Epstein Controversy : नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने गूगल, मेटा और लिंक्डइन समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया है कि 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक कंटेंट हटाया जाए।
क्या है पूरा मामला?
हिमायनी पुरी ने कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया था कि उन्हें गलत तरीके से जेफरी एपस्टीन से जुड़े विवादित मामलों में जोड़ दिया गया। उनका कहना है कि इससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है और सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैली हैं।
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कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान कोर्ट की एकल पीठ ने साफ कहा कि पहली नजर में यह मामला मानहानि (Defamation) का बनता है। अदालत ने यह भी माना कि अगर इस तरह का कंटेंट जारी रहा, तो याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति (Irreparable Loss) हो सकती है।
हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों की जांच करना एजेंसियों का काम है, अदालत इस पर अंतिम फैसला नहीं दे रही है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि हिमायनी पुरी से जुड़े सभी विवादित पोस्ट हटाए जाएं। इसके अलावा भविष्य में भी इस तरह का भ्रामक कंटेंट पोस्ट न किया जाए।
10 करोड़ हर्जाने की मांग
हिमायनी पुरी ने अपनी याचिका में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की है। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया था कि सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से इस तरह की गलत और भ्रामक सामग्री हटाई जाए।
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सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें बनीं वजह
यह विवाद तब सामने आया जब हाल ही में “एपस्टीन फाइल्स” से जुड़े कुछ दस्तावेज सार्वजनिक हुए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों के नामों को गलत तरीके से जोड़ते हुए अफवाहें फैलने लगीं।