LPG Crisis : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। नंदा देवी नाम का LPG टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पहुंच गया है। यह जहाज 47 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा LPG लेकर आया है। इससे पहले शिवालिक भी मुंद्रा बंदरगाह पहुंच चुका था।
दो जहाजों से आई भारी मात्रा में गैस
दोनों टैंकरों को मिलाकर भारत को करीब 93 हजार मीट्रिक टन LPG मिली है। इस गैस से लगभग 68 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं। अगर सिर्फ ‘शिवालिक’ की बात करें, तो उसमें आई 46 हजार मीट्रिक टन गैस से करीब 32 लाख सिलेंडर भरे जा सकते हैं।
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कितने दिन चलेगी यह गैस?
भारत में रोजाना करीब 55 लाख LPG सिलेंडरों की जरूरत होती है। ऐसे में इन दोनों जहाजों से आई गैस से करीब डेढ़ दिन की जरूरत पूरी हो सकती है। हालांकि, सरकार के पास पहले से मौजूद स्टॉक के कारण फिलहाल किसी बड़े संकट की आशंका नहीं जताई जा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने बंदरगाह अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैस को तेजी से उतारा जाए और सप्लाई शुरू की जाए। सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को गैस दी जाएगी, इसके बाद अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता मिलेगी।
कैसे पहुंचेगी गैस घर-घर?
पोर्ट पर पहुंचने के बाद LPG को पाइपलाइन के जरिए टैंकों में स्टोर किया जाएगा। फिर इसे बॉटलिंग प्लांट में भेजा जाएगा, जहां सिलेंडर में भरकर देशभर में सप्लाई की जाएगी।
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ईरान का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट दुश्मन देशों को छोड़कर बाकी के लिए खुला है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने इस अहम समुद्री रास्ते की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की है। बता दें कि, यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार होता है।
क्यों अहम है यह खबर?
हाल के दिनों में कई शहरों में LPG की कमी को लेकर चिंता बढ़ गई थी। लंबी कतारों और छोटे कारोबारियों की परेशानी के बीच इन जहाजों का पहुंचना बड़ी राहत माना जा रहा है। ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ जैसे टैंकरों का सुरक्षित भारत पहुंचना दिखाता है कि संकट के बावजूद सप्लाई चेन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है।