LPG June Rules : नई दिल्ली। घरेलू रसोई गैस व्यवस्था को लेकर देश में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार और गैस वितरण कंपनियाँ (OMCs) अब गैस सप्लाई को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की तैयारी में हैं। 1 जून से LPG सिलेंडर और पाइप वाली गैस (PNG) को लेकर नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो एक ही घर में सिलेंडर और पाइपलाइन दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
PNG आने के बाद भी वापिस नहीं किए सिलेंडर
देश के कई हिस्सों में अब घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुँच चुकी है, लेकिन इसके बाद भी LPG सिलेंडरों की मांग कम नहीं हुई। खबरों के मुताबिक, लाखों ग्राहकों ने अपने घरों में पाइप वाली गैस तो लगवा ली, लेकिन पुराना LPG कनेक्शन वापिस नहीं किया। इसी को देखते हुए अब सरकार और गैस कंपनियाँ सख्ती बरतने जा रही हैं ताकि गैस के वास्तविक उपयोग की सही निगरानी की जा सके।
एक परिवार, एक कनेक्शन नियम होगा सख्त
नए नियमों के अनुसार, जिस पते पर पहले से ही PNG यानी पाइप वाली गैस की सुविधा मौजूद है, वहाँ अब LPG सिलेंडर का कनेक्शन नहीं रखा जा सकेगा। एक ही घर में दोनों कनेक्शन रखना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। गैस कंपनियाँ अब ऐसे ग्राहकों का पता लगा रही हैं जो दोनों सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। जिन इलाकों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहाँ के उपभोक्ताओं को तय समय के अंदर केवल एक ही माध्यम को चुनना होगा, ऐसा न करने पर उनकी LPG गैस सप्लाई बंद या रद्द की जा सकती है।
30 दिनों के भीतर करना होगा सिलेंडर वापिस
सरकारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के घर में PNG कनेक्शन लग चुका है, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना पुराना LPG सिलेंडर कनेक्शन वापस (सरेंडर) करना पड़ सकता है। हालांकि, ग्राहकों की सुविधा के लिए इसमें एक विकल्प भी रखा गया है। यदि भविष्य में उपभोक्ता किसी ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होता है जहाँ PNG की सुविधा नहीं है, तो वह अपने LPG कनेक्शन को दोबारा चालू करवा सकेगा।
जून से सिलेंडर बुकिंग और रिफिल के नियमों में बदलाव
पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की बुकिंग और दोबारा सिलेंडर मँगवाने (रिफिल) की प्रक्रिया पर कड़ा नियंत्रण लागू किया जा सकता है। इसके तहत दो सिलेंडरों के बीच मिलने वाले समय (लॉक-इन पीरियड) को बढ़ाया जा सकता है।
शहरी इलाकों में: सिलेंडर रिफिल का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया जा सकता है।
ग्रामीण इलाकों में: यह समय सीमा 45 दिन तक बढ़ाई जा सकती है।
डिजिटल डेटाबेस को आपस में जोड़ दिया गया है, जिससे अब यह आसानी से पता चल जाएगा कि कौन सा उपभोक्ता दोनों तरह की गैस सेवाओं का इस्तेमाल कर रहा है।
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सब्सिडी और शुल्क से जुड़ी मुख्य बातें
- नियमों के तहत हर परिवार को साल भर में मिलने वाले 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर की व्यवस्था जारी रहेगी।
- तय सीमा से अधिक सिलेंडर लेने पर बाजार मूल्य के हिसाब से भुगतान करना होगा।
- नए LPG कनेक्शन के लिए जमा की जाने वाली राशि (डिपॉजिट) और इंस्टॉलेशन चार्ज में बदलाव हो सकता है।
- रेगुलेटर, पाइप और शुरुआती सेटअप के लिए लगने वाले शुल्कों में भी संशोधन संभव है।
यह नया नियम मुख्य रूप से उन शहरी उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा जो दोनों कनेक्शन अपने पास रखे हुए हैं और सब्सिडी वाले सिलेंडरों पर निर्भर हैं।