Aayudh

Categories

Bhopal MLA Masood : आरिफ मसूद पर नहीं होगी FIR, SC ने लगाई रोक, हाईकोर्ट ने दिए थे SIT जांच के निर्देश

Bhopal MLA Masood

Bhopal MLA Masood : नई दिल्ली। भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए थे। यह मामला भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन में कथित फर्जी सेल डीड से जुड़ा हुआ है।

ये है पूरा मामला

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार का पक्ष आए बिना इस तरह का कड़ा अंतरिम आदेश देना उचित नहीं था।

कोर्ट ने यह भी माना कि पहली नजर में हाईकोर्ट के निर्देश आवश्यक नहीं लगते। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया।

इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान भोपाल के पुलिस कमिश्नर को आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। साथ ही पुलिस महानिदेशक को पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश भी दिया गया था।

Share Market Gold Silver Crash : चांदी 7500 सस्ती- सोना 1800 रुपये टूटा, लाल निशान पर बंद हुए शेयर बाजार

विवेक तंखा ने की पैरवी

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरिफ मसूद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का जवाब आने से पहले ही एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी गठित करने के आदेश दे दिए, जो न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से उचित नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि मामला फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए सभी पक्षों को जल्द से जल्द अपनी दलीलें पूरी करनी चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट इस मामले में मेरिट के आधार पर अंतिम फैसला करेगा।

इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज से जुड़ा है मामला

यह पूरा विवाद भोपाल के खानूगांव स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज (Indira Priyadarshini College) से जुड़ा है। इस कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है, जिसके सचिव आरिफ मसूद हैं।

GOVT Holiday List : मार्च में सरकारी कर्मचारियों की मौज, 31 में से 15 दिन बंद रहेंगे दफ्तर

जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने जांच के बाद 9 जून 2025 को कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके खिलाफ आरिफ मसूद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

ध्रुवनारायण सिंह ने की थी शिकायत

इस मामले की शिकायत पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने की थी। जांच के दौरान उच्च शिक्षा आयुक्त ने पाया कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने कॉलेज के संचालन के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एनओसी और मान्यता हासिल की थी।

जांच में यह भी सामने आया कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार कर उसे पंजीयन कार्यालय में दर्ज कराया गया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरिफ मसूद को बड़ी राहत मिली है, लेकिन मामले की अंतिम सुनवाई और फैसला अब हाईकोर्ट में ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *