी सामान समेटने की तैयारी में जुट गए हैं। खेती और पशुपालन पर निर्भर परिवारों को फसल और पशुओं की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश
हालांकि कई जिलों में भारी बारिश हुई है, लेकिन पूरे प्रदेश की बात करें तो अब तक औसत से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 135.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 156.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 8 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
उज्जैन में तेज बहाव में बहे पंचायत सहायक सचिव का शव मिला
उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम गावड़ी लोधा में तेज बारिश के दौरान पुरानी पुलिया पार करते समय बह गए पंचायत सहायक सचिव सूर्यप्रकाश सिंह सोनगिरा का शव 36 घंटे बाद चंबल नदी से बरामद किया गया। गुरुवार शाम तेज बहाव के बीच पुलिया पार करने के दौरान वह बाइक सहित बह गए थे।
होमगार्ड, एसडीआरएफ और ग्रामीणों ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, जिस नाले में वह बहे थे, वह आगे चंबल नदी में मिलता है। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और आठ माह के बेटे को छोड़ गए हैं। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान जलभराव वाले मार्गों और पुलों को पार नहीं करने की अपील की है।