Afghanistan Pakistan War : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार रात एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बड़ा हवाई हमला हुआ। इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला 2021 में अमेरिकी वापसी के दौरान हुए काबुल एयरपोर्ट धमाके के बाद सबसे घातक माना जा रहा है।
अफगानिस्तान की सत्ता संभाल रहे तालिबान ने इस हमले के लिए सीधे पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने जानबूझकर अस्पताल, स्कूल और मदरसों जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया।
पाकिस्तान का जवाब: आतंकियों पर कार्रवाई
वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह हमला “ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक़” के तहत किया गया, जिसका मकसद आतंकवादी ठिकानों को खत्म करना था।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तारड़ के अनुसार, इस ऑपरेशन में लॉजिस्टिक्स हब, हथियार गोदाम और ड्रोन बनाने वाली जगहों को निशाना बनाया गया।
Pakistan Airstrikes : पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से 400 की मौत, PAK ने नशा मुक्ति सेंटर पर गिराए बम
बातचीत खत्म, जवाबी हमले की चेतावनी
इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्ते और खराब हो गए हैं। तालिबान ने साफ कहा है कि अब पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी और जवाबी कार्रवाई की जाएगी। दोनों देशों के बीच पहले भी डुरंड रेखा को लेकर विवाद और झड़पें होती रही हैं।
पाकिस्तान लगातार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर अफगान जमीन से हमले करने का आरोप लगाता है, जबकि अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है।
सैन्य ताकत में बड़ा अंतर
अगर दोनों देशों की सैन्य ताकत की बात करें, तो पाकिस्तान काफी मजबूत स्थिति में है। उसके पास लाखों सैनिक, आधुनिक हथियार और उन्नत वायुसेना है, जिसमें F-16 और JF-17 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं।
दूसरी ओर, अफगानिस्तान के पास सीमित संसाधन हैं और कोई मजबूत वायुसेना नहीं है। हालांकि, तालिबान के लड़ाके गुरिल्ला युद्ध में माहिर माने जाते हैं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में लड़ने का लंबा अनुभव रखते हैं।
तनाव क्यों है खतरनाक?
यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह सकता। 2,600 किलोमीटर लंबी डुरंड रेखा पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से गुजरती है, जिससे युद्ध और जटिल हो सकता है।
इसके अलावा, पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति संपन्न देश है, जबकि अफगानिस्तान के पास ऐसा कोई हथियार नहीं है। ऐसे में किसी भी बड़े संघर्ष का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल संभावना है कि पाकिस्तान आतंकवादी ठिकानों पर हमले जारी रखेगा, जबकि अफगानिस्तान सीमा पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। चीन जैसे देश कूटनीतिक हस्तक्षेप कर हालात को संभालने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन बातचीत टूटने से हालात और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
भारत के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में यह नया तनाव सुरक्षा और रणनीतिक चुनौतियां खड़ी कर सकता है। कुल मिलाकर, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता यह टकराव आने वाले दिनों में पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।