Krishna Statue Vandalized : कराची। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामला कराची के एमए जिन्ना रोड इलाके से सामने आया है, जहां 89 साल पुरानी ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित रूप से खंडित कर दिया गया। इस दौरान इमारत में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे यह सांस्कृतिक धरोहर क्षतिग्रस्त हो गई।
1937 में बनी थी ऐतिहासिक धरोहर
जानकारी के अनुसार, यह भवन वर्ष 1937 में बनाया गया था और यह पाकिस्तान में हिंदू समुदाय की आस्था और साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता था।
यहां स्थापित भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियां लंबे समय से सुरक्षित थीं, लेकिन अब इस घटना के बाद उनकी पवित्रता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
घटना पर तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना पर पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के चेयरमैन, फकीर शिवा कच्छी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे “बेहद शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि यह केवल एक धर्म पर हमला नहीं, बल्कि पूरे देश की साझा संस्कृति पर प्रहार है।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि क्या अल्पसंख्यकों की आस्था इतनी कमजोर है कि कोई भी उसे नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सिंध प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अल्पसंख्यक समुदाय ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
साथ ही, ऐतिहासिक सगन मेसन भवन के तत्काल जीर्णोद्धार और धार्मिक स्थलों की चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
गौरतलब है कि पाकिस्तान में मंदिरों और हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इन घटनाओं को लेकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों, जिनमें संयुक्त राष्ट्र भी शामिल है, पर चिंता जाहिर की है।
फिलहाल, इस घटना के बाद हिंदू समुदाय में आक्रोश है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पाकिस्तान सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।