Datia By-election : भोपाल। मध्य प्रदेश में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा सचिवालय ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। गुरुवार देर रात करीब साढ़े 10 बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे और सचिवालय खोलकर सीट रिक्त घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसके बाद चुनाव आयोग को पत्र भेजने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।
इसी दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और अन्य नेता भी विधानसभा पहुंचे। नेताओं ने प्रमुख सचिव से देर रात सचिवालय खोलने की वजह पूछी, लेकिन वे बिना जवाब दिए वहां से चले गए। बाद में देर रात ही आदेश जारी कर दिया गया।
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने देर रात ये आदेश किया जारी।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया है और नियमों के खिलाफ है।
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा के इशारे पर रात में सचिवालय खोलकर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने सरकार पर अलोकतांत्रिक रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी।
लोकतंत्र और सिस्टम का मखौल उड़ाने पर तुली @BJP4MP का असंवैधानिक रवैया एक बार फिर सामने आया है!
⦁ कांग्रेस विधायक श्री राजेंद्र भारती जी की सदस्यता को खत्म करने के लिए भाजपा सरकार के इशारे पर रात में विधानसभा सचिवालय खोला गया!
⦁ @DrMohanYadav51 की हठधर्मिता की जानकारी वरिष्ठ… pic.twitter.com/324ceeX5HV
— MP Congress (@INCMP) April 2, 2026
60 दिन में राहत नहीं मिली तो उपचुनाव तय
कोर्ट ने राजेंद्र भारती को अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में उन्हें उच्च अदालत से राहत नहीं मिलती है, तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय माना जा रहा है। नियमानुसार सीट खाली होने के 6 महीने के भीतर चुनाव कराना जरूरी होता है। अब अंतिम निर्णय चुनाव आयोग को लेना है।
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27 साल पुराने मामले में मिली सजा
दरअसल, दिल्ली की MP-MLA कोर्ट ने राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई है, हालांकि अपील के लिए 60 दिन की मोहलत देते हुए सजा को फिलहाल निलंबित रखा गया है। इस मामले में बैंक क्लर्क रघुवीर प्रजापति को भी दोषी माना गया है।
फर्जी दस्तावेजों से निकाला ब्याज
मामला साल 1998 का है, जब श्याम सुंदर संस्थान की ओर से 10 लाख रुपए की एफडी दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में कराई गई थी। आरोप है कि राजेंद्र भारती ने बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी और सालाना 13.5% की दर से 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली।
जांच के बाद दर्ज हुआ केस
यह मामला 2011 में भाजपा नेता पप्पू पुजारी के सामने लाने के बाद उजागर हुआ। जांच में गड़बड़ी सामने आई और 2015 में प्रशासन की पहल पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया। इसके बाद यह केस अलग-अलग अदालतों से होता हुआ MP-MLA कोर्ट पहुंचा, जहां से सजा सुनाई गई।
