ACB Raid : तेलंगाना के वारंगल जिले में स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2 अप्रैल को वारंगल (ग्रामीण) स्थित उप-पंजीयक कार्यालय पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई में अवैध लेनदेन, बिना पंजीकरण के दस्तावेजों और अनधिकृत एजेंटों की सक्रिय भूमिका उजागर हुई है।
दो अधिकारियों के घरों पर रेड
वारंगल रेंज की ACB टीम द्वारा हनुमाकोंडा जिले में की गई इस छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। जांच के बाद ACB ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के दो अधिकारियों के घरों पर भी छापा मारा, जहां से करोड़ों रुपये के सोना-चांदी और नकदी बरामद की गई। हालांकि बरामद संपत्ति का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
70 बिना पंजीकरण वाले दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान कार्यालय परिसर में 20 अनधिकृत एजेंट और क्लर्क काम करते हुए पाए गए। अधिकारियों ने मौके से 47,450 रुपये नकद और 70 बिना पंजीकरण वाले दस्तावेज जब्त किए। इन दस्तावेजों से भूमि और संपत्ति से जुड़े लेनदेन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
अवैध सौदों की मिली व्हाट्सएप चैट
जांच उस समय और गंभीर हो गई जब क्लर्कों के मोबाइल फोन की जांच की गई। ACB के अनुसार, सब-रजिस्ट्रार अधिकारी-I जमालापुरम रामचंद्र राव और अधिकारी-II दावुलुरी आनंद के बीच कथित व्हाट्सएप चैट सामने आई हैं।
इन चैट्स में बीते एक साल के दौरान फोनपे के जरिए करीब 42.03 लाख रुपये के लेनदेन का जिक्र है। यह लेनदेन अधिकारियों और दस्तावेज लेखकों के बीच कथित अवैध सौदों की ओर इशारा करता है।
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मामले की जांच जारी
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि 204 पंजीकृत दस्तावेज, जिन्हें पहले ही आम लोगों को सौंप दिया जाना चाहिए था, वे अब तक संबंधित अधिकारियों के पास लंबित पड़े थे। इस लापरवाही ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ACB की इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।