Twisha Sharma Case : मध्य प्रदेश। एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। 27 मई को SIT ने आरोपी पति समर्थ सिंह को भोपाल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 29 मई तक CBI रिमांड पर भेज दिया। इसके बाद CBI की टीम समर्थ को लेकर उसके घर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच एजेंसी घर के अंदर मौजूद परिस्थितियों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और घटनास्थल के साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। यह मामला अब प्रदेश का हाईप्रोफाइल केस बन चुका है।
अग्रिम जमानत पर फैसला रिजर्व
मामले में ट्विशा शर्मा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर एमपी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला रिजर्व रख लिया है। साथ ही CBI को भी मामले में पक्षकार बनाया है।
जस्टिस देवनारायण मिश्र की अदालत में सरकार और ट्विशा के परिवार ने जमानत का विरोध किया। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने पैरवी की।
परिवार का कहना है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और जांच को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत में इस बात पर भी बहस हुई कि गंभीर आरोपों के बावजूद इतनी जल्दी अग्रिम जमानत कैसे दी गई।
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सरकार ने कोर्ट में रखीं जांच में सहयोग न करने की दलीलें
सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट में कहा कि आरोपियों ने जांच में सहयोग नहीं किया। दो बार नोटिस भेजे गए, लेकिन नोटिस लेने से इनकार किया गया। बाद में व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजना पड़ा।
AG ने कहा कि आरोपी सार्वजनिक मंचों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सक्रिय रहे, लेकिन जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने ट्रायल कोर्ट पर यह भी आरोप लगाया कि केस डायरी और अभियोजन के दस्तावेजों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
ट्विशा के पिता की ओर से रखी गंभीर दलीलें
ट्विशा शर्मा के पिता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत में कहा कि परिवार लगातार FIR दर्ज कराने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मामला देरी से दर्ज हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि FIR दर्ज होने के तुरंत बाद आखिर किस आधार पर अग्रिम जमानत दे दी गई। परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि आरोपी 12 मई से 15 मई तक उसी घर में रहे, जहां घटना हुई थी। इससे सबूत प्रभावित होने की आशंका बनी रही।
डिजिटल सबूतों पर केंद्रित हुई जांच
अब जांच एजेंसियों का पूरा फोकस डिजिटल सबूतों पर है। SIT ने कोर्ट को बताया कि घटना से जुड़े मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन सुरक्षित रखने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को पत्र भेजे गए हैं।
ट्विशा के परिवार का दावा है कि मौत के बाद गिरिबाला सिंह ने 46 नंबरों पर कॉल किए थे। इनमें कुछ नंबर न्यायिक अधिकारियों और जांच एजेंसियों से जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अब इन कॉल रिकॉर्ड्स की गहराई से जांच करेंगी।
CBI ने शुरू की अलग स्तर की जांच
CBI की टीम ने गिरिबाला सिंह के बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही टीम ने भोपाल स्थित 3 EME सेंटर पहुंचकर ट्विशा के परिजनों से जानकारी जुटाई। दूसरी टीम ने पुलिस कमिश्नर से केस से जुड़े दस्तावेज मांगे।
जांच एजेंसी ने SIT से केस डायरी भी तलब की। शुरुआती जांच में डायरी अधूरी मिलने पर CBI ने उसे पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद जरूरी दस्तावेज और जानकारी जोड़कर केस डायरी सौंपी गई।
पति समर्थ सिंह ने पूछताछ में क्या कहा
पूछताछ के दौरान समर्थ सिंह ने कहा कि उसका और ट्विशा का रिश्ता तनावपूर्ण था, लेकिन उसने किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा से इनकार किया। उसने माना कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होते थे।
समर्थ ने यह भी दावा किया कि ट्विशा मानसिक तनाव में रहती थीं। उसने पुलिस को बताया कि गर्भावस्था के बाद ट्विशा की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी थी और उन्हें डॉक्टर की सलाह पर दवाएं दी जा रही थीं।
गर्भावस्था और मानसिक इलाज को लेकर बढ़े सवाल
जांच में सामने आया कि ट्विशा की गर्भावस्था को लेकर पति और सास द्वारा सवाल उठाए गए थे। परिवार का आरोप है कि गर्भपात के लिए दबाव बनाया गया। इसके बाद ट्विशा का मानसिक इलाज शुरू हुआ।
परिजनों का दावा है कि इलाज के दौरान ट्विशा का वजन करीब 15 किलो कम हो गया था। अब CBI यह जांच कर रही है कि क्या इलाज सही तरीके से किया जा रहा था और क्या ट्विशा की सहमति ली गई थी।
घटना की रात क्या हुआ था
परिवार के अनुसार, 12 मई की रात ट्विशा ने कई बार अपने मायके पक्ष से बात की थी। रात करीब 9:41 बजे वॉट्सएप कॉल के दौरान पीछे से पति की तेज आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया। इसके बाद काफी देर तक फोन रिसीव नहीं हुआ। रात करीब 10:35 बजे सास ने फोन उठाकर कहा, “She is no more” और कॉल काट दिया। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का जिक्र
एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण एंटेमॉर्टम हैंगिंग बताया गया है। रिपोर्ट में शरीर पर ब्लंट फोर्स से लगी चोटों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस और FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जब्त किए हैं। जांच एजेंसियां अब मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल डेटा और फोरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी तलाश रही हैं।
दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप
ट्विशा के परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और चरित्र पर संदेह करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शादी में सामर्थ्य से अधिक खर्च किया गया था और 20 लाख रुपए भी दिए गए थे। आरोप है कि शादी के बाद लगातार प्रताड़ना की गई, जिससे ट्विशा मानसिक रूप से टूट गई थीं।