VB G-RAM-G Act Launched: देशभर में आज से ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। मनरेगा (MGNREGA) की जगह अब ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण)’ यानी VB G-RAM-G अधिनियम लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण मजदूरों को अब 100 की बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। साथ ही मजदूरी की नई दरें भी लागू कर दी गई हैं, जिनमें कई राज्यों में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
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100 नहीं, अब 125 दिन रोजगार की गारंटी
VB G-RAM-G कानून के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन मजदूरी आधारित रोजगार की गारंटी मिलेगी। पहले मनरेगा के तहत यह सीमा 100 दिन थी। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आजीविका को मजबूती मिलेगी।
मजदूरी बढ़ी, नई दरें आज से लागू
केंद्र सरकार ने नई मजदूरी दरें भी अधिसूचित कर दी हैं। राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.80 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 327.40 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। वहीं अंतरिम आधार मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है, ताकि किसी भी राज्य में मजदूरी इससे कम न रहे। कई राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है।
इन राज्यों में मिलेगी सबसे ज्यादा मजदूरी
हरियाणा में मजदूरी 409 रुपये प्रतिदिन, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये और सिक्किम के ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन तय की गई है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों में भी मजदूरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
पुराने जॉब कार्ड रहेंगे मान्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मनरेगा के पुराने जॉब कार्ड ही मान्य रहेंगे। ई-केवाईसी सत्यापित कार्डधारकों को इन्हीं कार्डों के
आधार पर VB G-RAM-G योजना के तहत रोजगार मिलता रहेगा।
गांवों के विकास पर रहेगा फोकस
नई योजना में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी।
शिवराज सिंह चौहान बोले- कोई मजदूर बेरोजगार नहीं रहेगा
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर एक भी दिन काम से वंचित न रहे। उन्होंने इसे विकसित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने इसके क्रियान्वयन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।