Bhopal PNG Connection : मध्यप्रदेश। भोपाल में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खाद्य विभाग शहर को धीरे-धीरे सिलेंडर फ्री बनाने की तैयारी में जुटा है। जिन इलाकों में PNG पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां भविष्य में LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद करने की योजना पर काम चल रहा है। हालांकि कई कॉलोनियों में लोग अब भी PNG कनेक्शन लेने से हिचक रहे हैं, जिसके पीछे सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े कारण सामने आ रहे हैं।
सिलेंडर फ्री भोपाल की तैयारी
एलपीजी आपूर्ति को लेकर पिछले कुछ महीनों से सामने आ रही समस्याओं के बीच खाद्य विभाग ने राजधानी में PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने की कवायद तेज कर दी है। योजना है कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क तैयार हो चुका है, वहां चरणबद्ध तरीके से सिलेंडर पर निर्भरता कम की जाए।
कई परिवार अब भी नहीं ले रहे PNG कनेक्शन
शहर की कई कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछने के बावजूद कुछ परिवार PNG कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। कुछ जगहों पर पूरी बिल्डिंग तैयार है, लेकिन एक-दो परिवारों की असहमति के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
लोगों को सता रहा हादसों का डर
PNG कनेक्शन से दूरी बनाने वाले कई लोगों का कहना है कि उन्हें गैस रिसाव जैसी घटनाओं का डर है। कुछ लोग दूसरे राज्यों में हुई दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
जागरूकता की कमी भी बड़ी वजह
कई रहवासियों का मानना है कि लोगों को PNG के फायदे और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि विशेषज्ञ कॉलोनियों में जाकर विस्तार से जानकारी दें तो लोगों का भरोसा बढ़ सकता है।
172 कॉलोनियों तक पहुंच चुका नेटवर्क
राजधानी में थिंक गैस कंपनी के जरिए PNG कनेक्शन दिए जा रहे हैं। मिसरोद, बावड़िया कलां, सलैया, अयोध्या बायपास, अवधपुरी, साकेत नगर समेत कई इलाकों में काम पूरा हो चुका है। अब तक 172 कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
तय समय के बाद बंद हो सकती है सिलेंडर सप्लाई
खाद्य विभाग के अनुसार कॉलोनियों को चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा। जहां 100 फीसदी PNG कनेक्शन हो जाएंगे, वहां एक निर्धारित अवधि के बाद LPG सिलेंडर की आपूर्ति बंद करने पर विचार किया जा सकता है।
2028 तक हर घर तक PNG पहुंचाने का लक्ष्य
प्रदेश सरकार ने PNG नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा है। पहले यह लक्ष्य 2030 तक था, लेकिन अब इसे घटाकर 2028 कर दिया गया है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक घर पाइप गैस सुविधा से जुड़ें।
क्यों बढ़ रहा है PNG की ओर रुझान?
अधिकारियों का कहना है कि PNG में सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी की परेशानी नहीं रहती। साथ ही यह कई मामलों में किफायती भी साबित हो सकती है। उनका मानना है कि जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, वैसे-वैसे PNG कनेक्शन लेने वालों की संख्या भी बढ़ेगी।
सबसे बड़ा सवाल यही
यदि आपका इलाका भी PNG नेटवर्क से जुड़ चुका है और आपने अब तक कनेक्शन नहीं लिया है, तो आने वाले समय में LPG सप्लाई को लेकर नियम बदल सकते हैं। ऐसे में लोगों की नजर अब सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हुई है।