HIGHLIGHTS:
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ईरानी तेल पर अमेरिकी बैन हटाने पर विचार
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140 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई बाजार में आ सकती है
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10-14 दिनों तक कीमतों में स्थिरता
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Hormuz संकट के बीच तेल की आपूर्ति में सुधार
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भारत और अन्य एशियाई देशों को फायदा

AMERICA REMOVES SANCTIONS : नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में राहत की उम्मीद बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है। बता दें कि इस फैसले से समुद्र में फंसे करीब 140 मिलियन बैरल कच्चे तेल को वैश्विक बाजार में लाया जा सकता है, जिससे कीमतों में गिरावट आने की संभावना है।
सप्लाई बढ़ाने की रणनीति
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि टैंकरों में फंसे ईरानी तेल को रिलीज करने से 10 से 14 दिनों तक वैश्विक सप्लाई में सुधार हो सकता है। इससे बढ़ती कीमतों पर काबू पाने में मदद मिलेगी, जो हाल के हफ्तों में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं।
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होर्मुज संकट का असर
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के बाधित होने से रोजाना 10 से 14 मिलियन बैरल तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में ईरानी तेल को बाजार में लाना एक तात्कालिक समाधान माना जा रहा है।
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रूसी तेल जैसा मॉडल
इससे पहले अमेरिका प्रतिबंधित रूसी तेल को भी सीमित रूप से बाजार में आने की अनुमति दे चुका है। उसी तर्ज पर अब ईरानी तेल को लेकर यह कदम उठाया जा सकता है।
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एशिया को मिल सकती है राहत
इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा भारत, जापान और अन्य एशियाई देशों को मिल सकता है, जो कच्चे तेल के बड़े आयातक हैं।
जापान के साथ रणनीतिक बातचीत
ट्रंप जल्द ही जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मुलाकात करेंगे। साथ ही इस बैठक में होर्मुज मार्ग की सुरक्षा और तेल सप्लाई को सुचारू रूप से बनाए रखने पर चर्चा भी होगी।