Kuno National Park : ग्वालियर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से सोमवार को वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है।
यह जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। सीएम ने अपने पोस्ट में लिखा कि कूनो नेशनल पार्क से एक और अच्छी खबर मिली है। मादा चीता ज्वाला ने 5 शावकों को जन्म दिया है, जो प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही देश में चीतों की संख्या अर्धशतक पार करते हुए 53 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह भारत में चीतों की पुनर्स्थापना के प्रयासों की सफलता का मजबूत प्रमाण है। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें ज्वाला अपने पांच नवजात शावकों के साथ दिखाई दे रही है।
Good News from Kuno National Park again…
Cheetah Jwala has given birth to 5 cubs, marking another major milestone for Project Cheetah. With this, India’s cheetah population has crossed the half-century mark, reaching 53.
A proud moment for wildlife conservation and a strong… pic.twitter.com/UfZz64zpJ6
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 9, 2026
सभी शावक स्वस्थ
वन विभाग के अनुसार सभी नवजात शावक स्वस्थ हैं। विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है, ताकि उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
नामीबिया से लाई गई थी ज्वाला
मादा चीता ज्वाला मूल रूप से अफ्रीकी देश नामीबिया से लाई गई थी। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कूनो नेशनल पार्क में आठ नामीबियाई चीतों को छोड़ा था, जिनमें ज्वाला भी शामिल थी। उस समय उसका नाम सियाया था, जिसे बाद में बदलकर ज्वाला रखा गया।
कूनो आने के बाद ज्वाला ने यहां के वातावरण में खुद को अच्छी तरह ढाल लिया और अब वह पार्क की सबसे सफल मादा चीताओं में गिनी जाती है।
तीसरी बार बनी मां
ज्वाला ने पहली बार मार्च 2023 में चार शावकों को जन्म दिया था, हालांकि उनमें से केवल एक ही शावक जीवित बच पाया था। इसके बाद जनवरी 2024 में उसने दूसरी बार तीन शावकों को जन्म दिया।
अब तीसरी बार पांच शावकों के जन्म के साथ उसने कूनो में चीतों की आबादी बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वन अधिकारियों के अनुसार इस बार ज्वाला की मेटिंग कूनो के खुले जंगल में प्राकृतिक रूप से हुई थी, जो यह संकेत देता है कि चीते अब यहां के वातावरण में पूरी तरह अनुकूल हो चुके हैं।
प्रोजेक्ट चीता को मिला संबल
अधिकारियों का कहना है कि लगातार मिल रही प्रजनन सफलताएं प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) की प्रभावशीलता को साबित कर रही हैं। फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की निगरानी के कारण कूनो में चीतों का अनुकूलन और प्रजनन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। वन विशेषज्ञों के मुताबिक हर नया जन्म इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नई ऊर्जा और उम्मीद दे रहा है।
यहां देखिये वीडियो