Rajendra Bharti : भोपाल। राजेंद्र भारती मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलने की पूरी तैयार कर ली है। पार्टी ने साफ किया है कि इस मामले को उच्च अदालतों तक ले जाया जाएगा। वरिष्ठ नेता विवेक तंखा और कपिल सिब्बल अपनी टीम के साथ इस केस में अपील करेंगे। वहीं, इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह करेंगे।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस बयान में कहा कि विधानसभा ने राजेंद्र भारती की सदस्यता को नोटिस जारी कर समाप्त कर दिया, जबकि पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “कल रातभर विधानसभा चलती रही और जब मुख्य सचिव से देर रात काम करने को लेकर सवाल किया गया तो वे वहां से चले गए।” पटवारी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
तोमर पर भी उठाये सवाल
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि अदालत ने इस मामले में अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है, जो यह दर्शाता है कि अभी न्याय पाने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनका दायित्व सभी विधायकों की रक्षा करना है, न कि किसी एक पार्टी का पक्ष लेना।
नरोत्तम मिश्रा का पेड न्यूज केस लंबित
कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा। पटवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ पेड न्यूज का मामला लंबित है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। साथ ही, निर्मला स्प्रे की सदस्यता को लेकर भी लगातार देरी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों के साथ अन्याय और अत्याचार किया जा रहा है।
किसानों के मुद्दे पर ये बोले पटवारी
किसानों के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” नहीं बल्कि “शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद की लाइन में किसानों और महिलाओं पर लाठीचार्ज हुआ, कई किसानों को अटैक आए और सरकार बहाने बना रही है कि युद्ध के कारण बारदानों की कमी है।
उन्होंने बताया कि जहां 10 करोड़ बारदानों की जरूरत थी, वहां सिर्फ ढाई करोड़ के लिए आवेदन किया गया, जिससे यह संकट खुद सरकार द्वारा पैदा किया गया है।
खरीदी में देरी, ओलावृष्टि में फसल बर्बाद
उन्होंने आगे कहा कि हजारों किसानों की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है और खरीदी में लगातार देरी की जा रही है। यदि समय पर खरीदी होती तो किसानों को मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ती। पटवारी ने दावा किया कि 20 अप्रैल से पहले गेहूं की खरीदी सही तरीके से नहीं हो पाएगी।
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मजबूरी में किसानों को 1800 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल के दाम पर गेहूं बेचना पड़ा, जबकि सरकार ने 2700 रुपए गेहूं, 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।
किसान समर्थन में आंदोलन की घोषणा
कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में आंदोलन की घोषणा भी की है। पार्टी प्रदेश की हर मंडी में जाकर विरोध प्रदर्शन करेगी। साथ ही भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर के बाहर किसानों के साथ एक दिन का उपवास रखा जाएगा। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो कांग्रेस ट्रैक्टर के साथ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निवास का घेराव करेगी।
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अलर्ट
राज्यसभा चुनाव को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई है। पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने का षड्यंत्र किया जा रहा है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर मुकाबला करेगी।