Iran-Israel War : तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान को नया सुप्रीम लाद्र मिल गया है। दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है।
वहीं इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इसका असर वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है।
ईरान में इजराइल की एयरस्ट्राइक
इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सेना के अनुसार इन हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
बताया गया है कि इस्फहान में IRGC के पुलिस मुख्यालय और एक कमांड सेंटर पर भी हमला किया गया। यह कमांड सेंटर ईरानी सेना की बसीज फोर्स के इस्तेमाल में आता है। इजराइली सेना का कहना है कि रॉकेट इंजन बनाने वाली फैक्ट्री और लंबी दूरी की मिसाइलों के लॉन्च साइट को भी निशाना बनाया गया।
ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर
इस बीच ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। ईरानी सरकारी टीवी ने सोमवार तड़के इसका ऐलान किया।
मुजतबा खामेनेई लंबे समय से इस पद के प्रमुख दावेदारों में माने जाते रहे हैं। उनका जन्म 8 सितंबर 1969 को मशहद में हुआ था। वे ईरान-इराक युद्ध में शामिल रह चुके हैं और आमतौर पर लो-प्रोफाइल जीवन जीते रहे हैं।
गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से करीब 35 साल तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों में उनकी मौत हो गई थी।
नए नेता के समर्थन में देशभर में सभाएं
ईरान में लोगों से अपील की गई है कि वे देशभर में एकत्र होकर नए सुप्रीम लीडर के प्रति वफादारी की शपथ लें। सबसे बड़ी सभा राजधानी तेहरान के एन्केलाब स्क्वायर में आयोजित की जाएगी।
लेबनान में हिज्बुल्लाह का हमला
लेबनान के सशस्त्र संगठन हिज्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के वाहनों और सैनिकों पर रॉकेट हमला किया। यह हमला ओदाइस्सेह गांव के पास किया गया। संगठन ने इसे लेबनान पर इजराइल के हमलों का जवाब बताया है।
सऊदी अरब की चेतावनी
सऊदी अरब ने ईरान के हमलों की आलोचना करते हुए कहा है कि एयरपोर्ट और तेल ठिकानों जैसे नागरिक इलाकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा और इसका सबसे बड़ा नुकसान ईरान को ही होगा।
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तेल संकट पर G7 देशों की बैठक
तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच G7 देशों के वित्त मंत्री आपात बैठक करने जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार बैठक में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के साथ मिलकर आपातकालीन तेल भंडार जारी करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। अगर यह योजना लागू होती है तो बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। निवेशकों में घबराहट के कारण कई बड़े बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई सूचकांक करीब 7 प्रतिशत गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग 8 प्रतिशत तक लुढ़क गया। तेल आयात पर निर्भर इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर ऊर्जा कीमतों का सीधा असर पड़ता है।
पाकिस्तान शेयर बाजार में भी कारोबार रुका
तनाव का असर पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर भी पड़ा। बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान 9,000 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई, जिसके बाद 5 प्रतिशत से अधिक गिरावट होने पर कारोबार 45 मिनट के लिए रोकना पड़ा।
क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी
सऊदी अरब ने अपने महत्वपूर्ण तेल क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार शायबह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। इसके अलावा इराक के एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भी एक ड्रोन हमले को एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया।
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व्हाइट फॉस्फोरस के इस्तेमाल का आरोप
मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने आरोप लगाया है कि इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के रिहायशी इलाकों में व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल किया। यह एक बेहद खतरनाक रसायन है जो हवा के संपर्क में आते ही जलने लगता है और गंभीर जलन पैदा कर सकता है।
कतर में फेक न्यूज पर कार्रवाई
कतर में फेक न्यूज फैलाने के आरोप में 313 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार इन लोगों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और पोस्ट शेयर किए थे।
मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के कारण दुनिया भर की सरकारें और बाजार सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर और ज्यादा दिखाई दे सकता है।
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दुबई से सुरक्षित निकाले 330 इजराइली नागरिक
दुबई से 330 इजराइली नागरिकों को लेकर पहली रेस्क्यू फ्लाइट बेन गुरियन एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गई है। इसके बाद एक और बोइंग विमान भी उतरेगा, जिसमें करीब 330 और यात्री होंगे।
आज एक और रेस्क्यू फ्लाइट दुबई से एथेंस के लिए भी जाएगी। इसमें वे इजराइली नागरिक होंगे जो UAE में ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से एक हफ्ते से ज्यादा समय से फंसे हुए थे।