Iran-Israel War : तेहरान। मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने अपनी मौत की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है, “मैं जिंदा हूं।” उन्होंने गुरुवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया। नेतन्याहू ने दावा किया कि बीते 20 दिनों के युद्ध में अब ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं बची है।
ईरान पर चौतरफा हमले
उन्होंने कहा कि इजराइल ईरान पर चौतरफा हमले कर रहा है और अब वह दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता। नेतन्याहू के मुताबिक, ईरान के 100 से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर और कई हथियार फैक्ट्रियां तबाह कर दी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के तीन मुख्य लक्ष्य हैं- ईरान के न्यूक्लियर खतरे को खत्म करना, बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को रोकना और ईरानी लोगों के लिए आजादी की स्थिति बनाना।
नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़े प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला इजराइल ने अकेले किया था और इसमें अमेरिका शामिल नहीं था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपनी मर्जी से जंग में शामिल हुए हैं।
अमेरिका की साइबर कार्रवाई
इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान से जुड़े एक हैकिंग नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए चार वेबसाइट डोमेन जब्त कर लिए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यह कदम ईरान के खुफिया मंत्रालय से जुड़े साइबर हमलों और अंतरराष्ट्रीय दमन की गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट में ‘सुरक्षित रास्ता’
ईरान ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक ‘सुरक्षित कॉरिडोर’ बनाया है, जहां से केवल अनुमति प्राप्त जहाज ही गुजर सकते हैं। इसके लिए टैक्स भी लिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक कुल 9 जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं। भारत समेत कई देश अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान से बातचीत कर रहे हैं। भारत के 22 जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए बताए जा रहे हैं।
F-35 जेट पर हमले का दावा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने माना है कि एक F-35 जेट को मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
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लेबनान में मानवीय संकट
लेबनान (Lebanon) में हालात बेहद खराब हैं। लगातार हमलों के बीच ईद का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन करीब 10 लाख लोग बेघर हो चुके हैं। राजधानी बेरूत समेत कई इलाकों में लोग खुले में या टेंट में रहने को मजबूर हैं। इस संघर्ष में अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 100 से अधिक बच्चे शामिल हैं।
कतर की गैस सप्लाई पर बड़ा असर
कतर (Qatar) के रास लाफान LNG प्लांट पर हमले के बाद वैश्विक गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक, हर महीने की देरी से वैश्विक LNG सप्लाई में करीब 1.5% की कमी आ सकती है। कतर एनर्जी के अनुसार, देश की करीब 17% LNG निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है और इससे सालाना 20 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।
UAE और खाड़ी देशों की कार्रवाई
संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) ने ईरान और हिज़बुल्लाह (Hezbollah) से जुड़े एक आतंकी नेटवर्क को खत्म करने का दावा किया है। वहीं सऊदी अरब ने अपने पूर्वी हिस्से में 4 ड्रोन मार गिराने की जानकारी दी है। कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर भी लगातार दूसरे दिन ड्रोन हमला हुआ, जिससे कई यूनिट्स को बंद करना पड़ा। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक
मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में खाड़ी देशों पर हमले रोकने और नागरिक ढांचे को निशाना न बनाने की अपील की गई। यह प्रस्ताव 13-0 से पारित हुआ, जबकि रूस और चीन इसमें शामिल नहीं हुए।
अमेरिका देगा UAE को हथियार
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने UAE को करीब 7 अरब डॉलर के हथियार देने की मंजूरी दी है। इसमें पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और चिनूक हेलिकॉप्टर शामिल हैं। यह सौदा पहले से चल रहे रक्षा समझौतों का हिस्सा बताया जा रहा है। मिडिल-ईस्ट में जारी इस संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सप्लाई और मानवीय स्थिति पर साफ नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में हालात और जटिल हो सकते हैं।